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पेट दर्द की दवा से मां को शराबी नहीं कहा जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बच्चे की अभिरक्षा मां को सौंपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पेट दर्द के इलाज से जुड़ी मेडिकल पर्चियों के आधार पर किसी महिला को शराब की आदी या मानसिक रूप से अस्वस्थ नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसे आधार पर मां को उसके बच्चे की अभिरक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप जैन ने यह टिप्पणी करते हुए नाबालिग बच्चे की अभिरक्षा मां को सौंप दी। अदालत ने कहा कि पांच वर्ष तक की आयु के बच्चे की प्राकृतिक संरक्षक मां होती है।मामला उस याचिका से जुड़ा था जिसमें मां ने आरोप लगाया था कि बच्चे के पिता ने जबरन बच्चे को उससे अलग कर...
अदालत में तीखी बहस अवमानना नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बैठे हुए जज के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रैक्टिस कर रहे वकील द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें हाईकोर्ट के वर्तमान जज जस्टिस सरल श्रीवास्तव के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई।जस्टिस सलील कुमार राय और जस्टिस देवेंद्र सिंह-प्रथम की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि किसी गलत आदेश या अदालत में वकील और जज के बीच हुई तीखी बहस को आपराधिक अवमानना का आधार नहीं बनाया जा सकता।मामले में वकील अरुण मिश्रा ने दावा किया था कि नवंबर, 2025 में उन्होंने एक मामले की सुनवाई से जस्टिस सरल श्रीवास्तव से स्वयं को अलग...
व्यक्तिगत स्वतंत्रता दिखावे की चीज नहीं, वास्तविक अधिकार है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को दी जमानत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसे आरोपी को जमानत दी, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसकी सजा रद्द किए जाने के बावजूद 15 वर्षों से अधिक समय तक जेल में बंद रहा।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व पर जोर देते हुए कहा,“स्वतंत्रता कोई दिखावटी चीज नहीं है, यह वास्तविक अधिकार है।” अदालत ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रभावी सजा मौजूद नहीं है, तब उसे लगातार जेल में रखना उचित नहीं ठहराया जा सकता।मामला वर्ष 2006 में दर्ज एक हत्या के मुकदमे से जुड़ा है,...
भोजशाला विवाद: 1935 में नमाज की अनुमति देने का अधिकार धार रियासत को था: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हस्तक्षेपकर्ता की दलील; फैसला सुरक्षित
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ता ने दलील दी कि वर्ष 1935 में धार रियासत सक्षम प्राधिकारी थी, इसलिए मुस्लिम समुदाय को नमाज की अनुमति देने वाली व्यवस्था वैध मानी जानी चाहिए।यह दलील केंद्र सरकार के उस तर्क के जवाब में दी गई, जिसमें कहा गया कि धार रियासत द्वारा 1935 में जारी अधिसूचना, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय...
अश्लील कंटेंट फैलाने वाले ऐप्स पर सख्ती करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल और एप्पल को दिया निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल LLC और एप्पल इंक को निर्देश दिया कि उनके प्ले-स्टोर पर उपलब्ध मोबाइल ऐप्स के जरिए अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को तुरंत रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि मध्यस्थ मंचों की जिम्मेदारी केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें ऐप्स को अपलोड की अनुमति देते समय भी पूरी सतर्कता बरतनी होगी।अदालत ने यह आदेश रुबिका थापा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में...
धार्मिक स्वतंत्रता की व्याख्या सुधारवादी आवाज़ों को खामोश न करे : सुप्रीम कोर्ट में दलील
सबरीमला मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के सामने धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और संविधान की व्याख्या को लेकर महत्वपूर्ण बहस हुई। डॉ. जी मोहन गोपाल ने कोर्ट से कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक व्याख्या ऐसी नहीं होनी चाहिए, जो धर्मों के भीतर से उठने वाली सुधारवादी आवाज़ों को “खामोश” कर दे।Sree Narayana Manava Dharmam Trust की ओर से हस्तक्षेपकर्ता के रूप में पेश हुए डॉ. गोपाल ने कहा कि यह मामला केवल मौलिक अधिकारों और धार्मिक संप्रदायों के...
भारत में लेन ड्राइविंग का कोई कॉन्सेप्ट नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान देश में लेन ड्राइविंग की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत में “लेन ड्राइविंग जैसी कोई अवधारणा ही नहीं है” और सड़क हादसों की बड़ी वजह यही है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच सड़क सुरक्षा से जुड़े मामले S Rajaseekaran v. Union of India की सुनवाई कर रही थी, जिसमें कोर्ट समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहा है।सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने कहा, “इस देश में यह कैसे...
