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इंग्लैंड की अदालतों ने देश छोड़ने पर रोक लगाई, भारत लौटने की तारीख नहीं बता सकता: विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा
इंग्लैंड की अदालतों ने देश छोड़ने पर रोक लगाई, भारत लौटने की तारीख नहीं बता सकता: विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा

उद्योगपति विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा कि इंग्लैंड की अदालतों के आदेशों के कारण वह वहां की न्यायिक सीमा से बाहर नहीं जा सकते, इसलिए वह यह स्पष्ट रूप से नहीं बता सकते कि भारत कब लौटेंगे।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इससे पहले 22 दिसंबर, 2025 को अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक माल्या भारत वापस नहीं आते तब तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी। पिछले सप्ताह अदालत ने उन्हें एक...

NDMC अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति पर शीघ्र निर्णय लें: दिल्ली हाइकोर्ट का केंद्र को निर्देश
NDMC अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति पर शीघ्र निर्णय लें: दिल्ली हाइकोर्ट का केंद्र को निर्देश

दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद अधिनियम 1994 की धारा 253 के तहत गठित अपीलीय अधिकरण में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी करने पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। अदालत ने कहा कि यह निर्णय यथाशीघ्र अधिमानतः चार सप्ताह के भीतर लिया जाए।यह निर्देश चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने दिया। खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसे शिवमणि यादव ने दायर किया।याचिका में कहा गया कि संबंधित अपीलीय अधिकरण पिछले वर्ष नवंबर...

आयु में छूट लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित पदों का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाइकोर्ट
आयु में छूट लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित पदों का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट का लाभ लेने वाले पूर्व सैनिक अनारक्षित (यूआर) पदों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते, भले ही उनके अंक अनारक्षित श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों से अधिक क्यों न हों।यह निर्णय जस्टिस संजीव नरूला ने पारित किया।उक्त मामला एयर ऑथोरिटी द्वारा उत्तरी क्षेत्र में गैर-कार्यकारी संवर्ग की भर्ती से संबंधित था। याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक थे, जिन्होंने दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों की सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती...

लापता लोगों की तलाश में आधार जानकारी तक पहुंच में दिक्कत: झारखंड हाइकोर्ट ने गृह मंत्रालय से मांगे सुझाव
लापता लोगों की तलाश में आधार जानकारी तक पहुंच में दिक्कत: झारखंड हाइकोर्ट ने गृह मंत्रालय से मांगे सुझाव

झारखंड हाइकोर्ट ने लापता व्यक्तियों की तलाश के मामलों में जांच एजेंसियों को आधार संबंधी जानकारी प्राप्त करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।अदालत ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से उपयुक्त व्यवस्था विकसित करने के लिए सुझाव मांगे हैं।यह टिप्पणी जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका एक मां की ओर से दायर की गई, जिसकी बेटी पिछले पांच वर्षों से लापता है।सुनवाई के दौरान अदालत को...

क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी ने DV Act और भरण-पोषण मामला कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की
क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी ने DV Act और भरण-पोषण मामला कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की

सुप्रीम कोर्ट ने आज भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिनमें घरेलू हिंसा अधिनियम और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत दायर मामलों को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।हसीन जहां ने बताया कि उनकी शादी 7 अप्रैल 2014 को इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार मोहम्मद शमी से हुई थी और 17 जुलाई 2015 को उनकी एक बेटी का जन्म हुआ। वर्ष 2018 में उन्होंने घरेलू...

व्हाट्सऐप पर गिरफ्तारी की सूचना, बिना सेवा के प्रमाण पर्याप्त नहीं: हाइकोर्ट ने दी जमानत
व्हाट्सऐप पर गिरफ्तारी की सूचना, बिना सेवा के प्रमाण पर्याप्त नहीं: हाइकोर्ट ने दी जमानत

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को केवल व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज देना और उसकी वास्तविक सेवा का कोई प्रमाण न होना, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 48 का समुचित पालन नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी और आरोपी जमानत का हकदार होगा।यह आदेश जस्टिस संजीव कुमार शर्मा ने जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामला मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 20(बी)(2)(सी)/29 के तहत दर्ज किया गया था।अभियोजन के...

