बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य से हाउसिंग सोसाइटियों में ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने संबंधी कानूनी ढांचे को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया, कहा- ऐसे स्टेशन वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे
यह देखते हुए कि सोसायटी परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन वायु प्रदूषण के खतरे को कम करने में मदद करेंगे, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार को हाउसिंग सोसाइटियों के साथ चार्जिंग पॉइंट/स्टेशन स्थापित करने के संबंध में अपनी नीति को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का आदेश दिया। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने मुंबई के आलीशान पेडर रोड इलाके में रहने वाले एक व्यवसायी की ओर से दायर याचिका पर विचार करते हुए कहा कि उनकी ओर से कई बार किए गए...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेश माघी उत्सव के लिए POP की मूर्तियों की बिक्री और विसर्जन पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने आगामी गणेश माघी उत्सव के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों के निर्माण बिक्री और विसर्जन के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी किया।चीफ जस्टिस आलोक आराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने मूर्ति विसर्जन पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 12 मई 2020 को जारी दिशा-निर्देशों पर ध्यान दिया, जिसमें POP की मूर्तियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया।याचिकाकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि CPCB के दिशा-निर्देशों और POP की मूर्तियों के उपयोग पर रोक लगाने वाले हाईकोर्ट के पिछले आदेश...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पुलिस शिकायत प्राधिकरणों के कामकाज और प्रक्रियाओं के लिए डेवलप हो रही वेबसाइट की प्रोग्रेस पर हलफनामा मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार, 29 जनवरी को राज्य सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य में पुलिस शिकायत प्राधिकरणों के कामकाज और प्रक्रियाओं पर प्रासंगिक जानकारी संबंधी एक वेबसाइट बनाने में हुई प्रगति की जानकारी दी गई हो। चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने राज्य से पुलिस शिकायत प्राधिकरणों के कामकाज के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण देने को कहा।न्यायालय एक अंतरिम आवेदन पर विचार कर रहा था, जिसमें राज्य को...
महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर किए गए मुस्लिम व्यक्ति की FIR दूसरे थाने ट्रांसफर करने की मांग की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के उस बयान को स्वीकार कर लिया जिसमें उसने छात्रों के एक समूह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का तबादला कर दिया है, जिन पर एक मुस्लिम व्यक्ति पर कथित रूप से हमला करने और उसे 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया था।याचिका में याचिकाकर्ता आसिफ शेख ने दावा किया कि जब वह कंकावली में अपने पैतृक स्थान से मुंबई में अपने घर लौट रहे थे, छात्रों के एक समूह ने उन्हें मुस्लिम महसूस करने के बाद उनकी पिटाई की और बाद में उन्हें और उनके परिवार को जय...
गोविंद पानसरे हत्याकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 6 आरोपियों को जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता गोविंद पानसरे की हत्या के आरोपी छह लोगों को बुधवार को जमानत दे दी।जस्टिस अनिल किलोर ने इस तथ्य पर विचार करते हुए जमानत दी कि छह आरोपियों- सचिन अंडुरे, वासुदेव सूर्यवंशी, गणेश मिस्किन, अमित देगवेकर, अमित बड्डी और भरत कुराने ने छह साल से अधिक समय जेल में बिताए हैं। आदेश की विस्तृत प्रति अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए आरोपियों की ओर से पेश वकील सिद्ध विद्या ने कहा, 'अदालत ने मेरे सभी मुवक्किलों को लंबी कैद के...
राज्य सरकार ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिर्फ़ 66% बजट का इस्तेमाल किया: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में मौतों पर स्वतःसंज्ञान जनहित याचिका में बताया
महाराष्ट्र के नांदेड़ और छत्रपति संभाजी नगर जिलों में सरकारी अस्पतालों में मौतों से संबंधित स्वप्रेरणा जनहित याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मौखिक रूप से पूछा कि वह राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए बजट का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही है।चीफ जस्टिस आलोक अराधे ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,“आपको मुकदमेबाजी की प्रकृति के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में शिशु मर रहे हैं. हम इससे आगे कुछ नहीं कहना चाहते। आप बजट का सिर्फ़ 66% इस्तेमाल कर रहे हैं, क्यों?4...
महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसे स्पा सेंटरों में क्रॉस जेंडर मसाज की अनुमति देने पर कोई आपत्ति नहीं, वह दिशानिर्देश जारी करेगी
महाराष्ट्र सरकार ने पिछले सप्ताह बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि उसे राज्य के स्पा सेंटर्स में 'क्रॉस जेंडर मसाज' की अनुमति देने पर कोई आपत्ति नहीं है और वह जल्द ही स्पा, मसाज सेंटर्स, थेरेपी और वेलनेस सेंटर्स के संचालन को विनियमित करने के लिए दिशा-निर्देश लेकर आएगी। जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ 11 चिकित्सकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो पुलिस द्वारा उनके परिसरों पर छापेमारी करने और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने वकीलों के बिना तैयारी के कोर्ट आने पर आपत्ति जताई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (28 जनवरी) को मौखिक रूप से वकीलों द्वारा अपने मामलों की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने के बावजूद तैयार होकर न आने पर आपत्ति जताई।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने कहा कि उचित तैयारी के बिना आने से ये वकील अपने मुवक्किलों के साथ-साथ उन वादियों के साथ भी अन्याय कर रहे है, जिनके मामले सूचीबद्ध हैं, लेकिन समय की कमी के कारण उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है।जस्टिस मोहिते-डेरे ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"यह क्या हो रहा है? हम देखते हैं कि बहुत से वकील...
