गुजरात हाईकोर्ट

पत्नी को बार-बार 100 किमी की यात्रा से राहत, गुजरात हाईकोर्ट ने वैवाहिक मुकदमा कच्छ ट्रांसफर किया

गुजरात हाईकोर्ट ने पत्नी को होने वाली यात्रा की परेशानी और छोटे बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए वैवाहिक मुकदमे को मोरबी की फैमिली कोर्ट से कच्छ के भचाऊ स्थित न्यायालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया।जस्टिस मौलिक जे. शेलट ने मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि पत्नी को होने वाली असुविधा पति की तुलना में कहीं अधिक है। पत्नी कच्छ जिले के रापर में रह रही थी, जबकि मुकदमे की सुनवाई मोरबी में चल रही थी। दोनों स्थानों के बीच एक तरफ की दूरी करीब 100 किलोमीटर बताई गई।पत्नी...

तीन तलाक के लिए पति को उकसाने के आरोप में पांच रिश्तेदारों को गुजरात हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत

गुजरात हाईकोर्ट ने पत्नी को तीन तलाक देने के लिए पति को कथित तौर पर उकसाने के मामले में आरोपी बनाए गए पांच रिश्तेदारों को अग्रिम जमानत दी।जस्टिस संजीव जे. ठक्कर ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ मुख्य आरोप पति का समर्थन करने और उसे शिकायतकर्ता पत्नी को तलाक देने के लिए उकसाने का है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज अपराधों में उम्रकैद या मृत्युदंड का प्रावधान नहीं है और उनके खिलाफ पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने नहीं आया है।पांचों आरोपियों के खिलाफ...

पीएम मोदी डिग्री विवाद: गुजरात हाईकोर्ट ने जुर्माना लगाने के आदेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की अपील पर फैसला सुरक्षित रखा

गुजरात हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी के खुलासे के संबंध में उन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की अपील पर गुरुवार (24 सितंबर) को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।केजरीवाल ने सिंगल जज के मार्च 2023 के फैसले के खिलाफ अपील को प्राथमिकता दी थी, जिसने 2016 के केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का निर्देश रद्द किया था, जिसमें गुजरात यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर डिग्री से संबंधित जानकारी प्रदान...

अडानी मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर की गिरफ्तारी को चुनौती, गुजरात हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार (23 सितंबर) को पत्रकार रवि नायर की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उन्होंने अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) और अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है।जस्टिस एमके ठक्कर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को अगले बुधवार आदेश सुनाने के लिए सूचीबद्ध किया। नायर की ओर से अधिवक्ता अभिक चिमनी पेश हुए।नायर ने 17 सितंबर के सेशंस कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें NBW रद्द करने की उनकी मांग खारिज...

वकील ने फैसला नहीं बताया तो 27 दिन की देरी पर अपील खारिज नहीं की जा सकती: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि यदि वकील ने अपने मुवक्किल को फैसले की जानकारी समय पर नहीं दी और इसी वजह से अपील दाखिल करने में देरी हुई, तो केवल इस आधार पर अपील खारिज नहीं की जा सकती, खासकर तब जब मामले में कोई गंभीर लापरवाही या अत्यधिक देरी न हो। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में देरी को माफ करने के आवेदन पर उदार दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।जस्टिस मौलिक जे. शेलत ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें एक व्यक्ति ने दीवानी मुकदमे में जिला जज के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने में हुई 27 दिन की...

पत्रकार रवि नायर की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका: अडानी एंटरप्राइजेज को जवाब दाखिल करने का समय

गुजरात हाईकोर्ट ने पत्रकार रवि नायर की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर Adani Enterprises Ltd. को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। नायर ने मानहानि मामले में जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) के बाद हुई अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती दी है।जस्टिस एमके ठक्कर की पीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि नायर के खिलाफ NBW क्यों जारी किया गया और उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।अडानी एंटरप्राइजेज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। नायर के वकील अभिक चिमनी ने इसका विरोध करते हुए...

PM Modi की डिग्री का मामला: गुजरात यूनिवर्सिटी ने अरविंद केजरीवाल से हर्जाना मांगा, कहा- RTI अधिकारियों का समय बर्बाद नहीं होना चाहिए

गुजरात यूनिवर्सिटी ने बुधवार (16 सितंबर) को गुजरात हाईकोर्ट से आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर हर्जाना लगाने की मांग की। केजरीवाल ने सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) के उस आदेश को रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए अपील की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था।यूनिवर्सिटी की ओर से चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की डिवीजन बेंच के सामने पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हर्जाना लगाया...

70 साल की उम्र अग्रिम जमानत का आधार नहीं, यौन उत्पीड़न मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने 21 वर्षीय महिला से कथित तौर पर बार-बार छेड़छाड़ और अश्लील मांग करने के आरोपी 70 वर्षीय व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की उम्र निश्चित रूप से एक प्रासंगिक तथ्य है लेकिन केवल उम्र के आधार पर अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती, खासकर तब जब जांच के दौरान सामने आई सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपों का समर्थन करती हो।जस्टिस संजीव जे. ठक्कर ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आए घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आरोपी पर भारतीय न्याय...

