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ज्यूडिशियल सर्विस के लिए 3 साल की प्रैक्टिस के नियम के खिलाफ रिव्यू पिटीशन पर ओपन कोर्ट में होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाज़त
ज्यूडिशियल सर्विस के लिए 3 साल की प्रैक्टिस के नियम के खिलाफ रिव्यू पिटीशन पर ओपन कोर्ट में होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाज़त

सुप्रीम कोर्ट ने ज्यूडिशियल सर्विस में एंट्री-लेवल पोस्ट के लिए बार में कम-से-कम तीन साल की प्रैक्टिस ज़रूरी करने वाले अपने फैसले को चुनौती देने वाली रिव्यू पिटीशन की ओपन कोर्ट में सुनवाई की इजाज़त दी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने 10 फरवरी को यह ऑर्डर पास किया, जिसमें रिव्यू पिटीशन की ओपन कोर्ट में सुनवाई की इजाज़त दी गई।आमतौर पर, सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन पर बिना किसी मौखिक बहस के चैंबर में फैसला किया जाता है। रिव्यू...

सोनम वांगचुक को सिर्फ़ फ़ोल्डर्स के थंबनेल दिखाए गए, वीडियो देखने का मौका ही नहीं मिला: सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
सोनम वांगचुक को सिर्फ़ फ़ोल्डर्स के थंबनेल दिखाए गए, वीडियो देखने का मौका ही नहीं मिला: सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में बताया

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सिर्फ़ उन फ़ोल्डर्स के थंबनेल दिखाए गए, जिनमें वह मटीरियल था जिसके आधार पर उनकी हिरासत है।याद रहे कि केंद्र सरकार ने कहा था कि वांगचुक कोर्ट से झूठ बोल रहे हैं कि उन्हें वह मटीरियल नहीं दिया गया, जिसके आधार पर हिरासत है, खासकर चार वीडियो जिनमें उनके कथित भड़काऊ भाषण हैं। बताया गया कि DIG वांगचुक से मिलने गए थे और उन्हें हिरासत के ऑर्डर का कंटेंट और हिरासत में लेने वाली अथॉरिटी द्वारा भरोसा किया गया...

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बार काउंसिल चुनाव से रोकने का कोई औचित्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने BCI से नियम पर फिर से विचार करने को कहा
'बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बार काउंसिल चुनाव से रोकने का कोई औचित्य नहीं' : सुप्रीम कोर्ट ने BCI से नियम पर फिर से विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को अपने उस नियम पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया, जो बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को स्टेट बार काउंसिल के चुनाव लड़ने से रोकता है।इस निर्देश के साथ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के बार काउंसिल, 2016 के चुनाव के लिए यूनिफॉर्म रूल्स (और अनिवार्य गाइडलाइंस) के चैप्टर III को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका का निपटारा किया।इस प्रावधान में कहा गया कि...

हाईकोर्ट ने सस्पेंड किए गए मदरसों को ग्रांट-इन-एड चुनिंदा तरीके से जारी रखने का आरोप लगाने वाली याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने सस्पेंड किए गए मदरसों को ग्रांट-इन-एड चुनिंदा तरीके से जारी रखने का आरोप लगाने वाली याचिका पर यूपी सरकार से जवाब मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने उत्तर प्रदेश सरकार से पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) पर जवाब मांगा, जिसमें आरोप लगाया गया कि मदरसों की मान्यता सस्पेंड होने के बावजूद उन्हें ग्रांट-इन-एड जारी रखने के लिए कोई एक जैसी राज्य पॉलिसी नहीं है।सोशल वर्कर अज़ाज अहमद ने एडवोकेट अशोक पांडे और विंदेश्वरी पांडे के ज़रिए यह PIL दायर की, जिसमें दावा किया गया कि कुछ मान्यता प्राप्त सस्पेंड किए गए संस्थानों को ग्रांट-इन-एड दिया जाता है, लेकिन दूसरों को नहीं दिया जा रहा है।बुधवार को, एडवोकेट पांडे ने कहा कि...

