ताज़ा खबरे
[POCSO Act] वैलेंटाइन डे पर लड़की का लड़के से दोस्ताना होना, ज़बरदस्ती सेक्स का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत दर्ज मामले में आरोपी को रेगुलर ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि वैलेंटाइन डे पर किसी लड़की का किसी लड़के से दोस्ताना होना, उसके साथ ज़बरदस्ती यौन संबंध बनाने का लाइसेंस नहीं है।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा कि लड़की की सहमति से भी उसके सिर पर सिंदूर लगाना सही नहीं ठहराया जा सकता, भले ही कानून में इसे कोई अपराध न माना गया हो।कोर्ट ने कहा,"सिर्फ़ इसलिए कि कोई लड़की किसी लड़के से दोस्ताना है और वह दिन वैलेंटाइन डे है, इसका मतलब यह नहीं है कि लड़के को...
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ब्लैकमेलिंग 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी: सीजेआई सूर्यकांत
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के उस बयान से सहमति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म “ब्लैकमेलर” की तरह काम करते हैं। सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की ब्लैकमेलिंग “डिजिटल अरेस्ट” जैसी है।यह टिप्पणी उस समय की गई जब चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पुलिस द्वारा आरोपियों की तस्वीरें आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर पोस्ट करने की प्रथा को विनियमित करने की...
सुप्रीम कोर्ट में BCI ने किया खुलासा, कहा- लीगल पेशे में आने लगे हैं अपराधी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने आज सुप्रीम कोर्ट में कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग अब विधि पेशे में प्रवेश कर रहे हैं। वह मद्रास हाईकोर्ट के 2017 के उस फैसले का बचाव कर रही थी, जिसमें गंभीर अपराधों से जुड़े लंबित मामलों वाले कानून स्नातकों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था।हालांकि, न्यायालय ने इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी कर दिया। यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ के समक्ष आया।सुनवाई के दौरान, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के वकील ने कहा, “माई...
दुर्घटना में 5 माह या उससे अधिक के अजन्मे बच्चे की मृत्यु पर भी रेलवे मुआवजा देने का जिम्मेदार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया कि माँ के गर्भ में पाँच महीने या उससे अधिक आयु का अजन्मा बच्चा (भ्रूण) एक जीवित बच्चे के समान माना जाएगा और ऐसे भ्रूण की आकस्मिक मृत्यु के लिए रेलवे अलग से मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा, जो माँ की मृत्यु के लिए दिए गए मुआवजे से पृथक होगा।जस्टिस प्रशांत कुमार की पीठ ने लखनऊ स्थित रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार करते हुए भ्रूण की मृत्यु के लिए दावेदार को अतिरिक्त ₹8,00,000/- का मुआवजा प्रदान किया।यह उल्लेखनीय है कि ट्रिब्यूनल...
वकील का आरोप- पुलिस ने भागे हुए जोड़े को हिरासत में लिया, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने आज ऑनर किलिंग के डर से सुरक्षा मांग रहे एक भागे हुए जोड़े के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। पीठ ने पक्षकारों से कहा कि वे पहले अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट का रुख करें।खंडपीठ ने उन्हें आज ही हाईकोर्ट जाने के लिए कहा।एडवोकेट हरविंदर चौधरी ने चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ के समक्ष इस याचिका का उल्लेख किया।उन्होंने बताया कि उन्होंने इस जोड़े को सुप्रीम कोर्ट की पार्किंग में देखा। उन्होंने कहा कि यह जोड़ा कुछ रील्स देखने...
'ब्राह्मोफोबिया' और ब्राह्मणों के खिलाफ हेट स्पीच पर रोक की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस रिट याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ कथित “ब्राह्मोफोबिया” को जाति-आधारित भेदभाव के रूप में दंडनीय अपराध घोषित करने की मांग की गई थी।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता महालिंगम बालाजी (जो स्वयं पेश हुए) की संक्षिप्त सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी। बाद में याचिकाकर्ता ने मामले का उल्लेख कर याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, ताकि वह उपयुक्त मंच पर जा सकें। अंततः कोर्ट ने उनकी यह प्रार्थना...
हाईकोर्ट बेबुनियाद या परेशान करने वाली आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए FIR/शिकायत से आगे भी देख सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 'कहानी-2' फ़िल्म के प्रोड्यूसर सुजॉय घोष के ख़िलाफ़ कॉपीराइट उल्लंघन का मामला रद्द करते हुए यह टिप्पणी की कि आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए CrPC की धारा 482 या संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते समय हाईकोर्ट को अपनी जांच को केवल मामले के मौजूदा चरण तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि बेबुनियाद कार्यवाही रद्द करने के लिए समग्र परिस्थितियों और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर भी विचार करना चाहिए।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने...
