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बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने कॉलेजियम से जिला न्यायाधीशों को हाईकोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश करने का आग्रह किया
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने कॉलेजियम से जिला न्यायाधीशों को हाईकोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश करने का आग्रह किया

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने पिछले हफ्ते अपनी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम से आग्रह किया गया कि वे कुछ जिला न्यायालय के न्यायाधीशों के नामों पर विचार करें, जिन्हें कथित तौर पर दिल्ली हाईकोर्ट में पदोन्नति के निर्णय पर रोक दिया गया था।प्रस्ताव में कहा गया है,"वास्तव में, जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति वरिष्ठता और बेदाग रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है। इन न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश न किए जाने पर जजों के बीच असंतोष हो सकता है ..."इस बारे में कहा...

फिज़िकल रूप में सुनवाई को नियम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई को अपवाद बनाना आर्टिकल 21 का उल्लंघन : दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
'फिज़िकल रूप में सुनवाई को नियम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई को अपवाद बनाना आर्टिकल 21 का उल्लंघन' : दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च, 2021 के आदेश के अनुसार सुनवाई के फिजिकल मोड को बहाल करने के लिए दायर पीआईएल में एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है, ताकि राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक, यातायात भीड़, कठिन पार्किंग और वायु वातावरण को देखते हुए सभी अदालतों, ट्रिब्यूनलों और अन्य सहायक अदालतों में फिज़िकल रूप में सुनवाई का समर्थन किया जा सके।दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 मार्च, 2021 को आदेश दिया कि सभी दिल्ली की अदालतें 15 मार्च से पूर्ण रूप से फिजिकल रूप से कामकाज शुरू कर देंगी। हालांकि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा...

बेटी के पास पिता की दूसरी शादी की वैधता के खिलाफ सवाल उठाने का प्रत्येक आधारः बॉम्बे हाईकोर्ट
बेटी के पास पिता की दूसरी शादी की वैधता के खिलाफ सवाल उठाने का प्रत्येक आधारः बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को आधिकारिक रूप से कहा कि एक बेटी अपने माता-पिता की दूसरी शादी की वैधता के खिलाफ याचिका पेश कर सकती है। जस्टिस वीजी बिष्ट और ज‌स्ट‌िस आरडी धानुका की खंडपीठ ने धारा 7 से संलग्न व्याख्या के खंड (b) की व्याख्या की और कहा कि एक बेटी के पास अपने पिता की शादी की वैधता पर सवाल उठाने का प्रत्येक आधार है।पीठ ने कहा, "अधिनियम की उद्देश्यों और तर्कों के संबंध में, स्पष्टीकरण के तहत क्लॉज (b) के शाब्दिक निर्माण के समक्ष, हमारे विचार में, अपीलकर्ता के पास प्रतिवादी के साथ अपने पिता...

पीड़िता और याचिकाकर्ता एक दूसरे से प्यार करते थे, 4 सालों से साथ रह रहे थे, इससे पोक्सो अधिनियम के तहत किया गया अपराध क्षमायोग्य नहीं हो जाताः मद्रास हाईकोर्ट
पीड़िता और याचिकाकर्ता एक दूसरे से प्यार करते थे, 4 सालों से साथ रह रहे थे, इससे पोक्सो अधिनियम के तहत किया गया अपराध क्षमायोग्य नहीं हो जाताः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मंगलवार (16 मार्च) को कहा कि पीड़िता एक बार पोक्सो अधिनियम के तहत अपराध की शिकायत करती है और मामला दर्ज हो जाता है तो यह राज्य के खिलाफ अपराध बन जाता है और बाद में किए गए समझौता से अपराध समाप्त नहीं होता है। यह मानते हुए कि पोक्सो अधिनियम के तहत किया गया कोई भी अपराध क्षमायोग्य अपराध नहीं है, जस्टिस पी वेलमुरुगन की पीठ ने कहा, "पोक्सो अधिनियम का दायरा बहुत स्पष्ट है, प्यार में पड़ना कोई अपराध नहीं है, लेकिन एक व्यक्ति जो 18 साल से अध‌िक उम्र का का है और...