रोड एक्सीडेंट क्रॉस-FIR में वकील के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती कार्रवाई न की जाए: झारखंड हाईकोर्ट का आदेश
रोड एक्सीडेंट क्रॉस-FIR में वकील के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती कार्रवाई न की जाए: झारखंड हाईकोर्ट का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने रांची में रोड एक्सीडेंट की घटना से जुड़ी क्रॉस-FIR में आरोपी वकील मनोज टंडन को अंतरिम सुरक्षा दी है और मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि एक ही घटना से जुड़े दोनों क्रॉस-केस की जांच एक ही जांच अधिकारी से करानी चाहिए।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की सिंगल जज बेंच वकील द्वारा दायर मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकील ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के अलग-अलग नियमों के तहत दर्ज डोरंडा P.S. केस नंबर 51 और 52/2026 के संबंध में पुलिस द्वारा परेशान...

अर्नेश कुमार गाइडलाइंस का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में दोनों राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और DGP को नोटिस जारी किया
अर्नेश कुमार गाइडलाइंस का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका में दोनों राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और DGP को नोटिस जारी किया

अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का लगातार पालन न करने पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण आदेश में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कंटेम्प्ट की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,“02.07.2014 के फैसले की कॉपी सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस और सभी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आगे...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित जगह पर नमाज़ पढ़ने के आरोपी स्टूडेंट्स के खिलाफ क्रिमिनल केस रद्द किया, चेतावनी जारी की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित जगह पर नमाज़ पढ़ने के आरोपी स्टूडेंट्स के खिलाफ क्रिमिनल केस रद्द किया, चेतावनी जारी की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दो स्टूडेंट्स के खिलाफ पूरी क्रिमिनल कार्रवाई रद्द की, जिन्हें लोकल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा उस मकसद के लिए तय की गई जगह पर नमाज़ पढ़ने के लिए फंसाया गया।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की बेंच ने स्टूडेंट्स को भविष्य में लोकल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा जारी किए गए निर्देशों और खास रोक का पालन करने की भी चेतावनी दी।संक्षेप में मामलादोनों एप्लीकेंट्स पर IPC की धारा 143 और 188 के तहत कथित अपराध करने के लिए एक FIR दर्ज की गई। संत कबीर नगर कोर्ट ने अपराध का संज्ञान लिया और मई 2019 में...

हिंसा भड़काए बिना सरकार या पॉलिसी की आलोचना करने पर UAPA नहीं लग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में बताया गया
हिंसा भड़काए बिना सरकार या पॉलिसी की आलोचना करने पर UAPA नहीं लग सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में बताया गया

सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि हिंसा को बढ़ावा दिए या भड़काए बिना सरकार या उसके पॉलिसी फैसलों की आलोचना करने पर अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट, 1967 (UAPA) नहीं लग सकता।सीनियर वकील ने फाउंडेशन ऑफ़ मीडिया प्रोफेशनल्स की ओर से चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच के सामने यह बात कही।फाउंडेशन ने UAPA के तहत अलग-अलग प्रोविज़न की कॉन्स्टिट्यूशनल वैलिडिटी को चुनौती दी, जिसमें कहा गया कि यह कानून एंटी-टेरर कानून के रूप में एक पॉलिटिकल...

अपराधी दया को अधिकार के तौर पर नहीं मांग सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य द्वारा सज़ा में बदलाव के बाद कांस्टेबल की बहाली की अर्ज़ी खारिज की
'अपराधी दया को अधिकार के तौर पर नहीं मांग सकता': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य द्वारा सज़ा में बदलाव के बाद कांस्टेबल की बहाली की अर्ज़ी खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल की कंपलसरी रिटायरमेंट के खिलाफ अर्ज़ी यह कहते हुए खारिज की कि एक बार जब राज्य ने दया याचिका में उसकी बर्खास्तगी को कंपलसरी रिटायरमेंट में बदलकर नरमी दिखाई तो उसके पास आगे ज्यूडिशियल रिव्यू की मांग करने का कोई लागू करने लायक अधिकार नहीं है।जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कहा,"दया कानूनी अधिकारों का विषय नहीं है। यह वहीं से शुरू होती है, जहां कानूनी अधिकार खत्म होते हैं। एक अपराधी व्यक्ति को दया के अधिकार के इस्तेमाल के संबंध में होम सेक्रेटरी द्वारा अपने...

माता-पिता की देखभाल को लेकर भाइयों के बीच अचानक हुई लड़ाई, जिससे मौत हुई, मर्डर नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा घटाकर 14 साल की
माता-पिता की देखभाल को लेकर भाइयों के बीच अचानक हुई लड़ाई, जिससे मौत हुई, मर्डर नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा घटाकर 14 साल की

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दो भाइयों की सज़ा को मर्डर से गैर-इरादतन हत्या में यह कहते हुए बदल दिया कि बूढ़े माता-पिता के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी को लेकर अचानक हुए पारिवारिक झगड़े से हुआ जानलेवा हमला पहले से सोचा-समझा नहीं था। इसलिए इसमें IPC की धारा 302 नहीं लगती।जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की एक डिवीजन बेंच ने नादिया में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सज़ा के खिलाफ ऐमुद्दीन शेख और एक अन्य की अपील को कुछ हद तक मंज़ूरी दी।प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, अपील करने वाले और पीड़ित भाई-बहन...

