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दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में ओरल केयर विक्रेता गुड डे के खिलाफ ब्रिटानिया को अंतरिम निषेधाज्ञा दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में ओरल केयर विक्रेता 'गुड डे' के खिलाफ ब्रिटानिया को अंतरिम निषेधाज्ञा दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज को एक ओरल केयर विक्रेता के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा (Interim Injunction) दी। ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज कथित तौर पर इसके समान ट्रेडमार्क 'गुड डे' का उपयोग कर रही है।न्यायमूर्ति संजीव नरूला का प्रथम दृष्टया विचार था कि ब्रिटानिया के ट्रेडमार्क 'गुड डे' को एक प्रसिद्ध ट्रेडमार्क के रूप में स्वीकार किया गया, इसलिए इसे ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 29 (4) (बी) के संदर्भ में निषेधाज्ञा प्राप्त करने का अधिकार होगा।इसलिए कोर्ट ने गुड डे ओरल केयर और अन्य...

आवाजाही की स्वतंत्रता एक संवैधानिक गारंटी, आवश्यक नागरिक सुविधाओं के अभाव में यह प्रभावित नहीं होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
आवाजाही की स्वतंत्रता एक संवैधानिक गारंटी, आवश्यक नागरिक सुविधाओं के अभाव में यह प्रभावित नहीं होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान में निहित नागरिकों की आवाजाही की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी नागरिक सुविधाओं की कमी से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।जस्टिस नजमी वज़ीरी ने कहा," आवाजाही की स्वतंत्रता (Freedom Of Movement) एक संवैधानिक गारंटी है, इसे आवश्यक नागरिक सुविधाओं की कमी से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के आनंद में सशक्त और सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता है। इसके लिए बुनियादी नागरिक सुविधाओं का प्रावधान आवश्यक है। एक सुरक्षित पड़ोस,...

यह दिल्ली पुलिस के लोगो शांति, सेवा, न्याय पर एक बड़ा तमाचा : कोर्ट ने दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर दिल्ली पुलिस को फिर लताड़ा
"यह दिल्ली पुलिस के लोगो शांति, सेवा, न्याय" पर एक बड़ा तमाचा" : कोर्ट ने दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर दिल्ली पुलिस को फिर लताड़ा

दिल्ली की एक अदालत द्वारा एक नाबालिग बलात्कार के मामले में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल करने पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की खिंचाई करने के कुछ दिनों बाद अदालत ने यह कहते हुए पुलिस को फिर से फटकार लगाई कि इस मामले में अब तक की गई जांच एक मज़ाक के अलावा और कुछ नहीं है।अदालत ने पहले पुलिस आयुक्त को अदालत में धोखाधड़ी करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने और उचित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौरव राव ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में आता हैः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पति को जमानत देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर बेंच) ने हाल ही में एक ऐसे व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अपनी 'पत्नी' के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का आरोप लगाया गया है, जो कथित अपराध के समय 18 वर्ष से कम उम्र की थी और इसलिए उसके खिलाफ का मामला दर्ज किया गया है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की खंडपीठ ने कहा कि इंडिपेंडेंट थॉट बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व एक अन्य (2017) 10 एससीसी 800 के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 के प्रावधान को पढ़ने के बाद यह माना था कि एक...

