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Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
भीड़ द्वारा युवा पुलिस अधिकारी की हत्या-" इस कृत्य ने मानवता और कश्मीरियत की भावना को शर्मसार कर दिया": जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने तीसरी बटालियन सुरक्षा के एक डिप्टी एसपी की पीट-पीट कर हत्या करने के आरोपी को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है कि उसके कृत्य ने मानवता और कश्मीरियत की भावना को शर्मसार कर दिया है।मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति संजय धर ने इसे जघन्य और गंभीर अपराध बताते हुए कहा,"यह एक ऐसा मामला है जहां एक युवा पुलिस अधिकारी को बदमाशों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डाला गया है। अपीलकर्ता पर भी इस भीड़ में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, जिससे सामान्य रूप से मानवता और...

गणेश चतुर्थी के दौरान हुसैन सागर झील में पीओपी मूर्ति विसर्जन की अनुमति न दें: तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया
गणेश चतुर्थी के दौरान हुसैन सागर झील में पीओपी मूर्ति विसर्जन की अनुमति न दें: तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया

तेलंगाना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम एस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति टी विनोद कुमार की खंडपीठ ने गुरुवार को हैदराबाद में गणेश चतुर्थी समारोह के मद्देनजर कई दिशानिर्देश जारी किए।अदालत अधिवक्ता मामिदी वेणुमाधव द्वारा दायर एक अवमानना ​​​​याचिका पर सुनवाई कर रही थी।इस याचिका में एक डिवीजन बेंच द्वारा हुसैन सागर झील में गणेश और देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन को प्रतिबंधित करने के निर्देश के आदेश की जानबूझकर अवज्ञा करने का आरोप लगाया गया।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि प्रतिवादियों ने झील...

संपत्ति की सुपुर्दगी के अभाव में एक्सटॉर्शन का अपराध नहीं बनता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
संपत्ति की सुपुर्दगी के अभाव में एक्सटॉर्शन का अपराध नहीं बनता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने माना है कि धारा 384 IPC के तहत 'एक्सटॉर्शन' के मामले को दंडनीय बनाने के लिए, अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि चोट के डर से पीड़ित ने स्वेच्छा से कोई विशेष संपत्ति आरोपी को दी थी। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने टिप्पणी की कि यदि संपत्ति की सुपुर्दगी नहीं होती तो 'एक्सटॉर्शन' के अपराध को गठित करने के लिए सबसे आवश्यक घटक उपलब्ध नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना किसी चोट के डर के स्वेच्छा से कोई संपत्ति दे देता है तो भी 'एक्सटॉर्शन' का अपराध नहीं कहा जा सकता...

कोई ढिलाई न दिखाएं, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें: केरल हाईकोर्ट ने हेल्थ वर्कर्स पर लगातार हो रहे हमलों पर राज्य सरकार को फटकार लगाई
'कोई ढिलाई न दिखाएं, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें': केरल हाईकोर्ट ने हेल्थ वर्कर्स पर लगातार हो रहे हमलों पर राज्य सरकार को फटकार लगाई

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य को सख्त चेतावनी दी कि स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों पर हमला करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।यह सूचित किए जाने पर कि इस संबंध में दर्ज 270 मामलों में से केवल 28 में ही जांच की गई है, न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने कहा कि राज्य इस मामले को हल्के में ले रहा है।कोर्ट ने यह भी कहा कि इस आशय की शिकायतों पर बिना किसी देरी के तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने डीजीपी को यह देखने का निर्देश दिया कि सभी दर्ज...

