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सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराएं 70, 70A और 70B: महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा और भारत की साइबर सुरक्षा
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराएं 70, 70A और 70B: महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा और भारत की साइबर सुरक्षा

आज के डिजिटल युग में जब सरकारी कामकाज, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, संचार और रक्षा जैसे तमाम महत्वपूर्ण क्षेत्र कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट आधारित प्रणालियों पर निर्भर हो चुके हैं, तो यह आवश्यक हो गया है कि इन प्रणालियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए।इन प्रणालियों को यदि नुकसान पहुँचता है या वे काम करना बंद कर देती हैं, तो इसका प्रभाव सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है। इसी दृष्टिकोण से सूचना...

राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धाराएं 187 से 193: हिस्सेदारी आवेदन, प्रक्रिया, आपत्तियां और अधिकार क्षेत्र
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धाराएं 187 से 193: हिस्सेदारी आवेदन, प्रक्रिया, आपत्तियां और अधिकार क्षेत्र

राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956, राज्य के भू-अधिकारों के नियमन और व्यवस्थापन हेतु एक प्रमुख विधिक दस्तावेज है। इसमें भूमि के विभाजन (partition) से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाएं, अधिकार, आपत्तियां और न्यायिक व्यवस्थाएं दी गई हैं।धाराएं 187 से 193 हिस्सेदारी यानी संयुक्त भूमि के कानूनी विभाजन से संबंधित हैं। यह धाराएं बताती हैं कि हिस्सेदारी के लिए आवेदन कैसे किया जाए, किसके पास किया जाए, यदि संपत्ति एक से अधिक जिलों में हो तो क्या प्रक्रिया होगी, और यदि आपत्तियां उठें तो उन्हें कैसे सुलझाया जाए। इस...

हम खेल की पूजा करते हैं, लेकिन क्या यह हमें शोक में डालता है? कानूनी नज़रिए से चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसा
"हम खेल की पूजा करते हैं, लेकिन क्या यह हमें शोक में डालता है?" कानूनी नज़रिए से चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसा

4 जून, 2025 को शहर की खुशियां खौफ़ में बदल गईं। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की आईपीएल खिताबी जीत का जश्न बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मनाया जा रहा था, लेकिन यह एक जानलेवा भगदड़ में बदल गया, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और कम से कम 33 लोग घायल हो गए। कुछ ही घंटों में शहर और उसके बाहर आक्रोश फैल गया - न केवल घटना को लेकर, बल्कि इस बात को लेकर भी कि इसे कैसे रोका जा सकता था।कानूनी प्रतिक्रिया तेज़ थी। बेंगलुरु पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (पूर्व में आईपीसी) की धारा 304ए के तहत लापरवाही से...

शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत उत्तराधिकार, सैफ अली खान के मामले के साथ फिर से सतह पर
शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत उत्तराधिकार, सैफ अली खान के मामले के साथ फिर से सतह पर

संप्रभुता और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच का अंतर-संबंध शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 में पूरी तरह से दिखाई देता है। मुख्य संवैधानिक मुद्दा यह है कि क्या राज्य पूर्वजों की भू-राजनीतिक पसंद के आधार पर निजी स्वामित्व वाली संपत्ति को स्थायी रूप से अपने अधिकार में ले सकता है? यह अधिनियम सरकार को उन लोगों द्वारा छोड़ी गई संपत्तियों को अपने अधिकार में लेने का अधिकार देता है, जो दुश्मन देशों - मुख्य रूप से पाकिस्तान और चीन में चले गए और नागरिकता प्राप्त कर ली। हालांकि, यह प्रावधान उन लोगों को प्रभावित करता...

BJP पर कथित टिप्पणियों को लेकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ दायर मानहानि मामले पर लगी रोक
BJP पर कथित टिप्पणियों को लेकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ दायर मानहानि मामले पर लगी रोक

तेलंगाना हाईकोर्ट ने 4 मई को "जन जतरा सभा" नामक सार्वजनिक बैठक में दिए गए बयानों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ शुरू की गई ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही पर रोक लगाई।जस्टिस के. लक्ष्मण ने मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई आपराधिक याचिका में यह आदेश पारित किया, जिसमें उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत दर्ज मामले को रद्द करने की प्रार्थना की गई थी।पीठ ने आदेश दिया,"हैदराबाद में आबकारी मामलों के लिए प्रथम श्रेणी के विशेष...

5 साल से पूरा नहीं हुआ ट्रायल, के.ए. नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट का अनुपात लागू नहीं होगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने UAPA मामले में जमानत देने से किया इनकार
5 साल से पूरा नहीं हुआ ट्रायल, के.ए. नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट का अनुपात लागू नहीं होगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने UAPA मामले में जमानत देने से किया इनकार

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दायर जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी और आतंकवादी मॉड्यूल से संबंध से जुड़े आरोप इतने गंभीर हैं कि मुकदमे के इस चरण में रिहाई की गारंटी नहीं दी जा सकती।जस्टिस राजेश ओसवाल और जस्टिस संजय परिहार की खंडपीठ ने कहा कि मुकदमा पहले से ही दर्ज किए गए भौतिक साक्ष्यों के साथ चल रहा है और देरी, यदि कोई हो, के.ए. नजीब में निर्धारित सिद्धांत को लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं है।अदालत ने कहा...

