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शिक्षा के अधिकार में कटौती नहीं की जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'असाधारण' 11 वर्षीय बच्चे को 'कम उम्र' होने के बावजूद कक्षा 9 में अस्थायी प्रवेश की अनुमति दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त शिक्षा के मौलिक अधिकार को केवल आयु सीमा संबंधी शर्तें लगाकर सीमित नहीं किया जा सकता। इस प्रकार, न्यायालय ने एक 11 वर्षीय छात्र को अनंतिम प्रवेश देने का निर्देश दिया, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुसार कम उम्र होने के आधार पर कक्षा 9 में प्रवेश देने से मना कर दिया गया था।पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यदि छात्र असाधारण रूप से स्वस्थ है और उसकी समझ बेहतर है तो 'ऐसे छात्र/उम्मीदवारों को केवल कम उम्र होने के...
सरकारी लॉ कॉलेजों में ट्रांसजेंडर आरक्षण की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने BCI को बनाया पक्षकार
केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को उस रिट याचिका में पक्षकार बनाया, जिसमें सरकारी लॉ कॉलेजों में इंटीग्रेटेड पांच वर्षीय एलएल.बी. कोर्स में ट्रांसजेंडर श्रेणी के लिए आरक्षण की मांग की गई।यह कदम उस समय उठाया गया जब राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया कि ट्रांसजेंडर श्रेणी के लिए दो अतिरिक्त सीटें सृजित करने का उसका प्रस्ताव फिलहाल BCI की स्वीकृति के लिए लंबित है।याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट हैं। उसने विशेष रूप से सरकारी लॉ कॉलेज कोझिकोड को निर्देश देने की मांग...
हाईकोर्ट ने एडवोकेट्स एक्ट की धारा 58 के तहत BCI को एनरोलमेंट कराने का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट ने एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 58(1) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए लॉ ग्रेजुएट्स के एनरोलमेंट के हितों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया।जस्टिस एन. नागरेश ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया, जिसमें याचिकाकर्ता ने केरल राज्य बार काउंसिल से लॉ ग्रेजुएट्स का नामांकन कराने का निर्देश देने की मांग की थी।याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने जून, 2025 में केरल बार काउंसिल (प्रतिवादी नंबर 4) से एनरोलमेंट की अगली अधिसूचना के बारे में जानकारी मांगी थी लेकिन उसे बताया...
सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफ़ेसर अली खान महमूदाबाद को राहत दी, पुलिस के आरोपपत्र पर मजिस्ट्रेट को संज्ञान लेने से रोका
हरियाणा पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने अशोका यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस पढ़ाने वाले प्रोफ़ेसर अली खान महमूदाबाद के ख़िलाफ़ FIR में क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की। इसके साथ ही 'ऑपरेशन सिंदूर' पर उनके सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी एक अन्य प्राथमिकी में भी आरोपपत्र दाखिल किया।इस घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने वह FIR रद्द की, जिसमें क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसके साथ ही दूसरी FIR के संबंध में न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित कर...
जगह की कमी के चलते हाईकोर्ट बिल्डिंग शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर बार एसोसिएशन करेगा मतदान
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने घोषणा की कि वह यह तय करने के लिए मतदान करेगा कि हाईकोर्ट भवन को नए स्थान पर ट्रांसफर किया जाए या फिर नही किया जाए।यह फैसला उस समय आया है, जब हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बढ़ती भीड़ और जगह की कमी को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन को नए हाईकोर्ट भवन के लिए वैकल्पिक स्थान तलाशने का निर्देश दिया था।अदालत ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और चंडीगढ़ प्रशासन को संयुक्त बैठक करने के लिए कहा था, जिसकी अध्यक्षता एएसजी सत्य पाल जैन करेंगे।20 अगस्त को बार...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आंगनवाड़ी केंद्र में फेंके गए कचरे के कारण हुई बच्ची की मौत का स्वतः संज्ञान लिया
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें तालापारा स्थित आंगनवाड़ी परिसर में अवैध रूप से फेंके गए लोहे के पाइप से तीन साल की बच्ची की दुखद मौत का खुलासा किया गया था। बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई थी।इस पृष्ठभूमि में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने कहा,“जिला मजिस्ट्रेट, बिलासपुर को अगली सुनवाई तक इस न्यायालय के समक्ष एक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है, जिसमें उक्त घटना के संबंध में उठाए गए कदमों संबंधित अधिकारियों की...
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनावों के गलत विश्लेषण को लेकर CSDS के प्रोफ़ेसर संजय कुमार के खिलाफ दर्ज FIR पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 अगस्त) को महाराष्ट्र पुलिस द्वारा चुनाव विश्लेषक और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (CSDS) के सह-निदेशक प्रोफ़ेसर संजय कुमार के खिलाफ 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों का गलत विश्लेषण करने वाले ट्वीट को लेकर दर्ज FIR की कार्यवाही पर रोक लगा दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने कुमार द्वारा दायर FIR रद्द करने की मांग वाली रिट याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।17 अगस्त को कुमार ने अपने एक्स हैंडल...
