श्रम संहिता के नियम फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएंगे: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
Shahadat
2 Feb 2026 5:42 PM IST

केंद्र सरकार ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में बताया कि नए इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020 के तहत नियम फरवरी के अंत तक फाइनल कर दिए जाएंगे।
SGI तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच को बताया कि नियम बनाने पर विचार किया जा रहा है और जनता से सुझाव मांगे गए।
SGI ने कहा कि मौजूदा कमियों को दूर करने और पुराने श्रम कानून व्यवस्था से नए कोड में आसानी से बदलाव सुनिश्चित करने के लिए दो नोटिफिकेशन जारी किए गए।
मेहता ने आगे कहा कि पुराने श्रम कानूनों के तहत स्थापित ट्रिब्यूनल तब तक काम करते रहेंगे, जब तक नए कोड के तहत वैधानिक निकाय गठित नहीं हो जाते।
इस डेवलपमेंट को देखते हुए कोर्ट ने एनए सेबेस्टियन द्वारा दायर PIL को बंद किया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर को जारी नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई, जिसके तहत इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020 को लागू किया गया।
कोर्ट ने कहा,
"हमारी राय में रिट याचिका पर चिंताओं का समाधान हो गया और कार्यवाही जारी रखने की आवश्यकता नहीं होगी।"
याचिका में दावा किया गया कि नोटिफिकेशन बिना किसी संबंधित नियम बनाए या किसी ट्रिब्यूनल का गठन किए बिना जारी किया गया।
याचिका में कहा गया कि कोड सभी लंबित मामलों को ऐसे ट्रिब्यूनल में ट्रांसफर करने का प्रावधान करता है, जो मौजूद नहीं हैं और दिल्ली में औद्योगिक ट्रिब्यूनल और श्रम अदालतों का पूरा कामकाज ठप हो गया।
इसमें कहा गया कि जब तक आवश्यक नियम, तंत्र और ट्रिब्यूनल गठित नहीं हो जाते, तब तक श्रमिकों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है।
याचिका में यह भी कहा गया कि नोटिफिकेशन का इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट के तहत पूरी न्याय प्रणाली पर "पंगु बनाने वाला प्रभाव" है, क्योंकि यह सभी लंबित मामलों को कोड के तहत ट्रिब्यूनल में ट्रांसफर करने का प्रावधान करता है।
Title: NA Sebastian & Anr v. Union of India

