दिल्ली हाईकोर्ट

थोड़ा भरोसा रखिए: स्टूडेंट एक्टिविस्ट से कथित प्रताड़ना मामले में फिलहाल CBI जांच से दिल्ली हाइकोर्ट का इनकार
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्टूडेंट एक्टिविस्ट और सोशल एक्टिविस्टों की कथित अवैध हिरासत एवं प्रताड़ना के मामले में फिलहाल CBI जांच के आदेश देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है और इस प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेज़ा की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें बताया गया कि मार्च महीने में विभिन्न स्टूडेंट एक्टिविस्टों और सोशल एक्टिविस्टों के साथ कथित प्रताड़ना और अवैध हिरासत के...

आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को फिर भेजा जाएगा नोटिस: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आबकारी नीति मामले में CBI की उस याचिका पर आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, नेता मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को नया नोटिस जारी किया जाए जिसमें निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी गई।जस्टिस मनोज जैन की अदालत में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि तीन प्रतिवादी अब तक अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी नंबर 8, 18 और 19 यानी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक पिछली तारीखों पर भी उपस्थित नहीं हुए।इसके...

जलता पुतला फेंककर भाग जाना लोकतांत्रिक विरोध नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपियों को राहत देने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक प्रमुख राजनीतिक नेता के सरकारी बंगले पर जलता हुआ पुतला फेंकने के आरोपी लोगों को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा कि पुतले को आग लगाकर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी वाले परिसर की ओर फेंकना और फिर भाग जाना किसी भी तरह से लोकतांत्रिक विरोध नहीं कहा जा सकता।अदालत ने कहा,“लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा किसी भी...

0% उपस्थिति वाले स्टूडेंट अगले सेमेस्टर में एडमिशन नहीं मांग सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ स्टूडेंट को सीधे चौथे सेमेस्टर में प्रवेश देने से इनकार करने का फैसला बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि जिस स्टूडेंट ने तीसरे सेमेस्टर में एक भी कक्षा में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई और परीक्षा भी नहीं दी, वह अगले सेमेस्टर में पदोन्नति का दावा नहीं कर सकता।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि 0 प्रतिशत उपस्थिति वाले स्टूडेंट्स की तुलना केवल कम उपस्थिति वाले छात्रों से नहीं की जा सकती।अदालत ने LLB स्टूडेंट अमन बंसल की अपील...

आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों को मिली राहत के खिलाफ CBI की याचिका पर कल सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज जैन मंगलवार को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI की उस याचिका पर सुनवाई करेंगे, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई राहत को चुनौती दी गई।यह मामला पहले जस्टिस स्वराना कांत शर्मा के समक्ष सूचीबद्ध था, लेकिन रोस्टर के अनुसार इसे अब दूसरी पीठ को सौंप दिया गया। यह बदलाव उस समय हुआ जब जस्टिस शर्मा ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, विनय मिश्रा, दुर्गेश पाठक और...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कानून के महत्वपूर्ण सवालों' से जुड़े उपभोक्ता संरक्षण कानून के प्रावधानों को चुनौती पर जारी किया नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने जनहित याचिका (PIL) पर भारत सरकार को नोटिस जारी किया। इस याचिका में उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई।यह याचिका उन प्रावधानों को चुनौती देती है, जो राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) को ऐसे बेंचों के ज़रिए "कानून के महत्वपूर्ण सवालों" पर फैसला सुनाने का अधिकार देते हैं, जिनमें तकनीकी और गैर-न्यायिक सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। बेंच ने भारत सरकार और उपभोक्ता...

दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL मामले में ED के अटैचमेंट आदेश रद्द किए, मामला जस्टिस लोढ़ा समिति को सौंपा
दिल्ली हाईकोर्ट ने PACL से जुड़ी संपत्तियों के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी किए गए अस्थायी अटैचमेंट आदेशों को रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाले उस ढांचे के तहत निपटाया जाना चाहिए, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस आर.एम. लोढ़ा समिति कर रही है।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने टिप्पणी की कि PACL की संपत्तियों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्यवाही जारी रखना, निवेशकों के हितों की सुरक्षा और उन्हें राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट...

