बॉम्बे हाईकोर्ट

किसी व्यक्ति को उस राजनैतिक रैली में भाग लेने के लिए निवारक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, जो बाद में हिंसक हो गई: बॉम्बे हाईकोर्ट
किसी व्यक्ति को उस राजनैतिक रैली में भाग लेने के लिए निवारक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, जो बाद में हिंसक हो गई: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने मराठा समुदाय को आरक्षण की मांग करने वाली रैली में भाग लेने के लिए गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी व्यक्ति ने राजनीतिक रैली में भाग लिया और बाद में वही हिंसक हो गई, उसके खिलाफ निवारक हिरासत प्रक्रिया शुरू करने का आधार नहीं होगा।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस रोहित जोशी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ 31 अक्टूबर, 2023 को मराठा आरक्षण की मांग करने वाली राजनीतिक रैली में भाग लेने और बाद में रैली के हिंसक हो...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक रिक्तियों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर राज्य से हलफनामा मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक रिक्तियों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर राज्य से हलफनामा मांगा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, मुंबई में प्रशासनिक रिक्तियों को भरने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर हलफनामा दायर करे।चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ 2022 में दायर बार एसोसिएशन ऑफ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल मुंबई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रिब्यूनल के प्रशासनिक कर्मचारियों की रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से भरने के लिए राज्य को निर्देश देने की मांग की गई थी। 26 अप्रैल 2023 के एक आदेश के माध्यम से, न्यायालय...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण के लिए फ्लैट मालिकों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना ​​का मामला जारी किया, आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहने पर बीएमसी को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण के लिए फ्लैट मालिकों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना ​​का मामला जारी किया, आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहने पर बीएमसी को फटकार लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दो फ्लैट मालिकों के खिलाफ स्वतः संज्ञान अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बीएमसी से आवश्यक अनुमति के बिना अपने फ्लैट के साथ-साथ दूसरे व्यक्ति के फ्लैट की दीवारों को गिरा दिया था, जिसके परिणामस्वरूप संरचनात्मक परिवर्तन हुए थे। जस्टिस कमल खता और जस्टिस एएस गडकरी की खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता-सोसायटी द्वारा शुरू की गई कार्रवाई और फ्लैट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बीएमसी को अनुमति देने वाले न्यायालय के आदेश के बावजूद, वे फ्लैटों...

बलात्कार के बाद पीड़िता सदमे में होगी, उससे रात में अकेले   जाकर एफआईआर दर्ज कराने की उम्मीद नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने व्यक्ति की दोषसिद्धि बरकरार रखी
बलात्कार के बाद पीड़िता सदमे में होगी, उससे रात में अकेले जाकर एफआईआर दर्ज कराने की उम्मीद नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने व्यक्ति की दोषसिद्धि बरकरार रखी

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने हाल ही में कहा कि बलात्कार की शिकार महिला सदमे में होगी और इसलिए उससे यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह रात में अकेले ही आरोपी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाए। एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद सनप ने एक महिला से बलात्कार के लिए एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने ने दोषी की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि पीड़िता की ओर से एफआईआर दर्ज कराने में देरी हुई क्योंकि वह कथित घटना के अगले दिन पुलिस स्टेशन गई...

खतरनाक और क्रूर कुत्तों पर प्रतिबंध पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं, अधिसूचना पर सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित की गईं: केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
खतरनाक और क्रूर कुत्तों पर प्रतिबंध पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं, अधिसूचना पर सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित की गईं: केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया

भारत संघ (UOI) ने आज बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वह वर्तमान में उस अधिसूचना पर कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसमें खतरनाक और क्रूर मानी जाने वाली 23 कुत्तों की नस्लों के आयात प्रजनन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया।मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, UOI द्वारा जारी 12 मार्च 2024 की अधिसूचना में पिटबुल टेरियर, रॉटवीलर और मास्टिफ सहित 23 कुत्तों की नस्लों को खतरनाक और क्रूर घोषित किया गया। उनके आयात, बिक्री और पालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।सुनवाई के दौरान UOI के वकील ने कोर्ट को बताया कि संघ...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोपी IIM ग्रेजुएट को जमानत दी; उसे यातायात की देखरेख और शराब पीकर गाड़ी न चलाएं का पोस्टर लगाकर मुंबई के एक व्यस्‍त चौराहे पर खड़े होने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोपी IIM ग्रेजुएट को जमानत दी; उसे यातायात की देखरेख और 'शराब पीकर गाड़ी न चलाएं' का पोस्टर लगाकर मुंबई के एक व्यस्‍त चौराहे पर खड़े होने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने ने गुरुवार को शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में जेल में बंद एक 'उच्च शिक्षित' व्यक्ति को दिलचस्प शर्त पर जमानत दी। कोर्ट ने उसे तीन महीने (12 शनिवार और 12 रविवार) के लिए मुंबई के आलीशान वर्ली इलाके में व्यस्त चौराहे पर यातायात की देखरेख करके सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया, जिसमें उसके हाथ में "शराब पीकर गाड़ी न चलाएं" लिखा एक प्लेकार्ड होगा। एकल न्यायाधीश जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि आवेदक सब्यसाची निशंक सेंट्रम वेल्थ लिमिटेड नामक एक एनबीएफसी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में...

