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अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन मामला: उपभोक्ता आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ शिकायत खारिज की
अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन मामला: उपभोक्ता आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ शिकायत खारिज की

चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जिसमें अध्यक्ष अमरिंदर सिंह सिद्धू और सदस्य बी.एम. शर्मा शामिल थे, ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ दर्ज उपभोक्ता शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कथित अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन से संबंधित विवाद अभी जांच के चरण में है और बैंक द्वारा अंतिम रूप से निपटाया नहीं गया है, इसलिए शिकायत समय से पूर्व (premature) है।मामले के तथ्यशिकायतकर्ता जोगिंदर सिंह ने 15 जनवरी 2025 की क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट की जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हुई ₹19,520.29 और...

धारा 2(वा) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत निकटतम विधिक उत्तराधिकारी की कसौटी पर पत्नी को वरीयता, चाचा का दावा खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट
धारा 2(वा) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत 'निकटतम विधिक उत्तराधिकारी' की कसौटी पर पत्नी को वरीयता, चाचा का दावा खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 2(वा) के अंतर्गत पीड़ित अथवा विधिक उत्तराधिकारी की पहचान के लिए अपनाई जाने वाली 'निकटतम विधिक उत्तराधिकारी' की कसौटी पर पत्नी मृतक के चाचा से अधिक अधिकारयुक्त मानी जाएगी। न्यायालय ने कहा कि मृतक की पत्नी, पारिवारिक और विधिक संबंधों की दृष्टि से चाचा की तुलना में अधिक निकट उत्तराधिकारी है।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस अभ्देश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर की, जिसमें मृतक के चाचा...

दिवालिया कार्यवाही के कारण खाते अवरुद्ध होने पर चेक बाउंस का आपराधिक मामला नहीं बनता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिवालिया कार्यवाही के कारण खाते अवरुद्ध होने पर चेक बाउंस का आपराधिक मामला नहीं बनता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक अनादर से जुड़े तीन आपराधिक मामलों को रद्द करते हुए दोहराया कि यदि दिवालिया कानून के तहत बैंक खाते अवरुद्ध हों तो ऐसे मामलों में चेक बाउंस के आधार पर आपराधिक अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की एकल पीठ ने सुमेरु प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक फरहाद सूरी और धीरन नवलखा द्वारा दायर याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है, जहां भुगतान धनराशि की कमी के कारण विफल होता...

चेक बाउंस मामलों में समझौते के बाद मजिस्ट्रेट निष्पादन अदालत की भूमिका नहीं निभा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
चेक बाउंस मामलों में समझौते के बाद मजिस्ट्रेट निष्पादन अदालत की भूमिका नहीं निभा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) के तहत चेक बाउंस से जुड़े मामलों में यदि पक्षकारों के बीच वैध समझौता दर्ज हो जाता है तो ट्रायल मजिस्ट्रेट का कर्तव्य केवल उस समझौते के अनुरूप शिकायत का निपटारा करना है। इसके बाद मजिस्ट्रेट न तो समझौते के पालन की निगरानी कर सकता है और न ही उसे लागू कराने के लिए निष्पादन अदालत की तरह कार्य कर सकता है।जस्टिस संजय धर ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें याचिकाकर्ता साजिद अहमद मलिक ने...