'आप किसी नौकरानी से शादी नहीं कर रहे हैं, पति को भी खाना बनाने में मदद करनी चाहिए': सुप्रीम कोर्ट ने पति से कहा
एक वैवाहिक मामले में, जहां पति क्रूरता के आधार पर तलाक़ की मांग कर रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पत्नी द्वारा घर के काम (जैसे खाना बनाना आदि) ठीक से न करने जैसे आरोप क्रूरता नहीं माने जा सकते।कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि अब समय बदल गया और पति को भी ऐसे कामों में मदद करनी चाहिए।जस्टिस संदीप मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा, "आप किसी नौकरानी से शादी नहीं कर रहे हैं, आप एक जीवनसाथी से शादी कर रहे हैं।" जस्टिस विक्रम नाथ ने आगे कहा,"आपको भी खाना बनाने, कपड़े धोने आदि कामों में मदद...
चंबल अभयारण्य | सुप्रीम कोर्ट अवैध रेत खनन से वन्यजीवों के विनाश के लिए अधिकारियों को परोक्ष रूप से ज़िम्मेदार ठहराएगा
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों के अधिकारियों को नेशनल चंबल अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों के आवासों के विनाश के लिए परोक्ष रूप से ज़िम्मेदार ठहराने का इरादा ज़ाहिर किया। यह विनाश अवैध रेत खनन को रोकने में उनकी "लापरवाही और निष्क्रियता" के कारण हुआ।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच नेशनल चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और घड़ियालों सहित लुप्तप्राय जलीय वन्यजीवों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) के आधार पर लिए गए मामले की सुनवाई कर रही...
वन्यजीव निगरानी और आदिवासियों की निजता: सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से मंत्रालय से संपर्क करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि देश भर के जंगलों और टाइगर रिज़र्व इलाकों में लगाए गए कैमरा ट्रैप और ड्रोन जैसी निगरानी तकनीकें, बिना किसी सूचना या सहमति के आदिवासी समुदायों की पहचान योग्य तस्वीरें ले रही हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को सक्षम अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने की अनुमति दी।यह याचिका कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने...
कॉर्पोरेट देनदार के खिलाफ बचाव के तौर पर 'सेट-ऑफ' का दावा किया जा सकता है, भले ही समाधान योजना भविष्य के निपटारों पर रोक लगाती हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि हालांकि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 के तहत स्वीकृत समाधान योजना में शामिल न किए गए दावे समाप्त हो जाते हैं, फिर भी मध्यस्थता की कार्यवाही में बचाव के तौर पर 'सेट-ऑफ' (दावों की आपसी भरपाई) का सीमित दावा किया जा सकता है, बशर्ते इससे कोई सकारात्मक वसूली न हो।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के खिलाफ उजास एनर्जी लिमिटेड द्वारा दायर अपील आंशिक रूप से स्वीकार की। इसके साथ ही खंडपीठ ने...
कर्ज़ चुकाने के लिए कर्ज़दार को फ़ोन करना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्ज़दार को अपना पैसा वापस करने के लिए फ़ोन करना, किसी कर्ज़ देने वाले पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चलाने का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने एक कर्ज़ देने वाले के ख़िलाफ़ आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC की धारा 306) का मामला रद्द करते हुए कहा,"अगर कोई कर्ज़ देने वाला अपना पैसा वापस पाने के लिए कर्ज़दार को फ़ोन करता है तो यह एक क़ानूनी काम है। इसलिए सिर्फ़ इस आधार पर कर्ज़ देने वाले पर केस नहीं चलाया जा सकता।"इस मामले में कर्ज़ देने वाले...
सर्जरी का वैकल्पिक होना हिरासत में इलाज से मना करने का आधार नहीं: दिल्ली कोर्ट ने ताहिर हुसैन की सर्जरी 15 दिन में कराने का आदेश दिया
दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन की इनगुइनल हर्निया की सर्जरी 15 दिनों के भीतर हो जाए, और उसे अस्पताल के साथ-साथ जेल में भी सर्जरी के बाद की उचित देखभाल (Post-Operative Care) मुहैया कराई जाए।कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज परवीन सिंह ने हुसैन द्वारा दायर अंतरिम जमानत याचिका का निपटारा किया। यह याचिका उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान दर्ज FIR 65/2020 के संबंध में दायर की गई थी।मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, जैसा कि...
