मुख्य सुर्खियां
COVID-19: कलकत्ता हाईकोर्ट ने इसके और अधीनस्थों न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों की अवधि 30 जून तक बढ़ाई
कलकल्तात हाईकोर्ट ने पिछले साल दर्ज किए गए एक स्वतः संज्ञान मामले को फिर से उठाते हुए हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने न्यायालय द्वारा उक्त रिट याचिका में पारित अंतरिम आदेशों को 30 जून तक बढ़ा दिया है।यह आदेश हाल में COVID-19 मामलों हुई वृद्धि और हाईकोर्ट और पश्चिम बंगाल राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के संयुक्त राज्य के प्रतिबंधित कामकाज को देखते हुए पारित किया गया है।मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी राधाकृष्णन, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति आई.पी. मुकर्जी, जस्टिस हरीश टंडन...
[Covid-19]'रोगी या उनके परिवार वालों को दवाई और बेड का पता लगाने के लिए एक कोने से दूसरे कोने न भटकना पड़े': बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई दिशा-निर्देश जारी किए
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि COVID-19 रोगियों के लिए एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर अस्पतालों / कोविड केंद्रों में उपलब्ध कराया जाए, जिससे रोगियों और उनके परिवार वालों को दवाई के लिए एक कोने से दूसरे कोने न भटकना पड़े और इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर के 24/7 चालू रहना चाहिए।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने आदेश दिया कि,"दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अस्पताल / कोविड केंद्र में दवा की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त...
गुजरात हाईकोर्ट ने नया रोस्टर जारी किया; केवल अतिआवश्यक मामलों की ही होगी सुनवाई
गुजरात हाईकोर्ट ने बेंच की एक नए रोस्टर को जारी किया है, जिसके तहत 26 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई होगी।यह भी बताया गया है कि ई-फाइलिंग मोड के साथ-साथ फिजिकल फाइलिंग मोड केवल अत्यंत जरूरी मामलों के लिए ही जारी रहेगा।रोस्टर:दो डिवीजन बेंच के अलावा, हाईकोर्ट ने आठ सिंगल बेंच और उनके संबंधित रोस्टर को अधिसूचित किया है, जो नीचे सूचीबद्ध हैं:न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय द्वारा पैरोल, फर्लो, जमानत के मामले, प्रत्याशात्मक जमानत आवेदन और अन्य सभी एकल...
"एक सभ्य समाज में यह कैसे हो सकता है?" बॉम्बे हाईकोर्ट ने नासिक ऑक्सीजन गैस त्रासदी पर कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के नासिक में हुई ऑक्सीजन गैस रिसाव त्रासदी के बारे में कहा कि यह चिंता का विषय है। इस त्रासदी में ऑक्सीजन रिसाव के कारण 22 लोगों की मौत हो गई थी।जस्टिस दत्ता ने की टिप्पणी,एक सभ्य समाज में ऐसा कैसे हो सकता है?जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद एजी ने बताया कि द नासिक म्युनिसिपल अथॉरिटी द्वारा मुख्य सचिव को भेजी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में डॉ. ज़ाकिर हुसैन हॉस्पिटल में हुई घटना पर कहा गया है कि...
COVID 19: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जज, अधिकारी, कर्मचारी और अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारी, कर्मचारी मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन दान करेंगे
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के सभी जज, रजिस्ट्री अफसर और कर्मचारी COVID-19 महामारी के मद्देनजर जरूरतमंदों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक दिन का वेतन दान करेंगे।उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने इस संबंध में शुक्रवार को एक आदेश जारी किया। उन्होंने बतायाकि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अनुमोदन पर यह निर्देश जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकारी कर्मचारियों से स्वेच्छा से अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने की अपील...
