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वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र की पूर्ण क्षमता को साकार करने में न्यायालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है: जस्टिस एनवी रमना
'वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र की पूर्ण क्षमता को साकार करने में न्यायालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है': जस्टिस एनवी रमना

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना ने भारतीय न्यायालयों में मामलों की पेंडेंसी कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र (Alternative dispute redressal mechanism) के महत्व पर जोर दिया।जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि विभिन्न वैकल्पिक विवाद निवारण मैकेनिज्म (एडीआर) लाखों लोगों को अपने मुद्दों को सुलझाने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं और इन तंत्रों का प्रभावी निष्पादन निश्चित रूप से पेंडेंसी को कम कर सकता है। आगे कहा कि, एडीआर तंत्र हितधारक भागीदारी को बढ़ाता है और मुकदमेबाजों के समाधान...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने वेतन के लिए एप्पल आईफोन यूनिट में तोड़फोड़ करने के दो आरोपियों को जमानत दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने वेतन के लिए एप्पल आईफोन यूनिट में तोड़फोड़ करने के दो आरोपियों को जमानत दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दो आरोपियों को जमानत दी, जिन पर 12 दिसंबर, 2020 को कोलार तालुक में विस्ट्रॉन इन्फोकॉम कंपनी द्वारा संचालित एप्पल की आईफोन निर्माण यूनिट में तोड़फोड़ करने का आरोप लगा था।न्यायमूर्ति के. नटराजन की एकल पीठ ने आरोपी उदय बानू सिंह (23) और आरोपी विनोद कुमार (23) को जमानत दी, जो लगभग तीन महीने से हिरासत में थे।पीठ ने कहा कि,"रिकॉर्ड पर रखे गए सबूतों से पता चलता है कि यह मामला प्रर्दशन करने वाले लेबर, कॉन्ट्रैक्ट लेबर जैसे 7000 अज्ञात लोगों के खिलाफ है। रिकॉर्ड के आधार देखा गया कि...

अगर महिला कहती है कि उसने सहमति नहीं दी, तो कोर्ट मान लेता है कि उसने सहमति नहीं दी: दिल्ली कोर्ट ने रेप के आरोपी ईटी नाउ के एंकर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की
''अगर महिला कहती है कि उसने सहमति नहीं दी, तो कोर्ट मान लेता है कि उसने सहमति नहीं दी'': दिल्ली कोर्ट ने रेप के आरोपी ईटी नाउ के एंकर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी में 22 वर्षीय एक महिला के साथ बलात्कार करने के मामले में आरोपी मुंबई स्थित ईटी नाउ के एंकर वरुण हिरेमथ की तरफ से दायर अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इस मामले के संबंध में चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय खानगवाल ने जमानत अर्जी को खारिज करते हुए कहा कि, ''जहां तक सहमति या सहमति न देने के बारे में सवाल है, अगर महिला अदालत के समक्ष अपने साक्ष्य में बताती है कि उसने सहमति नहीं दी, तो अदालत यह मान लेगी कि उसने...

क्या यह तलवार लटकाना नहीं है? बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से पूछा,क्या वे टीआरपी केस में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ आगे जांच करना चाहते हैं?
''क्या यह तलवार लटकाना नहीं है?'' बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से पूछा,क्या वे टीआरपी केस में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ आगे जांच करना चाहते हैं?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को मुंबई पुलिस से यह जानने की कोशिश की है कि क्या उनका टीआरपी केस में एआरजी आउटलेयर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ आगे जांचने करने का कोई इरादा है?,जबकि दो आरोपपत्रों के बाद भी, चैनल पुलिस रिकॉर्ड में केवल एक संदिग्ध है। कोर्ट ने देखा कि एआरजी और गोस्वामी को मामले में दो चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी केवल 'संदिग्ध' के रूप में दिखाया गया है,जिसके बाद कोर्ट ने यह सवाल पूछा। जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस मनीष पितले की खंडपीठ ने कहा कि वे उस याचिका पर...

एनआई एक्ट 138 : आरोपी समरी ट्रायल को समन ट्रायल में बदलने की मांग कर सकता है, लेकिन अपने बचाव की याचिका का खुलासा करने के बाद : दिल्ली हाईकोर्ट
एनआई एक्ट 138 : आरोपी समरी ट्रायल को समन ट्रायल में बदलने की मांग कर सकता है, लेकिन अपने बचाव की याचिका का खुलासा करने के बाद : दिल्ली हाईकोर्ट

निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत चेक बाउंस के अपराध के लिए एक ट्रायल में, अभियुक्त समरी ट्रायल को समन ट्रायल में बदलने की मांग कर सकता है, लेकिन केवल अपने बचाव की याचिका का खुलासा करने के बाद, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा।"... केवल बचाव की अपनी दलील का खुलासा करने के बाद, वह एक आवेदन कर सकता है कि इस मामले को सारांश तौर पर नहीं बल्कि समन ट्रायल के रूप में किया जाना चाहिए, " सुमित भसीन बनाम दिल्ली राज्य मामले में उच्च न्यायालय ने अवलोकन किया।निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की...

