मुख्य सुर्खियां
बाटला हाउस एनकाउंटर : अदालत ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए दोषी आरिज़ खान को मौत की सज़ा सुनाई
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आरिज खान उर्फ जुनैद को 2008 के बटला हाउस मुठभेड़ से संबंधित मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।मामले में पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा और दो कथित आतंकवादी मुठभेड़ में मारे गए थे। कोर्ट ने आरिज खान धारा 186, 333, 353, 302, 307, 174A, 34 आईपीसी और शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दोषी पाया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने इसे दुर्लभ में दुर्लभतम (रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस) मामले का उदाहरण मानते हुए मौत की सजा सुनाई।कोर्ट ने दोषी पर 11 लाख रुपए का जुर्माना...
तमिलनाडु न्यायिक अकादमी ने ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया
तमिलनाडु राज्य न्यायिक अकादमी ने हाल ही में ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि पर ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया।केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी समेत पूरे राज्य के 308 वकीलों को ई-कोर्ट सेवाओं, ई-फाइलिंग, ई-भुगतान, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपयोग, ई-कोर्ट मोबाइल, कोर्ट कॉम्प्लेक्स आदि में ऐप, सर्विस डिलीवरी के उपयोग के बारे में मास्टर ट्रेनर्स (न्यायिक अधिकारियों) द्वारा ट्रेनिंग दी गई।अब ये वकील अपने जिले में अपने संबंधित बार के अधिवक्ताओं को ट्रेंड करेंगे।ये ट्रेनिंग प्रोग्राम...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
08 2021 से 13 मार्च 2021 तक हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र'अगर रिटर्निंग आफिसर के त्रुटिपूर्ण आदेश से चुनाव में बाधा उत्पन्न नहीं होती है तो कोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्टकलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि अगर रिटर्निंग ऑफिसर के त्रुटिपूर्ण कार्यवाही से संचलित चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है तो अदालतें रिट क्षेत्राधिकार के तहत जांच करने के लिए उत्तरदायी हैं। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति...
'सफुरा जरगर की असहमति को दबाने के लिए उसे गिरफ्तार और नजरबंद किया गया': संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने मनमाने ढंग से की गई नजरबंदी के खिलाफ कहा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने आर्बिटरी डिटेंशन यानी मनमाने ढंग से की गई नजरबंदी (WGAD) के तहत अप्रैल 2020 में दिल्ली में सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्र कार्यकर्ता सफुरा जरगर की मनमानी गिरफ्तारी और नज़रबंदी की आलोचना की है।संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कार्यकारी समूह ने कहा कि,"नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में भाषण देने के लिए कथित रूप से शामिल होने पर सफुरा की नजरबंदी करके उसे स्वतंत्रता से वंचित किया गया और इसके साथ ही...
"एक महीने तक गुरुद्वारा बांगला साहिब में सामुदायिक सेवा करो": दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर रद्द करते हुए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 21 साल के एक युवा आरोपी को गुरुद्वारा बांगला साहिब में एक महीने की सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के आधार पर उसके खिलाफ एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने सामुदायिक सेवा को 16 मार्च से 16 अप्रैल, 2021 तक जारी रखने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की एकल पीठ ने जुर्माने लगाते हुए निर्देश पारित किया। यह देखने के बाद कि युवा को अपने गुस्से को नियंत्रित करना सीखना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि वह कानून अपने...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जीएसटी अधिकारियों द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 के सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट पर रोक लगाते हुए अंतरिम आदेश पारित करने से मना कर दिया है।इस खंडपीठ में न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति करमजीत सिंह शामिल हैं।भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत उनकी रिट याचिका में याचिकाकर्ता ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 69 और 132 (बाद में 2017 अधिनियम के रूप में संदर्भित) को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का मामला है कि...