CAPF भर्ती में मेडिकल बोर्ड की राय आखिरी, कोर्ट गलत इरादे या प्रोसेस में कमी के अलावा अपील नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
CAPF भर्ती में मेडिकल बोर्ड की राय आखिरी, कोर्ट गलत इरादे या प्रोसेस में कमी के अलावा अपील नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPFs) की भर्ती के मामलों में कोर्ट के दखल की सीमित गुंजाइश पर ज़ोर देते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि रिव्यू मेडिकल बोर्ड का फैसला आखिरी है और प्रोसेस में गलती या गलत इरादे जैसी खास स्थितियों को छोड़कर कोर्ट द्वारा आगे रिव्यू या दोबारा जांच नहीं की जा सकती।कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि CAPFs की भर्ती को कंट्रोल करने वाला कानूनी ढांचा दूसरी मेडिकल जांच के बाद दी गई मेडिकल राय को आखिरी दर्जा देता है। कोर्ट को ऐसे एक्सपर्ट फैसलों को बदलने में धीमा...

द केरल स्टोरी 2 फिल्म को मिले सर्टिफिकेशन को हाईकोर्ट में चुनौती, नोटिस जारी
'द केरल स्टोरी 2' फिल्म को मिले सर्टिफिकेशन को हाईकोर्ट में चुनौती, नोटिस जारी

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार (19 फरवरी) को 'केरल स्टोरी 2 गोज़ बियॉन्ड' नाम की हिंदी फीचर फिल्म के प्रोड्यूसर्स को रिट याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें फिल्म को मिले सर्टिफिकेशन को चुनौती दी गई।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने नोटिस जारी किया।याचिका के अनुसार, शिकायत फिल्म के टीज़र और ट्रेलर को लेकर है, जिसमें कथित तौर पर कई राज्यों की महिलाओं को रिश्तों में फंसाकर और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। कई राज्यों में कहानी होने के बावजूद, फिल्म का नाम “द केरल स्टोरी 2 गोज़ बियॉन्ड” है, जिसके बारे...

केस पेपरबुक से रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश दिए, कहा — यह एक प्रवृत्ति बनती जा रही है
केस पेपरबुक से रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश दिए, कहा — यह एक 'प्रवृत्ति' बनती जा रही है

सुप्रीम कोर्ट ने आज केस पेपरबुक से रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स (ROP) / आदेश पत्र (Order Sheets) के गायब होने के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताते हुए अपने महासचिव (Secretary General) को तथ्यात्मक जांच (fact-finding inquiry) करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण आदेशों का रिकॉर्ड से गायब होना चिंताजनक है और यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि पेपरबुक से महत्वपूर्ण ROPs का गायब होना अब...

अदालत से छेड़छाड़ की कोशिश पर कानून अपना रास्ता अपनाएगा: SC आदेश पर सवाल उठाने वाले राजस्थान विधायक पर CJI की चेतावनी
अदालत से छेड़छाड़ की कोशिश पर कानून अपना रास्ता अपनाएगा: SC आदेश पर सवाल उठाने वाले राजस्थान विधायक पर CJI की चेतावनी

चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने गुरुवार को राजस्थान विधानसभा में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट की पत्नी को दी गई अंतरिम जमानत के आदेश की आलोचना किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। CJI ने चेतावनी दी कि यदि कोई अदालत के काम में हस्तक्षेप करने या उसे प्रभावित करने की कोशिश करेगा, तो “कानून अपना रास्ता खुद तय करेगा।”चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ विक्रम भट्ट और श्वेताम्बरी भट्ट की धोखाधड़ी मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ द्वारा जमानत आदेश सुनाए जाने...

