दिल्ली हाईकोर्ट

क्या चुनाव आयोग जो चाहे वह कर सकता है? शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी पर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल, आयोग से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) और गणनाकर्मी के रूप में तैनाती को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से सवाल किया कि क्या संविधान के अनुच्छेद 324 के आधार पर चुनाव आयोग "जो चाहे वह कर सकता है?" चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने चुनाव आयोग को सोमवार तक संक्षिप्त शपथपत्र दाखिल करने का...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामलों की फास्ट-ट्रैक के लिए स्पेशल जज नियुक्त किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जज अनु ग्रोवर बालीगा को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज नियुक्त किया। यह कोर्ट खास तौर पर पब्लिक परीक्षाओं में पेपर लीक और गलत तरीकों के इस्तेमाल से जुड़े आपराधिक मामलों की तेज़ी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक) करेगा।यह नियुक्ति परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े अपराधों—जैसे प्रश्न पत्र लीक होना और भर्ती व पब्लिक परीक्षाओं को प्रभावित करने वाले अन्य धोखाधड़ी के तरीके—की तेज़ी से सुनवाई सुनिश्चित करने की कोशिशों के तहत की गई।यह स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट पेपर लीक की घटनाओं और पब्लिक...

संदेह का लाभ देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने 2006 के अपहरण और दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2006 के एक कथित अपहरण और दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। अदालत ने कहा कि गवाहों के बयानों में महत्वपूर्ण विरोधाभास, फोरेंसिक साक्ष्यों की कमजोरी और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) दिया जाना चाहिए।जस्टिस विमल कुमार यादव ने राम चंदर की अपील स्वीकार करते हुए वर्ष 2008 में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण) और 376 (दुष्कर्म) के...

सामान्य आरोपों के आधार पर पूरे शहर से अवैध धार्मिक ढांचे हटाने का आदेश नहीं दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी की सार्वजनिक भूमि से सभी अवैध धार्मिक ढांचों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप सामान्य और व्यापक हैं तथा किसी विशेष स्थान या अतिक्रमण का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया। ऐसे में इस तरह के व्यापक निर्देश जारी नहीं किए जा सकते।चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि सार्वजनिक पार्कों, हरित...

प्राइवेट ऑफिस में बिना 'सार्वजनिक दृष्टि' के जातिसूचक टिप्पणी SC/ST Act के तहत अपराध नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्राइवेट ऑफिस रूम में आम लोगों या किसी स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी के बिना कथित जातिसूचक टिप्पणी की जाती है तो वह अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act ) के तहत अपराध नहीं मानी जाएगी।जस्टिस मधु जैन ने कहा कि अधिनियम की धारा 3(1)(x) के तहत अपराध बनने के लिए यह आवश्यक है कि कथित अपमान या धमकी सार्वजनिक दृष्टि में आने वाले स्थान पर हुई हो। यह इस अपराध का अनिवार्य तत्व है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।हाईकोर्ट ने ट्रांस...

आवारा कुत्तों की समस्या पर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया, सरकार और MCD से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की। हाईकोर्ट अब सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के पालन की निगरानी करेगा, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया गया।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) को निर्देश दिया कि वह 31 जुलाई तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में अब तक उठाए गए कदमों पर...

NEET विरोध प्रदर्शन पर NIA जांच की मांग वाली याचिका पर कल होगी सुनवाई, दिल्ली हाईकोर्ट ने दी मंजूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित NEET पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को आयोजित संसद चलो मार्च की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति दी।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता वरुण कुमार सिन्हा ने मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई का आग्रह किया।अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि यह मामला तथाकथित छात्र आंदोलन से जुड़ा है और पूरी दिल्ली को बंधक बना दिया गया है। सड़कें बंद हैं और आम नागरिकों को भारी...

दिल्ली हाईकोर्ट में PIL: NEET विरोध प्रदर्शन की NIA जांच की मांग, आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग का आरोप
NEET पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को हुए "संसद चलो" विरोध प्रदर्शन की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से जांच कराने के निर्देश देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई।याचिका में दावा किया गया कि यह आंदोलन एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसमें विदेशी फंडिंग वाली संस्थाएं और राजनीतिक लोग शामिल थे।यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल ने दायर की।याचिकाकर्ता के अनुसार, NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन, विभिन्न राजनीतिक नेताओं के...

ज्यूडिशियल अलाउंस को नॉन-टैक्सेबल इनकम बताने का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने जजों को ITR फाइल करने का अंतरिम आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पास किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों को अपने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय 'हाईकोर्ट जजेज़ (सैलरी एंड कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) एक्ट, 1954' की धारा 22D और 'सुप्रीम कोर्ट जजेज़ (सैलरी एंड कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) एक्ट, 1958' की धारा 23D के तहत तय ज्यूडिशियल अलाउंस को "इनकम की प्रकृति वाली प्राप्तियां नहीं" के तौर पर दिखाने की इजाज़त दी गई।बता दें, 1954 के एक्ट की धारा 22A, 22B और 22C के तहत मिलने वाले अलाउंस और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के जजों को मिलने वाली...

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के मामले में FIR की मांग वाली याचिका खारिज: दिल्ली हाईकोर्ट ने वैधानिक उपाय अपनाने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने की घटना पर FIR दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को किसी संज्ञेय अपराध की आशंका है तो वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत उपलब्ध वैधानिक उपाय अपना सकता है।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इसी घटना को लेकर सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी...

छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का मामला: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब, वीडियो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को कथित NEET-UG प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि घटना से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और...

पासपोर्ट फीस बढ़ोतरी को चुनौती: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से तीन महीने में फैसला लेने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया।हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका को ही विदेश मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत अभ्यावेदन माना जाए और कानून के अनुसार इस पर शीघ्र, अधिमानतः तीन महीने के भीतर फैसला लिया जाए।चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने यह निर्देश प्रवासी लीगल सेल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।याचिका में पासपोर्ट (संशोधन) नियम 2026 की संवैधानिक वैधता को...

दिल्ली में छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट बार संगठनों ने की निंदा, स्वतंत्र जांच की मांग
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और बल प्रयोग के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने कड़ी आपत्ति जताई। दोनों संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।SCBA ने अपने प्रस्ताव में कहा कि वह निर्दोष छात्रों पर हुए क्रूर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करता है। संगठन के अनुसार इस घटना में कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं, जबकि बार के सदस्य, जिनमें SCBA के सदस्य भी शामिल हैं, घायल...

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी नियमित नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता, जब तक स्वीकृत रिक्त पद पर नियुक्ति और समान कार्य सिद्ध न हो: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी केवल लंबे समय तक काम करने के आधार पर नियमित नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता।इसके लिए यह साबित करना आवश्यक है कि उसकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत रिक्त पद पर की गई और वह नियमित कर्मचारी के समान कार्य कर रहा था। जस्टिस अमित महाजन ने यह फैसला एक कर्मचारी की याचिका खारिज करते हुए दिया।मामले के अनुसार याचिकाकर्ता ने 13 जून 1985 को प्रतिवादी संस्थान में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया था।बता दें, वर्ष 1987...

CJP संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई के आरोपों पर आज होगी सुनवाई: दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका तत्काल सूचीबद्ध की
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर आज ही सुनवाई करने पर सहमति जताई।मामले का उल्लेख एक वकील ने चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष किया।याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह घटना पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है। इस पर हाईकोर्ट ने मामले को आज ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी।गौरतलब है कि एक...

तिहाड़ जेल वार्डन पर मारपीट का आरोप: उम्रकैद की सज़ा काट रहे कैदी के मामले में हाईकोर्ट ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल के एक हेड वार्डन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने व उसे पेश करने का आदेश दिया। यह आदेश तब दिया गया, जब वहां उम्रकैद की सज़ा काट रहे एक कैदी ने आरोप लगाया कि हिरासत में उसके साथ मारपीट की गई और उसे इलाज नहीं दिया गया। [2026 LiveLaw (Del) 670]जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन की डिवीज़न बेंच ने ये निर्देश तब दिए, जब वह आशीष उर्फ विक्की की अर्ज़ी पर सुनवाई कर रहे थे। विक्की ने POCSO मामले में अपनी सज़ा के खिलाफ अपील के दौरान ज़मानत, सज़ा...

सोनम वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में शिफ्ट करने से उनके मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी: दिल्ली हाईकोर्ट
मंगलवार (21 जुलाई) को एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की ज़रूरतें पूरी होंगी। [2026 LiveLaw (Del) 669]इससे पहले आज (मंगलवार), हाईकोर्ट ने एक्टिविस्ट को उनकी पसंद के अस्पताल में शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया। कोर्ट ने सरकारी और प्राइवेट डॉक्टरों के बीच इस बात पर आम सहमति का संज्ञान लिया कि उनकी चल रही भूख हड़ताल को देखते हुए उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी की ज़रूरत...

खुर्रम परवेज और इरफान मेहराज की जमानत पर रोक से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, लगाईं अतिरिक्त शर्तें
दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (UAPA) मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और कश्मीरी पत्रकार इरफान मेहराज को मिली जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने दोनों आरोपियों पर कुछ अतिरिक्त और कड़ी शर्तें लागू की।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ट्रायल कोर्ट ने UAPA की धारा 43डी(5) के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक निष्कर्ष दर्ज नहीं किए हैं। इसलिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अपील पर विचार किया...

सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति, लगातार मेडिकल निगरानी जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में ट्रांसफर करने की अनुमति दी।अदालत ने कहा कि डॉक्टरों की राय के अनुसार उनकी लगातार मेडिकल निगरानी आवश्यक है क्योंकि वह लंबे समय से अनशन पर हैं। चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो की अपील पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें वांगचुक को निजी अस्पताल ले जाने की अनुमति देने से इनकार किया गया था।सुनवाई के दौरान अदालत...

महिला ने एक साथ दो अलग-अलग पुरुषों पर लगाए शादी के झूठे वादे पर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप केस की सुनवाई रोकी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक रेप केस की कार्यवाही पर रोक लगाई। कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता ने उसी समय के दौरान दो अलग-अलग व्यक्तियों पर शादी के झूठे वादे पर शारीरिक संबंध बनाने के समान आरोप लगाए। इससे प्रथम दृष्टया यह संदेह पैदा होता है कि क्या वह वास्तव में दोनों वादों पर एक साथ कार्रवाई कर सकती थी। [2026 LiveLaw (Del) 666]जस्टिस प्रतीक जालान ने यह टिप्पणी तब की, जब वह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376, 313 और 506 के तहत रोहित सहरावत के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।यह...