न्यायपालिका के खिलाफ लगातार अपमानजनक अभियान पर चुप्पी जनता का भरोसा कमजोर कर सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करते हुए कहा कि न्यायपालिका के खिलाफ लगातार चलाए जाने वाले अपमानजनक अभियानों के सामने अदालत की चुप्पी को आत्मसमर्पण नहीं माना जा सकता।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 68 पन्नों के विस्तृत फैसले में कहा कि अदालत के सामने दो विकल्प थे या तो चुप रहना या अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करना। अदालत ने दूसरा रास्ता चुना, क्योंकि न्यायालय और न्यायपालिका की संस्था के खिलाफ सुनियोजित बदनाम करने का अभियान चलाया...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'तिरछी टोपीवाले' पर कॉपीराइट विवाद में 'धुरंधर' फिल्म की OTT रिलीज़ रोकने से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रिमूर्ति फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को अंतरिम राहत देने से इनकार किया। यह राहत कंपनी ने अपने कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे में मांगी थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' में फिल्म 'त्रिदेव' के मशहूर गाने "तिरछी टोपीवाले" का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया गया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि अगर त्रिमूर्ति फिल्म्स अपने दावों के अनुसार अपने अधिकार साबित कर पाती है तो उन्हें हर्जाने के रूप में उचित मुआवज़ा हमेशा दिया जा सकता है।कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और अन्य AAP नेताओं के खिलाफ शुरू की आपराधिक अवमानना की कार्यवाही
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को आबकारी नीति मामले में AAP नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने उनके खिलाफ अपमानजनक, अवमाननापूर्ण और बदनाम करने वाली बातें पोस्ट की थीं।जस्टिस शर्मा ने आदेश सुनाते हुए कहा कि उनका कर्तव्य संविधान के प्रति है। उन्होंने कहा कि वह चुप रहना चुन सकती थीं, लेकिन उनके चुप रहने को "कमजोरी" समझा जा रहा है, जो सच नहीं है।अरविंद...

व्यभिचार मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को दिल्ली हाईकोर्ट ने किया बरी, कहा- Section 497 IPC अब कानून का हिस्सा नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यभिचार (Adultery) के मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद इस प्रावधान के तहत दी गई सजा कायम नहीं रह सकती।जस्टिस विमल कुमार यादव की पीठ ने कहा कि एक बार जब सुप्रीम कोर्ट ने Joseph Shine v. Union of India मामले में धारा 497 IPC को संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन मानते हुए रद्द कर दिया, तो यह कानून की किताब से समाप्त हो गई।कोर्ट ने कहा,“ऐसी स्थिति में...

आबकारी नीति केस: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा बोलीं- “मेरे खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट की गई, अवमानना कार्रवाई करूंगी”
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को कहा कि आबकारी नीति भ्रष्टाचार मामले में उनके खिलाफ “बेहद मानहानिकारक, अपमानजनक और अवमाननापूर्ण” सामग्री पोस्ट की गई है, जिसके चलते वह कुछ व्यक्तियों और प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करेंगी।जस्टिस शर्मा यह टिप्पणी उस समय कर रही थीं, जब वह CBI की उस याचिका पर सुनवाई करने वाली थीं, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को डिस्चार्ज किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है।कोर्ट अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर...

जंतर-मंतर संपत्ति मामले में कांग्रेस की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस, केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब तलब
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला जंतर-मंतर रोड स्थित संपत्ति के बिक्री अथवा हस्तांतरण विलेख के निष्पादन से जुड़ा है।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार से इस मामले में जवाब मांगा।कांग्रेस की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी और एडवोकेट आदिल बोपराय ने पक्ष रखा, जबकि केंद्र सरकार की ओर से एडवोकेट आशीष दीक्षित उपस्थित...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ससुराल वालों के शांतिपूर्ण रहने के अधिकार की रक्षा के लिए बहू को घर से निकालने का फैसला सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत एक बहू और उसके बेटे को ससुराल वालों के घर से निकालने के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले के तथ्यों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के शांतिपूर्ण ढंग से रहने के अधिकार को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने एक विधवा और उसके बेटे की तरफ से दायर रिट याचिका खारिज की। इस याचिका में उन्होंने डिविजनल कमिश्नर के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें ससुराल वालों की संपत्ति खाली...