तेलंगाना के वकील दंपत्ति की हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया कहा, मामला हाईकोर्ट में लंबित
तेलंगाना के वकील दंपत्ति की हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया कहा, मामला हाईकोर्ट में लंबित

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस साल तेलंगाना में एक वकील दंपति की हत्या में एक स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा जांच की मांग करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।सीजेआई बोबडे, जस्टिस बोपन्ना और जस्टिस रामासुब्रमण्यन की तीन जजों वाली बेंच ने याचिकाकर्ता से याचिका वापस लेने और अपनी इस याचिका को लेकर हाईकोर्ट जाने के लिए कहा।सुनवाई के दौरान, सीजेआई बोबडे की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने माना कि यह मामला अभी भी तेलंगाना हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है।याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने न्यायालय के...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ वकीलों और चार न्यायिक अधिकारियों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नौ वकीलों और चार न्यायिक अधिकारियों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 मार्च, 2021 को हुई अपनी बैठक में निम्नलिखित व्यक्तियों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है:वकील:1. श्रीमती. अरुणा एस. पई,2. श्री शैलेश पी. ब्रह्मे,3. श्री कमल आर. खाटा,4. सुश्री शर्मिला यू देशमुख,5. सुश्री अमीरा अब्दुल रज़ाक,6. श्री संदीप वी. मार्ने,7. श्री संदीप एच. पारिख,8. श्री सोमशेखर सुंदरसेन,9. श्री महेंद्र एम. नेरलीकर,न्यायिक अधिकारी:10. श्री राजेश एन. लड्ढा,11. श्री संजय जी. मेहर,12. श्री जी.ए. सनप, और13. श्री एस जी...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की अनुमति दी; एकल पीठ के निर्णय को पलटा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की अनुमति दी; एकल पीठ के निर्णय को पलटा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एकल पीठ के फैसले को पलटते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक जोड़े के विवाह के पंजीकरण की अनुमति दी।न्यायमूर्ति रितु बहरी और न्यायमूर्ति अर्चना पुरी की खंडपीठ एकल पीठ के उस फैसले के खिलाफ की गई अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दंपति (विवाहित जोड़े) को अपनी शादी के ई-पंजीकरण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।सिंगल जज बेंच ने कहा था कि,"विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत विवाह के पंजीकरण के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष पक्षकारों (विवाहित जोड़े) को...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
ज़मानत आवेदन पर विचार करते हुए अदालत आरोपी के खिलाफ सबूतों की सराहना नहीं कर सकती : जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि एक अदालत जमानत के लिए आवेदन पर सुनवाई करते हुए उन साक्ष्यों की सराहना नहीं कर सकती है, जो अभियुक्त के खिलाफ अभियोजन द्वारा एकत्र किए गए हैं।न्यायमूर्ति पुनीत गुप्ता की एकल पीठ ने देखा,"अदालत ने अलग-अलग दृष्टिकोण से अभियोजन द्वारा आरोपी के खिलाफ एकत्रित किए गए साक्ष्यों की सराहना करने पर विचार किया, जबकि बचाव पक्ष के वकील ने उक्त सवाल उठाया। यह अदालत इस तरह की कोई सामग्री को रिकॉर्ड पर नहीं ले रही है, जो बचाव के वकील के द्वारा उठाया गया है।"एजीए असीम साहनी की...