हलाल फूड स्टिकर हटाने के लिए बेकरी के मालिक को धमकायाः केरल हाईकोर्ट  ने अभियुक्तों को अग्रिम जमानत दी
''हलाल फूड'' स्टिकर हटाने के लिए बेकरी के मालिक को धमकायाः केरल हाईकोर्ट ने अभियुक्तों को अग्रिम जमानत दी

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक बेकरी में हलाल खाद्य पदार्थ परोसने के विरोध में उसके कर्मचारियों को नोटिस भेजने वाले दो व्यक्तियों को अग्रिम जमानत दे दी है। हालांकि आवेदकों के खिलाफ दंगा और आपराधिक धमकी देने के इरादे से जानबूझकर उकसाने के लिए मामला दर्ज किया गया था (भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 और 506) जो कि जमानती अपराध है, परंतु अदालत ने कहा कि उनकी यह आशंकाएं उचित हैं कि उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए और 295ए के तहत गैर-जमानती अपराध का केस दर्ज किया जा सकता है। जस्टिस अशोक मेनन ने...

डीजीसीए द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट: दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID 19 के इन-फ्लाइट प्रोटोकॉल पर कहा
"डीजीसीए द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट": दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID 19 के इन-फ्लाइट प्रोटोकॉल पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि कोर्ट वाणिज्यिक उड़ानों (Commercial Flights) में यात्रियों द्वारा ठीक से मास्क नहीं पहनने के मुद्दे पर कोर्ट की ओर से लिए गए स्वत: संज्ञान मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा उठाए गए कदमों से बेहद संतुष्ट है।कोर्ट ने कोर्ट के पूर्व से निर्देश पर डीजीसीए की ओर से उठाए गए कदमों और सुरक्षा उपायों के बारे में बुधवार को आए डीजीसीए के लिखित जवाब पर यह टिप्पणी की।न्यायमूर्ति हरी शंकर ने एयर इंडिया की फ्लाइट में कोलकाता से दिल्ली यात्रा...

मजिस्ट्रेटों की संवेदनशीलता के लिए राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी में सेशन आयोजित करें : राजस्थान हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेटों की संवेदनशीलता के लिए राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी में सेशन आयोजित करें : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) ने सोमवार (15 मार्च) को निर्देश दिया कि राजस्थान में किशोर न्याय बोर्ड के सभी प्रधान मजिस्ट्रेटों की संवेदनशीलता के लिए राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी में एक सेशन आयोजित किया जाए। न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति देवेंद्र कछवाहा की खंडपीठ स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई एक मुकदमे की याचिका पर सुनवाई कर रही थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकलांग बच्चों के सुनवाई के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न हो और वे अपना अधिकार प्राप्त करें।पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने...

पंजाब के मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में प्रशांत किशोर की नियुक्ति- मुख्यमंत्री अपना सलाहकार चुनने के लिए स्वतंत्र: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
पंजाब के मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में प्रशांत किशोर की नियुक्ति- "मुख्यमंत्री अपना सलाहकार चुनने के लिए स्वतंत्र": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार के रूप में प्रशांत किशोर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति जसवंत सिंह और न्यायमूर्ति संत प्रकाश की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि मुख्यमंत्री को अपना सलाहकार चुनने का पूरा अधिकार है।कोर्ट के समक्ष मामलापंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार के रूप में प्रशांत किशोर की नियुक्ति (दिनांक 01 मार्च 2021) के आदेश को दो याचिकाकर्ता लाभ सिंह और सतिंदर सिंह ने...

दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों में एक अप्रैल से सभी प्रकार के वादों के लिए समान रूप से ए-4 साइज पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा
दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों में एक अप्रैल से सभी प्रकार के वादों के लिए समान रूप से ए-4 साइज पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा

दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से मंगलवार को जारी प्रैक्टिस डायरेक्शन के तहत हाईकोर्ट और राजधानी दिल्ली की सभी जिला अदालतों में सभी प्रकार के वादों से संबंधित न्यायाधिकार क्षेत्रों में याचिकाओं, हलफनामों, अर्जियों अथवा अन्य दस्तावेजों आदि तथा सभी प्रकार की अपीलों, आदेशों और फैसलों के लिए ए - 4 साइज के पेपर का एक समान रूप से इस्तेमाल किया जाएगा। यह प्रैक्टिस डायरेक्शन एक अप्रैल, 2021 से प्रभावी होगा।नागरिक प्रक्रिया संहिता की धारा 123 के तहत नियमावली समिति की सिफारिशों पर दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य...

