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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 482: अग्रिम जमानत की अवधारणा
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की धारा 482 उस स्थिति को संबोधित करती है जब किसी व्यक्ति को यह आशंका हो कि उसे किसी गैर-जमानती अपराध (Non-Bailable Offence) के आरोप में गिरफ्तार किया जा सकता है।इस स्थिति में, व्यक्ति अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की मांग कर सकता है। यह धारा पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 438 से प्रेरित है, जिसे अग्रिम जमानत की धारा के रूप में जाना जाता था। धारा 482 में इस प्रकार की जमानत प्राप्त करने की प्रक्रिया,...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कर्मचारियों और ग्राहकों का यौन उत्पीड़न करने के आरोपी एसबीआई कर्मचारी की वेतन वृद्धि रोकने के जुर्माने को बरकरार रखा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एक कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को बरकरार रखा है, जिस पर एक महिला ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार करने और यौन उत्पीड़न का आरोप है। इस प्रकार, उस पर संचयी प्रभाव से दो वेतन वृद्धि रोकने का दंड लगाया गया है। इस संबंध में, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कहा, "रिकॉर्ड से यह पता चलता है कि अनुशासनात्मक जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा की गई है और प्राधिकारी की क्षमता के संबंध में कोई आरोप नहीं है। प्रारंभ में,...
"छिपे हुए अनावश्यक विचार': राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल को छात्रावास निर्माण के लिए भूमि आवंटित करने पर राज्य की आलोचना की
राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि स्कूल के निर्माण के लिए आरक्षित भूमि को छात्रावास के निर्माण के लिए आवंटित नहीं किया जा सकता है, वह भी राजस्थान नगर पालिका (शहरी भूमि का निपटान) नियम, 1974 के नियम 18 के विपरीत, केवल 5% के बहुत कम आरक्षित मूल्य पर। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने आवंटन को अवैध और बिना किसी औचित्य के बताते हुए कहा कि प्रतिवादी समाज के पक्ष में भूमि के आवंटन के लिए राज्य की पूरी कार्रवाई के पीछे कुछ "छिपे हुए बाहरी विचार" थे।अदालत सनाढ्य गौड़ ब्राह्मण समाज की ओर से राज्य द्वारा पारित...
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने सेवाओं के नियमितीकरण से पहले रहबर-ए-तालीम शिक्षकों के लिए वरिष्ठता लाभ रद्द किया
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि आरईटी (रहबर-ए-तालीम) शिक्षकों की वरिष्ठता सामान्य लाइन शिक्षक के रूप में नियुक्ति की तिथि से मानी जानी चाहिए और वरिष्ठता तय करने के लिए नियमितीकरण से पहले की पांच साल की अवधि को शामिल नहीं किया जाएगा। अपीलकर्ताओं ने सरकार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत नियमितीकरण से पहले आरईटी शिक्षकों की सेवा की अवधि को वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए शामिल करने की घोषणा की गई थी।जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की पीठ ने कहा कि आरईटी शिक्षक 1979...
जबरन वसूली वाले वीडियो मामले में यूट्यूबर मोहक मंगल के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची ANI
ANI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने यूट्यूबर मोहक मंगल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। इसमें आरोप लगाया गया कि समाचार एजेंसी के खिलाफ उनका हालिया YouTube वीडियो अपमानजनक और मानहानिकारक है।यह मुकदमा मंगल के YouTube वीडियो "डियर ANI" के खिलाफ दायर किया गया, जिसे वर्तमान में 5.5 मिलियन बार देखा जा चुका है।इस मुकदमे में कॉमेडियन कुणाल कामरा, AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर और अज्ञात संस्थाओं (जॉन डू) को भी मंगल के वीडियो को अपने एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर शेयर...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश पुलिस पर शारीरिक हमले का आरोप लगाने वाले पत्रकार को सुरक्षा देने का आदेश दिया
स्वराज एक्सप्रेस समाचार चैनल के पत्रकार और भिंड ब्यूरो प्रमुख अमरकांत सिंह चौहान ने बुधवार को मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दिए जाने से सुरक्षा की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस रविंदर डुडेजा ने दिल्ली पुलिस को चौहान को दो महीने के लिए सुरक्षा देने का निर्देश दिया और पत्रकार से कहा कि इस बीच वह आगे के कानूनी उपायों का लाभ उठाने के लिए संबंधित हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।चौहान की ओर से एडवोकेट वरीशा फरासत ने दलील दी कि मध्य प्रदेश...