दिल्ली कोर्ट ने एडवोकेट महमूद प्राचा के ऑफिस पर दिल्ली पुलिस की रेड के खिलाफ दायर याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
दिल्ली कोर्ट ने एडवोकेट महमूद प्राचा के ऑफिस पर दिल्ली पुलिस की रेड के खिलाफ दायर याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को एडवोकेट महमूद प्राचा द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा अपने कार्यालय से की गई छापेमारी और डेटा की जब्ती को चुनौती देने के लिए दायर आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया।पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पंकज शर्मा ने कहा कि सोमवार (22 मार्च) को आदेश सुनाया जाएगा।विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने अदालत को बताया कि प्राचा द्वारा दायर किया गया आवेदन जांच के दायरे को सीमित कर रहा है। इसके अलावा, एसपीपी ने यह भी कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम...

एनआईसीयू में इंजेक्शन प्रक्रिया के समय बिना इरादे या ज्ञान के डॉक्टर की अनुपस्थिति सदोष मानव वध का मामला नहीं है: बॉम्बे हाईकोर्ट
"एनआईसीयू में इंजेक्शन प्रक्रिया के समय बिना इरादे या ज्ञान के डॉक्टर की अनुपस्थिति 'सदोष मानव वध' का मामला नहीं है": बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने उस जूनियर डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया, जिस पर कथित तौर पर लापरवाही बरतने के चलते हत्या की कोटि में न आने वाले सदोष मानव वध (Culpable Homicide) का आरोप था, क्योंकि इस डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक अस्पताल में चार शिशुओं की मौत हो गई थी।शिशुओं के लिए निर्धारित इंजेक्शन "कैल्शियम ग्लूकोनेट" के बजाय लापरवाही के चलते "पोटेशियम क्लोराइड" दिया गया था।न्यायमूर्ति अविनाश जी. गरोठ और सुनील बी. शुक्रे की खंडपीठ ने पाया कि तथ्यों के आधार पर जूनियर डॉक्टर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भेजे गए ईडी के समन पर रोक लगाने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भेजे गए ईडी के समन पर रोक लगाने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने आज यानी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के खिलाफ एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 50 के तहत जारी किए गए समन पर स्थगन देने से इनकार कर दिया।महबूबा मुफ्ती को ईडी के सामने अब 22 मार्च को उपस्थित होना है। महबूब मुफ्ती की ओर से एडवोकेट नित्या रामकृष्णन पेश हुए, वहीं केंद्र और ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अन्य लोगों के साथ पेश हुए।रामकृष्णन...

मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम: हाईकोर्ट ने हिंदू महिला को धर्मांतरण करने का प्रयास की आरोपी कैथोलिक नन की गिरफ्तारी पर रोक लगाई
मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम: हाईकोर्ट ने हिंदू महिला को धर्मांतरण करने का प्रयास की आरोपी कैथोलिक नन की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 मार्च) को एक कैथोलिक नन को अग्रिम जमानत दी, जो खजुराहो के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट हाई स्कूल की प्रधानाचार्य है, जिस पर एक हिंदू महिला को ईसाई में धर्मांतरण करने के प्रयास का आरोप था।न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ सिस्टर भाग्य की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम( Madhya Pradesh Freedom of Religion Act), 2020 की धारा 3 और धारा 5 के दंडनीय अपराध के तहत दर्ज एक मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने...

एनआई एक्ट 138 : मांग नोटिस में लेन-देन की प्रकृति का खुलासा करने की जरूरत नहीं जिसके चलते चेक जारी किया गया : केरल हाईकोर्ट
एनआई एक्ट 138 : मांग नोटिस में लेन-देन की प्रकृति का खुलासा करने की जरूरत नहीं जिसके चलते चेक जारी किया गया : केरल हाईकोर्ट