'प्रक्रियात्मक कानून के दुरुपयोग का क्लासिक मामला': दिल्ली हाईकोर्ट ने 2016 से ट्रायल में देरी करने पर आरोपी पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आरोपी पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया, क्योंकि वह 2016 से चल रहे एक आपराधिक ट्रायल को बार-बार रोकने की कोशिश कर रहा था। कोर्ट ने इस मामले को "प्रक्रियात्मक कानून के दुरुपयोग का एक क्लासिक मामला" बताया।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने आरोपी द्वारा दायर याचिका खारिज की। इस याचिका में आरोपी ने ट्रायल कोर्ट और सेशंस कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें जुलाई 2016 में शुरू हुए आपराधिक शिकायत मामले में शिकायतकर्ता से क्रॉस एग्जामिनेशन करने का उसका मौका खत्म कर दिया गया।कोर्ट ने पाया...

पुलिस का काम सिर्फ़ लोगों को 'गिरफ़्तार करके जेल में डाल देना' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुकदमों के दौरान सहयोग की अपील की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को NDPS Act के तहत बुक किए गए एक आरोपी को ज़मानत दी। साथ ही व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को संभालने के दिल्ली पुलिस के रवैये की कड़ी आलोचना की।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने टिप्पणी की कि बार-बार न्यायिक निर्देश दिए जाने के बावजूद, ज़मानत के मामलों में पुलिस के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ।कोर्ट ने कहा कि पुलिस की भूमिका "सिर्फ़ किसी व्यक्ति को गिरफ़्तार करके जेल में डाल देना नहीं है, बल्कि बिना किसी परवाह के मुकदमा चलाना भी है।"जस्टिस कथपालिया, भलस्वा डेयरी पुलिस...

गिरफ्तारी के सामान्य कारण बताना पर्याप्त नहीं, आरोपी को लिखित गिरफ्तारी के आधार देना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS Act के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि गिरफ्तारी मेमो में केवल गिरफ्तारी के कारण लिख देना पर्याप्त नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को उसके खिलाफ व्यक्तिगत और विशिष्ट गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में बताना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित आधार उपलब्ध न कराना गिरफ्तारी और बाद की रिमांड प्रक्रिया को अवैध बना देता है।अदालत ने कहा,“गिरफ्तारी के आधार बताना कोई तकनीकी औपचारिकता नहीं बल्कि व्यक्तिगत...

अश्लील कंटेंट फैलाने वाले ऐप्स पर सख्ती करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल और एप्पल को दिया निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल LLC और एप्पल इंक को निर्देश दिया कि उनके प्ले-स्टोर पर उपलब्ध मोबाइल ऐप्स के जरिए अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को तुरंत रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि मध्यस्थ मंचों की जिम्मेदारी केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें ऐप्स को अपलोड की अनुमति देते समय भी पूरी सतर्कता बरतनी होगी।अदालत ने यह आदेश रुबिका थापा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में...

कृषि आय पर कर लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज, दिल्ली हाईकोर्ट बोला- पूरी तरह गलत धारणा पर आधारित
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में कृषि आय पर कर लगाने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने याचिका को पूरी तरह गलत धारणा पर आधारित बताया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत दिल्ली सरकार को कानून बनाने का निर्देश नहीं दे सकती।अदालत ने स्पष्ट कहा,“हम सरकार को कानून बनाने के लिए बाध्य करने वाला आदेश जारी नहीं कर सकते।” यह जनहित याचिका आकाश गोयल नामक व्यक्ति ने दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि दिल्ली में कृषि आय को...

'स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में नैतिकता को अपराध से अलग रखना होगा': दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को ज़मानत देते हुए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के मामले में आरोपी जिम ट्रेनर को ज़मानत दी। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए ज़मानत दी कि "व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े सवालों पर फ़ैसला करते समय नैतिकता को अपराध से अलग रखना होगा।"जस्टिस गिरीश कथपालिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 351(2), 64(2)(m) और 79 के तहत आने वाले अपराधों के संबंध में नियमित ज़मानत याचिका मंज़ूर करते हुए यह टिप्पणी की।अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी जिम ट्रेनर के तौर पर काम करता था, उसकी मुलाक़ात पीड़िता से तब हुई जब वह उसके जिम आने लगी।...