कोल्डरिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत मामला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉक्टर व फार्मासिस्टों की जमानत याचिका खारिज की
'कोल्डरिफ' कफ सिरप से बच्चों की मौत मामला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉक्टर व फार्मासिस्टों की जमानत याचिका खारिज की

मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने मंगलवार (17 फरवरी) को डॉ. प्रवीण सोनी और अन्य फार्मासिस्टों की जमानत याचिकाएं खारिज की। इन पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को 'कोल्डरिफ' नामक कफ सिरप लिखकर और बेचकर 30 से अधिक बच्चों की मौत का कारण बने।जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की पीठ ने कहा कि आवेदक एक बाल रोग विशेषज्ञ हैं और उन्हें 1998 में दिल्ली में डीईजी से दूषित कफ सिरप के कारण 33 बच्चों की मौत की घटना की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने उक्त सिरप लिखना जारी रखा।अदालत के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप 4-5 वर्ष से कम आयु...

दिल्ली महिला आयोग में खाली जगहों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का जवाब मांगा
दिल्ली महिला आयोग में खाली जगहों को भरने के लिए उठाए गए कदमों पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार का जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली महिला आयोग (DCW) के चेयरपर्सन और दूसरे स्टाफ मेंबर्स के खाली पदों को भरने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार का जवाब मांगा।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि खाली जगहों को न भरने और आयोग के लिए पर्याप्त स्टाफ न देने का कोई कारण नहीं हो सकता।कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से पूछा कि खाली जगहों को भरने के लिए अधिकारियों ने क्या कदम उठाए।इसने वकील से यह भी पूछा कि आयोग बंद न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए गए।कोर्ट ने कहा,“यह सब क्या...

मोदी ज़हरीले सांप टिप्पणी पर मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग, कोर्ट ने जारी किया नोटिस
'मोदी ज़हरीले सांप' टिप्पणी पर मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग, कोर्ट ने जारी किया नोटिस

दिल्ली कोर्ट ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर दायर याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कथित घृणास्पद भाषण और मानहानि के आरोप में आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई।राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने एडवोकेट रविंदर गुप्ता द्वारा दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता ने मजिस्ट्रेट अदालत के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें शिकायत पर संज्ञान लेने से...

MACT मुआवज़े पर विचार करते समय मृतक के वारिसों को मिलने वाली फ़ैमिली पेंशन का कोई असर नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
MACT मुआवज़े पर विचार करते समय मृतक के वारिसों को मिलने वाली फ़ैमिली पेंशन का कोई असर नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 (MV Act) के तहत मुआवज़े की गणना करते समय दावेदार को मिल रही पेंशन और मोटर व्हीकल दुर्घटना में मृतक के कानूनी वारिसों को मिल रही फ़ैमिली पेंशन पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।सेबेस्टियानी लाकड़ा और अन्य बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और अन्य और हनुमंतराजू बी. एलआर बनाम एम. अकरम पाशा और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का ज़िक्र करते हुए जस्टिस संदीप जैन ने कहा,“सुप्रीम कोर्ट के ऊपर दिए गए फ़ैसलों से यह साफ़ है कि दावेदार को दी जाने वाली पेंशन...

दिल्ली दंगों की साज़िश का मामला: सुप्रीम कोर्ट खालिद सैफी की ज़मानत याचिका पर करेगा सुनवाई, सह-आरोपी को मिली ज़मानत की बराबरी का दावा किया खारिज
दिल्ली दंगों की साज़िश का मामला: सुप्रीम कोर्ट खालिद सैफी की ज़मानत याचिका पर करेगा सुनवाई, सह-आरोपी को मिली ज़मानत की बराबरी का दावा किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के सदस्य खालिद सैफी की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में 2020 के दिल्ली दंगों में एक बड़ी साज़िश के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा ज़मानत न दिए जाने को चुनौती दी गई, जिसमें इंडियन पैनल कोड (IPC) और UAPA के तहत आरोप शामिल रहैं।हालांकि, जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि सैफी सुप्रीम कोर्ट के जनवरी के फैसले के साथ बराबरी का दावा नहीं कर सकते, जिसमें पांच सह-आरोपियों को ज़मानत दी गई।सैफी ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2...

Interest Act | अगर कॉन्ट्रैक्ट में पेमेंट में रुकावट है तो देरी से पेमेंट पर ब्याज का दावा नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
Interest Act | अगर कॉन्ट्रैक्ट में पेमेंट में रुकावट है तो देरी से पेमेंट पर ब्याज का दावा नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कॉन्ट्रैक्ट में देरी से पेमेंट पर ब्याज देने का नियम नहीं होता है तो कोई पार्टी इसका हकदार नहीं है।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने केरल हाईकोर्ट का फैसला खारिज किया, जिसमें रेस्पोंडेंट के पक्ष में देरी से पेमेंट पर ब्याज देने के फैसले को बरकरार रखा गया।यह मामला अप्रैल, 2013 में केरल वाटर अथॉरिटी और रेस्पोंडेंट-कॉन्ट्रैक्टर के बीच गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कालीकट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए हुए कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। काम जुलाई 2014...