एक संदर्भ का जवाब देते हुए, केरल उच्च न्यायालय ने कहा कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत एक मांग नोटिस में लेन-देन की प्रकृति का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है जिसके चलते चेक जारी किया गया।डिवीजन बेंच इस संदर्भ में जवाब दे रही थी कि क्या लेन-देन के विवरण के पूर्ण प्रकटीकरण के बिना एक मांग नोटिस अवैध रूप माना जाएगा।जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एमआर अनीता की पीठ ने फैसला सुनाया कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एक्ट) में डिमांड नोटिस के लिए कोई फॉर्मेट नहीं है।इस मामले में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठे केस में जेल में बंद रहने के दौरान गुम हुए दंपत्ति के बच्चों की रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठे केस में जेल में बंद रहने के दौरान गुम हुए दंपत्ति के बच्चों की रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के झूठे आरोप में 5 साल बाद जेल से रिहा किए गए दंपति की उस रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें आरोप लगाया है कि उनके जेल में रहने के दौरान संरक्षण गृह में रह रहे दो बच्चे अब लापता हैं। न्यायमूर्ति संजय यादव और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की एक खंडपीठ ने "इन रे ए केस लुकिंग जस्टिस" शीर्षक से एक मामला दर्ज किया और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता से जवाब और केस की अगली तारीख को रिपोर्ट की स्थिति दर्ज करने के लिए कहा गया है।बेंच ने...

भारतीय दूतावास को न तो सूचित किया और न ही पूछा: विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी को दफनाने पर कहा
"भारतीय दूतावास को न तो सूचित किया और न ही पूछा": विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी को दफनाने पर कहा

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह की एकल पीठ के समक्ष सऊदी अरब में एक भारतीय प्रवासी को कथित रूप से मुस्लिम संस्कार से दफनाने के मामले में पेश होने के निर्देशों का पालन करते हुए विदेश मामलों के (काउंसलेट, पासपोर्ट, वीज़ा) निदेशक ने गुरुवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि भारतीय काउंसलेट से मृतक व्यक्ति संजीव कुमार को दफन से पहले न तो पूछा गया था और न ही इस बारे में सूचित किया गया था। यह नियमित प्रोटोकॉल के खिलाफ है। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास द्वारा संजीव कुमार को उसकी मौत के बाद...

वह एक पुलिस अधिकारी है, अपने अधिकार के बारे में अच्छे से जानता है: स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सचिन वाजे की गिरफ्तारी के मामले में गाइडलाइन्स का पालन नहीं करने के आरोप पर कहा
"वह एक पुलिस अधिकारी है, अपने अधिकार के बारे में अच्छे से जानता है": स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सचिन वाजे की गिरफ्तारी के मामले में गाइडलाइन्स का पालन नहीं करने के आरोप पर कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाजे ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी को "गैरकानूनी' करार देने के लिए गुहार लगाई है, लेकिन स्पेशल एनआईए कोर्ट ने गिरफ्तारी में अनियमितता के आधार उसके आवेदन को खारिज कर दिया।स्पेशल एनआईए के जस्टिस प्रशांत सितरे ने कहा कि,"अभियुक्त एक पुलिस अधिकारी है और इसलिए वह अपने अधिकार के बारे में अच्छे से जानता है।"अम्बानी हाउस विस्फोटक मामले में मुख्य संदिग्ध होने के कारण सचिन वाजे को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन 25...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 41 साल से जेल में बंद नेपाली नागरिक को रिहा करने का आदेश दिया, कोर्ट ने आरोपी को ट्रायल का सामना करने में अक्षम पाया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 41 साल से जेल में बंद नेपाली नागरिक को रिहा करने का आदेश दिया, कोर्ट ने आरोपी को ट्रायल का सामना करने में अक्षम पाया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार (17 मार्च) को एक नेपाली व्यक्ति को रिहा करने का आदेश दिया, जिसे लगभग 41 साल पहले गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में था। मुख्य न्यायाधीश थोथाथिल बी राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की पीठ ने इस बात को ध्यान देने के बाद आदेश दिया कि आरोपी की मानसिक रूप से वर्तमान आयु लगभग 9 वर्ष और 9 महीने है।पीठ एक दीपक जोशी के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसे 12 मई 1980 को गिरफ्तार किया गया था और वह पहले ही 40 से अधिक वर्ष हिरासत से बिता चुका है।रिकॉर्ड पर मौजूद...