आपदा प्रबंधन अधिनियम वैधानिक रूप से आपद्धर्म को मान्यता देता है: केरल हाईकोर्ट
आपदा प्रबंधन अधिनियम वैधानिक रूप से आपद्धर्म को मान्यता देता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 आपद्धर्म के सिद्धांत (संंकट काल में अपनाया जाने वाला धर्म) को वैधानिक मान्यता प्रदान करता है। यह अधिनियम आपदाओं के समय अन्य कानूनों को ओवरराइड कर सकता है, क्योंकि इसका उद्देश्य जीवन की रक्षा करना है।न्यायमूर्ति एन नागरेश ने कहा कि अधिनियम इस तरह की अधिभावी शक्ति के बिना अन्य सभी अधिकार स्वतंत्रता अपना अर्थ खो देंगे।न्यायाधीश ने कहा,"आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 72 वास्तव में "आपद्धर्म" के सामान्य कानून को एक वैधानिक मान्यता देती है।...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
वे लोग जो सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं केवल उन्हें यह तय करना चाहिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा की क्या जरूरते हैं: जम्मू,कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू, कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम, 1978 के तहत जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक कथित कार्यकर्ता की हिरासत को बरकरार रखते हुए पिछले सप्ताह कहा कि जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए या सार्वजनिक व्यवस्‍था के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा के लिए क्या आवश्यकता है, इसका एकमात्र जज होना चाहिए।जस्टिस ताशी रबस्तान की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि निवारक उपाय करना और शरारती व्यक्ति को रोकना आवश्यक है, उन्होंने जोर देकर...

दिल्ली हाईकोर्ट
औपचारिक डिक्री का गैर आरेखण मात्र कोर्ट के लिए समझौता विलेख के निष्पादन को खारिज करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि औपचारिक डिक्री का गैर-आरेखण, और आपत्तियां, जिन्हें बाद में समझौता करने के लिए पार्टी द्वारा इससे मुकरने के लिए उठाया जाता है, कोई आधार नहीं है, जिस पर निष्पादन न्यायालय एक समझौता विलेख के निष्पादन को खारिज करने के लिए विचार कर सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि समझौते के संबंध में औपचारिक डिक्री नहीं तैयार करने का कार्य पार्टियों को अदालत के समक्ष किए गए समझौते के लाभों से वंचित नहीं करेगा। कोर्ट तीस हजारी कोर्ट्स के एक सिविल जज की ओर से पारित आदेश के खिलाफ एक...

आर्यन खान मामलाः जमानत आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, साजिश के लिए कोई सबूत नहीं; व्हाट्सएप चैट में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं
आर्यन खान मामलाः जमानत आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, साजिश के लिए कोई सबूत नहीं; व्हाट्सएप चैट में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं

आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा के खिलाफ प्रथम दृष्टया ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सके कि उन्होंने नारकोटिक्स ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत अपराध की साजिश रची थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीनों को दिए जमानत आदेश में यह बात कही है।क्रूज शिप ड्रग केस में जस्टिस नितिन साम्ब्रे ने 28 अक्टूबर, 2021 को तीनों को जमानत दी थी। आदेश की विस्तृत प्रति आज उपलब्ध कराई गई। उन पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 (सी) सहपठित धारा 20(बी), धारा 27, 28, 29 और 35 के तहत...

सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाने के लिए मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया
सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई प्रमुख के पद से हटाने के लिए मुंबई के पूर्व पुलिस अधिकारी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया

बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एक सेवानिवृत्त सहायक मुंबई पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल को केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक के पद से हटाने के लिए पात्रता के आधार पर उनकी नियुक्ति को रद्द करने की मांग की।1985 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी जायसवाल ने महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य किया और उन्हें मई, 2021 में सीबीआई के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत राजेंद्रकुमार त्रिवेदी द्वारा दायर याचिका में कहा गया...

दिल्ली की अदालत ने वादी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जज पर लगाया था धमकाने का आरोप
दिल्ली की अदालत ने वादी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जज पर लगाया था धमकाने का आरोप

दिल्ली की एक अदालत ने एक वादकारी पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। उसने पीठासीन जज के खिलाफ पूर्वाग्रह का आरोप लगाते हुए अपने मामले को स्थानांतरित करने की मांग की थी। उसने आरोप लगाया था कि कार्यवाही के दौरान जज ने याचिकाकर्ता के वकील को उसकी न्यायिक शक्तियां दिखाने की धमकी दी।जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने आरोपों को निराधार और याचिका को गुणहीन बताते हुए तबादला याचिका खारिज कर दी। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को तुच्छ शिकायतों में घसीटने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी निराशा व्यक्त की।जज...