जिला अस्पताल में महिला गार्ड के मरीज को इंजेक्शन लगाने की खबर पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जिला अस्पताल गरियाबंद में एक महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा स्टाफ नर्स के स्थान पर मरीज को इंजेक्शन लगाने की घटना पर मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा,"एक प्रशिक्षित नर्स के स्थान पर सुरक्षा गार्ड द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाया जाना न केवल मेडिकल आचार संहिता और पेशेवर मानकों का उल्लंघन है बल्कि यह जिला अस्पताल के संचालन निगरानी और जवाबदेही में भारी प्रणालीगत विफलता का...
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: असंवेदनशील चुटकुलों के लिए दिव्यांगजनों से माफ़ी मांगे कॉमेडियन
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत 5 कॉमेडियन से कहा कि वे दिव्यांगजनों (PwD) पर असंवेदनशील चुटकुले बनाने के लिए अपने YouTube पेज और अन्य सोशल मीडिया हैंडल पर माफ़ी मांगें।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ मेसर्स एसएमए क्योर फाउंडेशन (सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह द्वारा प्रतिनिधित्व) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में समय रैना, विपुन गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर द्वारा किए गए चुटकुलों को उजागर किया गया...
अप्रतिबंधित संगठन की बैठकों में शामिल होना UAPA के तहत अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसमें 'अल-हिंद' संगठन से कथित संबंधों के लिए सलीम खान नामक व्यक्ति को कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दी गई ज़मानत को चुनौती दी गई थी।अदालत ने यह देखते हुए कि 'अल-हिंद' UAPA के तहत प्रतिबंधित संगठन नहीं है। यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति इसके साथ बैठकें करता है तो UAPA के तहत कोई प्रथम दृष्टया अपराध नहीं बनता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने...
Maharashtra Slum Areas Act | भूमि स्वामी के अधिमान्य अधिकार को समाप्त किए बिना भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
मुंबई के कुर्ला में झुग्गी पुनर्वास के उद्देश्य से भूमि के टुकड़े के अधिग्रहण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि झुग्गी अधिनियम का अध्याय 1-A, राज्य, झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA), अधिभोगियों और अन्य हितधारकों के मुकाबले, भूमि के पुनर्विकास के लिए भूमि स्वामी को अधिमान्य अधिकार प्रदान करता है।न्यायालय ने कहा SRA अनिवार्य रूप से भूमि स्वामी को झुग्गी पुनर्वास योजना के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करते हुए नोटिस जारी करेगा और भूमि स्वामी को "उचित अवधि के भीतर" झुग्गी पुनर्वास (SR) योजना...
BREAKING| प्रक्रिया संबंधी सुरक्षा के उल्लंघन पर मौत की सज़ा को अनुच्छेद 32 के तहत चुनौती दी जा सकती है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने वसंत संपत दुपारे द्वारा दायर अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका स्वीकार की। दुपारे को चार साल की बच्ची के बलात्कार और हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और उन्होंने अपनी सजा को चुनौती दी थी।कोर्ट ने कहा,"रिट याचिका स्वीकार की जाती है। हमारा मानना है कि संविधान का अनुच्छेद 32 इस न्यायालय को मृत्युदंड से संबंधित मामलों में, जहां अभियुक्त को मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई, सजा सुनाने के चरण को फिर से खोलने का अधिकार देता है, बिना यह सुनिश्चित किए कि मनोज मामले में निर्धारित दिशानिर्देशों का...
भर्ती प्रक्रिया में वेबसाइट पर दिए गए निर्देश भी विज्ञापन का अभिन्न हिस्सा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की अपील खारिज की, जिसमें आयोग ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (APO) पद के लिए आवेदन करने वाले उन उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने से रोकने की मांग की थी, जिन्होंने आवेदन की अंतिम तिथि तक अपनी विधि (लॉ) की डिग्री पूरी नहीं की थी बल्कि परीक्षा में सम्मिलित हो रहे थे।जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने सिंगल बेंच वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।RPSC का तर्क था कि भर्ती...
सीट छोड़ने के लिए लगे 30 लाख रुपये के जुर्माने को चुनौती देने वाले मेडिकल स्टूडेंट को राहत, हाईकोर्ट ने मूल दस्तावेज़ जारी करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट को मूल दस्तावेज़ जारी करने की अनुमति दे दी है, जिसने उस मेडिकल कॉलेज द्वारा सीट छोड़ने के लिए 30 लाख रुपये जुर्माने के रूप में लगाए जाने को चुनौती दी, जहां उसे एमडी (फिजियोलॉजी) कोर्स में एडमिशन दिया गया था।यूनाइटेड किंगडम के लिवरपूल यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का प्रस्ताव मिलने के बाद स्टूडेंट ने कोर्स से हटने की मांग की थी लेकिन बांड की शर्त के कारण उसे अपने मूल दस्तावेज़ प्राप्त करने में बाधाओं का सामना करना पड़ा।स्टूडेंट...