विवाह के लिए धर्मांतरण- "न्यायिक शक्ति का प्रयोग सिर्फ इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि कोई कानून मौजूद नहीं है, लेकिन यदि कानून लागू होता है तो उसकी वैधता की जांच हो सकती है": कलकत्ता उच्च न्यायालय
एक याचिका की सुनवाई में, यह कहते हुए कि कुछ धार्मिक संप्रदाय विवाह संस्था की आड़ में धर्मांतरण को प्रभावित कर रहे हैं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह कहा कि ऐसे मामलों में, नीति-निर्माण साधन न्यायपालिका नहीं होंगे।चीफ जस्टिस थोट्टाथिल बी राधाकृष्णन और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने कहा, "व्यक्तिगत कानूनों या नगरपालिका कानूनों के संदर्भ में विवाह के धर्मांतरण और विवाह की स्वीकार्यता से संबंधित सभी मुद्दों का सार है कि यह ऐसे मामले हैं, जिनमें नीति-निर्माण साधन न्यायपालिका नहीं...
दिल्ली हाईकोर्ट ने टाटा ईवी को इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी देने की सूची से बाहर करने के GNCTD के आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जीएनसीटीडी (GNCTD) के उपायुक्त द्वारा पारित 1 मार्च, 2021 के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें टाटा नेक्सॉन ईवी मॉडल को इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी की सूची से बाहर कर दिया गया था। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने टाटा मोटर्स लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए उपर्युक्त आदेश दिया।दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हिकल नीति 2020 को दिल्ली सरकार के एनसीटी द्वारा अधिसूचित किया गया है। नीति के क्लॉज 4.6 के अनुसार, यह प्रावधान किया गया है कि पात्रता और परीक्षण की शर्तों को...
जेल सुधार- "जिला मजिस्ट्रेट अपने जिले के जेलों का दौरा करके रिपोर्ट जमा करें": उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांगा
उड़ीसा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से राज्य के जेलों की वर्तमान स्थिति के बारे में जवाब मांगा है और राज्य के प्रत्येक जिले के जिला मजिस्ट्रेट को अपने अधिकार क्षेत्र के जेलों का दौरा करने और निरीक्षण करके जेलों की वर्तमान स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार करके कोर्ट में सौंपने का आदेश दिया है।मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति बी. पी. राउत की खंडपीठ ने इस मामले में एमिकस क्यूरी द्वारा प्रस्तुत हालिया रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद एक 15 साल पुरानी याचिका और 7 साल पुरानी जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई...
फ्लाइट में मास्क पहनने से मना करने वाले व्यक्ति को 'अनियंत्रित यात्री' माना जाएगा: डीजीसीए ने सर्कुलर जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा की गई एक स्वतः संज्ञान कार्यवाही के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने शनिवार को हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा COVID-19 मानदंडों के कड़ाई से अनुपालन के लिए एक सर्कुलर जारी किया।हवाई यात्रा नियंत्रक ने कहा है कि कोई भी यात्री जो फेस मास्क पहनने से इनकार करता है या उड़ानों में COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन करने से इनकार करता है, उसे "अनियंत्रित यात्री" के रूप में माना जा सकता है जैसा कि नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (सीएआर) के पैरा 3.1 में परिभाषित किया गया है और उसके...
मुस्लिम महिला ने हिंदू पुरुष से शादी करने से पहले हिंदू धर्म में परिवर्तन नहीं किया, विवाह मान्य नहीं, हालांकि युगल लिव-इन-रिलेशन में रहने के लिए स्वतंत्र हैं: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
एक अंतर-धार्मिक दंपति द्वारा दायर एक संरक्षण याचिका पर विचार करते हुए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि एक मुस्लिम महिला और एक हिंदू पुरुष के बीच विवाह इसलिए मान्य नहीं होगा क्योंकि महिला, हिंदू संस्कार के अनुसार विवाह से पहले, हिंदू धर्म में परिवर्तित नहीं हुई थी। न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने हालांकि यह भी फैसला सुनाया कि दम्पत्ति, विवाह की प्रकृति में लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के और साथ ही अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए भी हकदार होंगे। ...