अब कोई ढिलाई नहीं: अवैध पशु वध और मांस बिक्री पर झारखंड हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी
अब कोई ढिलाई नहीं: अवैध पशु वध और मांस बिक्री पर झारखंड हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध पशु वध और मांस की अवैध बिक्री पर कड़ा रुख अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि अब इस मामले में किसी भी तरह की दिली-डैलीइंग (अनावश्यक टालमटोल) बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ रांची में अवैध रूप से पशुओं, विशेषकर मुर्गी पक्षियों, के वध और सार्वजनिक सड़कों पर पशु शवों के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूरोफेन से मिलते-जुलते नाम पर लगाई रोक, डेका-न्यूरोफेन ट्रेडमार्क रजिस्टर से हटाने के निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'न्यूरोफेन' से मिलते-जुलते नाम पर लगाई रोक, 'डेका-न्यूरोफेन' ट्रेडमार्क रजिस्टर से हटाने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध दर्द निवारक दवा 'NUROFEN' से समानता पाए जाने पर 'DECA-NEUROPHEN' ट्रेडमार्क को ट्रेडमार्क रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। अदालत ने माना कि दोनों नामों में दृश्य और ध्वन्यात्मक समानता है, जिससे उपभोक्ताओं, चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के बीच भ्रम की वास्तविक आशंका पैदा होती है।जस्टिस तेजस करिया ने 24 दिसंबर, 2025 को यह आदेश पारित करते हुए रेकिट एंड कोलमैन ओवरसीज हेल्थ लिमिटेड की अपील स्वीकार की। अदालत ने ट्रेडमार्क रजिस्ट्री के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत फरवरी...

पोती के आरोपों पर घिरे 75 वर्षीय दादा को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से जमानत, अदालत बोली- संलिप्तता प्रथम दृष्टया संदिग्ध
पोती के आरोपों पर घिरे 75 वर्षीय दादा को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से जमानत, अदालत बोली- संलिप्तता प्रथम दृष्टया संदिग्ध

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने एक अत्यंत संवेदनशील मामले में 75 वर्षीय बुजुर्ग को जमानत प्रदान की, जिन पर उनकी ही पोती ने POCSO कानून के तहत यौन उत्पीड़न और बलात्कार के गंभीर आरोप लगाए। अदालत ने कहा कि ट्रायल के दौरान अभियोजन की पूरी नींव ही ढह गई है और ऐसे में आरोपी को जेल में बनाए रखना कानूनन उचित नहीं है।जस्टिस संजय धर ने जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि POCSO Act के तहत मौजूद वैधानिक अनुमान पूर्णतः अटल नहीं हैं। यदि मुकदमे के दौरान मूल तथ्य ही टिक नहीं पाते तो केवल आरोपों...

Kuldeep Singh Sengar
उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर की सज़ा सस्पेंड करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBI

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने उन्नाव रेप केस में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ज़मानत देने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई, जिसमें सेंगर की सज़ा को सस्पेंड करने और दोषी ठहराए जाने के खिलाफ उनकी अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें ज़मानत पर रिहा करने के हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई।हाईकोर्ट ने इस हफ्ते की शुरुआत में ज़मानत देते हुए कहा कि प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम...

UP Bar Council Elections | हाईकोर्ट ने अवमानना ​​के आरोपों का सामना कर रहे वकील के नॉमिनेशन के खिलाफ याचिका खारिज की
UP Bar Council Elections | हाईकोर्ट ने अवमानना ​​के आरोपों का सामना कर रहे वकील के नॉमिनेशन के खिलाफ याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में आगामी उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनावों के लिए एडवोकेट नरेश चंद्र त्रिपाठी के नॉमिनेशन को चुनौती देने वाली रिट याचिका खारिज की।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपामा चतुर्वेदी की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट की सात-जजों की बेंच द्वारा अवमानना ​​के आरोप तय करना सिर्फ एक शुरुआती राय थी और यह कोर्ट की अवमानना ​​अधिनियम के तहत दोषसिद्धि नहीं थी।संक्षेप में मामलाफखरुद्दीन अली अहमद ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए नरेश चंद्र त्रिपाठी के नॉमिनेशन को चुनौती देते...