COVID मामलों में वृद्धि: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट अंतरिम आदेशों की अवधि 15 जून तक बढ़ाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने COVID-19 की दूसरी लहर की शुरुआत के बाद राज्य में कोरोनावायरस के मामलों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए एक स्वतः संज्ञान मामले में इसके और इसके अधीनस्थ अदालतों द्वारा 10 मार्च तक पारित अंतरिम आदेशों को 15 जून तक बढ़ा दिया।मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की खंडपीठ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कोरोनोवायरस पॉजीटिव मामले सामने आ रहे हैं और यह देखते हुए कि राज्य भर में न्यायालय नियमित रूप से प्रभावी ढंग से...
'COVID-19 संकट में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए स्टील प्लांट्स की सेवाओं पर विचार करें': बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में COVID-19 संकट से निपटने के लिए प्रभागीय आयुक्त (नागपुर) को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए स्टील प्लांट्स और उद्योगों की सेवाओं पर विचार करें।पीठ ने कहा कि इस तरह के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत शक्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोर्ट ने भंडारा, ठाणे, पुणे और डोलवी में स्थित स्टील प्लांट्स का जिक्र किया।आवेदक आदित्य गोयल (जिन्होंने कहा कि उनके पास स्टील...
"दिल्ली की जेलों में खौफनाक स्थिति", पीयूडीआर ने राज्य सरकार, जेल अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी करने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा
पीपुल्स ऑफ यूनियन फॉर डेमोक्रैटिक राइट्स (पीयूडीआर) ने COVID की नयी संक्रामक लहर के मद्देनजर दिल्ली की जेलों के भीतर खौफनाक स्थिति के संदर्भ में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल को एक पत्र लिखा है।'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए पत्र में कहा गया है कि फिलहाल जेल के कैदियों में संक्रमण के 67 सक्रिय मामले सामने आये हैं और एक जेल अधीक्षक एवं दो जेल चिकित्सकों सहित 11 जेल कर्मी संक्रमित हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि कुल मिलाकर दिल्ली की जेलों में करीब...
[COVID-19] 'अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से मुंह और नाक को बिना ढके मास्क पहनता है तो इसे मास्क न पहनने वालों के समान माना जाएगा, दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार COVID-19 महामारी की गंभीर स्थिति को उजागर करने वाली याचिका का निपटारा करते हुए आदेश दिया कि पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के नगर निकाय के अधिकारी या स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी आम लोग द्वारा मास्क पहनने के प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और इसके साथ ही राज्य नामित हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायतों का तुरंत निवारण किया जाएगा।न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति करमजीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश दिया कि अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप...
कोई भी टीकाकरण, जब तक स्व-प्रशासित ना हो, किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वाणिज्यिक मानसिकता के वायरस को ठीक नहीं कर सकताः गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक मामले को, जिसमें पेनाल्टी और लेट पेमेंट के चार्ज न देने पर एक मेडिकल संस्थान ने एक छात्र की मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों को रोक लिया था, निस्तारित करते हुए कहा, "कोई टीकाकरण, जब तक स्व-प्रशासित ना हो, किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा, एक या दूसरे मद में, या एक या किसी अन्य बहाने से, छात्रों पर अत्यधिक मात्रा में चार्ज लगाने की वाणिज्यिक मानसिकता के वायरस की बुराई को, जिससे शिक्षा की अवधारणा की पवित्रता कमतर होती है, को रोक नहीं सकता है।"जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ एक...
COVID प्रबंधन- "शासन की कोई संस्था चुनाव आयोग के आदेशों का पालन करने से इनकार नहीं कर सकती": कलकत्ता उच्च न्यायालय
COVID संकट के बीच पश्चिम बंगाल में चुनावों को संभालने पर कलकत्ता हाईकोर्ट से सेंसर का सामना करने के बाद, हाईकोर्ट ने आज यह टिप्पणी की कि कोई भी विभाग या शासन संस्थान, भारतीय चुनाव आयोग के आदेशों का पालन करने से मना नहीं कर सकता है। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की। "भारतीय चुनाव आयोग द्वारा कोविड प्रबंधन के संबंध लगाए गए किसी भी प्रतिबंधात्मक शासन के रूप में सुरक्षात्मक प्रोटोकॉल का लोगों द्वारा सख्ती से पालन किया जाना...