लाउडस्पीकर का उपयोग आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा
लाउडस्पीकर का उपयोग 'आवश्यक धार्मिक प्रथा' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रार्थना या धार्मिक प्रवचन के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग किसी भी धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। इसलिए मुंबई पुलिस को ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 को सख्ती से लागू करने और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि कोई भी धार्मिक स्थल लाउडस्पीकर का उपयोग करके ध्वनि प्रदूषण न करे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की खंडपीठ ने कहा कि मुंबई एक 'कॉस्मोपॉलिटन' शहर है, यहां विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं।खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,"शोर कई मायनों में स्वास्थ्य के लिए बड़ा...

Sec. 138 NI Act:आरोपी के पेश न होने या व्यग्तिगत पेशी से छूट न मांगने पर आरोपी की अनुपस्थिति में कार्यवाही संभव - बॉम्बे हाईकोर्ट
Sec. 138 NI Act:आरोपी के पेश न होने या व्यग्तिगत पेशी से छूट न मांगने पर आरोपी की अनुपस्थिति में कार्यवाही संभव - बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एक मजिस्ट्रेट आरोपी की अनुपस्थिति में और CrPC की धारा 313 के तहत बयान दर्ज किए बिना NI Act की धारा 138 के तहत अपराध के लिए मुकदमे की कार्यवाही के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित है, अगर आरोपी या उनके वकील मुकदमे में शामिल नहीं हो रहे हैं या आरोपी ने व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग नहीं की है।जस्टिस एसएम मोदक ने कहा कि इस तरह की शक्ति का उपयोग करने से पहले, ट्रायल कोर्ट निम्नलिखित कारकों पर विचार कर सकता है:अभियुक्त कितनी बार अनुपस्थित रहा हैशिकायतकर्ता द्वारा आरोपी की उपस्थिति...

कोई भी पिता अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न नहीं करेगा और कोई भी बेटी अपने पिता के खिलाफ ऐसे आरोप नहीं लगाएगी, लेकिन गलतियां हो सकती हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
कोई भी पिता अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न नहीं करेगा और कोई भी बेटी अपने पिता के खिलाफ ऐसे आरोप नहीं लगाएगी, लेकिन गलतियां हो सकती हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

अपनी ही नाबालिग बेटी से बलात्कार के दोषी 43 वर्षीय व्यक्ति को बरी करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में बेटी अपने पिता पर ऐसा आरोप नहीं लगाएगी और पिता भी अपनी बेटी का बलात्कार नहीं करेगा। नागपुर बेंच में बैठे जस्टिस गोविंद सनप ने 'मानव मनोविज्ञान' पर विचार किया, जिसमें उन्होंने माना कि 'गलतियां हो सकती हैं।'5 दिसंबर, 2024 को दिए गए अपने फैसले में, जो बुधवार (22 जनवरी) को उपलब्ध हुआ, जस्टिस सनप ने कहा, "यह सच है कि सामान्य परिस्थितियों में बेटी अपने पिता पर ऐसा आरोप नहीं...

महाराष्ट्र सरकार की उदासीनता के कारण खेल जगत को नुकसान हो रहा है: राष्ट्रीय खेलों में महिला तैराक टीम के प्रवेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट
महाराष्ट्र सरकार की उदासीनता के कारण खेल जगत को नुकसान हो रहा है: राष्ट्रीय खेलों में महिला तैराक टीम के प्रवेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर नाराजगी जताई कि 29 जनवरी को उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए राज्य की डाइविंग टीम (महिला) को शॉर्टलिस्ट करने में राज्य सरकार की 'उदासीनता' के कारण महाराष्ट्र में खेल बिरादरी किस तरह से पीड़ित है। जस्टिस भारती डांगरे और ज‌स्टिस अश्‍विन भोबे की खंडपीठ ने उल्लेख किया कि महाराष्ट्र राज्य जलीय समन्वय समिति (MSACC) ने राज्य की डाइविंग टीम के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए शुरू में 4 और 5 जनवरी, 2025 को ट्रायल आयोजित किए थे।...

