ताज़ा खबरे

सुप्रीम कोर्ट ने असम मानवाधिकार आयोग से राज्य में हुई फर्जी मुठभेड़ों की जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने असम मानवाधिकार आयोग से राज्य में हुई फर्जी मुठभेड़ों की जांच करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने असम मानवाधिकार आयोग (AHRC) को असम में फर्जी पुलिस मुठभेड़ों के आरोपों की स्वतंत्र और त्वरित जांच करने का निर्देश दिया। इस याचिका में राज्य में बड़े पैमाने पर "फर्जी" मुठभेड़ों के साथ-साथ पुलिस मुठभेड़ों की जांच से संबंधित PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य में जारी निर्देशों का राज्य अधिकारियों द्वारा अनुपालन न करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस कांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने कहा कि नागरिक स्वतंत्रता के रक्षक के रूप में मानवाधिकार आयोगों की भूमिका सर्वोपरि है। इसने विश्वास...

बेदखली आदेश के गंभीर परिणाम होंगे, वरिष्ठ नागरिक नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस के अभाव में यह अमान्य होगा: दिल्ली ‌हाईकोर्ट
बेदखली आदेश के गंभीर परिणाम होंगे, वरिष्ठ नागरिक नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस के अभाव में यह अमान्य होगा: दिल्ली ‌हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दिल्ली माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण नियम, 2009 के नियम 22(3)(1)(iv)(v) के तहत कारण बताओ नोटिस के अभाव में बेदखली आदेश अमान्य माना जाएगा। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और ज‌‌स्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि बेदखली आदेश का उस व्यक्ति पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ता है जो संपत्ति पर कब्जा कर रहा है और इसलिए कारण बताओ नोटिस आवश्यक है।न्यायालय ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में प्रस्तावित बेदखली आदेश के आधारों को स्पष्ट रूप से बताना होगा और...

मौखिक आश्वासन के बावजूद CMRL के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई, SFIO जांच के खिलाफ याचिका रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध की: दिल्ली हाईकोर्ट
'मौखिक आश्वासन के बावजूद CMRL के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई', SFIO जांच के खिलाफ याचिका रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध की: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि Cochin Minerals and Rutiles Limited (CMRL) के खिलाफ शिकायत उस मौखिक आश्वासन के बावजूद दायर की गई, जिसमें केंद्र सरकार ने कहा था कि जांच तो जारी रहेगी लेकिन जब तक याचिका लंबित है तब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने यह टिप्पणी CMRL, Exalogic Solutions Pvt. Ltd. (केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा की कंपनी) और अन्य के खिलाफ SFIO जांच को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान की।मामलाCMRL की याचिका पर हाईकोर्ट...

दायरा बढ़ाने की कोशिश मत करो: सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफ़ेसर अली खान महमूदाबाद के मामले की जांच कर रही SIT से कहा
'दायरा बढ़ाने की कोशिश मत करो': सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफ़ेसर अली खान महमूदाबाद के मामले की जांच कर रही SIT से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ़ 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज मामले में विशेष जांच दल की जांच के दायरा सीमित किया।कोर्ट ने कहा कि जांच महमूदाबाद के खिलाफ़ दर्ज 2 FIR तक ही सीमित होनी चाहिए।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने आदेश दिया,"हम निर्देश देते हैं कि SIT की जांच इन कार्यवाही के विषय में 2 FIR की सामग्री तक ही सीमित रहेगी। न्याय क्षेत्राधिकार वाली अदालत में दायर किए जाने से पहले जांच रिपोर्ट इस अदालत के...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जजों को गुंडा कहने पर 6 महीने जेल की सजा सुनाए जाने के आदेश को वापस लेने की वकील की याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जजों को 'गुंडा' कहने पर 6 महीने जेल की सजा सुनाए जाने के आदेश को वापस लेने की वकील की याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को लखनऊ के अधिवक्ता अशोक पांडे को 2021 में खुली अदालत में हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और उन्हें 'गुंडा' कहने के लिए छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाए जाने के अपने अप्रैल के आदेश को वापस लेने से इनकार कर दिया। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस बृज राज सिंह की पीठ ने पांडे को न्यायालय की आपराधिक अवमानना ​​करने का दोषी पाया, क्योंकि पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि पांडे के आचरण से पता चलता है कि वह न्यायिक प्रक्रिया के साथ "पूर्ण तिरस्कार" के...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पति को तलाक देने से इनकार करते हुए पितृसत्तात्मक मानसिकता के लिए ट्रायल जज की आलोचना की, कॉपी-पेस्ट आदेशों पर आपत्ति जताई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पति को तलाक देने से इनकार करते हुए पितृसत्तात्मक मानसिकता के लिए ट्रायल जज की आलोचना की, 'कॉपी-पेस्ट' आदेशों पर आपत्ति जताई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2018 के तलाक के एक मामले में अपनी पत्नी द्वारा क्रूरता के आधार पर एक व्यक्ति को तलाक दे दिया है। ट्रायल कोर्ट ने उस व्यक्ति को तलाक देने से मना कर दिया था, जिसे वैवाहिक मुकदमों में ट्रायल कोर्ट द्वारा पहले दिए गए आदेशों से "कॉपी-पेस्ट" पाया गया था। ट्रायल जज की धारणाओं को "पितृसत्तात्मक" और "कृपालु" मानते हुए, जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस उदय कुमार की खंडपीठ ने कहा,"विद्वान ट्रायल जज की पूरी मानसिकता पितृसत्तात्मक और कृपालु दृष्टिकोण से उभरी हुई प्रतीत होती है,...