'विधानसभा चुनाव भी राज्य में आयोजित किए गए थे': कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों पर रोक लगाने से इनकार किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के राज्य संयोजक (AAP, कर्नाटक) पुरथ्वी चिंतपल्ली द्वारा दायर किए गए दो हस्तक्षेप के आवेदनों को खारिज कर दिया, जिनमें विभिन्न नगरपालिकाओं के लिए 27 अप्रैल को होने वाले चुनावों को रोकने की मांग की गई थी।हस्तक्षेपकर्ता ने दावा किया कि कर्नाटक में स्थिति गंभीर है और महामारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को गंभीर बना दिया है। आज तक COVID-19 के 1.4 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं। COVID-19 मामलों में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए नाइट कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू...
जेलों में COVID-19 मामले: 'अंडरट्रायल कैदियों को कम भीड़ वाले सुधार गृह में स्थानांतरित करने पर विचार करें', बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य के जेलों में भीड़ कम करने और जेलों में कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी न्यायिक मजिस्ट्रेटों को कैदी को स्थानांतरण करने की मांग वाले आवेदन पर 48 घंटे के भीतर आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर इस मुद्दे पर संज्ञान लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेल के 200 कैदी और विभिन्न...
'पूरी तरह समझ से परे': दिल्ली कोर्ट ने अथॉरिटी की उमर खालिद, खालिद सैफी को हाथों में हथकड़ी लगाकर पेश करने की मांग वाली याचिका पर कहा
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को उमर खालिद और खालिद सैफी को "उच्च जोखिम वाले कैदी" होने के आधार पर "दोनों के हाथों में पीछे की ओर से हथकड़ी" पहनाने के लिए दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी। खालिद और सैफी पिछले साल राष्ट्रीय राजधानी में हुए दिल्ली दंगों के सिलसिले में आरोपी हैं।101/2020 एफआईआर से संबंधित दोनों आवेदन लॉक-अप कड़कड़डूमा जिला न्यायालयों, दिल्ली द्वारा दायर किए गए है, जिसमें खालिद और सैफी दोनों कैदियों को उच्च जोखिम वाला बताते हुए हथकड़ी में पेश करने की मांग की...
COVID-19 मानदंड उल्लंघन की शिकायत करने के लिए 3 दिनों में शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करें: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने तीन दिनों के भीतर राज्य सरकार को एक शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) स्थापित करने का निर्देश दिया है, जिसके माध्यम से नागरिक COVID-19 नियमों के उल्लंघन, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के बारे में शिकायत कर सकते हैं।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की खंडपीठ ने लेट्ज़िटक फाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"हम राज्य सरकार को निर्देश देते हैं कि नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को दूर करने के लिए नागरिकों को...
दिल्ली हाईकोर्ट, जिला न्यायालय 15 मई तक वर्चुअल मोड के माध्यम से अतिआवश्यक मामलों पर सुनवाई जारी रखेंगे
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में COVID-19 मामलों में खतरनाक वृद्धि के मद्देनजर यह निर्णय लिया है कि वह और सभी जिला अदालतें वर्ष 2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोड के माध्यम से 15 मई तक दायर किए गए केवल अत्यंत जरूरी मामले पर सुनवाई जारी रखेंगे।दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है:"राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में COVID-19 मामलों में खतरनाक वृद्धि के मद्देनजर, इस न्यायालय के कार्यालय आदेश संख्या 190 / आरजी / डीएचसी / 2021 दिनांक 20.03.2021, नंबर...
