ताज़ा खबरे

SC/ST Act मामले में यूट्यूबर अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज
दिल्ली कोर्ट ने सोमवार को SC/ST (अत्याचार निवारण) Act के तहत दर्ज मामले में यूट्यूबर अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ललेर ने भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की।भारती की ओर से पेश वकील जय अनंत देहादराई ने कहा कि पुलिस ने एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि वे केवल कुछ इलेक्ट्रॉनिक डेटा इकट्ठा करना चाहते हैं।उन्होंने भारती का बचाव करते हुए यह भी कहा कि यूट्यूबर किसी भी तरह के जातिगत भेदभाव के पक्ष में नहीं...

जंतर-मंतर प्रदर्शन में मारपीट का मामला: दिल्ली कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया। यह मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान Cockroach Janta Party (CJP) के एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है।पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज सौरभ प्रताप सिंह ललर ने यह आदेश तब पारित किया, जब भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद अदालत के समक्ष पेश किया गया।इससे पहले शनिवार को अदालत ने उन्हें एक दिन की...

CJP प्रोटेस्ट के दौरान कथित तौर पर मानहानि वाली खबर दिखाने पर सुधीर चौधरी पर हुआ दर्ज
20 साल के एक्टिविस्ट और UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने पत्रकार सुधीर चौधरी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का केस दायर किया।यह केस चौधरी के उस ब्रॉडकास्ट को लेकर है जो 27 जुलाई को डी डी न्यूज़ पर उनके डेली प्राइम-टाइम शो डिकोड में दिखाया गया था।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने विजय शेरावत की ओर से दायर अंतरिम रोक की अर्जी पर नोटिस जारी किया और चौधरी व न्यूज़ चैनल से जवाब मांगा।शेरावत के वकील ने कोर्ट को बताया कि यह केस गलत पहचान बताने और वादी की मानहानि के लिए दायर किया गया। इस केस में...

दो साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में मौत की सजा उम्रकैद में बदली, एमपी हाईकोर्ट ने कहा- मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर नहीं
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दो साल की बच्ची से गंभीर यौन हमला और हत्या के दोषी व्यक्ति की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने उसे कम से कम 25 वर्ष की वास्तविक उम्रकैद की सजा दी है, जिसमें कोई छूट नहीं मिलेगी।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की बेंच ने कहा कि मानव जीवन ईश्वर का अनमोल उपहार है और किसी व्यक्ति का जीवन आसानी से नहीं छीना जाना चाहिए। अदालत ने आरोपी की उम्र, उसका कोई...

जाति साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज न होने भर से SC-ST को संवैधानिक लाभ से वंचित नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) का सदस्य अपनी जातीय पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर पाया केवल इस आधार पर उसे संविधान के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। इसके लिए राज्य को उसके दावे के विपरीत ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य पेश करना होगा।डॉ. जस्टिस ए.के. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस प्रीता ए.के. की डिवीजन बेंच ने कहा कि केरल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सामुदायिक प्रमाणपत्र जारी करने के विनियमन अधिनियम 1996 के तहत जाति दावों की जांच...

पिछड़ा वर्ग आयोग निजी कारोबारी विवाद में वसूली का आदेश नहीं दे सकता, सिफारिश का नाम देने से अधिकार क्षेत्र नहीं बदलता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग दो निजी पक्षकारों के बीच कारोबारी विवाद का फैसला नहीं कर सकता और न ही एक निजी पक्ष से तय रकम की वसूली कर दूसरे निजी पक्ष को भुगतान करने का निर्देश दे सकता है। अदालत ने कहा कि किसी आदेश को महज 'सिफारिश' कह देने से उसका वास्तविक स्वरूप नहीं बदल जाता।चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच एक इंट्रा-कोर्ट अपील पर सुनवाई कर रही थी। अपील एकल पीठ के 17 जून 2026 के आदेश के खिलाफ दायर की गई, जिसके जरिए छत्तीसगढ़...

X से पत्रकार की कौन-सी जानकारी मांग रही UP Police? सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में Twitter) से किस तरह की जानकारी मांगी गई है और वह जानकारी किस FIR की जांच के लिए आवश्यक है।यह मामला उपाध्याय के खिलाफ दर्ज एक रोड-रेज FIR से जुड़ा है। उन्होंने गाजियाबाद पुलिस की FIR को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसी मामले में उन्होंने हाल ही में UP Police द्वारा 'X' को भेजे गए नोटिस को भी चुनौती दी थी, जिसमें...