'लोगों को हमारे फ़ैसलों की आलोचना करने का अधिकार': झुग्गी-झोपड़ियों पर फ़ैसलों से जुड़े पुराने NCERT चैप्टर के ख़िलाफ़ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में NCERT की कक्षा 8 की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब से फ़ैसलों के ख़िलाफ़ की गई टिप्पणी को हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि किसी फ़ैसले के बारे में अपना नज़रिया ज़ाहिर करना ग़लत नहीं है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में कक्षा 8 की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब में लिखी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई कि "हाल के फ़ैसले...
चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून पर चुनौती की सुनवाई CJI या भावी CJI रहित पीठ करेगी: सुप्रीम कोर्ट
भारत के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने आज मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित Election Commissioners (Appointment, Conditions of Service and Term of Office) Act, 2023 को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई से स्वयं को अलग (recuse) कर लिया।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ ने संकेत दिया कि यह मामला अब ऐसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा, जिसमें कोई भी न्यायाधीश भविष्य में मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में न हो।सुनवाई के दौरान...
हाईकोर्ट ने 'मोहम्मद' दीपक के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार, सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से भी रोका
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 'मोहम्मद' दीपक कुमार और अन्य लोगों को 26 जनवरी की कोटद्वार घटना और उससे जुड़े मामलों के बारे में सोशल मीडिया पर कोई भी बयान देने या वीडियो पोस्ट करने से रोक दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से मामले की चल रही जांच प्रभावित हो सकती है।बता दें, 26 जनवरी को दीपक का बजरंग दल के सदस्यों से आमना-सामना हुआ था। आरोप है कि ये सदस्य एक मुस्लिम दुकानदार द्वारा अपनी दुकान के नाम में 'बाबा' शब्द का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जता रहे थे। इस घटना का एक वीडियो ऑनलाइन वायरल हो गया था।इस घटना के...
धारा 41A CrPC के नोटिस का पालन होने पर सामान्यतः गिरफ्तारी नहीं: पुलिस कांस्टेबल भर्ती घोटाले में आरोपी को अग्रिम जमानत—मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित धांधली मामले में एक आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान की है। आरोपी पर अभ्यर्थियों और प्रतिरूप (इम्पर्सोनेटर) व्यक्तियों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभाकर अवैध चयन में सहायता करने का आरोप था।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने कहा कि धारा 41A CrPC (अब BNSS की धारा 35(3)) के तहत जारी नोटिस का पालन करने पर सामान्यतः गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जांच में सहयोग करता है, तो उसे गिरफ्तार करना...
RJS सिविल जज 2024 प्रारंभिक परीक्षा की आंसर की को चुनौती देने वाली याचिका खारिज: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) परीक्षा 2024 की आंसर की को रद्द कर संशोधित परिणाम जारी करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि शैक्षणिक मूल्यांकन या प्रतियोगी परीक्षा में सही उत्तर निर्धारित करने के मामलों में न्यायालय, विशेषज्ञ समिति के निर्णय पर अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य नहीं कर सकता।जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस सुनील बेनीवाल की खंडपीठ ने कहा कि विशेषज्ञ समिति संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों से बनी होती है और उसकी शैक्षणिक राय को उचित सम्मान दिया जाना...
सीएम सिद्धारमैया के इशारे पर धमकियां मिलने का आरोप लगाने वाली महिला की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'कोर्ट में कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं'
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया। महिला ने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इशारे पर उसे धमकियां मिल रही हैं, ताकि उसकी संपत्ति पर कब्ज़ा किया जा सके।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले को वापस लिया गया मानकर खारिज किया। साथ ही याचिकाकर्ता को कर्नाटक हाईकोर्ट जाने का विकल्प खुला रखा। जब याचिकाकर्ता ने राज्य में प्रवेश करने पर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया तो जस्टिस मेहता ने बताया कि...
UK हत्या मामले में वांछित व्यक्ति के प्रत्यर्पण पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक, चाकू मारने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने पंजाब के एक व्यक्ति को हत्या के मामले में यूनाइटेड किंगडम प्रत्यर्पित (extradite) करने की सिफारिश करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है कि आरोपी ने ही चाकू से वार किया था और यह “महत्वपूर्ण कड़ी” केवल अनुमान और अटकलों पर आधारित है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कंवरजीत सिंह बठ की याचिका स्वीकार करते हुए 2019 में एसीएमएम द्वारा दी गई उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें उसे हत्या के मुकदमे का सामना करने के लिए यूके भेजने की...

![[POCSO Act] वैलेंटाइन डे पर लड़की का लड़के से दोस्ताना होना, ज़बरदस्ती सेक्स का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट [POCSO Act] वैलेंटाइन डे पर लड़की का लड़के से दोस्ताना होना, ज़बरदस्ती सेक्स का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2025/11/14/500x300_630971-pocso.jpg)


















