दिल्ली हाईकोर्ट

लेबर कोर्ट ID Act की धारा 33C(2) के तहत TA/DA जैसे विवादित सर्विस अधिकारों पर फैसला नहीं दे सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947 (ID Act) की धारा 33C(2) के तहत अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाली लेबर कोर्ट, विवादित सर्विस अधिकारों पर फैसला नहीं दे सकतीं; वे सिर्फ पहले से मौजूद अधिकारों की गणना या वसूली तक ही सीमित हैं।जस्टिस शैल जैन ने यह टिप्पणी इलाहाबाद बैंक की रिट याचिका को मंज़ूरी देते हुए की। इस याचिका में बैंक ने इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल-कम-लेबर कोर्ट-II के 2007 के आदेश को चुनौती दी थी। उस आदेश में बैंक को निर्देश दिया गया था कि वह एक रिटायर...

Industrial Dispute | दिल्ली में एम्प्लॉयर का ऑफिस होना ही अपने आपमें दिल्ली के लेबर अधिकारियों को क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं देता: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि औद्योगिक विवादों में "उचित सरकार" (Appropriate Government) की पहचान करने के लिए नौकरी की जगह और वह जगह जहां नौकरी खत्म होने का फैसला लागू होता है, ये दो मुख्य कारक होते हैं।जस्टिस शैल जैन ने यह टिप्पणी की कि दिल्ली में एम्प्लॉयर का ऑफिस होना ही अपने आप में दिल्ली के लेबर अधिकारियों को क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं दे देता।कोर्ट ने कहा,"दिल्ली में किसी पुराने समय में कोई बिज़नेस पता होना, यह साबित नहीं करता कि नवंबर 2009 में जो औद्योगिक विवाद पैदा हुआ था, उसका उस...

बिना सुनवाई ओलंपियन कमलेश मेहता को निलंबित करना गलत: दिल्ली हाईकोर्ट ने किया TTFI का आदेश रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा महासचिव और पूर्व ओलंपियन कमलेश मेहता को निलंबित करने का आदेश रद्द किया। अदालत ने कहा कि फेडरेशन ने उन्हें बिना सुनवाई का मौका दिए कार्रवाई कर प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन किया।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस कृष्ण मुरारी को स्वतंत्र जांच प्राधिकारी नियुक्त किया। वह TTFI के कामकाज और उसके पदाधिकारियों के आचरण की जांच करेंगे।कमलेश मेहता ने 28 जनवरी 2026 को TTFI की...

दूरदर्शन पर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्रसारण की मांग, हाईकोर्ट का केंद्र को नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 का दूरदर्शन और DD स्पोर्ट्स जैसे मुफ्त सार्वजनिक प्रसारण मंचों पर प्रसारण सुनिश्चित कराने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती से जवाब मांगा।याचिकाकर्ता अवधेश बैरवा की ओर से सीनियर एडवोकेट वैभव गग्गर ने अदालत में दलील दी कि यदि लोगों को टूर्नामेंट देखने से वंचित किया गया तो यह नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन होगा और देश में फुटबॉल तथा खेल...

सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने का केंद्र का फैसला रद्द, दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगा कारणयुक्त आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को OCI कार्ड देने से इनकार करने संबंधी केंद्र सरकार का फैसला रद्द किया।अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से जारी संचार में कोई कारण नहीं बताया गया, इसलिए उसे बरकरार नहीं रखा जा सकता।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वरदराजन की OCI कार्ड संबंधी अर्जी को बहाल करते हुए केंद्र सरकार को नया और कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया।वरदराजन की ओर से सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन और एडवोकेट अर्चित कृष्ण ने पक्ष रखा।उन्होंने अदालत को बताया कि...