ऑक्सीजन की कमीः पटना हाईकोर्ट ने सरकार को एक्शन प्लान प्रस्तुत करने का निर्देश दिया; आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता पर रिपोर्ट मांगी
पटना हाईकोर्ट ने राज्य में ऑक्सीजन की कमी के बारे में गंभीरता से विचार किया, जो COVID-19 रोगियों के उपचार के लिए एक आवश्यक चिकित्सा सुविधा है।जस्टिस सीएस सिंह और जस्टिस मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने राज्य के अधिकारियों को ऑक्सीजन की कमी को लेकर एक्शन प्लान प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया हैं। इस पर राज्य के जवाबदाताओं ने विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के तरीके को कोर्ट के समक्ष पेश किया है।कथित तौर पर COVID-19 अस्पतालों में ऑक्सीजन की अनुपलब्धता के कारण न्यायालय के एक अधिकारी के...
'कैदियों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करें' : उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने राज्य की जेलों में भीड़ को कम करने का आदेश जारी करने की इलाहाबाद हाईकोर्ट से अपील की
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने COVID-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण मच रही तबाही का जिक्र करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के नवनियुक्त कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश संजय यादव को एक पत्र लिखा है और विचाराधीन कैदियों / दोषियों को अंतरिम जमानत / पैरोल पर रिहा किये जाने की मांग की है।बार काउंसिल के अध्यक्ष आर के अग्रवाल ने लिखा है, "प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तमाम खबरें आ रही हैं, जिसमें बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की जेलों में अत्यधिक भीड़ भाड़ के कारण पिछले दो सप्ताह के दौरान कोरोना संक्रमण के...
'मनमाना और अनुचित': बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र को बुजुर्गों को डोर-टू-डोर COVID-19 वैक्सीनेशन नहीं करने की नीति पर पुनर्विचार करने को कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को डोर-टू-डोर टीकाकरण क्यों संभव नहीं, इस पर केंद्र के पांचों बिंदुओं की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार को COVID19 महामारी में बुजुर्गों, बेड पर पड़े और विकलांग व्यक्तियों के लिए अपनी टीकाकरण नीति पर फिर विचार करने के लिए कहा है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि यदि कोई नीति किसी बुजुर्ग व्यक्ति को उनकी नाजुक चिकित्सीय स्थिति के कारण टीकाकरण से वंचित करती है तो इसे मनमाना और अनुचित माना जाना चाहिए।बेंच ने कहा कि,"जितना देश...
COVID-19 : एक दर्जन डायग्नोस्टिक सेंटर ने आरटी - पीसीआर टेस्ट की अधिकतम दर 350 रुपये निर्धारित करने के राजस्थान सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी
जयपुर के एक दर्जन डायग्नोस्टिक सेंटर ने COVID-19 से संबंधित पीसीआर टेस्ट के लिए अधिकतम दर 350 रुपये निर्धारित करने के राज्य सरकार के आदेश को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी है।इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती की अध्यक्षता वाली डिविजन बेंच द्वारा आज किये जाने की संभावना है।याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गयी जांच दर डायग्नोस्टिक लेबोरेट्रीज की जांच पर आने वाली वास्तविक लागत से भी कम है और ऐसी स्थिति में वे उक्त दर पर टेस्ट करने में सक्षम नहीं हो...


![[Covid-19]रोगी या उनके परिवार वालों को दवाई और बेड का पता लगाने के लिए एक कोने से दूसरे कोने न भटकना पड़े: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई दिशा-निर्देश जारी किए [Covid-19]रोगी या उनके परिवार वालों को दवाई और बेड का पता लगाने के लिए एक कोने से दूसरे कोने न भटकना पड़े: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई दिशा-निर्देश जारी किए](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/04/24/500x300_392364-827v5bhk253zfylgdjxhz3pxwda0gz7cgns1746242.jpg)






![[COVID-19] अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से मुंह और नाक को बिना ढके मास्क पहनता है तो इसे मास्क न पहनने वालों के समान माना जाएगा, दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट [COVID-19] अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से मुंह और नाक को बिना ढके मास्क पहनता है तो इसे मास्क न पहनने वालों के समान माना जाएगा, दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/04/24/500x300_392342-827xmayhktbxskfred2snjw8uz3cq43u3aw5045675.jpg)










