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उच्च शिक्षित बेरोजगार पत्नी को भरण-पोषण का हक: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि कोई पत्नी अगर उच्च शिक्षित है लेकिन बेरोजगार है, तो उसे तब तक पति से भरण-पोषण पाने का अधिकार है जब तक वह खुद कमाई का कोई साधन नहीं ढूंढ लेती या कोई रोजगार नहीं पा जाती।जस्टिसी ना बंसल कृष्णा ने एक पति की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी को प्रति माह ₹1 लाख की एड-इंटरिम मेंटेनेंस (अंतरिम भरण-पोषण) देने के आदेश को चुनौती दी गई थी।पति, जो कि एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, ने तर्क दिया कि उसकी पत्नी बेहद योग्य और...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (21 जुलाई, 2025 से 25 जुलाई, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।स्टूडेंट्स के कल्याण के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा की, कहा- मानसिक स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग स्टूडेंट्स के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का अधिकार जीवन और...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (21 जुलाई, 2025 से 25 जुलाई, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।ट्रायल कोर्ट के जजों को ट्रांसफर के बाद आरक्षित मामलों में दो-तीन सप्ताह के भीतर आदेश सुनाना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी की निचली अदालतों के सभी न्यायाधीश अपने स्थानांतरण के बाद दो या तीन सप्ताह के भीतर आरक्षित मामलों में आदेश या निर्णय सुनाएंगे और...
बिहार में त्रुटिपूर्ण और जल्दबाजी में की गई SIR प्रक्रिया के कारण लगभग 40 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का खतरा: योगेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
चुनाव विश्लेषक और राजनेता योगेंद्र सिंह यादव ने सुप्रीम कोर्ट में प्रतिउत्तर दाखिल कर कहा कि बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगभग 40 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है।यादव के प्रतिउत्तर के अनुसार, वोटर लिस्ट अपेडट करने के लिए गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि से एक सप्ताह पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार के 7.9 करोड़ मतदाताओं में से केवल 94.68% मतदाताओं को ही शामिल किया था, जिसका अर्थ है कि 5.2% मतदाताओं ने अभी तक अपने प्रपत्र जमा नहीं किए।यादव ने SIR...
नकदी मामले में जांच रिपोर्ट के खिलाफ जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर 28 जुलाई को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट सोमवार (28 जुलाई) को जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर उस रिट याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने इन-हाउस इंक्वारी कमेटी की रिपोर्ट को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें आवास पर नकदी विवाद में दोषी ठहराया गया।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ 'XXX बनाम भारत संघ और अन्य' टाइटल वाले इस मामले की सुनवाई करेगी।गौरतलब है कि वर्तमान में मानसून सत्र के दौरान संसद में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया गया है।पिछले हफ्ते सीनियर वकीलों कपिल सिब्बल,...
ट्रायल कोर्ट के जजों को ट्रांसफर के बाद आरक्षित मामलों में दो-तीन सप्ताह के भीतर आदेश सुनाना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी की निचली अदालतों के सभी न्यायाधीश अपने स्थानांतरण के बाद दो या तीन सप्ताह के भीतर आरक्षित मामलों में आदेश या निर्णय सुनाएंगे और उन्हें बाद के न्यायाधीश के समक्ष पुनर्विचार के लिए सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा, "पीठासीन अधिकारी ऐसे सभी मामलों में पहले से तय तिथि पर या, अधिक से अधिक, स्थानांतरण की तिथि से 2-3 सप्ताह के भीतर, जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, और स्थानांतरण सूची में संलग्न टिप्पणियों के अनुसार...
जिला न्यायपालिका को 'पंगु' बनाने का कोई अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की सामूहिक छुट्टी को अवैध बताया, निर्देश जारी किए
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की अधीनस्थ अदालतों में कार्यरत कर्मचारियों की हड़ताल पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे अवैध और अनुचित बताते हुए उन्हें 25 जुलाई तक काम पर लौटने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि न्यायालय कर्मचारियों की कैडर संख्या में बदलाव के मुद्दे पर सरकार पहले से ही विचार कर रही है, लेकिन राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ ने उच्च न्यायालय के महापंजीयक के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे अनुशासनहीनता का गंभीर मामला बताया है।जस्टिस अशोक कुमार जैन ने...
'ज़मानत नियम है, जेल अपवाद': उड़ीसा हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में ईडी के उप निदेशक चिंतन रघुवंशी को ज़मानत दी
उड़ीसा हाईकोर्ट ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उप निदेशक चिंतन रघुवंशी को ज़मानत दे दी है। उन पर एक प्रवर्तन मामले में एक अभियुक्त (यहां शिकायतकर्ता) को राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। ज़मानत देते समय, जस्टिस गौरीशंकर सतपथी की पीठ ने इस तथ्य पर भी विचार किया कि याचिकाकर्ता ने अंतरिम ज़मानत पर रहते हुए अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया है, और इस तथ्य पर भी कि निकट भविष्य में मुक़दमा शुरू होने की संभावना कम है।"अभी जांच चल रही है, लेकिन...