दिल्ली रिज में अनधिकृत रूप से पेड़ काटने पर सुप्रीम कोर्ट ने DDA अधिकारियों को फटकार लगाई, प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली रिज में अनधिकृत रूप से पेड़ काटने पर सुप्रीम कोर्ट ने DDA अधिकारियों को फटकार लगाई, प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के खिलाफ दिल्ली रिज ट्री फेलिंग अवमानना ​​मामले में सुप्रीम कोर्ट ने DDA अधिकारियों को कोर्ट की अनुमति के बिना दिल्ली रिज क्षेत्र में पेड़ों को काटने के लिए फटकार लगाई, जिसका उद्देश्य CAPFIMS पैरामिलिट्री अस्पताल तक पहुंच को आसान बनाना था।कोर्ट ने कहा,"एक राष्ट्र के रूप में जो कानून के शासन में निहित है, न्यायपालिका में बहुत अधिक विश्वास है...जब जानबूझकर अवहेलना की जाती है तो अदालत को सख्त रुख अपनाना चाहिए। हमने आचरण को 2 भागों में विभाजित किया - सरल रूप से अनुमति...

दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाने में 8 वर्षों की अस्पष्ट देरी के कारण मध्यस्थ का कार्यभार समाप्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाने में 8 वर्षों की अस्पष्ट देरी के कारण मध्यस्थ का कार्यभार समाप्त किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने एकमात्र मध्यस्थ बिना निर्णय सुनाए मध्यस्थता कार्यवाही आठ साल तक लंबित नहीं रख सकते। मौजूदा विषय में 17.10.2023 को सुनवाई निर्धारित की गई थी, हालांकि सुनवाई बुलाने या निर्णय सुनाने में लंबे समय तक देरी के लिए कोई कारण नहीं बताए गए। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा इस तरह की अनुचित और अस्पष्ट देरी मध्यस्थता के मूल उद्देश्य को विफल करती है और भारत की सार्वजनिक नीति के विपरीत है। तदनुसार, विद्वान एकमात्र मध्यस्थ का अधिदेश मध्यस्थता अधिनियम की धारा 14 के तहत समाप्त कर दिया...

पूर्ववर्ती अपराध में आरोप मुक्त करना अधिनियम की धारा 3 के तहत PMLA कार्यवाही को अमान्य नहीं करता: जेएंडके हाईकोर्ट
पूर्ववर्ती अपराध में आरोप मुक्त करना अधिनियम की धारा 3 के तहत PMLA कार्यवाही को अमान्य नहीं करता: जेएंडके हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत कार्यवाही की स्वायत्तता को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि निर्धारित (अनुसूचित) अपराध में आरोपमुक्त या दोषमुक्त होने से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी धन शोधन जांच या समन स्वतः ही अमान्य नहीं हो जाते हैं। जस्टिस वसीम सादिक नरगल ने प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) और संबंधित समन को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पीएमएलए की धारा 3 के तहत धन शोधन एक "स्वतंत्र...