बॉम्बे हाईकोर्ट का ED को कड़ा संदेश- कानून के दायरे में काम करें, नागरिकों को परेशान न करें; लगाया 1 लाख का जुर्माना
बॉम्बे हाईकोर्ट का ED को 'कड़ा संदेश'- कानून के दायरे में काम करें, नागरिकों को परेशान न करें; लगाया 1 लाख का जुर्माना

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि अब समय आ गया कि ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और कानून को अपने हाथ में लेकर नागरिकों को परेशान करना बंद करना चाहिए।एकल जज जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए 'कड़ा संदेश' भेजा जाना चाहिए कि नागरिकों को परेशान न किया जाए।जस्टिस जाधव ने कहा,"मैं जुर्माना लगाने के लिए बाध्य हूं, क्योंकि ED जैसी...

धारा 42 PLMA परिसीमा अधिनियम की धारा 5 की प्रयोज्यता को बाहर करता है, अपील दायर करने में 120 दिनों से अधिक की देरी को माफ नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
धारा 42 PLMA परिसीमा अधिनियम की धारा 5 की प्रयोज्यता को बाहर करता है, अपील दायर करने में 120 दिनों से अधिक की देरी को माफ नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 42 के तहत अपील दायर करने में देरी को हाईकोर्ट द्वारा प्रावधान में निर्धारित 120 दिनों से अधिक माफ नहीं किया जा सकता।जस्टिस बी. पी. कोलाबावाला और जस्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने कहा कि धारा 42 PMLA परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 5 की प्रयोज्यता को बाहर करता है, जो अदालत को देरी को माफ करने की अनुमति देता है, यदि आवेदक अपील को आगे बढ़ाने या निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने के लिए पर्याप्त कारण दिखाता है।न्यायालय ने...

ब्रेकअप के बाद शादी से इनकार करना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
ब्रेकअप के बाद शादी से इनकार करना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर स्थ‌ित बेंच ने बुधवार को कहा कि केवल इसलिए कि एक पुरुष ने एक महिला के साथ अपने 'लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते' को तोड़ दिया, जिसके बाद महिला ने आत्महत्या कर ली, पुरुष पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने मामले में एक ऐसे व्यक्ति को बरी कर दिया, जिस पर एक महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था, जिसके साथ वह 9 साल से रिलेशनशिप में था।जस्टिस जोशी-फाल्के ने कहा, "यह सिर्फ़ टूटे हुए रिश्ते का मामला है,...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रूपाली गांगुली की सौतेली बेटी को उसके खिलाफ अपमानजनक साक्षात्कार और पोस्ट देने से रोका
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रूपाली गांगुली की सौतेली बेटी को उसके खिलाफ अपमानजनक साक्षात्कार और पोस्ट देने से रोका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश में ईशा वर्मा और जॉन डो प्लेटफॉर्म्स को टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली के खिलाफ कोई भी अपमानजनक सामग्री बनाने या प्रकाशित करने से रोक दिया।जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने यह आदेश तब पारित किया जब उसने कहा कि रूपाली की सौतेली बेटी ईशा द्वारा पोस्ट और साक्षात्कार प्रथम दृष्टया मानहानिकारक थे। कोर्ट ने 15 जनवरी के आदेश में कहा "मुझे लगता है कि पोस्ट, साक्षात्कार आदि न केवल प्रथम दृष्टया मानहानिकारक हैं, बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी हैं क्योंकि ईशा ने 29 नवंबर, 2024 के...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 फैलाने के आरोप में महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज की, कहा- चार्जशीट में मौजूद सामग्री अपराध नहीं बनाती
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 फैलाने के आरोप में महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर खारिज की, कहा- 'चार्जशीट में मौजूद सामग्री अपराध नहीं बनाती'

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दक्षिण अफ्रीका से भारत आई संयुक्त राष्ट्र की एक अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवक महिला के खिलाफ़ दर्ज की गई प्राथमिकी को खारिज कर दिया है। महिला पर 2021 में प्रकोप के दौरान COVID-19 संक्रमण फैलाने के आरोप में आईपीसी की धारा 269 और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आईपीसी की धारा 269 के अनुसार, जो कोई भी व्यक्ति गैरकानूनी या लापरवाही से कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे जीवन के लिए ख़तरनाक किसी बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना है, और जिसके बारे में...