वक्फ संपत्ति की धार्मिक पहचान तय करने की जांच पर पूजा स्थल कानून की रोक नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल की मूल प्रकृति और धार्मिक पहचान का पता लगाने के लिए वक्फ बोर्ड की ओर से की गई जांच, पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 की धारा 3 के तहत प्रतिबंधित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मौजूदा पूजा स्थल को एक धर्म या संप्रदाय से दूसरे में परिवर्तित करने और किसी संपत्ति की मूल प्रकृति व धार्मिक पहचान निर्धारित करने के बीच अंतर है।जस्टिस जे. सी. दोशी ने गुजरात वक्फ बोर्ड और वक्फ न्यायाधिकरण के उन आदेशों को बरकरार रखा, जिनके तहत पाटन स्थित ऐतिहासिक...

रिश्तेदारों को शादी पसंद नहीं तो FIR के जरिए बालिग दंपती को धमका-प्रताड़ित नहीं कर सकते: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी बालिग दंपती की शादी उनके रिश्तेदारों को पसंद नहीं है तो महज इस वजह से FIR दर्ज कराकर पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकाया या प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने एक विवाहित जोड़े को पुलिस सुरक्षा देते हुए निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें न तो परेशान किया जाए और न ही उनके खिलाफ किसी तरह की हिंसा होने दी जाए।जस्टिस एमके ठक्कर की अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक महिला के परिवार की ओर से उसके पति के खिलाफ दर्ज FIR को...

2013 दुष्कर्म मामले में आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से राहत नहीं, अस्थायी जमानत याचिका खारिज

गुजरात हाईकोर्ट ने 2013 के दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की 20 दिन की अस्थायी जमानत की मांग मंगलवार को खारिज की। अदालत ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके चलते याचिका पर विचार किया जाए। साथ ही अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें आसाराम की तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की छूट दी गई।जस्टिस गीता गोपी और जस्टिस एलएस पीरजादा की पीठ के समक्ष आसाराम की ओर से सीनियर वकील ने दलील दी कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले महीने एक अन्य...

2013 दुष्कर्म मामले में आसाराम ने गुजरात हाईकोर्ट से मांगी अस्थायी जमानत, 7 सितंबर को होगी सुनवाई

2013 के दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट का रुख करते हुए अस्थायी जमानत की मांग की।जस्टिस गीता गोपी और जस्टिस एल. एस. पीरजादा की खंडपीठ ने मामले को 7 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अलग दुष्कर्म मामले में आसाराम को 20 दिन की पैरोल दी। उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि राजस्थान हाईकोर्ट के इस आदेश को भी मौजूदा मामले में ध्यान में रखा...

गुजरात हाईकोर्ट में निवासियों की शिकायत: सूरत में तोड़े गए घरों के बदले मिलने वाले मकान जर्जर हालत में

सूरत के नासिर नगर में जून में चलाए गए कथित अवैध ध्वस्तीकरण अभियान में घर गंवाने वाले निवासियों ने गुजरात हाईकोर्ट में दावा किया कि पुनर्वास के लिए अब जिन मकानों का प्रस्ताव दिया जा रहा है उनकी हालत बेहद खराब और जर्जर है। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले उन्हें जहां मकान देने का आश्वासन दिया गया, बाद में पुनर्वास का स्थान बदल दिया गया।जस्टिस निखिल एस. करियल की अदालत में सोमवार को नासिर नगर के प्रभावित निवासियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।निवासियों की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने...

पति ने बेटों को बनाया नामांकित, फिर भी पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर हक नहीं छीना जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि पेंशनभोगी की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर अधिकार केवल इस आधार पर खत्म नहीं हो सकता कि पति ने अपने जीवनकाल में पत्नी के बजाय किसी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि अपने बेटों को नामांकित किया।जस्टिस नीरल आर. मेहता ने कहा कि पारिवारिक पेंशन का अधिकार वैधानिक प्रावधानों से तय होता है। इसके लिए मुख्य सवाल यह है कि पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावा करने वाला व्यक्ति उसकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी या पति था या नहीं।अदालत राजकोट नगर निगम की...

सहयोग पोर्टल पर हाईकोर्ट के निर्देश में बदलाव की मांग: X ने दायर की अर्जी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर केंद्र सरकार के सहयोग पोर्टल पर मंचों को शामिल होने के निर्देश में बदलाव की मांग की। यह अर्जी उस जनहित याचिका में दाखिल की गई, जिसमें डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डीपफेक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री के तेजी से बढ़ते प्रसार पर चिंता जताई गई।गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की खंडपीठ ने 10 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से दाखिल जवाबों...