दिल्ली में नो एंट्री टाइम के दौरान परिवहन वाहनों को चलाने के लिए परमिट मांगने वाले आवेदनों की उचित जांच करें: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को निर्देश दिया कि नो एंट्री टाइम में चलने वाले परिवहन वाहनों को जारी किए गए नो एंट्री परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदनों की जांच की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे आवेदनों के साथ संलग्न दस्तावेजों का उचित तरीके से सत्यापन किया जाना चाहिए।नो-एंट्री परमिट परिवहन वाहनों को आवश्यक वस्तुओं या वस्तुओं के परिवहन के लिए नो-एंट्री टाइम के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में चलने के लिए जारी किए जाते हैं।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सिविल जज 2016 के अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच के लिए एक्पर्ट पैनल से पुनर्मूल्यांकन की अनुमति दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सिविल जज 2016 के अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच के लिए एक्पर्ट पैनल से पुनर्मूल्यांकन की अनुमति दीपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सिविल जज परीक्षा 2016 के उम्मीदवार द्वारा अंग्रेज़ी प्रश्नपत्र के एक प्रश्न की पुनर्मूल्यांकन याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि यदि मूल्यांकन पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण पाया जाए तो उसे पुनः मूल्यांकन हेतु उसी प्रक्रिया से असंबद्ध किसी अन्य विशेषज्ञ या विशेषज्ञों के पैनल के पास भेजा जाना चाहिए।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस...
दिल्ली हाईकोर्ट ने श्रम मंचों में ऑनलाइन सुनवाई को लागू करने के लिए SOP की मांग की, कहा- इससे न्याय तक पहुंच आसान होगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से श्रम कानूनों के तहत विभिन्न मंचों में ऑनलाइन प्रक्रियाओं और कार्यवाही की सुविधाओं को लागू करने के लिए एक स्थायी संचालन प्रक्रिया (SOP) अपनाने का आह्वान किया।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि यदि श्रम मंचों के समक्ष प्रक्रियाओं और कार्यवाही को ऑनलाइन कर दिया जाता है तो इससे न केवल कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी बल्कि जरूरतमंदों को न्याय तक पहुंच आसान होगी।न्यायालय युवा वकीलों अर्जुन मोहन, दीक्षा...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ओपन हार्ट सर्जरी से गुजरने वाले बच्चे की मेडिकल कस्टडी के लिए तत्काल सुनवाई से इनकार करने वाले फैमिली कोर्ट जज की आलोचना की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 27 मई को यह देखते हुए टिप्पणी की कि यह अनुचित है कि फैमिली कोर्ट जज ने व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर कोई तत्काल सुनवाई नहीं की, जो अपने नाबालिग बेटे की अंतरिम मेडिकल कस्टडी की मांग कर रहा था जिसे ओपन हार्ट सर्जरी से गुजरना है।एकल जज जस्टिस रोहित जोशी ने उस व्यक्ति की पत्नी (बच्चे की मां) के आचरण पर भी आश्चर्य व्यक्त किया, जिसने अंतरिम हिरासत की याचिका और तत्काल सुनवाई के अनुरोध का भी विरोध किया।पीठ ने कहा कि इस तरह के गंभीर मामले में जहां दो साल से कम उम्र के बच्चे को ओपन...
'न्यायिक अनुशासन' का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने और BNSS की धारा 528 के तहत जांच करने से जुड़े सवालों को नौ जजों की पीठ को भेजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में मंगलवार को नौ जजों की पीठ को दो महत्वपूर्ण सवालों को संदर्भित किया, जो हाईकोर्ट की FIR रद्द करने और CrPC की धारा 482 (BNSS की धारा 528) के तहत अपनी अंतर्निहित शक्तियों का उपयोग करके आगामी जांच करने की शक्ति से संबंधित हैं।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने रामलाल यादव और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य (1989) के मामले में हाईकोर्ट की 7 जजों की पीठ के फैसले को देखते हुए मामले को एक बड़ी पीठ को संदर्भित किया, जिसमें यह माना गया कि FIR रद्द करने...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एम3एम निदेशक के खिलाफ PMLA मामले पर 30 जुलाई तक लगाई रोक
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने M3M कंपनी के निदेशक रूप कुमार बंसल और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत लंबित मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई कार्यवाही पर रोक के आदेश को 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया।प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार रूप बंसल समेत कुल 52 लोग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और उन्होंने PMLA की धारा 3 और 4 के तहत अपराध किया है। यह मामला फिलहाल पंचकूला के स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन है।जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने इस मामले की अगली सुनवाई 30...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा में दोस्त का सिर कलम करने के आरोपी BJP नेता को दी जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता टिंकू भार्गव उर्फ यतेंद्र को जमानत दी, जिन्हें 2022 में अपने दोस्त जौहरी नवीन वर्मा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस अजय भनोट की पीठ ने उन्हें जमानत देते हुए कहा कि उनके भागने का खतरा नहीं है। उन्होंने हमेशा जांच में सहयोग किया है और उन्होंने अदालती कार्यवाही में सहयोग करने का वचन दिया है।अदालत ने यह भी कहा कि अगर जमानत पर रिहा किया जाता है तो उनके गवाहों को प्रभावित करने सबूतों से छेड़छाड़ करने या फिर से अपराध...