केरल हाईकोर्ट
आधुनिक लोकतांत्रिक समाज में अस्वीकार्य: केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस बल को नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का निर्देश दिया, अपमानजनक भाषा के प्रयोग के खिलाफ चेतावनी दी

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पुलिस नागरिकों का अपमान कर रही है, ऐसे आरोपों के उदाहरण उसकी चौखट पर रोज़ आ रहे हैं, इसलिए अदालत ने अपने फैसले में कुछ सामान्य निर्देश जारी किए।कोर्ट ने यह आदेश दिया कि नागरिकों को संबोधित करने के लिए अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है या अनुमति नहीं दी जा सकती है और राज्य के पुलिस प्रमुख को इसे सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के साथ एक रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया है।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने जेएस अनिल की ओर से दायर एक याचिका...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, साइबर सेल, गूगल से इंटरनेट से एक महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो लिंक हटाने के लिए कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, गूगल, यूट्यूब और दिल्ली पुलिस साइबर सेल को इंटरनेट से एक महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वाले लिंक या साइटों को हटाने के लिए कदम उठाने को कहा।न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद एक महिला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।महिला ने अपनी याचिका में केंद्र से छद्म नामों से अश्लील साइटों के रूप में काम करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने का निर्देश देने की मांग की गई।इसके साथ ही याचिका में प्रतिवादियों को उनकी साइटों पर प्रदर्शित होने वाली महिला की किसी भी नग्न,...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
यदि मैला ढोने की किसी गतिविधि का पता चलता है तो नगर पालिका प्रमुख व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे: मद्रास उच्च न्यायालय

मद्रास हाईकोर्ट ने मैला ढोने की बुराई को मिटाने के लिए बुधवार को कहा कि यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से सीवर की सफाई में लिप्त पाया जाता है तो नगर पालिका प्रमुख व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।कोर्ट ने निगमों और नगर पालिकाओं के प्रमुखों को इस आशय का एक लिखित वचन पत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया कि उनके अधिकार क्षेत्र में किसी को भी हाथ से मैला ढोने का काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस पीडी ऑदिकेशवालु की खंडपीठ ने बुधवार को निर्देश दिया, "राज्य भर के नगर निगमों...

COVID-19: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के वैक्सीनेशन के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया
COVID-19: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के वैक्सीनेशन के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को COVID-19 के खिलाफ राज्य में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के वैक्सीनेशन के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा राजस्थान राज्य के ट्रांसजेंडरों के लिए COVID-19 वैक्सीनेशन की सुविधा के लिए प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर विचार कर रहे थे।याचिकाकर्ताओं की ओर से यह प्रस्तुत किया गया कि केंद्र ने ट्रांसजेंडरों के वैक्सीनेशन के उद्देश्य से दिशानिर्देश जारी किए हैं।हालांकि, राजस्थान...

COVID-19: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के टीकाकरण के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए
COVID-19: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के टीकाकरण के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को राज्य में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के COVID-19 टीकाकरण के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा राजस्थान राज्य के ट्रांसजेंडरों के लिए COVID-19 टीकाकरण की सुविधा के लिए प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर विचार कर रहे थे।याचिकाकर्ताओं की ओर से यह प्रस्तुत किया गया कि केंद्र ने ट्रांसजेंडरों के टीकाकरण के उद्देश्य से दिशानिर्देश जारी किए हैं। हालांकि राजस्थान राज्य द्वारा इसे...

24-वर्षीय व्यक्ति की हिरासत में मौत- प्रथम दृष्टया आईपीएस रैंक के अधिकारी हत्या/मौत में शामिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए
24-वर्षीय व्यक्ति की हिरासत में मौत- "प्रथम दृष्टया आईपीएस रैंक के अधिकारी हत्या/मौत में शामिल": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक 24 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर हिरासत में मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित कर दी क्योंकि प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आईपीएस रैंक के अधिकारी हत्या/मौत में शामिल हैं।न्यायमूर्ति सूर्य प्रकाश केसरवानी और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने यह रेखांकित करते हुए जांच को स्थानांतरित कर दिया कि यदि जांच न तो प्रभावी है और न ही उद्देश्यपूर्ण और न ही निष्पक्ष है, तो अदालतें यदि आवश्यक हो, निष्पक्ष जांच, आगे की जांच या पुन: जांच का आदेश दे...