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में जर्जर स्कूल भवनों के उपयोग पर रोक लगाई, स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया
एक कक्षा की छत और दीवार गिरने से 7 बच्चों की मौत से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जर्जर स्कूल भवनों/कमरों के उपयोग पर रोक लगाई और वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया।जुलाई, 2025 में न्यायालय ने राजस्थान के सरकारी स्कूल में हुई उस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से आवश्यक रिपोर्ट मांगी थी।22 अगस्त, 2025 को जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने वकीलों की सुनवाई और...
नैनीताल पंचायत चुनाव हिंसा पर हाईकोर्ट सख्त: मीडिया को कोर्ट रूम रिपोर्टिंग से रोका, बढ़ती बंदूक संस्कृति पर जताई चिंता
नैनीताल पंचायत चुनावों में हिंसा, अपहरण और फायरिंग की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मीडिया को कोर्ट रूम की कार्यवाही रिपोर्ट करने से रोक दिया। साथ ही राज्य में बढ़ती बंदूक संस्कृति पर गंभीर चिंता जताई।चीफ जस्टिस जी. नरेंदर और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग, बातचीत या इंटरैक्शन को बिना अनुमति प्रकाशित करना प्रतिबंधित है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मीडिया केवल अदालत द्वारा पारित आदेशों को ही प्रकाशित कर सकता है।कोर्ट ने कहा,“मीडिया और तीसरे...
पूर्व जजों ने सलवा जुडूम फैसले की गलत व्याख्या करने वाली अमित शाह की टिप्पणी की निंदा की
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व जजों के एक समूह ने सीनियर वकीलों के साथ मिलकर संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सलवा जुडूम मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2011 के फैसले की "गलत व्याख्या" करने की निंदा की गई। यह फैसला जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी ने लिखा था, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए INIDA ब्लॉक पार्टियों द्वारा समर्थित उम्मीदवार हैं।हस्ताक्षरकर्ताओं ने शाह की सार्वजनिक टिप्पणी को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि सलवा जुडूम फैसला, स्पष्ट...
कस्टडी के दौरान बच्चे के साथ भागी महिला का पता लगाने में भारत की कानूनी सहायता करने के लिए रूस बाध्य: सुप्रीम कोर्ट
अपने भारतीय पति के साथ हिरासत की लड़ाई लंबित होने के बावजूद अपने बच्चे के साथ देश छोड़कर भाग गई एक रूसी महिला के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि उसके द्वारा की गई संधि के अनुसार, रूस का भारत की आपराधिक जाँच में कानूनी सहायता करने का दायित्व है।न्यायालय ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह रूसी अधिकारियों से सहायता के लिए एक नया अनुरोध करे, हालांकि शुरुआत में वे मदद करने में विफल रहे थे।न्यायालय ने आदेश दिया,"संधि में निहित दायित्वों के अनुसार, हम विदेश मंत्रालय को रूसी संघ के...
Order XLI Rule 27 CPC | अपीलीय न्यायालयों को अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने से पहले दलीलों की जांच करनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि यदि अतिरिक्त साक्ष्य Order XLI Rule 27 CPC के अंतर्गत अपीलीय स्तर पर प्रस्तुत नहीं किए जा सकते तो वे दलीलों से असंगत हैं। न्यायालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अपीलीय न्यायालयों को ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करने से पहले दलीलों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि दलीलों से असंबंधित साक्ष्य किसी काम के नहीं होते, जिससे वे अस्वीकार्य हो जाते हैं।न्यायालय ने कहा,"हमारी राय में यह विचार करने से पहले कि क्या कोई पक्षकार Order XLI Rule 27(1) CPC के अंतर्गत अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने...
सड़क दुर्घटना मुआवज़ा कानून – कब और कैसे क्लेम करें?
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों का शिकार होते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित या उसके परिवार को इलाज, नुकसान या मृत्यु की स्थिति में मुआवज़ा (Compensation) पाने का अधिकार होता है। यह अधिकार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) के तहत दिया गया है।कब मिल सकता है मुआवज़ा?1. दुर्घटना में चोट लगने पर – इलाज, दवाइयों, आय का नुकसान आदि का खर्च।2. दुर्घटना से मृत्यु होने पर – मृतक के आश्रित (परिवारजन) मुआवज़ा पाने के हकदार हैं।3. स्थायी अपंगता (Permanent Disability) – अगर हादसे में...




