13,681 पेड़ों की बलि देकर बाईपास नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने रोका सड़क निर्माण
झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा शहर को NH-99 (न्यू NH-22) और NH-100 (न्यू NH-522) से जोड़ने वाली प्रस्तावित बाईपास सड़क के निर्माण पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि मौजूदा एलाइनमेंट (प्रस्तावित मार्ग) के तहत 13,681 पूर्ण विकसित पेड़ों (Full-Grown Trees) को काटना पड़ेगा।जस्टिस आनंद सेन की एकल पीठ (Single Bench) मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिका में सड़क का एलाइनमेंट बदलकर वैकल्पिक मार्ग (Alternative Route) अपनाने की मांग की गई थी, ताकि बड़ी संख्या में पेड़ों को बचाया जा...

कृषि भूमि की सीमा का विवाद Advocate Commissioner के नक्शे से तय नहीं कर सकता सिविल कोर्ट: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि जब किसी मुकदमे में असली विवाद दो सटी हुई कृषि जमीनों की सीमा (Boundary) तय करने का हो, तो सिविल कोर्ट केवल Advocate Commissioner की रिपोर्ट या नक्शे के आधार पर उस सीमा का निर्धारण नहीं कर सकता।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा कि U.P. Revenue Code, 2006 की धारा 24 में कृषि भूमि की सर्वे और सीमांकन (Survey & Demarcation) के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था है। इसलिए ऐसी सीमा का निर्धारण सक्षम राजस्व प्राधिकरण (Revenue Authority) द्वारा निर्धारित...

चीन जाने की अनुमति के लिए वीवो अधिकारी को दूतावास से वापसी की गारंटी लाने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने दिया एक महीने का समय
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वीवो मोबाइल कम्युनिकेशंस के अधिकारी गुआंगवेन कुआंग को अपने 82 वर्षीय बीमार पिता से मिलने चीन जाने की अनुमति के मामले में चीनी दूतावास से भारत लौटकर मुकदमे का सामना करने की गारंटी लेने के लिए एक महीने का समय दिया। कुआंग के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन चल रहा है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। कुआंग की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल कंपनी के कर्मचारी हैं।इस पर जस्टिस संजय कुमार ने कहा कि अदालत यात्रा की अनुमति...

बस बहुत हो गया: हाईकोर्ट ने दी अभिषेक बनर्जी को अंतरिम राहत, आगे FIR के लिए कोर्ट की अनुमति 'जरूरी' करने पर होगा विचार
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगातार दर्ज हो रही आपराधिक शिकायतों पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। अदालत ने सोमवार को कहा कि अब बहुत हो गया और संकेत दिया कि यदि उनके खिलाफ इसी तरह शिकायतें और FIR दर्ज होती रहीं तो भविष्य में नई FIR दर्ज करने से पहले अदालत की अनुमति लेना अनिवार्य किया जा सकता है।जस्टिस ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह 4 मई से इस मामले को सुन रहे हैं और अब सुबेंदु अधिकारी के मामले में समकक्ष पीठ द्वारा दिए गए आदेश के आधार पर आदेश पारित...

UGC इक्विटी नियमों के खिलाफ 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति पर दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हाल में अधिसूचित उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले नियमों के खिलाफ 20 सितंबर को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाले नए आवेदन पर फैसला किया जाए।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत को संशोधित तारीख के साथ दिल्ली पुलिस के समक्ष नया आवेदन दाखिल करने को कहा। उनके वकील ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन अब 20 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम...

बिल्डिंग मैप मंजूरी में अथॉरिटी निजी जमीन के मालिकाना हक पर फैसला नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बिल्डिंग मैप की मंजूरी देने वाली अथॉरिटी निजी भूमि के मालिकाना हक के विवाद का फैसला नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में अथॉरिटी को केवल यह देखना है कि संबंधित जमीन पर कोई प्रभावी इंजंक्शन ऑर्डर लागू है या नहीं।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने कहा कि अथॉरिटी के पास जमीन के मालिकाना हक को विवादित घोषित करने का अधिकार नहीं है, सिवाय उन मामलों के जहां जमीन सरकार या ग्राम सभा की हो अथवा किसी न्यायिक कार्यवाही का विषय हो।क्या था मामला?याचिकाकर्ता ने अपनी जमीन पर निर्माण के लिए...