किसी व्यक्ति को उस राजनैतिक रैली में भाग लेने के लिए निवारक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, जो बाद में हिंसक हो गई: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने मराठा समुदाय को आरक्षण की मांग करने वाली रैली में भाग लेने के लिए गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि किसी व्यक्ति ने राजनीतिक रैली में भाग लिया और बाद में वही हिंसक हो गई, उसके खिलाफ निवारक हिरासत प्रक्रिया शुरू करने का आधार नहीं होगा।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस रोहित जोशी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ 31 अक्टूबर, 2023 को मराठा आरक्षण की मांग करने वाली राजनीतिक रैली में भाग लेने और बाद में रैली के हिंसक हो...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक रिक्तियों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर राज्य से हलफनामा मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, मुंबई में प्रशासनिक रिक्तियों को भरने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर हलफनामा दायर करे।चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ 2022 में दायर बार एसोसिएशन ऑफ मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल मुंबई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रिब्यूनल के प्रशासनिक कर्मचारियों की रिक्तियों को समयबद्ध तरीके से भरने के लिए राज्य को निर्देश देने की मांग की गई थी। 26 अप्रैल 2023 के एक आदेश के माध्यम से, न्यायालय...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण के लिए फ्लैट मालिकों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए अवमानना का मामला जारी किया, आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहने पर बीएमसी को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दो फ्लैट मालिकों के खिलाफ स्वतः संज्ञान अवमानना की कार्रवाई शुरू की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बीएमसी से आवश्यक अनुमति के बिना अपने फ्लैट के साथ-साथ दूसरे व्यक्ति के फ्लैट की दीवारों को गिरा दिया था, जिसके परिणामस्वरूप संरचनात्मक परिवर्तन हुए थे। जस्टिस कमल खता और जस्टिस एएस गडकरी की खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता-सोसायटी द्वारा शुरू की गई कार्रवाई और फ्लैट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बीएमसी को अनुमति देने वाले न्यायालय के आदेश के बावजूद, वे फ्लैटों...
बलात्कार के बाद पीड़िता सदमे में होगी, उससे रात में अकेले जाकर एफआईआर दर्ज कराने की उम्मीद नहीं की जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने व्यक्ति की दोषसिद्धि बरकरार रखी
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने हाल ही में कहा कि बलात्कार की शिकार महिला सदमे में होगी और इसलिए उससे यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह रात में अकेले ही आरोपी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाए। एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद सनप ने एक महिला से बलात्कार के लिए एक व्यक्ति की सजा को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने ने दोषी की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि पीड़िता की ओर से एफआईआर दर्ज कराने में देरी हुई क्योंकि वह कथित घटना के अगले दिन पुलिस स्टेशन गई...
खतरनाक और क्रूर कुत्तों पर प्रतिबंध पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं, अधिसूचना पर सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित की गईं: केंद्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
भारत संघ (UOI) ने आज बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वह वर्तमान में उस अधिसूचना पर कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसमें खतरनाक और क्रूर मानी जाने वाली 23 कुत्तों की नस्लों के आयात प्रजनन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया।मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, UOI द्वारा जारी 12 मार्च 2024 की अधिसूचना में पिटबुल टेरियर, रॉटवीलर और मास्टिफ सहित 23 कुत्तों की नस्लों को खतरनाक और क्रूर घोषित किया गया। उनके आयात, बिक्री और पालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।सुनवाई के दौरान UOI के वकील ने कोर्ट को बताया कि संघ...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोपी IIM ग्रेजुएट को जमानत दी; उसे यातायात की देखरेख और 'शराब पीकर गाड़ी न चलाएं' का पोस्टर लगाकर मुंबई के एक व्यस्त चौराहे पर खड़े होने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ने गुरुवार को शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में जेल में बंद एक 'उच्च शिक्षित' व्यक्ति को दिलचस्प शर्त पर जमानत दी। कोर्ट ने उसे तीन महीने (12 शनिवार और 12 रविवार) के लिए मुंबई के आलीशान वर्ली इलाके में व्यस्त चौराहे पर यातायात की देखरेख करके सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया, जिसमें उसके हाथ में "शराब पीकर गाड़ी न चलाएं" लिखा एक प्लेकार्ड होगा। एकल न्यायाधीश जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि आवेदक सब्यसाची निशंक सेंट्रम वेल्थ लिमिटेड नामक एक एनबीएफसी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अक्षय कुमार की 'Sky Force' की रिलीज पर रोक लगाने से किया इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को अक्षय कुमार अभिनीत 'Sky Force' फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार किया, जो शुक्रवार (24 जनवरी) से स्क्रीन पर आने की उम्मीद है।एकल जज जस्टिस मनीष पिटाले ने कहा कि वादी संदीप गंगातकर ने दावा किया कि फिल्म की थीम ने उनके कॉपीराइट कार्य 'फ्री बर्ड' का उल्लंघन किया, जिसे उन्होंने 2014 में बनाया था और फिल्म के निर्माताओं के साथ साझा किया। जज ने कहा कि फिल्म का टीज़र 2 अक्टूबर, 2023 से सार्वजनिक डोमेन में था। समय-समय पर विभिन्न प्रमुख मीडिया...