हाईकोर्ट ने भारत में बैन के कारण TikTok को प्रसिद्ध ट्रेडमार्क घोषित करने से इनकार करने का आदेश बरकरार रखा
हाईकोर्ट ने भारत में बैन के कारण 'TikTok' को प्रसिद्ध ट्रेडमार्क घोषित करने से इनकार करने का आदेश बरकरार रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्रार द्वारा पारित आदेश रद्द करने और अलग रखने से इनकार कर दिया, जिसमें ट्रेड मार्क्स एक्ट के तहत "TikTok" को प्रसिद्ध ट्रेडमार्क के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया गया था, यह देखते हुए कि सोशल मीडिया एप्लिकेशन भारत में प्रतिबंधित है।एकल जज जस्टिस मनीष पिटाले ने कहा कि तथ्य यह है कि भारत में ऐप प्रतिबंधित है, जैसा कि रजिस्ट्रार ने TikTok को प्रसिद्ध मार्क घोषित करने से इनकार करते हुए माना है, ट्रेड मार्क्स अधिनियम की धारा 11 (6) के तहत वर्णित...

अंतरिम चरण में उपस्थिति दर्ज कराई गई हो तो स्थानांतरित मुकदमे में समन की औपचारिक तामील की आवश्यकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
अंतरिम चरण में उपस्थिति दर्ज कराई गई हो तो स्थानांतरित मुकदमे में समन की औपचारिक तामील की आवश्यकता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अंतरिम चरण में उपस्थिति दर्ज कराई गई हो तो स्थानांतरित मुकदमे में समन की औपचारिक तामील की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस अभय आहूजा की पीठ ने कहा,“चूंकि कॉमर्शियल कोर्ट एक्ट और संशोधित सीपीसी की समन की तामील के संबंध में कठोरताएं स्थानांतरित मुकदमों पर लागू नहीं होती हैं और यह देखते हुए कि उक्त वाद कॉमर्शियल कोर्ट एक्ट के अधिनियमन से पहले दायर किया गया नियमित वाद है, जिस पर वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम लागू होता है और प्रतिवादी नंबर 1 ने पहले ही अंतरिम चरण में उपस्थिति दर्ज...

शिक्षा विभाग की साख बचाने के लिए पारित आदेश: एमपी हाईकोर्ट ने अनियमित मूल्यांकन में कोई प्रत्यक्ष भूमिका न होने पर कॉलेज प्रिंसिपल के निलंबन को रद्द किया
शिक्षा विभाग की साख बचाने के लिए पारित आदेश: एमपी हाईकोर्ट ने अनियमित मूल्यांकन में कोई प्रत्यक्ष भूमिका न होने पर कॉलेज प्रिंसिपल के निलंबन को रद्द किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक सरकारी कॉलेज के प्राचार्य के निलंबन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि यह आदेश केवल जनता के बीच विभाग की छवि बचाने और यह दिखाने के लिए पारित किया गया था कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितता के लिए उचित कार्रवाई की गई है। न्यायालय ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट पर विचार किए बिना आदेश पारित किया, जिसमें पता चला कि याचिकाकर्ता कथित अनियमितता में 'सीधे' शामिल नहीं था।जस्टिस संजय द्विवेदी ने आदेश में कहा, "कर्मचारी को निलंबित करने का मुख्य उद्देश्य...

NDPS एक्ट मामलों में अग्रिम जमानत याचिका विचारणीय; धारा 482 BNSS सीआरपीसी (यूपी संशोधन) अधिनियम 2018 पर प्रभावी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
NDPS एक्ट मामलों में अग्रिम जमानत याचिका विचारणीय; धारा 482 BNSS 'सीआरपीसी (यूपी संशोधन) अधिनियम 2018' पर प्रभावी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 के लागू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य में NDPS एक्ट के मामलों में अग्रिम जमानत याचिका अब स्वीकार्य होगी, क्योंकि राज्य के CrPC संशोधन के तहत पिछले प्रतिबंध को BNSS द्वारा प्रभावी रूप से निरस्त कर दिया गया है। जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने फैसला सुनाया कि BNSS के अधिनियमित होने के साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता (यूपी संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा लगाया गया प्रतिबंध, विशेष रूप से धारा 438 (6), जो...