मद्रास हाईकोर्ट ने गिरफ्तार व्यक्तियों/आरोपियों की मानसिक स्वास्थ्य की जांच पर ज़ोर दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने गिरफ्तार व्यक्तियों/आरोपियों की मानसिक स्वास्थ्य की जांच पर ज़ोर दिया

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै खंडपीठ ने हाल ही में इस बात को रेखांकित किया कि पुलिस, जेल अधिकारियों और रिमांडिंग मजिस्ट्रेटों को मानसिक बीमारी (पीएमआई) से पीड़ित आरोपियों/कैदियों से कैसे निपटना चाहिए।अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 21 में 'हर व्यक्ति' की अभिव्यक्ति में एक गिरफ्तार व्यक्तियों/रिमांड कैदी भी शामिल है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम की धारा 20 (1) प्रत्येक पीएमआई को सम्मान के साथ जीने का अधिकार प्रदान करती है।मानसिक बीमारी से ग्रसित बंदियों या रिमांड कैदियों के दायित्व के बारे में अदालत ने...

मद्रास हाईकोर्ट ने काजू फैक्ट्री मजदूर की मौत के मामले में हत्या के आरोपी द्रमुक सांसद टी.आर.वी.एस रमेश को जमानत दी
मद्रास हाईकोर्ट ने काजू फैक्ट्री मजदूर की मौत के मामले में हत्या के आरोपी द्रमुक सांसद टी.आर.वी.एस रमेश को जमानत दी

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हत्या के आरोपी टी.आर.वी. कुड्डालोर से द्रमुक सांसद एस रमेश के मामले में पुलिस जांच के एक बड़े हिस्से पहले ही पूरा हो चुकने पर संतोष व्यक्त किया।न्यायमूर्ति एम. निर्मल कुमार ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपी सांसद ने अपने काजू कारखाने के कर्मचारी की मृत्यु के बाद स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया था। मामले अभी फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य रिपोर्ट प्राप्त होनी बाकी हैं।उसने 11 अक्टूबर को कोर्ट में सरेंडर किया था।अदालत ने जमानत आदेश में नोट किया,"तदनुसार, याचिकाकर्ता को...

जमानत आदेशों की ई-कॉपी रिहाई के लिए पर्याप्त, प्रमाणित कॉपी जरूरी नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट
जमानत आदेशों की ई-कॉपी रिहाई के लिए पर्याप्त, प्रमाणित कॉपी जरूरी नहीं: तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने किसी आरोपी के जमानत के आदेश की प्रति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जब तक कि जमानत आदेश उचित समय के भीतर प्रस्तुत नहीं किया जाता है, जमानत आदेशों की प्रमाणित प्रतियों की आवश्यकता नहीं। सर्टिफाइज कॉपी के बजाय ई-कॉपी के आधार पर ही जमानत आदेश को स्वीकार किया जा सकता है। अदालत ने आदेश सुनाया कि 22.11.2021 से मामले की स्थिति की जानकारी में उपलब्ध मामले के विवरण के साथ हाईकोर्ट की वेबसाइट से एक आदेश प्रति पर्याप्त होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नए निर्देश सभी जमानत...

अपरिहार्य मजबूरी के सामने आत्मसमर्पण करना सहमति नहींः केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा बरकरार रखी
अपरिहार्य मजबूरी के सामने 'आत्मसमर्पण करना' सहमति नहींः केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार की सजा बरकरार रखी

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि संभोग के लिए 'सहमति' और 'सबमिशन(आत्मसमर्पण करनेे)' के बीच काफी अंतर है। न्यायमूर्ति आर नारायण पिशारदी की पीठ ने आंशिक रूप से एक अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि, ''केवल इस कारण से कि पीड़िता आरोपी से प्यार करती थी, यह नहीं माना जा सकता कि उसने संभोग के लिए सहमति दी थी।'' हाईकोर्ट निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की तरफ से दायर अपील पर विचार कर रही थी। इस व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता की धारा 366ए (नाबालिग लड़की की...