सुप्रीम कोर्ट ने TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति को फ्लोर टेस्ट में वोटिंग की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें श्रीनिवास सेतुपति को तमिलनाडु विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में मतदान करने से रोका गया था। इसके साथ ही कोर्ट ने डीएमके उम्मीदवार के.आर. पेरियाकरुप्पन द्वारा दायर याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही पर भी रोक लगा दी।जस्टिस विक्रम नाथ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने टीवीके विधायक सेतुपति की याचिका पर सुनवाई की। सेतुपति ने मद्रास हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें आज होने...
Article 19(1)(a) के तहत बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मातृभाषा में शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार बताते हुए राजस्थान सरकार को बड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को एक विषय के रूप में शुरू करने और बच्चों को राजस्थानी में शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में यह अधिकार भी शामिल है कि बच्चा ऐसी भाषा में शिक्षा प्राप्त करे जिसे वह समझ सके...
कृषि आय पर कर लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट बोला- पूरी तरह गलत धारणा पर आधारित
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में कृषि आय पर कर लगाने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने याचिका को पूरी तरह गलत धारणा पर आधारित बताया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत दिल्ली सरकार को कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकती।अदालत ने स्पष्ट कहा,“हम सरकार को कानून बनाने के लिए बाध्य करने वाला आदेश जारी नहीं कर सकते।” यह जनहित याचिका आकाश गोयल नामक व्यक्ति ने दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि दिल्ली में कृषि आय को...
इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिल्ली के वकीलों की जज नियुक्ति पर बार एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हाईकोर्ट में दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की जज के रूप में नियुक्ति पर आपत्ति जताई।बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में वकालत करने वाले कई वकीलों को इलाहाबाद हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि पहले भी ऐसी नियुक्तियां हुई हैं लेकिन भविष्य में इस प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए।पत्र में कहा गया कि जब दिल्ली के वकीलों के नाम जज नियुक्ति के लिए सुझाए जाते...
तमिलनाडु CM विजय के ज्योतिषी को OSD बनाने पर हाईकोर्ट में याचिका
तमिलनाडु की राजनीति में अब ज्योतिषी की एंट्री पर कानूनी संग्राम छिड़ गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय द्वारा ज्योतिषी रिकी रतन पंडित वेट्रिवेल को “ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD)” नियुक्त किए जाने के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया है।बुधवार (13 मई) को वकील कृष्णमूर्ति ने अवकाशकालीन बेंच के सामने मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए कहा कि यह नियुक्ति “कानून और संविधान की तय प्रक्रिया को दरकिनार कर” की गई है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि न कोई आधिकारिक विज्ञापन जारी हुआ, न आवेदन मांगे गए और...
अपनी ACR मांगने का कर्मचारी को अधिकार, निजता का हवाला देकर जानकारी नहीं रोक सकता राज्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सूचना का अधिकार कानून के तहत अपनी वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) की प्रतियां मांग सकता है और राज्य सरकार निजता का हवाला देकर ऐसी जानकारी देने से इनकार नहीं कर सकती।जस्टिस दीपक खोत की पीठ ने कहा कि जब किसी कर्मचारी के पास जानकारी प्राप्त करने का कोई अन्य प्रभावी उपाय नहीं बचता, तब वह RTI कानून के तहत आवेदन करने के लिए बाध्य होता है। ऐसे मामलों में केवल इस आधार पर आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता कि सार्वजनिक हित और निजता के बीच संतुलन को लेकर अलग...
बच्चे कहां खेलेंगे: राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के इकलौते मैदान में पानी की टंकी निर्माण पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने गायक कैट स्टीवंस के मशहूर गीत की पंक्ति “वेयर डू द चिल्ड्रेन प्ले?” का उल्लेख करते हुए हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे के इकलौते खेल मैदान में ओवरहेड पानी की टंकी के निर्माण पर रोक लगाई।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने टंकी निर्माण के लिए किसी वैकल्पिक स्थान की तलाश करने का गंभीर प्रयास नहीं किया।अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि सक्षम अधिकारी शपथपत्र दाखिल कर बताए कि क्या वास्तव में खेल मैदान ही इस परियोजना...