'अगर रिटर्निंग आफिसर के त्रुटिपूर्ण आदेश से चुनाव में बाधा उत्पन्न नहीं होती है तो कोर्ट को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए': कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि अगर रिटर्निंग ऑफिसर के त्रुटिपूर्ण कार्यवाही से संचलित चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है तो अदालतें रिट क्षेत्राधिकार के तहत जांच करने के लिए उत्तरदायी हैं। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की खंडपीठ ने कहा कि,"रिटर्निंग ऑफिसर की संभावित त्रुटिपूर्ण कार्यवाही, जिन्हें रिट क्षेत्राधिकार के तहत केवल ऐसी त्रुटियों को सुधार के लिए उत्तरदायी माना जा सकता है, जिस त्रुटि का संचलित चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने...
40 साल से हिरासत में बंद नेपाली व्यक्ति का मामला : स्वतः संज्ञान लेकर क्या अभियोजन समाप्त किया जा सकता है? कलकत्ता हाईकोर्ट करेगा जांच
कलकत्ता हाईकोर्ट इस बात की जांच करेगा कि 40 साल से जेल में बंद एक नेपाली मूल के व्यक्ति के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए उसके खिलाफ अभियोजन को समाप्त किया जा सकता है।मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की पीठ नेपाली मूल के आरोपी दीपक जोशी के मामले की सुनवाई कर रही थी। दीपक को 12 मई 1980 को गिरफ्तार किया गया था और इस प्रकार वह पहले ही 40 से अधिक वर्षों की हिरासत में बंद रह चुका है।पृष्ठभूमिअदालत ने नेपाल के काउंलेट जनरल ने कहा कि वह लगभग 40 साल से हिरासत में बंद...
मणिकर्णिकाः द लीजेंड ऑफ दिद्दा कॉपीराइट केस- कॉपीराइट उल्लंघन के आरोप में अभिनेत्री कंगना रनौत और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री कंगना रनौत, उनके बहन रंगोली चंदेल, भाई अक्षत रनौत और निर्माता कमल कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत 9 मार्च, 2021 को बांद्रा में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के एक आदेश के बाद खार पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर दर्ज की गई है।मजिस्ट्रेट का यह आदेश आशीष कौल द्वारा दर्ज एक निजी आपराधिक शिकायत पर आधारित है। अपनी शिकायत में शिकायतकर्ता ने भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), धारा 120 (आपराधिक साजिश) और आईपीसी की धारा 34 (सामान्य...
एडवोकेट मौहम्मद गौस शुक्रे कमाल को कर्नाटक हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को लगभग दो साल तक लंबित रखने के बाद शुक्रवार को केंद्र सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में एडवोकेट मौहम्मद गौस शुक्रे कमाल की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है।न्याय विभाग द्वारा शुक्रवार (12 मार्च) को जारी की गई अधिसूचना में कहा गया है कि अधिवक्ता मोहम्मद गौस शुक्रे कमाल कार्यालय के प्रभार ग्रहण करने की तारीख से दो साल की अवधि के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश होंगे।25 मार्च, 2019 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम का...
''समाज में नैतिक रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता'': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ''कॉन्ट्रेक्टचुअल लिव-इन-रिलेशनशिप'' में रहने वाले कपल को संरक्षण देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार (10 मार्च) को एक डीड द्वारा समर्थित 'संविदात्मक(कॉन्ट्रेक्टचुअल) लिव-इन-रिलेशन की नई अवधारणा' पर अपनी अस्वीकृति दर्ज की, जिसमें पक्षकारों ने कहा था कि उनका लिव-इन-रिलेशनशिप 'वैवाहिक संबंध' नहीं है।न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की खंडपीठ ने कहा कि ''विशेष रूप से (विलेख/डीड में) यह कहते हुए कि यह 'वैवाहिक संबंध नहीं है',कुछ और नहीं बल्कि कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है, क्योंकि इसे नैतिक रूप से समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।'' न्यायालय के समक्ष...