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुमशुदा लोगों के मामलों में ऑम्निबस राहत की मांग वाली PIL खारिज की, कहा- पुलिसिंग पुलिस पर छोड़ देनी चाहिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुमशुदा लोगों के मामलों में 'ऑम्निबस' राहत की मांग वाली PIL खारिज की, कहा- पुलिसिंग पुलिस पर छोड़ देनी चाहिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका खारिज की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी से लोगों के लापता होने के हालिया मुद्दे पर “ऑम्निबस” प्रार्थना की मांग की गई।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता- आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट को फटकार लगाते हुए कहा कि PIL में इस मुद्दे पर कोई खास उदाहरण या डिटेल्स नहीं हैं।जब ट्रस्ट की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर हैं तो बेंच ने टिप्पणी की:“इसलिए मामले को गंभीरता से लें। सिर्फ इसलिए कि आपको लगता है कि किसी मुद्दे को एक...

छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के शव कब्र से निकालकर गांव से बाहर पुनः दफनाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के शव कब्र से निकालकर गांव से बाहर पुनः दफनाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट ने आज छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के मृतकों के शवों को जबरन कब्र से निकालकर गांव से बाहर स्थानांतरित किए जाने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि “इस बीच दफनाए गए शवों को आगे नहीं निकाला जाएगा।” याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट कॉलिन गोंसाल्विस ने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन शवों को हटाने की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जिसके बाद अदालत ने यह अंतरिम...

भाई-भतीजावाद लोकतंत्र के लिए घातक: हरियाणा अधिकारियों को दिए गए डीलक्स फ्लैटों का आवंटन सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया
भाई-भतीजावाद लोकतंत्र के लिए घातक: हरियाणा अधिकारियों को दिए गए डीलक्स फ्लैटों का आवंटन सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से जुड़ी एक हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट आवंटन में भाई-भतीजावाद (नेपोटिज़्म) पाए जाने पर आवंटन रद्द कर दिया। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी के सदस्यों ने अपने पद का दुरुपयोग कर स्वयं और अपने अधीनस्थों को लाभ पहुंचाया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिसमें आवंटन प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार किया गया था।मामला HUDA,...

अरुणाचल सीएम के रिश्तेदारों को ₹1270 करोड़ के ठेके देने का आरोप; जांच याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
अरुणाचल सीएम के रिश्तेदारों को ₹1270 करोड़ के ठेके देने का आरोप; जांच याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके दिए जाने के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने एडवोकेट प्रशांत भूषण की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा।याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि राज्य के कई सरकारी ठेके मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी कंपनियों को दिए गए। भूषण ने अदालत...

नाबालिग के स्तन पकड़ना, पायजामे की डोरी खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं—हाईकोर्ट का फैसला गलत : सुप्रीम कोर्ट
नाबालिग के स्तन पकड़ना, पायजामे की डोरी खोलना दुष्कर्म का प्रयास नहीं—हाईकोर्ट का फैसला गलत : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ने और उसके पायजामे की डोरी खोलने की कोशिश करना दुष्कर्म का प्रयास नहीं, बल्कि केवल “तैयारी” (preparation) है। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की तीन-जजों की खंडपीठ ने माना कि हाईकोर्ट ने आपराधिक कानून के स्थापित सिद्धांतों का स्पष्ट रूप से गलत अनुप्रयोग किया। अदालत ने विशेष न्यायाधीश (POCSO), कासगंज द्वारा जारी मूल समन आदेश बहाल कर दिया,...

शादीशुदा दंपति और नाबालिग बच्चे के हित में कार्यवाही समाप्त: गौहाटी हाइकोर्ट ने बाल विवाह और POCSO मामला किया रद्द
शादीशुदा दंपति और नाबालिग बच्चे के हित में कार्यवाही समाप्त: गौहाटी हाइकोर्ट ने बाल विवाह और POCSO मामला किया रद्द

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह निषेध अधिनियम और POCSO Act के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की।अदालत ने कहा कि जब दोनों पक्ष विवाह कर चुके हैं, साथ रह रहे हैं और उनका एक नाबालिग बच्चा भी है, तो मुकदमे को जारी रखना निरर्थक होगा।जस्टिस प्रांजल दास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 528 के तहत अपने विशेष अधिकार का प्रयोग करते हुए यह आदेश पारित किया।उन्होंने कहा,“वर्तमान मामले के तथ्यों से जो वस्तुस्थिति सामने आई, उसे अनदेखा नहीं किया जा...