क्या देश 'पुलिस राज' की ओर बढ़ रहा है? मद्रास हाईकोर्ट ने विधायक और एडीजीपी से जुड़े अपहरण मामले में धीमी गति से चल रही जांच की आलोचना की
मद्रास हाईकोर्ट ने कथित तौर पर विधायक 'पूवई' जगनमूर्ति और एडीजीपी एचएम जयराम से जुड़े एक अपहरण मामले में चल रही धीमी गति की जांच की आलोचना की है। न्यायमूर्ति जी जयचंद्रन ने टिप्पणी की कि यह कोई सामान्य मामला नहीं है जिसे पक्षों के बीच समझौते के आधार पर बंद किया जा सके, बल्कि यह अपराध करने के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का एक उत्कृष्ट मामला है।अदालत ने कहा कि यह घटना और उसके बाद की घटनाएं आम लोगों के जीवन और स्वतंत्रता के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा करेंगी और लोगों के मन में यह उचित आशंका पैदा...
झारखंड हाईकोर्ट ने BJP सांसद ढुल्लू महतो की संपत्ति की SIT जांच की मांग वाली PIL खारिज की
झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद से भाजपा सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और बेनामी संपत्ति के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने कहा कि याचिका विचारणीय नहीं है और कहा कि इसी तरह के आरोपों की पहले ही जांच की जा चुकी है और उन्हें वास्तविक जनहित का मामला न मानते हुए खारिज कर दिया गया है।अपने फैसले में, न्यायालय ने कहा, "अतः, इस न्यायालय का यह विचार है कि एक...
भारत में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए संस्थागत ढाँचा: वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 3
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, भारत के पर्यावरण कानूनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे विशेष रूप से हवा की गुणवत्ता में गिरावट की बढ़ती चिंता को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस अधिनियम के अध्याय II में इसका एक केंद्रीय पहलू, केंद्र और राज्य स्तर पर नियामक निकायों (Regulatory Bodies) की स्थापना और उन्हें शक्ति देना है।इन निकायों को, मुख्य रूप से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (State Pollution Control...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 24, 25, 26, 27: दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की समय-सीमा में विशेष प्रावधान
धारा 24. कई व्यक्तियों द्वारा अलग-अलग समय पर निष्पादित दस्तावेज़ (Documents executed by several persons at different times)यह धारा उस स्थिति को स्पष्ट करती है जहाँ एक ही दस्तावेज़ को कई लोग अलग-अलग समय पर निष्पादित (execute) करते हैं, यानी उस पर हस्ताक्षर करते हैं। ऐसे दस्तावेज़ को प्रत्येक व्यक्ति द्वारा निष्पादन की तारीख (date of each execution) से चार महीने (four months) के भीतर पंजीकरण (registration) और पुनः-पंजीकरण (re-registration) के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि...
क्या विवाह से जुड़े विवादों में झूठी FIR हाईकोर्ट रद्द कर सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने Apoorva Arora बनाम राज्य उत्तर प्रदेश मामले में एक अहम निर्णय दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि CrPC (Code of Criminal Procedure) की धारा 482 (Section 482) के तहत हाईकोर्ट के पास यह शक्ति है कि वह ऐसे criminal proceedings (आपराधिक कार्यवाही) को रद्द कर सके जो केवल बदले की भावना या प्रताड़ना के उद्देश्य से की गई हो।यह निर्णय खासतौर पर विवाह संबंधी झगड़ों (Matrimonial Disputes) में दायर की गई FIRs से संबंधित है, जिनमें अक्सर IPC (Indian Penal Code) की धारा 498A, 323, 504, और 506...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 3: प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों पर प्रतिबंध
हमने पहले देखा कि कैसे प्रतिस्पर्धा (Competition) हमारे बाजारों को स्वस्थ रखती है। लेकिन कभी-कभी, कुछ कंपनियाँ चुपचाप हाथ मिला लेती हैं और आपस में ऐसे समझौते कर लेती हैं जो इस Competition को खत्म कर देते हैं। ऐसे समझौतों से ग्राहकों को नुकसान होता है क्योंकि उन्हें कम विकल्प मिलते हैं और अक्सर अधिक कीमतें चुकानी पड़ती हैं। ऐसे अनुचित समझौतों को रोकने के लिए ही भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम (Competition Act), 2002 की धारा 3 (Section 3) बनाई गई है। यह धारा "प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौतों" पर प्रतिबंध...