अंतर-धार्मिक विवाह- बालिग लड़की को अपना जीवन साथी चुनने का अधिकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द की
अंतर-धार्मिक विवाह- "बालिग लड़की को अपना जीवन साथी चुनने का अधिकार": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक हिंदू लड़की के कथित अपहरण और उससे शादी करने के लिए आईपीसी की धारा 366 (अपहरण या महिला को उससे शादी करने के लिए मजबूर करना आदि) के तहत एक मुस्लिम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया।अदालत महिला (पत्नी/याचिकाकर्ता संख्या 1) और पुरुष (आरोपी/पति/याचिकाकर्ता संख्या 2) द्वारा दायर संयुक्त याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि महिला ने अपने पैतृक घर को अपनी खुद की इच्छा से छोड़ा था और एक बालिग लड़की...

केरल हाईकोर्ट
केरल उच्च न्यायालय ने महामारी के बीच गुरुवायूर मंदिर को बिना मंजूरी के भव्य रूप से सजाए जाने के लिए व्यवसायी के बेटे की शादी पर स्वत: संज्ञान लिया

केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को गुरुवायुर देवास्वम बोर्ड के प्रशासक को मंदिर में विवाह के आयोजन में COVID -19 प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए आगाह किया। यह मामला तब आया है, जब ऑनलाइन मीडिया में प्रमुख व्यवसायी और पद्म श्री सम्‍मानित रवि पिल्लई के बेटे गणेश पिल्लई की शादी के लिए मंदिर को सजाने की एक खबर सामने आई।जस्टिस अनिल के नरेन्द्रन और जस्टिस के बाबू राज्य में COVID -19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन की खबर आने के बाद मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। शादी आज गुरुवायुर...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
शादी का झूठा वादा करके बलात्कार करने का आरोप: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बलात्कार की प्राथमिकी रद्द की

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ही महिला द्वारा दो पुरुषों के खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकी को खारिज कर दिया, जिसमें शादी का झूठा वादा करने के बहाने बलात्कार करने का आरोप लगाया गया था।न्यायमूर्ति रजनीश ओसवाल ने अदालत के समक्ष पेश किए गए तथ्यों से पाया कि अभियोक्ता ने वर्ष 2018 में शादी का वादे करके दो व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाए थे।पीठ ने कहा,"इस न्यायालय को यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि प्रतिवादी संख्या 2 के आचरण से यह स्पष्ट है कि प्रतिवादी संख्या 2 द्वारा दोनों याचिकाकर्ताओं के...

फर्जी सर्टिफिकेट हासिल करने में उसकी किसने मदद की? केरल हाईकोर्ट ने फर्जी वकील मामले में जमानत आदेश सुरक्षित रखा
फर्जी सर्टिफिकेट हासिल करने में उसकी किसने मदद की? केरल हाईकोर्ट ने फर्जी वकील मामले में जमानत आदेश सुरक्षित रखा

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक 'फर्जी वकील' सेसी जेवियर नाम की महिला द्वारा दायर एक अग्रिम जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।इस महिला ने आवश्यक योग्यता के बिना एक वकील के रूप में प्रैक्टिस की थी।न्यायमूर्ति शिरसी वी ने गुरुवार की सुनवाई में पक्षकारों को विस्तार से सुना।प्रारंभ में जेवियर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आईपीसी की धारा 417 और 419 के तहत आरोप लगाया गया है, जो दोनों जमानती अपराध हैं।इसके बाद, 420 के तहत दंडनीय अपराधों को जोड़ा गया, जो एक गैर-जमानती अपराध है।उक्त फर्जी वकील का...

केरल हाईकोर्ट ने मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को नीले रंग की टोपी, अशोक चिन्ह वाले बैज पहनने से रोका
केरल हाईकोर्ट ने मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को नीले रंग की टोपी, अशोक चिन्ह वाले बैज पहनने से रोका

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को अशोक चिन्ह या किसी अन्य वर्दी के साथ 'नीली टोपी' और बैज पहनने से रोक दिया।यह वर्दी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए निर्धारित वर्दी के समान है।मुख्य न्यायाधीश एस मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी शैली की खंडपीठ ने केरल मोटर वाहन नियमों के नियम 406 को मजबूत किया और मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को उसमें निर्धारित वर्दी का पालन करने का निर्देश दिया।यह निर्देश एक जनहित याचिका में जारी किया गया।याचिका में मोटर वाहन विभाग के अधिकारियों को केरल...

काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद जमीन विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के एएसआई सर्वेक्षण आदेश और अन्य कार्यवाही पर रोक लगाई
काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद जमीन विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के एएसआई सर्वेक्षण आदेश और अन्य कार्यवाही पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज (गुरूवार) काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद जमीन विवाद मामले में वाराणसी की निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था।न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने कहा कि वाराणसी कोर्ट को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वेक्षण के लिए दायर आवेदन का फैसले पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए क्योंकि दायर याचिकाएं उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।यूपी के वाराणसी जिले में एक सिविल कोर्ट ने 8 अप्रैल 2021 के...

केरल हाईकोर्ट
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से विवाह पंजीकरण- क्या डिजिटल सेवाओं को मौलिक अधिकार के रूप में मांगा जा सकता है? केरल उच्च न्यायालय जांच करेगा

केरल उच्च न्यायालय जल्द ही यह जांच करेगा कि नागरिकों को सरकार से डिजिटल सेवाओं की मांग करने का मौलिक अधिकार है। यह सवाल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाहों के पंजीकरण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा।जस्टिस ए मुहम्‍मद मुस्ताक और जस्टिस कौसर एडप्पागाथ की खंडपीठ ने भी याचिकाकर्ता-जोड़ों को शारीरिक रूप से पेश हुए बिना ऑनलाइन विवाह करने और रजिस्टर करने की अनुमति देते हुए एक अंतरिम आदेश पारित किया।पीठ ने कहा, "शुरुआत में हम बड़े सवाल का जवाब देने के आदेश जारी करने...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
कोर्ट में मृतक वकील के नाम पर याचिकाएं दायर: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को एक मामले में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पाया कि अदालत के समक्ष एक वकील के नाम पर 3 याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी है।न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ मृतक वकील के नाम पर दायर एक जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने पाया कि उसी वकील के नाम पर 3 अन्य याचिकाएं भी दायर की गई हैं, जिनकी कथित तौर पर वर्ष 2014 में मृत्यु हो चुकी है।कोर्ट ने टिप्पणी की,"उपरोक्त तीनों याचिकाओं में सामान्य विशेषता...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नक्सल विस्फोट मामले में गंभीर रूप से बीमार विचाराधीन महिला कैदी को उपशामक देखभाल के लिए धर्मशाला में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को कैंसर से गंभीर रूप से पीड़ित एक बीमार कैदी को मुंबई की एक धर्मशाला में उपशामक देखभाल या दर्द प्रबंधन की अनुमति दी।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2019 गढ़चिरौली आईईडी धमाकों की आरोपी निर्मला कुमारी उप्पनगंती (59) को भायखला महिला जेल से बांद्रा के शांति अवेदना सदन धर्मशाला में 15 सितंबर तक स्थानांतरित कर दिया जाए।ऐसे रोगियों, जिनका कोई इलाज नहीं है, के लिए बनी संस्था ने बीमार की देखभाल के लिए सहमति दे दी है। संस्‍था...

राजस्थान हाईकोर्ट
"ऐसे रिश्ते पूरी तरह से अवैध, असामाजिक हैं": राजस्थान हाईकोर्ट ने एक विवाहित व्यक्ति के साथ रहने वाली विधवा महिला को सुरक्षा देने से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक विवाहित व्यक्ति के साथ रहने वाली विधवा महिला को सुरक्षा देने से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के बीच इस तरह के संबंध कानूनी लिव-इन संबंध के दायरे में नहीं आते हैं, बल्कि ऐसे रिश्ते विशुद्ध रूप से अवैध और असामाजिक हैं।न्यायमूर्ति सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ विधवा महिला और उसके साथी (एक विवाहित पुरुष) की सुरक्षा याचिका पर सुनवाई कर रही थी।पीठ ने कहा, "उन्हें पुलिस सुरक्षा देना उनके अवैध संबंधों को मान्यता देना और ऐसे अवैध संबंधों के लिए परोक्ष रूप से सहमति देना होगा,...