जब पद के लिए आवश्यक अनुभव का योग्यता से कोई संबंध ना हो तो इसे योग्यता पाने से पहले या बाद में पाय जा सकता है: J&K हाईकोर्ट
जब पद के लिए आवश्यक अनुभव का योग्यता से कोई संबंध ना हो तो इसे योग्यता पाने से पहले या बाद में पाय जा सकता है: J&K हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने भर्ती पात्रता मानदंड की व्याख्या को स्पष्ट करते हुए माना है कि जहां किसी पद के लिए आवश्यक अनुभव का निर्धारित शैक्षणिक योग्यता से कोई सीधा संबंध नहीं है, ऐसे अनुभव को योग्यता प्राप्त करने से पहले या बाद में वैध रूप से प्राप्त किया जा सकता है। अदालत ने कहा,“.. हालांकि, जहां निर्धारित अनुभव किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता के बिना भी प्राप्त किया जा सकता है, ऐसी स्थिति में शैक्षणिक/पेशेवर योग्यता प्राप्त करने से पहले प्राप्त अनुभव मान्य हो सकता है”जस्टिस संजीव...

सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश अंबानी और उनके परिवार को Z+ सुरक्षा देने को बार-बार चुनौती देने पर याचिकाकर्ता को चेतावनी दी; सुरक्षा जारी रखने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश अंबानी और उनके परिवार को Z+ सुरक्षा देने को बार-बार चुनौती देने पर याचिकाकर्ता को चेतावनी दी; सुरक्षा जारी रखने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने आज (13 जून) उस याचिकाकर्ता को फटकार लगाई, जिसने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार को दी गई Z+ सुरक्षा वापस लेने की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया था। यह दोहराते हुए कि मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी और बच्चों अनंत, आकाश और ईशा को सुरक्षा कवर दिया जाना जारी रहना चाहिए, पीठ ने आवेदक को भविष्य में आवेदन दायर करने के खिलाफ चेतावनी दी, क्योंकि उनके पिछले आवेदनों पर भी विचार नहीं किया गया था।यह आवेदन विकास साहा नामक व्यक्ति ने दायर किया था,...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई एयरपोर्ट द्वारा कॉन्ट्रैक्ट समाप्ति के खिलाफ सेलेबी की याचिका पर सुनवाई स्थगित की, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई एयरपोर्ट द्वारा कॉन्ट्रैक्ट समाप्ति के खिलाफ सेलेबी की याचिका पर सुनवाई स्थगित की, दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तुर्की स्थित कंपनी सेलेबी की भारतीय सहायक कंपनी सेलेबी एनएएस द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 10 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।यह याचिका मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) द्वारा कंपनी की सेवाएं समाप्त करने के फैसले को चुनौती देने के संबंध में दायर की गई थी।जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनावाला की पीठ को सूचित किया गया कि भारत के 7 हवाई अड्डों, जिनमें मुंबई, दिल्ली और चेन्नई शामिल हैं, ने सेलेबी और उसकी सहयोगी कंपनियों की सेवाएं समाप्त कर दी।सॉलिसिटर...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म ठग लाइफ के निर्माता से कन्नड़ साहित्यिक संस्था की हस्तक्षेप याचिका पर जवाब देने को कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म 'ठग लाइफ' के निर्माता से कन्नड़ साहित्यिक संस्था की हस्तक्षेप याचिका पर जवाब देने को कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार (13 जून) को एक्टर कमल हासन अभिनीत फिल्म 'ठग लाइफ' के निर्माताओं को कन्नड़ साहित्यिक संस्था-कन्नड़ साहित्य परिषद द्वारा दायर आवेदन पर जवाब देने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य में फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध के खिलाफ निर्माता की याचिका में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।बता दें, फिल्म के ऑडियो रिलीज के दौरान कन्नड़ भाषा के बारे में हासन के विवादास्पद बयान के बाद प्रतिबंध की घोषणा की गई थी।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा,"कन्नड़ साहित्य परिषद ने पक्षकार आवेदन दायर किया है,...

प्रीति राठी एसिड अटैक और हत्या मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुशासन का हवाला देते हुए दोषी की खुली जेल में स्थानांतरण की याचिका खारिज की
प्रीति राठी एसिड अटैक और हत्या मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनुशासन का हवाला देते हुए दोषी की 'खुली जेल' में स्थानांतरण की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कुख्यात प्रीति राठी एसिड अटैक मामले में दोषी अंकुर पंवार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि हर कैदी को नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए, खास तौर पर 'व्यवहार' से संबंधित नियमों और विनियमों का और किसी भी कैदी को जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं लाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पंवार ने मोबाइल बैटरी के साथ पाए जाने के बाद 'ओपन जेल' से नियमित जेल में अपने ट्रासंफर को चुनौती दी थी।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस संजय देशमुख की खंडपीठ ने पंवार के तर्क को स्वीकार करने से...

पतंजलि फूड्स ने अतिक्रमण हटाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की
पतंजलि फूड्स ने अतिक्रमण हटाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की

बाबा रामदेव की पतंजलि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है और महाराष्ट्र सरकार तथा उसके अधिकारियों को रायगढ़ जिले के खालापुर क्षेत्र (जो नवी मुंबई के पास स्थित है) में उसकी कई जमीनों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने का निर्देश देने की मांग की है।एडवोकेट अपूर्व श्रीवास्तव के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी पतंजलि फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की जमीनों को अवैध अतिक्रमणकारियों से सुरक्षित रखने में विफल रहे हैं, जिन्होंने इन जमीनों पर दुकानें खोल दी...