पत्नी को यह कहना कि वह अपने पति के साथ तब तक नहीं रह सकती, जब तक कि वह अपने माता-पिता से पैसे न लेकर आए, उत्पीड़न नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
पत्नी को यह कहना कि वह अपने पति के साथ तब तक नहीं रह सकती, जब तक कि वह अपने माता-पिता से पैसे न लेकर आए, उत्पीड़न नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी महिला को यह कहना कि यदि वह अपने पति या ससुराल वालों द्वारा मांगे गए पैसे अपने माता-पिता के घर से लाने में विफल रहती है तो उसे अपने पति के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न नहीं माना जाएगा।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और रोहित जोशी की खंडपीठ ने कहा कि पत्नी ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज कराई गई अपनी FIR में कहा था कि उन्होंने उससे अपने माता-पिता के घर से 5 लाख रुपये लाने को कहा, जिससे पति सार्वजनिक सेवा में स्थायी नौकरी...

बॉम्बे पुलिस एक्ट के तहत पुलिसकर्मियों को अधिक जिम्मेदारियां देने पर विचार करें, बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने अवैध हॉकरों की समस्या निस्तारण के लिए राज्य सरकार को सुझाव दिया
बॉम्बे पुलिस एक्ट के तहत पुलिसकर्मियों को अधिक जिम्मेदारियां देने पर विचार करें, बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने अवैध हॉकरों की समस्या निस्तारण के लिए राज्य सरकार को सुझाव दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि क्या वह बॉम्बे पुलिस अधिनियम और मुंबई नगर निगम (एमएमसी) अधिनियम के प्रावधानों में संशोधन करने पर विचार कर सकती है, ताकि शहर के पुलिस अधिकारियों के लिए और अधिक जिम्मेदारियाँ जोड़ी जा सकें, ताकि वे शहर में अवैध फेरीवालों की समस्या को रोकने में नागरिक अधिकारियों की मदद कर सकें।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खता की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस के पास फेरीवालों के लाइसेंस की जाँच करने की शक्ति या अधिकार नहीं है, जो सड़कों पर फेरी लगाते पाए जाते हैं...

वर्ली हिट-एन-रन केस | बॉम्बे हाईकोर्ट ने मृतक के पति द्वारा मिहिर शाह के खिलाफ हत्या का आरोप लगाने की याचिका पर नोटिस जारी किया
वर्ली हिट-एन-रन केस | बॉम्बे हाईकोर्ट ने मृतक के पति द्वारा मिहिर शाह के खिलाफ हत्या का आरोप लगाने की याचिका पर नोटिस जारी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (14 जनवरी) को कुख्यात वर्ली हिट-एन-रन केस में मृतक के पति प्रदीप नखवा द्वारा दायर याचिका पर मुंबई पुलिस को नोटिस जारी किया, जिसमें मामले के मुख्य आरोपी मिहिर शाह के खिलाफ हत्या का आरोप लगाने की मांग की गई।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ नीला गोखले की खंडपीठ ने एडवोकेट दिलीप साताले के माध्यम से दायर याचिका में संक्षिप्त दलीलें सुनीं, जिन्होंने अदालत से आग्रह किया कि अनुस्मारक और बार-बार अनुरोध के बावजूद, पुलिस ने अभी तक भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 को...

पति के व्यवहार को सुधारने के लिए पत्नी की ओर से उसके ससुराल वालों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराना क्रूरता, वैवाहिक संबंधों में स्वीकार्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
पति के व्यवहार को सुधारने के लिए पत्नी की ओर से उसके ससुराल वालों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराना क्रूरता, वैवाहिक संबंधों में स्वीकार्य नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर कोई पत्नी अपने पति के व्यवहार को सुधारने के लिए उसके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराती है, तो उसे शादीशुदा जोड़े के बीच सामान्य रूप से बने रहने वाले सौहार्दपूर्ण संबंधों में जगह नहीं मिलेगी और यह क्रूरता के बराबर होगा। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने एक फैमिली कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने एक जोड़े को तलाक देते हुए इस तथ्य पर ध्यान दिया कि पत्नी ने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज...