अदालत से छेड़छाड़ की कोशिश पर कानून अपना रास्ता अपनाएगा: SC आदेश पर सवाल उठाने वाले राजस्थान विधायक पर CJI की चेतावनी
Praveen Mishra
19 Feb 2026 7:50 PM IST

चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने गुरुवार को राजस्थान विधानसभा में फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट की पत्नी को दी गई अंतरिम जमानत के आदेश की आलोचना किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। CJI ने चेतावनी दी कि यदि कोई अदालत के काम में हस्तक्षेप करने या उसे प्रभावित करने की कोशिश करेगा, तो “कानून अपना रास्ता खुद तय करेगा।”
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ विक्रम भट्ट और श्वेताम्बरी भट्ट की धोखाधड़ी मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ द्वारा जमानत आदेश सुनाए जाने के बाद याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने अदालत को बताया कि पिछले सप्ताह अंतरिम जमानत दिए जाने पर राजस्थान विधानसभा में टिप्पणी की गई थी और यह सवाल उठाया गया था कि अदालत ऐसा आदेश कैसे दे सकती है।
इस पर CJI ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि केवल विधानसभा में बोल देने से कोई व्यक्ति कानून के परिणामों से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई राज्य की मशीनरी अदालत के खिलाफ अनुचित टिप्पणी या हस्तक्षेप करती है, तो मामला तुरंत किसी अन्य राज्य, जैसे मुंबई, स्थानांतरित किया जा सकता है।
CJI ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “किसी को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि विधानसभा में बोलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं होगी। यदि कोई अदालत के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो कानून अपना काम करेगा।”
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने या दबाव बनाने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।