राजद्रोह के अभियुक्त का केस न लड़ने का प्रस्ताव करने वाले वकील संघ को नोटिस जारी किया जायेगा : राज्य बार काउंसिल ने कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा
राजद्रोह के अभियुक्त का केस न लड़ने का प्रस्ताव करने वाले वकील संघ को नोटिस जारी किया जायेगा : राज्य बार काउंसिल ने कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा

कर्नाटक राज्य बार काउंसिल (केएसबीसी) ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह राजद्रोह की एक आरोपी छात्रा का केस लड़ने से अपने सदस्यों को प्रतिबंधित करने के संबंध में प्रस्ताव जारी करने वाले अधिवक्ता निकाय को नोटिस जारी करेगी। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका एवं न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने एडवोकेट रमेश नाइक के. द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी की, "वकीलों की ओर से इस तरह का प्रस्ताव जारी करना क्या गैर पेशवराना नहीं है? क्या आपको (केएसबीसी को) ऐसे वकीलों के खिलाफ...

सऊदी अरब में एक भारतीय नागरिक को गलती से दफनाया गया : दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया
सऊदी अरब में एक भारतीय नागरिक को गलती से दफनाया गया : दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह की एकल पीठ ने उस कार्यवाही को "दुर्भाग्यपूर्ण घटना" करार दिया, जिसमें सऊदी अरब में बसे एक भारतीय व्यक्ति को मुस्लिम रीति रिवाज के तहत दफ़ना दिया गया। इसके साथ ही अदालत ने विदेश मंत्रालय (MEA) के उप सचिव को निर्देश दिया कि वह एक ऐसे मामले में ऑनलाइन पेश हों।मृतक व्यक्ति की पत्नी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, ताकि मृत व्यक्ति के धर्म के अनुसार, उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। इसके लिए मृतक के शव को भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय को निर्देश...

कोई भी भूखे पेट पढ़ाई नहीं कर सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से स्कूलों में मध्याह्न भोजन फिर से शुरू करने का आग्रह किया
'कोई भी भूखे पेट पढ़ाई नहीं कर सकता': कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य से स्कूलों में मध्याह्न भोजन फिर से शुरू करने का आग्रह किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को 30 मार्च तक जवाब देने का निर्देश दिया है कि क्या आंगनवाड़ियों में बच्चों के साथ-साथ उन अन्य श्रेणियों के लोगों को भी पका भोजन दिया जा रहा है जो आंगनवाड़ियों से पोषण प्राप्त करने के हकदार हैं? राज्य को इस बारे में भी जवाब देना है कि क्या 6 वीं कक्षा से 8 वीं कक्षा तक स्कूल आने वाले बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाता है और इस संबंध में क्या कदम उठाए जा रहे हैं? न्यायमूर्ति बीवी नागरथना और न्यायमूर्ति एनएस संजय गौड़ा की खंडपीठ ने यह निर्देश उस समय...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता के गूगल सर्च रिजल्ट में प्रतिवादी के ट्रेडमार्क दिखाई देने के दावे को खारिज किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता के गूगल सर्च रिजल्ट में प्रतिवादी के ट्रेडमार्क दिखाई देने के दावे को खारिज किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक अजीबोगरीब सबमिशन का सामना किया गया, जिसमें कोर्ट ने अस्थायी निषेधाज्ञा (Injunction) आवेदन को खारिज कर दिया। इसमें अपीलकर्ता ने यह राहत मांगी थी कि जब वह गूगल में अपने ट्रेड का नाम सर्च करे, तो प्रतिवादी का ट्रेडमार्क न दिखाई दे।न्यायमूर्ति पृथ्वीराज के. चव्हाण के आदेश के समय अपीलकर्ताओं के ओर से से पेश हुए एडवोकेट ने कहा कि, "जब कोई गूगल सर्च किया जाता है, तो प्रतिवादी के ट्रेड का नाम भी अपीलकर्ताओं के साथ नीचे स्क्रॉल करता है।आगे कहा कि यह...

जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है बिजली; वितरक का यह कर्तव्य कि आवेदन के एक महीने के भीतर कनेक्शन प्रदान करेः केरल हाईकोर्ट
जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है बिजली; वितरक का यह कर्तव्य कि आवेदन के एक महीने के भीतर कनेक्शन प्रदान करेः केरल हाईकोर्ट

केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक आदेश में केरल राज्य बिजली बोर्ड के दो कर्मचारियों को राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने एक व्यक्ति को बिजली कनेक्शन देने में देरी की थे। उस व्यक्ति ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया था।जस्टिस मुरली पुरुषोत्तम की एकल पीठ ने घोषणा की, "बिजली जीवन में एक बुनियादी आवश्यकता है। पानी और बिजली भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग हैं।"विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 43 का उल्लेख करते हुए, अदालत ने कहा कि इस तरह की आपूर्ति की आवश्यकता वाले...