Satya Niketan PG Collapse : दिल्ली हाईकोर्ट में स्वतंत्र जांच तथा मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजे की मांग
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर स्वतंत्र जांच की मांग की गई। याचिका में हादसे की सटीक वजह पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वतंत्र न्यायिक या तकनीकी समिति गठित करने की भी मांग की गई। मामले का सोमवार को चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के समक्ष उल्लेख किया गया।लॉ स्टूडेंट अनिकेत कुमार गुप्ता की ओर से दायर याचिका में हादसे से प्रभावित छात्रों को तत्काल मेडिकल सुविधा और पुनर्वास उपलब्ध कराने,...

कोडीन कफ सिरप की बिक्री पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, हर मामले में NDPS Act के तहत FIR नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन आधारित कफ सिरप की बिक्री से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर अनुमत मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप की सामान्य बिक्री बिना मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के करता है, तो केवल इस आधार पर यह NDPS Act, 1985 के तहत अपराध नहीं बनता। ऐसी स्थिति में लाइसेंस संबंधी उल्लंघन होने पर कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act के तहत की जा सकती है।हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में ऐसा कफ सिरप बेचा जाता है और परिस्थितियों...

पत्नी की सरपंची के बकाये के लिए पति जिम्मेदार नहीं, संलिप्तता साबित हुए बिना वसूली नहीं हो सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी अलग-अलग कानूनी इकाइयां हैं और किसी सार्वजनिक पद पर रहते हुए एक के कथित कदाचार या गलत कार्य के लिए दूसरे को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि वह भी उस कृत्य में शामिल था।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल से जुड़े बकाये की वसूली उसके पति या परिवार के किसी अन्य सदस्य से केवल इस आधार पर नहीं की जा सकती कि वह उसका पति है। सार्वजनिक प्रतिनिधि द्वारा किए गए कदाचार या गलत कार्य की जिम्मेदारी उसी की होती है और...

सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित की 17 साल से जेल में बंद नागा उग्रवादी की सजा, दिल्ली छोड़ने पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में मणिपुर में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नागा उग्रवादी होप्सन निंगशेन की सजा सोमवार को निलंबित की। अदालत ने 17 साल से अधिक समय से जेल में बंद निंगशेन को अपील लंबित रहने तक सशर्त जमानत दी।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने आदेश दिया कि निंगशेन अपील का निपटारा होने तक दिल्ली की सीमा से बाहर नहीं जा सकेगा। अदालत ने लंबे समय से चल रही कैद को सजा निलंबित करने का आधार माना।निंगशेन नागालैंड के उग्रवादी संगठन...

देश के सभी 25 हाईकोर्ट में स्थायी चीफ जस्टिस, केंद्र ने 8 नियुक्तियों को दी मंजूरी
केंद्र सरकार की ओर से शनिवार, 5 सितंबर को आठ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्तियों की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद अब देश के सभी 25 हाईकोर्ट स्थायी चीफ जस्टिस के साथ काम करेंगे। इससे पहले जुलाई तक सात हाईकोर्ट में स्थायी चीफ जस्टिस नहीं थे और वहां कार्यवाहक चीफ जस्टिस के जरिए कामकाज चल रहा था।केंद्र ने शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया।छत्तीसगढ़...

हटाने की कार्रवाई से बचने के लिए इस्तीफा देने वाले संवैधानिक पदाधिकारियों को सुविधाएं क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने उन संवैधानिक पदाधिकारियों जिसमें जज भी शामिल हैं, उनको इस्तीफे के बाद मिलने वाली सुविधाओं और अन्य लाभों पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।याचिका में मांग की गई कि जो संवैधानिक पदाधिकारी हटाने की कार्रवाई से बचने के लिए कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देते हैं, उन्हें कोई विशेष सुविधा, भत्ता, आवास या अन्य लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी...

CJP प्रदर्शनकारी पर हमले का मामला: स्वतंत्र भारद्वाज की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आज सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट जुलाई में जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान किशोर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कार्यकर्ता के पिता से संबंधित कथित हमले के मामले में उनकी गिरफ्तारी के संबंध में स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर आज सुनवाई करेगा।इस मामले का उल्लेख आज भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष किया।शर्मा ने कहा कि भारद्वाज तीन दिन से हिरासत में हैं। कोर्ट ने आज (सोमवार) के लिए तत्काल लिस्टिंग की अनुमति दी।भारद्वाज को रविवार को...