लाउडस्पीकर का उपयोग 'आवश्यक धार्मिक प्रथा' नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि प्रार्थना या धार्मिक प्रवचन के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग किसी भी धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। इसलिए मुंबई पुलिस को ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 को सख्ती से लागू करने और यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि कोई भी धार्मिक स्थल लाउडस्पीकर का उपयोग करके ध्वनि प्रदूषण न करे।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चांडक की खंडपीठ ने कहा कि मुंबई एक 'कॉस्मोपॉलिटन' शहर है, यहां विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं।खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,"शोर कई मायनों में स्वास्थ्य के लिए बड़ा...
Sec. 138 NI Act:आरोपी के पेश न होने या व्यग्तिगत पेशी से छूट न मांगने पर आरोपी की अनुपस्थिति में कार्यवाही संभव - बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एक मजिस्ट्रेट आरोपी की अनुपस्थिति में और CrPC की धारा 313 के तहत बयान दर्ज किए बिना NI Act की धारा 138 के तहत अपराध के लिए मुकदमे की कार्यवाही के साथ आगे बढ़ने के लिए उचित है, अगर आरोपी या उनके वकील मुकदमे में शामिल नहीं हो रहे हैं या आरोपी ने व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग नहीं की है।जस्टिस एसएम मोदक ने कहा कि इस तरह की शक्ति का उपयोग करने से पहले, ट्रायल कोर्ट निम्नलिखित कारकों पर विचार कर सकता है:अभियुक्त कितनी बार अनुपस्थित रहा हैशिकायतकर्ता द्वारा आरोपी की उपस्थिति...
कोई भी पिता अपनी बेटी का यौन उत्पीड़न नहीं करेगा और कोई भी बेटी अपने पिता के खिलाफ ऐसे आरोप नहीं लगाएगी, लेकिन गलतियां हो सकती हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
अपनी ही नाबालिग बेटी से बलात्कार के दोषी 43 वर्षीय व्यक्ति को बरी करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में बेटी अपने पिता पर ऐसा आरोप नहीं लगाएगी और पिता भी अपनी बेटी का बलात्कार नहीं करेगा। नागपुर बेंच में बैठे जस्टिस गोविंद सनप ने 'मानव मनोविज्ञान' पर विचार किया, जिसमें उन्होंने माना कि 'गलतियां हो सकती हैं।'5 दिसंबर, 2024 को दिए गए अपने फैसले में, जो बुधवार (22 जनवरी) को उपलब्ध हुआ, जस्टिस सनप ने कहा, "यह सच है कि सामान्य परिस्थितियों में बेटी अपने पिता पर ऐसा आरोप नहीं...
महाराष्ट्र सरकार की उदासीनता के कारण खेल जगत को नुकसान हो रहा है: राष्ट्रीय खेलों में महिला तैराक टीम के प्रवेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर नाराजगी जताई कि 29 जनवरी को उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में भाग लेने के लिए राज्य की डाइविंग टीम (महिला) को शॉर्टलिस्ट करने में राज्य सरकार की 'उदासीनता' के कारण महाराष्ट्र में खेल बिरादरी किस तरह से पीड़ित है। जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस अश्विन भोबे की खंडपीठ ने उल्लेख किया कि महाराष्ट्र राज्य जलीय समन्वय समिति (MSACC) ने राज्य की डाइविंग टीम के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए शुरू में 4 और 5 जनवरी, 2025 को ट्रायल आयोजित किए थे।...
बॉम्बे हाईकोर्ट का ED को 'कड़ा संदेश'- कानून के दायरे में काम करें, नागरिकों को परेशान न करें; लगाया 1 लाख का जुर्माना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि अब समय आ गया कि ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और कानून को अपने हाथ में लेकर नागरिकों को परेशान करना बंद करना चाहिए।एकल जज जस्टिस मिलिंद जाधव ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए 'कड़ा संदेश' भेजा जाना चाहिए कि नागरिकों को परेशान न किया जाए।जस्टिस जाधव ने कहा,"मैं जुर्माना लगाने के लिए बाध्य हूं, क्योंकि ED जैसी...


