राज्यपालों के लिए समयसीमा तय हो, वन नेशन, वन लैंग्वेज नीति छोड़ी जाए: कुरियन जोसेफ समिति ने सुझाए संघीय सुधार
राज्यपालों के लिए समयसीमा तय हो, 'वन नेशन, वन लैंग्वेज' नीति छोड़ी जाए: कुरियन जोसेफ समिति ने सुझाए संघीय सुधार

तमिलनाडु सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने संघ–राज्य संबंधों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। रिपोर्ट में राज्यों की स्वायत्तता में लगातार हो रहे क्षरण को रोकने के लिए व्यापक संवैधानिक और संस्थागत सुधारों का प्रस्ताव किया गया है। समिति का गठन अप्रैल 2025 में राज्य स्वायत्तता से जुड़े सिद्धांतों का अध्ययन करने के लिए किया गया था। समिति में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी एम. अशोक वर्धन शेट्टी और पूर्व योजना आयोग उपाध्यक्ष प्रो. एम. नागनाथन भी सदस्य थे। जस्टिस...

I-PAC छापे के दौरान ममता बनर्जी केवल TMC की गोपनीय फाइलें ही ले गईं, यह नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट में ED
I-PAC छापे के दौरान ममता बनर्जी केवल TMC की गोपनीय फाइलें ही ले गईं, यह नहीं कहा जा सकता : सुप्रीम कोर्ट में ED

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) कार्यालय में छापे के दौरान पश्चिम बंगाल प्रशासन के हस्तक्षेप के खिलाफ दायर याचिका में एक प्रत्युत्तर हलफनामा (rejoinder affidavit) दाखिल किया है। इसमें राज्य सरकार के उस दावे का कड़ा विरोध किया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तलाशी स्थल से सामग्री ED की सहमति से ली थी।ED ने कहा कि जब सामग्री तलाशी स्थल से ले जाई गई, तब यह तय करना संभव नहीं रहा कि वह केवल तृणमूल कांग्रेस से संबंधित गोपनीय दस्तावेज थे या जांच से जुड़े आपत्तिजनक सबूत...

पालन की तिथि निर्धारित न हो तो अनिवार्य निषेधाज्ञा के क्रियान्वयन की सीमा अवधि डिक्री की तारीख से 3 वर्ष: सुप्रीम कोर्ट
पालन की तिथि निर्धारित न हो तो अनिवार्य निषेधाज्ञा के क्रियान्वयन की सीमा अवधि डिक्री की तारीख से 3 वर्ष: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि अनिवार्य निषेधाज्ञा (mandatory injunction) संबंधी डिक्री में कार्य निष्पादन के लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई हो, तो उसके क्रियान्वयन के लिए सीमा अवधि डिक्री की तारीख से तीन वर्ष होगी।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें प्रथम अपीलीय न्यायालय ने 06.01.2005 को याचिकाकर्ताओं के पक्ष में अनिवार्य निषेधाज्ञा की डिक्री पारित की थी, लेकिन उसमें आदेश के पालन की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई थी।याचिकाकर्ताओं ने 12.08.2010...

सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत भरण-पोषण न्यायाधिकरण बच्चों को बेदखल करने का आदेश नहीं दे सकता: कलकत्ता हाइकोर्ट
सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत भरण-पोषण न्यायाधिकरण बच्चों को बेदखल करने का आदेश नहीं दे सकता: कलकत्ता हाइकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत गठित भरण-पोषण न्यायाधिकरण को धारा 4 और 5 की कार्यवाही में बच्चों को संपत्ति से बेदखल करने का अधिकार नहीं है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायाधिकरण की शक्तियां केवल मासिक भरण-पोषण तय करने तक सीमित हैं, उन्हें परिसर खाली कराने तक विस्तारित नहीं किया जा सकता।जस्टिस कृष्णा राव ने उप-मंडल पदाधिकारी (जो भरण-पोषण न्यायाधिकरण के रूप में कार्य कर रहे थे) द्वारा पारित आदेशों में आंशिक...

जेल में बंद आरोपी पर भी लगाया जा सकता है रासुका, यदि रिहाई पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका हो: इलाहाबाद हाइकोर्ट
जेल में बंद आरोपी पर भी लगाया जा सकता है रासुका, यदि रिहाई पर सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका हो: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि यदि सक्षम प्राधिकारी को यह संतोष हो कि जेल में बंद आरोपी के जमानत पर रिहा होने की वास्तविक संभावना है और रिहाई के बाद वह सार्वजनिक व्यवस्था के प्रतिकूल गतिविधियों में संलग्न हो सकता है तो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत निरोधात्मक आदेश पारित किया जा सकता है।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस बबीता रानी की खंडपीठ ने सुनील कुमार गुप्ता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।याचिका में उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका)...