छोटी कार और कम सोना लाने पर ताने देना क्रूरता की श्रेणी में आता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि दहेज में छोटी कार लाने और अपेक्षा से कम सोना देने को लेकर पत्नी को बार-बार ताने देना प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए के तहत क्रूरता माना जा सकता है।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने यह टिप्पणी मृत महिला के पिता और राज्य सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की।याचिकाओं में ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें महिला के पति को दहेज मृत्यु और क्रूरता के आरोपों से मुक्त किया गया था।हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ धारा 498ए के तहत...

झुग्गी हटाकर वैकल्पिक आवास देना अनुच्छेद 21 का उल्लंघन नहीं, यदि DUSIB नियमों का पालन हो : दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि झुग्गी बस्तियों से लोगों को हटाकर उन्हें वैकल्पिक आवास देना अपने आप में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा, बशर्ते दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की नीति और प्रोटोकॉल में तय सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव भाई राम कैंप, DID कैंप और मस्जिद कैंप के निवासियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन याचिकाओं में निवासियों ने उन्हें हटाकर सवदा घेवर्रा में वैकल्पिक आवास दिए जाने को चुनौती दी थी।अदालत...

CrPC की धारा 125 के तहत पहली पत्नी के भरण-पोषण के मामले में दूसरी पत्नी आवश्यक पक्षकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि CrPC की धारा 125 के तहत पहली पत्नी और बच्चों द्वारा शुरू की गई भरण-पोषण की कार्यवाही में दूसरी पत्नी न तो ज़रूरी पक्षकार है और न ही उचित पक्षकार। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी कार्यवाही को बेवजह उन सभी लोगों को शामिल करके नहीं बढ़ाया जा सकता, जो पति पर निर्भर होने का दावा करते हैं।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने महिला द्वारा दायर अर्जी खारिज की, जिसमें उसने पहली पत्नी द्वारा अपने पति के खिलाफ दायर भरण-पोषण की पुनरीक्षण...

आरोपी यह शिकायत नहीं कर सकता कि उसकी गिरफ़्तारी की जानकारी परिवार को नहीं दी गई, जबकि उसने खुद वकील को जानकारी देने का विकल्प चुना: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में ज़मानत के आवेदक की इस दलील को खारिज किया कि उसकी गिरफ़्तारी गैर-कानूनी थी, क्योंकि उसके परिवार वालों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह आरोपी पर ही निर्भर करता है कि वह किसे अपनी गिरफ़्तारी के बारे में सूचित करवाना चाहता है।जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा ने कहा कि आवेदक ने अपने वकील को सूचित करने का विकल्प चुना था, जिसका पालन जाँच अधिकारी (I.O.) ने किया था; इसलिए अब वह नियमों का पालन न होने का आरोप नहीं लगा सकता।इस प्रकार, कोर्ट ने उस व्यक्ति की ज़मानत...

पाठ्यक्रम से बाहर सवाल हटने पर अभ्यर्थियों को फ्री अंक नहीं मिल सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट और रिस्टोरर विभागीय परीक्षा से जुड़े मामले में कहा कि पाठ्यक्रम से बाहर पाए गए और बाद में हटाए गए प्रश्नों के लिए अभ्यर्थियों को स्वतः फ्री अंक देने का कोई अधिकार नहीं बनता।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने वह याचिका खारिज की, जिसमें परीक्षा मूल्यांकन पद्धति को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता दिल्ली हाईकोर्ट में चालक और कोर्ट अटेंडेंट जैसे ग्रुप-सी पदों पर कार्यरत कर्मचारी थे। उन्होंने जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट और...

एयर इंडिया के निजीकरण के बाद भी श्रम न्यायाधिकरण के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि एयर इंडिया के निजीकरण के बाद भी श्रम अदालत और औद्योगिक न्यायाधिकरण के फैसलों को संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाइकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस शैल जैन पूर्व एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस कर्मचारियों तथा कर्मचारी संगठनों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इन याचिकाओं में केंद्रीय सरकारी औद्योगिक न्यायाधिकरण के उन आदेशों को चुनौती दी गई, जिनमें सेवा समाप्ति को अवैध मानने के बावजूद कर्मचारियों की बहाली के बजाय केवल आर्थिक मुआवजा दिया गया।मामला 1993 से...