एडवोकेट महमूद प्राचा के ऑफिस पर रेड : दिल्ली कोर्ट ने पुलिस को डेटा लेते समय वकील-क्लाइंट विशेषाधिकार का ध्यान रखने को कहा
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ को पेन ड्राइव के माध्यम से डेटा देने के लिए एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा दी गई सहमति को देखते हुए, दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को जांच अधिकारी से 19 मार्च 2021 तक जवाब मांगा कि वह पेन ड्राइव के "टारगेट डेटा" को प्राचा के क्लाइंट से संबंधित किसी भी जानकारी में परिवर्तन या प्रकटीकरण के बिना ड्राइव से "टारगेट डेटा" कैसे प्राप्त करना चाहते हैं। मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने आदेश दिया:"पेन ड्राइव या कंप्यूटर के माध्यम से डेटा देने के लिए आवेदक द्वारा...
जानबूझकर अवज्ञा: मद्रास हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर को अवमानना का दोषी ठहराया; तीन महीने की जेल की सजा सुनाई
मद्रास हाईकोर्ट ने एक जिला कलेक्टर और दो अन्य को कोर्ट के अवमानना का दोषी ठहराया, इसमें जिला कलेक्टर ने कोर्ट के उस न्यायिक आदेश की जानूबूझकर अवज्ञा की, जिसमें कुछ किसानों को उनकी कृषि भूमि से एक जलाशय बनाने के उद्देश्य से बेदखल करने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था।न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव की एकल पीठ ने उन्हें तीन महीने के लिए साधारण कारावास की सजा सुनाई और 20,000 रूपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।कोर्ट ने निर्देश में आगे कहा कि वे प्रत्येक याचिकाकर्ता को 10,000 रुपये मुआवजे के रूप में...
[जावेद अख्तर मानहानि केस] - अभिनेत्री कंगना रनौत ने मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी
जावेद अख़्तर मानहानि केस में अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपने खिलाफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा प्रक्रिया शुरू करने को डिंडोशी में सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने यह प्रक्रिया गीतकार जावेद अख्तर द्वारा कंगना रनौत के खिलाफ दायर मानहानि मामले में शुरू करने को कहा था। गीतकार जावेद अख्तर ने यह मामला कंगना रनौत के खिलाफ अर्नब गोस्वामी के साथ कंगना रनौत के एक इंटरव्यू में उनके खिलाफ कही गई बातों को लेकर दायर किया है।सत्र न्यायालय में पुनर्विचार आवेदन में...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में 'महिलाओं के प्रति अपमानजनक' शब्द का प्रयोग करने वाले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को फटकार लगाई
बॉम्बे हाईकोर्ट (औरंगाबाद बेंच) ने हाल ही में एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की खिंचाई करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की, क्योंकि न्यायाधीश ने बलात्कार की पीड़िता की गवाही दर्ज करते समय और बाद में अपने फैसले में 'महिलाओं के प्रति पूरी तरह से अपमानजनक' मानी जाने वाली अशिष्ट भाषा और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया था। न्यायमूर्ति रविंद्र वी घुगे और न्यायमूर्ति बी यू देबदवार की खंडपीठ ने कड़ाई के साथ कहा कि, ''ट्रायल कोर्ट ने 'एफ**' और ''एफ***'' शब्दों का इस्तेमाल किया है। इन शब्दों का इस्तेमाल अशिष्ट...



















![[जावेद अख्तर मानहानि केस] - अभिनेत्री कंगना रनौत ने मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी [जावेद अख्तर मानहानि केस] - अभिनेत्री कंगना रनौत ने मजिस्ट्रेट द्वारा जारी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/03/12/500x300_390430-816vcu8k2hqa74ap6ik0sgidddmr5qacdqx6125375.jpg)