CAT ने IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर कैबिनेट सचिव व अन्य दो अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया
CAT ने IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर कैबिनेट सचिव व अन्य दो अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया

पिछले सप्ताह केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), प्रधान पीठ [सर्किट नैनीताल] ने अहम आदेश में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा और केंद्रीय सतर्कता आयोग के सचिव पी. डेनियल को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह नोटिस भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर जारी हुआ, जिसमें उनके 2015-16 के वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट को जानबूझकर घटाने का मामला है।यह आदेश CAT के न्यायिक सदस्य अजय प्रताप सिंह और प्रशासनिक सदस्य संजीव कुमार की पीठ ने पारित...

दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में अहलमद को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने से किया इनकार, कहा- आरोप बहुत गंभीर
दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में अहलमद को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने से किया इनकार, कहा- आरोप 'बहुत गंभीर'

दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट के अहलमद को इस स्तर पर गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देने से मंगलवार को इनकार कर दिया।जस्टिस अमित शर्मा ने कहा कि कोर्ट स्टाफ के खिलाफ आरोप बहुत गंभीर हैं और मामले में अग्रिम जमानत मांगने वाली उनकी याचिका पर नोटिस जारी किया।कोर्ट ने ACB से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई 29 मई को तय की, जब अहमद की FIR रद्द करने की याचिका भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।कोर्ट ने अनुकूल आदेश पारित करने से इनकार करते हुए...

अतिक्रमणकारी अपने पुनर्वास दावों के समाधान तक सार्वजनिक भूमि पर कब्जा जारी रखने का अधिकार नहीं मांग सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
अतिक्रमणकारी अपने पुनर्वास दावों के समाधान तक सार्वजनिक भूमि पर कब्जा जारी रखने का अधिकार नहीं मांग सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अतिक्रमणकारी लागू नीति के तहत अपने पुनर्वास दावों के समाधान तक सार्वजनिक भूमि पर कब्जा जारी रखने का अधिकार नहीं मांग सकते।जस्टिस धर्मेश शर्मा ने कहा कि ऐसी स्थिति में सार्वजनिक परियोजनाओं में अनावश्यक रूप से बाधा उत्पन्न होगी, जबकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुनर्वास के लिए पात्रता का निर्धारण सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमणकारियों को हटाने से अलग प्रक्रिया है।पीठ ने कहा,"इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि याचिकाकर्ताओं को पुनर्वास मांगने का कोई निहित अधिकार नहीं है,...

ट्रायल में देरी के आधार पर जमानत मांगते समय आवेदक को ट्रायल कोर्ट के आदेशपत्र प्रस्तुत करने होंगे: दिल्ली हाईकोर्ट
ट्रायल में देरी के आधार पर जमानत मांगते समय आवेदक को ट्रायल कोर्ट के आदेशपत्र प्रस्तुत करने होंगे: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जो आवेदक मुकदमे में देरी के आधार पर जमानत मांगता है, उसे ट्रायल कोर्ट के आदेश पत्रक रिकॉर्ड में रखने चाहिए, जिससे इस संभावना को खारिज किया जा सके कि उसके अनुरोध पर मामले को स्थगित किया जा रहा है।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा,"जबकि मुकदमे में देरी के आधार पर जमानत मांगते समय आवेदक को ट्रायल कोर्ट के आदेश पत्रक रिकॉर्ड में रखने चाहिए, जिससे इस संभावना को खारिज किया जा सके कि आवेदक के अनुरोध पर मामले को स्थगित किया जा रहा है।"न्यायालय ने बलात्कार के एक मामले में एक महिला को...

प्रथम दृष्टया मुगल शासन स्थापित करने का प्रयास: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने UAPA के तहत गिरफ्तार वकील को राहत देने से किया इनकार
'प्रथम दृष्टया मुगल शासन स्थापित करने का प्रयास': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने UAPA के तहत गिरफ्तार वकील को राहत देने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक वकील को जमानत देने से इनकार करने के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, क्योंकि "प्रथम दृष्टया" यह पाया गया कि साक्ष्य के अनुसार समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने का प्रयास किया गया, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन से पहले मौजूद 'मुगल शासन' को स्थापित करना था।कहा जाता है कि वकील ने कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, उन्होंने निचली अदालत द्वारा उनकी जमानत खारिज किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस देवनारायण मिश्रा की खंडपीठ...

दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर अंकुर वारिकू के डीपफेक वीडियो पर रोक लगाने के लिए जॉन डो आदेश किया पारित
दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर अंकुर वारिकू के डीपफेक वीडियो पर रोक लगाने के लिए जॉन डो आदेश किया पारित

दिल्ली हाईकोर्ट ने जॉन डो आदेश पारित कर यूट्यूबर और प्रभावशाली व्यक्ति अंकुर वारिकू के डीपफेक (Deepfake) वीडियो के अनधिकृत प्रकाशन और प्रसार पर रोक लगा दी।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि वारिकू के नाम, इमेज, फोटो, वीडियो, आवाज या उनके व्यक्तित्व के किसी अन्य पहलू का किसी भी तरह से अवैध वाणिज्यिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से दुरुपयोग नहीं किया जाएगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या डीपफेक तकनीक का उपयोग भी शामिल है।न्यायालय ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर प्रकाशित...

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से कोप्पल में श्री अंजनेया मंदिर के मुख्य पुजारी को न हटाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से कोप्पल में श्री अंजनेया मंदिर के मुख्य पुजारी को न हटाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को आदेश दिया कि वह श्री अंजनेया मंदिर के मुख्य पुजारी विद्यादास बाबाजी को कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा पारित 2023 के अंतरिम आदेश के अनुसार धार्मिक कर्तव्यों को जारी रखने के साथ-साथ स्थल पर स्थित एक कमरे में रहने की अनुमति दे।यदि आदेश की कोई अवहेलना या गैर-अनुपालन होता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा, न्यायालय ने चेतावनी दी।जस्टिस सूर्यकांत ने कहा,"नोटिस जारी करें। अधिकारियों को लंबित रिट याचिका में हाईकोर्ट द्वारा पारित 2023 के अंतरिम आदेश का पालन करने और याचिकाकर्ता को...

राजस्व शुल्क पर पूर्व की अधिसूचनाओं को स्पष्ट करने वाला सर्कुलर पिछली तारीख से प्रभावी: सुप्रीम कोर्ट
राजस्व शुल्क पर पूर्व की अधिसूचनाओं को स्पष्ट करने वाला सर्कुलर पिछली तारीख से प्रभावी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि राजस्व विभाग द्वारा जारी एक परिपत्र / अधिसूचना, जिसमें राजकोषीय विनियमन को स्पष्ट या स्पष्ट किया गया है, को पूर्वव्यापी प्रभाव दिया जाना चाहिए।अत न्यायालय ने निर्णय दिया कि केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) द्वारा जारी दिनांक 17-09-2010 के परिपत्र को भूतलक्षी प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए क्योंकि यह सीमा शुल्क पर कतिपय पिछली अधिसूचनाओं को स्पष्ट कर रहा था। न्यायालय ने कहा कि, प्रकृति में व्याख्यात्मक होने के नाते, परिपत्र को सीमा शुल्क की छूट...

हरियाणा में उचित बार चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पीएंडएच बार काउंसिल को दृढ़ रुख अपनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
हरियाणा में उचित बार चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पीएंडएच बार काउंसिल को दृढ़ रुख अपनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

हरियाणा बार चुनाव विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने आज कथित अनियमितताओं के संबंध में दृढ़ रुख न अपनाने के लिए पंजाब और हरियाणा राज्य बार काउंसिल की आलोचना की।जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की,"आप कभी भी दृढ़ रुख नहीं अपनाते, क्योंकि आपको उनके वोटों की जरूरत है। यही पूरी समस्या है। आप एक वैधानिक निकाय हैं! आपको बहुत स्पष्ट होना चाहिए कि यदि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तो आपको दृढ़ता से कहना चाहिए कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और हम चाहेंगे कि चुनाव पारदर्शी तरीके से नए सिरे से हों...यदि आप संतुष्ट...