बिना ट्रायल 4 साल से अधिक समय तक जेल में बंद हत्या की आरोपी को मिली जमानत
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उस महिला को जमानत दी, जो चार साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है। उसका मुकदमा अभी तक पूरा नहीं हुआ। न्यायालय ने माना कि आवेदक को हिरासत में रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होता, खासकर तब जब निकट भविष्य में मुकदमे के समाप्त होने की संभावना बहुत कम है।जस्टिस वीरेंद्र सिंह:"इसने कहा कि इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि आवेदक लंबे समय से न्यायिक हिरासत में है, इस न्यायालय का विचार है कि आवेदक को न्यायिक हिरासत में रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, वह भी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय सेना में 'गुज्जर रेजिमेंट' गठित करने की जनहित याचिका खारिज की, बताया 'विभाजनकारी'
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को भारतीय सेना में गुज्जर रेजिमेंट गठित करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे 'बिल्कुल विभाजनकारी' बताया।जनहित याचिका रोहन बसोया नामक व्यक्ति ने दायर की थी, जिसमें दावा किया गया कि समृद्ध सैन्य विरासत के बावजूद सिख, जाट, राजपूत, गोरखा और डोगरा जैसे अन्य सैन्य समुदायों के विपरीत, गुज्जरों को एक समर्पित रेजिमेंट नहीं दी...
'क्या आपने जवाब दिया?' : सुप्रीम कोर्ट ने महमूदाबाद के मामले में NHRC द्वारा FIR दर्ज करने के तरीके के बारे में हरियाणा सरकार से किया सवाल
अली खान महमूदाबाद के मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ FIR दर्ज करने के तरीके का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा संज्ञान लेने के बारे में सवाल किया।जस्टिस सूर्यकांत ने हरियाणा के एडिशनल एडवोकेट जनरल से पूछा,"क्या आपने मानवाधिकार आयोग को जवाब दिया? हमने पढ़ा है...मानवाधिकार आयोग ने संभवतः FIR दर्ज करने के तरीके का संज्ञान लिया है। क्या आपने जवाब दिया है? आप हमें इसके बारे में भी बताएं।"संदर्भ के लिए, 21 मई को NHRC ने...
कर्नल कुरैशी पर टिप्पणी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक जारी रखी; एमपी हाईकोर्ट के समक्ष कार्यवाही बंद की
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ "आतंकवादियों की बहन" वाली टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) मंत्री कुंवर विजय शाह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के अपने अंतरिम निर्देश जारी रखे।जहां तक मामले का संज्ञान लेने की बात है, कोर्ट ने एमपी हाईकोर्ट से उसके समक्ष लंबित कार्यवाही बंद करने को कहा।संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पिछले आदेश के अनुसार शाह के मामले की जांच के लिए 3 अधिकारियों वाली एक विशेष जांच टीम गठित...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्पष्टता: सरकारी निकायों से संबंधित सभी टेंडर, अनुबंध मामलों की सुनवाई डिवीजन बेंच करेगी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की फुल बेंच ने हाईकोर्ट नियमावली, 2007 के नियम 23(1)(iv) से संबंधित अस्पष्टता को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार/सार्वजनिक उपक्रम/स्थानीय निकाय/वैधानिक निकायों से संबंधित सभी टेंडर/अनुबंध मामलों की सुनवाई डिवीजन बेंच द्वारा की जाएगी।नियम 23(1)(iv) के अनुसार पहले से यह प्रावधान था कि सरकारी टेंडर/अनुबंध से जुड़ी रिट याचिकाओं की सुनवाई डिवीजन बेंच करेगी।4 अप्रैल, 2017 को एक अधिसूचना के जरिए इस नियम को संशोधित किया गया और नया नियम लाया गया, जिसमें सिर्फ अनुबंध/टेंडर के 'आवंटन...
सुप्रीम कोर्ट ने असम मानवाधिकार आयोग से राज्य में हुई फर्जी मुठभेड़ों की जांच करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने असम मानवाधिकार आयोग (AHRC) को असम में फर्जी पुलिस मुठभेड़ों के आरोपों की स्वतंत्र और त्वरित जांच करने का निर्देश दिया। इस याचिका में राज्य में बड़े पैमाने पर "फर्जी" मुठभेड़ों के साथ-साथ पुलिस मुठभेड़ों की जांच से संबंधित PUCL बनाम महाराष्ट्र राज्य में जारी निर्देशों का राज्य अधिकारियों द्वारा अनुपालन न करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस कांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने कहा कि नागरिक स्वतंत्रता के रक्षक के रूप में मानवाधिकार आयोगों की भूमिका सर्वोपरि है। इसने विश्वास...
बेदखली आदेश के गंभीर परिणाम होंगे, वरिष्ठ नागरिक नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस के अभाव में यह अमान्य होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दिल्ली माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण नियम, 2009 के नियम 22(3)(1)(iv)(v) के तहत कारण बताओ नोटिस के अभाव में बेदखली आदेश अमान्य माना जाएगा। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने कहा कि बेदखली आदेश का उस व्यक्ति पर बहुत गंभीर प्रभाव पड़ता है जो संपत्ति पर कब्जा कर रहा है और इसलिए कारण बताओ नोटिस आवश्यक है।न्यायालय ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में प्रस्तावित बेदखली आदेश के आधारों को स्पष्ट रूप से बताना होगा और...




