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, FAIMA ने NTA को हटाने और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में कथित पेपर लीक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। Federation of All India Medical Association (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी National Testing Agency (NTA) की कार्यप्रणाली को “सिस्टमेटिक फेल्योर” बताते हुए NEET-UG 2026 दोबारा कराने और NTA के पुनर्गठन या प्रतिस्थापन की मांग की है।एडवोकेट तन्वी दुबे के जरिए दाखिल याचिका में कहा गया है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता गंभीर रूप से...
'स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में नैतिकता को अपराध से अलग रखना होगा': दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को ज़मानत देते हुए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में आरोपी जिम ट्रेनर को ज़मानत दी। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए ज़मानत दी कि "व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े सवालों पर फ़ैसला करते समय नैतिकता को अपराध से अलग रखना होगा।"जस्टिस गिरीश कथपालिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 351(2), 64(2)(m) और 79 के तहत आने वाले अपराधों के संबंध में नियमित ज़मानत याचिका मंज़ूर करते हुए यह टिप्पणी की।अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी जिम ट्रेनर के तौर पर काम करता था, उसकी मुलाक़ात पीड़िता से तब हुई जब वह उसके जिम आने लगी।...
अगर CrPC की धारा 313 के तहत पूछताछ के दौरान आरोपी को DNA रिपोर्ट नहीं दिखाई गई तो उसे दोषी ठहराने के लिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता: उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर FSL/DNA रिपोर्ट के निष्कर्षों को CrPC की धारा 313 के तहत आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके सामने नहीं रखा गया तो किसी को दोषी ठहराने के लिए उस रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को सफाई देने के लिए जो भी सबूत नहीं दिखाए गए, उन्हें उसके खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस रविंद्र मैठानी और जस्टिस सिद्धार्थ साह की डिवीज़न बेंच देहरादून के स्पेशल जज (POCSO) के फैसले के खिलाफ दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी। इस फैसले में अपीलकर्ता...
पति की भावनाएं आहत होने के डर से पत्नी का करियर बनाना क्रूरता नहीं कहा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
शादी के भीतर लैंगिक समानता पर एक कड़े फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पत्नी के अपने पेशेवर सपनों को पूरा करने की कोशिश को वैवाहिक क्रूरता करार देना - सिर्फ इसलिए कि इससे उसके पति या ससुराल वालों की भावनाएं आहत हो सकती हैं - एक बहुत ही पिछड़ी सोच को दिखाता है, जो आज के संवैधानिक मूल्यों के साथ मेल नहीं खाती।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,"पत्नी के अपने करियर के लक्ष्यों को पाने की कोशिश को क्रूरता का काम बताना - सिर्फ इसलिए कि इससे पति या ससुराल वालों की...
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से यूपी में लंबित आपराधिक मामलों और विचाराधीन कैदियों के बारे में डेटा मांगा
यह देखते हुए कि अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई का अधिकार "अमूर्त या काल्पनिक सुरक्षा" बनकर नहीं रह सकता, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट से आपराधिक मामलों के लंबित होने, विचाराधीन कैदियों की हिरासत, ज़मानत याचिकाओं और उत्तर प्रदेश की ज़िला न्यायपालिका में खाली पदों के बारे में विस्तृत डेटा मांगा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने ये निर्देश तब दिए, जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक पूर्व पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ 35 साल से लंबित आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर...
S.167 B(2) IT Act | 'एसोसिएशन ऑफ़ पर्सन्स' के सदस्य को मुनाफ़े की परवाह किए बिना दिया गया तय हिस्सा, टैक्स के दायरे में आएगा: सुप्रीम कोर्ट
टैक्स क़ानून पर एक अहम फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (12 मई) को कहा कि 'एसोसिएशन ऑफ़ पर्सन्स' (AOP) से कुल कमाई का एक तय हिस्सा पाने वाला सदस्य, अगर बिज़नेस के ख़र्च या नुक़सान नहीं उठाता है तो वह इस कमाई को "मुनाफ़े का हिस्सा" बताकर इनकम टैक्स से छूट का दावा नहीं कर सकता।यह बताना ज़रूरी है कि 'एसोसिएशन ऑफ़ पर्सन्स' (AOP) या 'बॉडी ऑफ़ इंडिविजुअल्स' (BOI) के सदस्यों पर टैक्स, इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 167B (2) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 86 के तहत तय होता है। इन प्रावधानों को एक साथ...



