किशोर लड़के की अप्राकृतिक मौत- पुलिस अधिकारियों को कानून के साथ संघर्षरत बच्चे से संबंधित पुलिस की प्री-प्रोडक्‍शन कार्रवाई के बारे में प्रशिक्षित करें: कलकत्ता उच्च न्यायालय
किशोर लड़के की अप्राकृतिक मौत- "पुलिस अधिकारियों को कानून के साथ संघर्षरत बच्चे से संबंधित पुलिस की प्री-प्रोडक्‍शन कार्रवाई के बारे में प्रशिक्षित करें": कलकत्ता उच्च न्यायालय

पश्चिम बंगाल किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) नियम, 2017 के नियम 8 को रेखांकित करते हुए, जिसका लक्ष्य बच्चों को सहायता देना है, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि जमीनी स्तर के पुलिस अधिकारियों को नियम से संबंधित ऑपरेशन की विधि और सामग्री के बारे में पर्याप्त जानकारी के साथ उचित निर्देश दिए जाने की आवश्यकता है।उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) नियम, 2017 के नियम 8 में पुलिस और अन्य एजेंसियों की प्री-प्रोडक्शन कार्रवाई से निपटता है और यह...

तमिलनाडु सरकार ने सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया, मद्रास हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों में शामिल एक वकील के खिलाफ दर्ज केस रद्द किया
तमिलनाडु सरकार ने सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया, मद्रास हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों में शामिल एक वकील के खिलाफ दर्ज केस रद्द किया

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में दिसंबर, 2019 में चेन्नई में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले एक वकील के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (विधि विरुद्ध जमाव) और धारा 188 (लोक सेवकों के आदेशों की अवज्ञा) के तहत एडवोकेट एस. देविका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।IX मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट सैदापट, चेन्नई में चल रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका को अनुमति देते हुए जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश...

दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 वैक्सीनेशन में कोमोरबिडिटी के रूप में गंभीर मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को शामिल करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 वैक्सीनेशन में कोमोरबिडिटी के रूप में गंभीर मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को शामिल करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने सोमवार को COVID-19 वैक्सीनेशन में कोमोरबिडिटी (एक साथ कई बीमारियों से पीड़ित) से जूझ रहे लोगो को शामिल करने पर निर्देश दिए जाने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्रीय मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर COVID-19 से जवाब मांगा है।याचिकाकर्ता गौरव बंसल द्वारा दायर याचिका में 45-59 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों की पात्रता...

उमादेवी जजमेंट को सख्त कट-ऑफ तारीख के रूप में नहीं देखा जा सकता: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने कैजुअल वर्कर के नियमितीकरण के दावे को बरकरार रखा
'उमादेवी जजमेंट को सख्त कट-ऑफ तारीख के रूप में नहीं देखा जा सकता': त्रिपुरा हाईकोर्ट ने कैजुअल वर्कर के नियमितीकरण के दावे को बरकरार रखा

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सरकारी नौकरी में नियमितीकरण (Regularization) के लिए किए गए 13 अनियमित कर्मचारी (कैजुअल वर्कर) के दावे को बरकरार रखा।चीफ जस्टिस अकील कुरैशी और जस्टिस एसजी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने त्रिपुरा सरकार को निर्देश दिया कि वह सरकारी नौकरी में नियमितीकरण के लिए याचिकाकर्ताओं के दावे पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन करे।पीठ ने आदेश दिया कि निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए।(i) वे याचिकाकर्ता जिन्होंने अपनी प्रारंभिक...

कॉपीराइट अधिनियम के तहत संरक्षण पाने के लिए कॉपीराइट का पंजीकरण अनिवार्य नहींः बॉम्बे हाईकोर्ट
कॉपीराइट अधिनियम के तहत संरक्षण पाने के लिए कॉपीराइट का पंजीकरण अनिवार्य नहींः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि उल्लंघन के खिलाफ निषेधाज्ञा के लिए कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत कॉपीराइट का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है।जस्टिस जीएस पटेल की एकल पीठ ने कहा, "कॉपीराइट अधिनियम के तहत कॉपीराइट के पहले मालिक को बिना किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता के, कई अधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।" उन्होंने कहा कि कॉपीराइट अधिनियम की धारा 51, जो कॉपीराइट के उल्लंघन की बात करती है, खुद को उन कार्यों तक सीमित नहीं रखती है, जो कॉपीराइट के रजिस्ट्रार के साथ पंजीकृत हैं।उन्होंने कहा, "यह धारा,...