Bihar SIR | मतदाताओं की जानकारी या सहमति के बिना BLO बड़े पैमाने पर गणना प्रपत्र अपलोड कर रहे हैं: ADR ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह में एक प्रतिउत्तर दायर किया। प्रतिउत्तर के अनुसार, ADR का दावा कि वोटिंग लिस्ट को अपडेट करने के लिए उपयोग किए जाने वाले मतदाताओं के गणना प्रपत्र, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) द्वारा मतदाताओं की सहमति के बिना बड़े पैमाने पर अपलोड किए जा रहे हैं।यह कहा गया कि जिन मतदाताओं ने सहायक दस्तावेजों के साथ गणना प्रपत्र जमा नहीं किए और जिनके नाम 1...
'बढ़ी हुई सज़ा का पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होना अनुच्छेद 20(1) का उल्लंघन': सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act मामले में सज़ा में संशोधन किया
सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामले में निचली अदालत द्वारा पूर्वव्यापी प्रभाव से सुनाई गई आजीवन कारावास की सज़ा रद्द कर दी, जहां दोषी को 5 साल की नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार का दोषी ठहराया गया था।सज़ा बरकरार रखते हुए न्यायालय ने सज़ा को केवल POCSO Act की धारा 6 के अनुसार आजीवन कारावास में बदल दिया, जिसे 2019 में संशोधित किया गया था।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली...
'रक्षक ही शिकारी बन गया': कोर्ट ने दत्तक माता की हत्या के दोषी को मृत्युदंड सुनाया, रामचरितमानस और कुरान का हवाला देते हुए संतानोचित कर्तव्य बताया
श्योपुर की जिला एवं सेशन कोर्ट ने बुधवार (23 जुलाई) को आर्थिक लालच में अपनी माँ की नृशंस हत्या के जुर्म में व्यक्ति को मृत्युदंड सुनाया। सजा सुनाते हुए अदालत ने रामचरितमानस, गुरु ग्रंथ साहिब, कुरान और बाइबिल की आयतों का हवाला देते हुए माता-पिता और बच्चे के रिश्ते की नैतिक और नैतिक पवित्रता पर ज़ोर दिया।अदालत ने कहा कि सभी प्रमुख धर्मग्रंथ सार्वभौमिक रूप से माता-पिता के प्रति सम्मान, देखभाल और आज्ञाकारिता के मूल्यों का समर्थन करते हैं, जिन सिद्धांतों का दत्तक पुत्र ने गंभीर रूप से उल्लंघन किया...
2020 Delhi Riots: अदालत ने भड़काऊ भाषण देने और भड़काऊ नारे लगाने के आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया
दिल्ली कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान भड़काऊ भाषण देने, भड़काऊ नारे लगाने, सांप्रदायिक हिंसा और आगजनी में शामिल होने के आरोपी विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।कड़कड़डूमा अदालत की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट इसरा जैदी ने पाया कि रहीस अहमद नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज की गई शिकायत में संज्ञेय अपराधों का खुलासा हुआ और पुलिस संबंधित समय पर उचित कार्रवाई करने में विफल रही।अदालत ने कहा कि अहमद की शिकायत को आज़ाद सिंह नामक व्यक्ति की शिकायत...
वकीलों को अदालत की कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए, व्यवधान नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुवक्किल की ज़मानत खारिज होने के बाद हंगामा करने वाले वकील को फटकार लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक वकील के आचरण की कड़ी निंदा की, जिसने अपने मुवक्किल की दूसरी ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद अदालत कक्ष में हंगामा किया और कार्यवाही में बाधा डाली।जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने न्यायालय में वकीलों की दोहरी ज़िम्मेदारियों पर ज़ोर दियाअदालत कक्ष में एक सम्मानजनक और अनुकूल माहौल बनाए रखना और साथ ही अपने मुवक्किलों के हितों का पूरी लगन से प्रतिनिधित्व करना।न्यायालय ने आगे कहा कि वकीलों को अदालत की कार्यवाही में व्यवधान डालने के बजाय उसकी सहायता करनी चाहिए...
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के विमान अपहरणकर्ता को समयपूर्व रिहाई से इनकार के खिलाफ याचिका में राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 में इंडियन एयरलाइंस के विमान के अपहरण के दोषी एक व्यक्ति को समयपूर्व रिहाई से इनकार करने के अधिकारियों के फैसले के खिलाफ उसकी याचिका में राहत प्रदान की है।जस्टिस संजीव नरूला ने सजा समीक्षा बोर्ड (SRB) के फैसले को खारिज कर दिया और मामले को नए सिरे से विचार के लिए वापस भेज दिया, यह देखते हुए कि जेल में दोषी के आचरण से सुधार के संकेत मिलते हैं।दोषी हरि सिंह को अपहरण विरोधी अधिनियम 1982 की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 353, 365 और 506(II) के तहत अपराधों के लिए...




