विपरीत लिंग के दो व्यक्तियों के घनिष्ठ संबंध के बारे में कहना मानहानि के दायरे में नहीं माना जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट
विपरीत लिंग के दो व्यक्तियों के घनिष्ठ संबंध के बारे में कहना मानहानि के दायरे में नहीं माना जा सकता : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह मानहानि शिकायत मामले में समन आदेश को रद्द करते हुए कहा कि विपरीत लिंग के दो लोग के बीच करीबी संबंध होने के बारे में कहना मानहानि नहीं होगी।न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह की खंडपीठ ने आगे कहा कि प्राकृतिक या सामान्य मानवीय संबंध में किसी के करीब होना और अवैध संबंध बनाना दो पूरी तरह से अलग चीजें हैं।मामले के तथ्य संक्षेप मेंअदालत के समक्ष यह प्रस्तुत किया गया कि मानहानि के आरोप का गठन करने वाले बयान एक आपराधिक जांच के दौरान दर्ज किए गए। इसमें अदालत के समक्ष आवेदक...

झूठी चोरी के मामले में सार्वजनिक अपमान के कारण प‌िंक पुलिस ऑफिसर के खिलाफ 8 साल की बच्ची ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
झूठी चोरी के मामले में सार्वजनिक अपमान के कारण प‌िंक पुलिस ऑफिसर के खिलाफ 8 साल की बच्ची ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

एक लड़की ने मानवीय गरिमा के साथ जीने के अधिकार के संरक्षण के लिए केरल हाईकोर्ट से संपर्क किया है। लड़की ने आरोप लगाया कि उसे पिंक पुलिस ने सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।8 वर्षीय याचिकाकर्ता ने, जिस पर रेंजीथा नामक एक सिविल पुलिस अधिकारी ने मोबाइल फोन चोरी का झूठा आरोप लगाया था, उसने अदालत से संपर्क किया और अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के लिए राज्य को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की।याचिकाकर्ता और उसके पिता विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में एक सुरंग के निर्माण के लिए इस्तेमाल की...

पिता की याचिका-1984 के सिख विरोधी दंगों में हुए बेटे की मौत की घोषणा की जाए; दिल्ली कोर्ट ने कहा-कोई सबूत नहीं कि वह अस्तित्व में भी था
पिता की याचिका-1984 के सिख विरोधी दंगों में हुए बेटे की मौत की घोषणा की जाए; दिल्ली कोर्ट ने कहा-कोई सबूत नहीं कि वह अस्तित्व में भी था

दिल्ली की एक अदालत ने ठोस सबूत की कमी का हवाला देते हुए एक 80 वर्षीय व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी। याचिका में उसने राष्ट्रीय राजधानी में 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान कथित तौर पर मारे गए अपने बेटे की मौत की घोषणा करने की मांग की थी। तीस हजारी कोर्ट की सिविल जज हेली फर कौर ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मियां सिंह की याचिका को खारिज कर दिया, जिसने अपने बेटे अजीत सिंह के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की भी मांग की थी।यह देखते हुए कि वादी ने यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया कि...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
आपराधिक मुकदमों के शीघ्र निपटान में मदद करने के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना को मंजूरी दी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी [एनएफएसयू] की स्थापना के लिए उप-समिति की सिफारिशों को मंजूरी दे देते हुए उनकी पुष्टि की।न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि इस कदम से आपराधिक मुकदमों के शीघ्र निपटान में मदद मिलेगी, जो डीएनए रिपोर्ट आदि तैयार करने में देरी के कारण लंबे समय से लंबित हैं।न्यायाधीश ने कहा,"यह उम्मीद की जाती है कि पुलिस अधिकारियों, लोक अभियोजकों/अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों के कौशल को उन्नत करने के लिए नियमित ट्रेनिंग...