सचमुच औरतों का दिल बहुत बड़ा होता है: पत्नी के पति और ससुराल वालों को माफ़ करने पर हाईकोर्ट ने कम की सज़ा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पति, उसकी माँ और भाई की सज़ा बरक़रार रखी। इन पर दहेज की मांग को लेकर एक गर्भवती महिला को आग लगाने की कोशिश करने का आरोप था। हालांकि, कोर्ट ने उनकी सज़ा को उस समय तक सीमित किया, जितना समय वे पहले ही जेल में बिता चुके थे। कोर्ट ने यह फ़ैसला इसलिए लिया, क्योंकि पीड़ित महिला ने अपने पति से सुलह की थी और उसके साथ फिर से अपना पारिवारिक जीवन शुरू किया था।जस्टिस विमल कुमार यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा,“सचमुच औरतों का दिल बहुत बड़ा होता है।” कोर्ट भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...

दोषसिद्धि से बचने की चाल: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी और पीड़िता की शादी के बावजूद POCSO केस रद्द करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया, भले ही आरोपी और पीड़िता ने आपस में शादी की हो और उनका एक बच्चा भी हो। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में "सावधानीपूर्वक और संवेदनशीलता से विचार" करने की ज़रूरत होती है और शादी अपने आप में केस बंद करने का आधार नहीं बन सकती।जस्टिस प्रतीक जालान ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 528 के तहत दायर याचिका खारिज की। इस याचिका में 2022 में IPC की धारा 363, 376 और 506, तथा 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण...

“प्रशासनिक सुस्ती कभी भी पर्याप्त कारण नहीं हो सकती”: हाईकोर्ट ने DDA की 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में हुई 1600 दिनों की देरी को माफ़ करने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि “प्रशासनिक सुस्ती और लापरवाही” देरी को माफ़ करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं हो सकती।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने DDA की अर्जी खारिज की, जिसमें फ्लैट के आवंटन से जुड़े विवाद में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज द्वारा 8 जून, 2018 को दिए गए फैसले के खिलाफ 'रेगुलर फर्स्ट अपील' दायर करने में हुई देरी को माफ़ करने की मांग की गई थी।DDA ने दलील दी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: DRI अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण कमर्शियल मात्रा में हेरोइन का मामला गिर गया

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2012 के हेरोइन बरामदगी मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। इस मामले में कमर्शियल मात्रा में नशीले पदार्थ शामिल थे। कोर्ट ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अभियोजन पक्ष को संभालने में "घोर लापरवाही" और "लापरवाह रवैया" करार दिया।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने मई 2012 में सिंघु बॉर्डर के पास किलोग्राम हेरोइन की कथित बरामदगी के सिलसिले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) की धारा 21(c) के तहत सुनील शर्मा पर लगाए गए दोषसिद्धि...

शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश देगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करेगा।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने थरूर की ओर से दायर व्यक्तित्व अधिकार संरक्षण याचिका और अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए कहा, “प्रार्थना पत्र की प्रार्थना 'ए', 'बी', 'सी' और 'डी' के अनुरूप आदेश पारित किए जाएंगे।”थरूर की ओर से सीनियर एडवोकेट अमित सिब्बल ने अदालत को बताया कि मामले में तीन विशेष डीपफेक वीडियो हैं, जिनके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत कार्रवाई...

हज पर जाने से पहले परिवार से मिलने के लिए मांगी जमानत: दिल्ली हाईकोर्ट ने PFI नेता को किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के नेता अनीस अहमद को अंतरिम ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें रिहा करने से भले ही वह हज यात्रा पर जा रहे परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए ही क्यों न हो, सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने अहमद की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उनकी अंतरिम ज़मानत की अर्जी खारिज कर दी गई।अहमद ने छह दिन की अंतरिम ज़मानत इस आधार पर...