Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

तमिलनाडु सरकार ने सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया, मद्रास हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों में शामिल एक वकील के खिलाफ दर्ज केस रद्द किया

LiveLaw News Network
16 March 2021 9:13 AM GMT
तमिलनाडु सरकार ने सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने का फैसला किया, मद्रास हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों में शामिल एक वकील के खिलाफ दर्ज केस रद्द किया
x

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में दिसंबर, 2019 में चेन्नई में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले एक वकील के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।

भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (विधि विरुद्ध जमाव) और धारा 188 (लोक सेवकों के आदेशों की अवज्ञा) के तहत एडवोकेट एस. देविका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

IX मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट सैदापट, चेन्नई में चल रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका को अनुमति देते हुए जस्टिस एन. आनंद वेंकटेश की बेंच ने देखा कि याचिकाकर्ता ने कोई अपराध नहीं किया गया है।

न्यायालय ने उन नियमों पर भी ध्यान दिया, जिनके अनुसार पुलिस धारा 188 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती।

इसके अलावा, न्यायालय ने राज्य सरकार के उस नीतिगत निर्णय पर ध्यान दिया, जिसमें सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस ले लिए गए।

न्यायमूर्ति आनंद वेंकटेश ने संक्षिप्त आदेश में उल्लेख किया,

"... यह इस न्यायालय के संज्ञान में लाया गया है कि सरकार ने एक नीतिगत निर्णय लिया है कि नागरिकता अधिनियम में संशोधन के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले राज्य सरकार द्वारा वापस लिए जा रहे हैं।"

इस पृष्ठभूमि में, अदालत ने कहा कि वकील के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखने की "कोई उपयोगिता नहीं होगी।"

तदनुसार, याचिका को स्वीकार करते हुए आपराधिक कार्यवाही रोकने की अनुमति दी गई।

ऑर्डर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



Next Story