ज्वेलर का ग्राहक को अपनी मर्ज़ी से सोना देना ट्रस्ट, चोरी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
ज्वेलर का ग्राहक को अपनी मर्ज़ी से सोना देना 'ट्रस्ट', चोरी इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाई कोर्ट ने कहा कि जहां इंश्योर्ड प्रॉपर्टी का कब्ज़ा भरोसे के आधार पर अपनी मर्ज़ी से ट्रांसफर किया जाता है तो ऐसा ट्रांसफर ट्रस्ट माना जाएगा। इससे होने वाले किसी भी बेईमानी से हुए नुकसान पर एक्सक्लूज़न क्लॉज़ लागू होंगे, भले ही यह काम कानूनी तौर पर चोरी क्यों न हो।इस सिद्धांत को लागू करते हुए जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की डिवीजन बेंच ने जम्मू-कश्मीर स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन का आदेश रद्द कर दिया और ग्राहकों द्वारा सोने के गहनों की बेईमानी...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिल्पा शेट्टी की बिना इजाज़त वाली तस्वीरों को हटाने का आदेश दिया, दिया यह तर्क
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिल्पा शेट्टी की बिना इजाज़त वाली तस्वीरों को हटाने का आदेश दिया, दिया यह तर्क

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति, खासकर महिला को ऐसे तरीके से नहीं दिखाया जा सकता, जिससे भारत के संविधान के आर्टिकल 21 के तहत उनकी प्राइवेसी के अधिकार और सम्मान के साथ जीने के अधिकार पर असर पड़े।हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी की सभी तस्वीरों और वीडियो को अलग-अलग वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया, जिनमें से ज़्यादातर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाए गए हैं...

2025 की बारिश की आपदा के बाद राज्य और केंद्र CSR दायित्वों को लागू करने में विफल रहे: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
2025 की बारिश की आपदा के बाद राज्य और केंद्र CSR दायित्वों को लागू करने में विफल रहे: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2025 में भारी बारिश से हुई तबाही का खुद संज्ञान लेते हुए कहा कि राज्य सरकार और भारत सरकार दोनों ही कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) दायित्वों को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहे।कोर्ट ने कहा कि एक स्पष्ट कानूनी ढांचा होने के बावजूद, आपदा राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर के पुनर्वास के लिए CSR फंड का इस्तेमाल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।चीफ जस्टिस जी.एस. संधावालिया और जस्टिस जिया लाल भारद्वाज की डिवीजन बेंच ने कहा:“01.12.2025 के हलफनामे...

फांसी के बाद बरी: सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में किसी को भी मौत की सज़ा नहीं दी, वहीं बरी होने में मौत की सज़ा की कतार में सालों लग गए
फांसी के बाद बरी: सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में किसी को भी मौत की सज़ा नहीं दी, वहीं बरी होने में मौत की सज़ा की कतार में सालों लग गए

सुरेंद्र कोली के साथ - 2006 की निठारी हत्याओं में आखिरी शेष - सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसे बरी करने के बाद मुक्त होने से, एक बार फिर, बहस फिर से शुरू हो गई है कि क्या एक उचित संदेह से परे अपराध स्थापित करना संभव है।कोली का मामला एकमात्र ऐसा मामला नहीं था जो इस साल बरी होने में समाप्त हो गया। लाइवलॉ ने 'दुर्लभतम से दुर्लभ' भीषण हत्या और बलात्कार के मामलों में दी गई मौत की सजा से संबंधित 15 मामलों को कवर किया। किसी भी मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने इस साल मौत की सजा की पुष्टि नहीं की।इस लेख में, हम...

पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने वाला CISF कांस्टेबल बहाल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अनुशासनिक कार्रवाई में हाईकोर्ट द्वारा दखल अनुचित
पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने वाला CISF कांस्टेबल बहाल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अनुशासनिक कार्रवाई में हाईकोर्ट द्वारा दखल अनुचित

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पहली शादी के subsistence के दौरान दूसरी शादी करना गंभीर दुराचार है और ऐसे मामले में अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा दी गई सजा में हाईकोर्ट को अपीलीय अधिकार की तरह हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अदालत ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया।यह फैसला जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने सुनाया। खंडपीठ ने यूनियन ऑफ इंडिया की अपील स्वीकार करते हुए...