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'दोषी भी इंसानों से कम नहीं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज कराने के लिए दोषी की पैरोल अवधि बढ़ाई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक दोषी की पैरोल छुट्टी दस दिनों के लिए बढ़ा दी है, जिससे उसे अपनी पसंद के डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति मिल गई है।न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित ने कहा,"एक रिट कोर्ट मानवीय समस्याओं से आंखें नहीं मूंद सकता है और दोषी भी इंसानों से कम नहीं हैं। केवल इसलिए दोषी को सजा काटने के लिए सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है और इस तरह दोषी अपराध बोध से मुक्त हो जाता है।"जालसाजी के आरोप में जेल में बंद याचिकाकर्ता पंकज ए. पारेक ने अपनी पैरोल छुट्टी बढ़ाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने जैविक पिता के बजाय मृतक मां की दोस्त को 4 साल की बच्ची की कस्टडी दी, पिता को मुलाकात का अधिकार दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में साढ़े चार साल की एक बच्ची की कस्टडी जैविक पिता को सौंपने के बजाय मृतक मां की एक दोस्त को सौंप दी। हालांकि, कोर्ट ने जैविक पिता को मुलाकात का अधिकार प्रदान किया।कोर्ट ने माना कि जैविक पिता के साथ बच्ची के संबंध को उसकी मासूम उम्र से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।जस्टिस बिवास पटनायक और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने स्वीकार किया किजबकि बेटी अपनी मां की दोस्त के साथ बखूबी एडजस्ट कर चुकी है, फिर भी जैविक पिता के साथ उसके संबंध को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है।कोर्ट ने...
शांतिपूर्ण माहौल में काम करने का अधिकार एक बुनियादी अधिकार, यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने में प्रशासनिक चूक को स्वीकार नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, कलपक्कम के एक अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसले में शिकायतों को जल्द से जल्द निस्तारण में प्रशासन की जिम्मेदारी को रेखांकित किया है। अदालत ने कहा कि शिकायत की स्थापना के बाद से पर्याप्त समय बीतना और मामले में अंतिमता का अभाव महिला कर्मचारियों की दक्षता पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।समय का प्रवाह अनिवार्य रूप से उन पर प्रभाव डालेगा, जब वे उसी ही स्थान पर कार्य जारी रखेंगी। अदालत ने कहा कि मौजूदा मामले ने उसे मानसिक...
कंगना रनौत के खिलाफ 'खालिस्तान' टिप्पणी पर 25 जनवरी तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी: मुंबई पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
मुंबई पुलिस ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि वह 25 जनवरी तक अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ सिख समुदाय और खालिस्तानी आंदोलन के बारे में उनके इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर दर्ज प्राथमिकी में कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी।न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की खंडपीठ ने कंगना के अंडरटेकिंग को भी दर्ज किया कि वह सीआरपीसी की धारा 41 के तहत उन्हें दिए गए नोटिस के अनुपालन में अपना बयान दर्ज करने के लिए खार पुलिस के समक्ष पेश होंगी।पीठ कंगना की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो...
दिल्ली दंगे: कोर्ट ने लंबित मामलों में देरी से बचने के लिए डीसीपी को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को न्यायिक आदेशों का पालन करने के लिए संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया
दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों में न्यायिक आदेशों और ट्रायल कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लंबित मामलों में कोई देरी न हो।कड़कड़डूमा कोर्ट के उत्तर पूर्व जिले के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने सीएमएम द्वारा पारित एक आदेश को रद्द करते हुए आदेश पारित किया। इसमें दिल्ली पुलिस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।...
धीमी गति लेकिन लापरवाही से वाहन चलाना तेज और असावधानी से वाहन चलाने जैसा: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि लापरवाही और असावधानी से वाहन चलाना, भले ही वह कम गति से चलाया गया हो, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 279 के तहत ' तेज और असावधानी से गाड़ी चलाने' के समान होगा ।ट्रेकिंग पथ से होकर ट्रैक्टरों की लापरवाही और असावधानी भरी ड्राइविंग संबंधित एक मामले पर जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजितकुमार की खंडपीठ ने कहा,"सड़क पर वाहन चलाने वाला व्यक्ति कृत्य के साथ-साथ परिणाम के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। वाहन की गति के संदर्भ में यह निर्धारित करना...
कुछ दिन एक साथ रहने का मतलब यह नहीं है कि दो वयस्क वास्तव में 'लिव-इन-रिलेशन' में हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल द्वारा दायर सुरक्षा याचिका पर विचार करते हुए कहा कि केवल इसलिए कि दो वयस्क कुछ दिनों से एक साथ रह रहे हैं, उनका यह दावा पर्याप्त नहीं है कि वे वास्तव में लिव-इन-रिलेशनशिप में हैं।न्यायमूर्ति मनोज बजाज की पीठ ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज किया और यह नोट किया गया कि याचिका कार्रवाई के वैध कारण के बिना दायर की गई थी।पूरा मामलापीठ अनिवार्य रूप से 18 साल की लड़की और 20 साल के लड़के द्वारा दायर याचिका पर...
एनसीआर प्रदूषण: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईंट भट्टों को बंद करने में विफल रहने पर यूपी के दो जिलों के डीएम को अवमानना नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दो जिलों गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों के खिलाफ एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी ईंट भट्टों को बंद करने के न्यायालय के आदेश का पालन न करने के संबंध में अवमानना नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने बुलंदशहर के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और जिला मजिस्ट्रेट गौतमबुद्धनगर के सुहास लालिनकेरे यतिराज को उनके संबंधित जिलों में सभी ईंट भट्टों को बंद करने में विफल रहने पर नोटिस जारी किया।न्यायालय याचिकाकर्ता...
मद्रास बार एसोसिएशन चुनाव परिणाम घोषित; एडवोकेट वी आर कमलानाथन अध्यक्ष, एडवोकेट डी. श्रीनिवासन सचिव चुने गए
मद्रास बार एसोसिएशन (एमबीए) के सात दिसंबर, 2021 को घोषित परिणामों के अनुसार एडवोकेट वी. आर. कमलानाथन को एमबीए के अध्यक्ष के रूप में चुना गया।उन्हें कुल 626 वोटों में से 428 वोट मिले।एमबीए के सचिव पद के लिए अधिवक्ता डी. श्रीनिवासन को 332 मतों के साथ निर्वाचित घोषित किया गया।323 वोट हासिल करने वाले अधिवक्ता पी. श्रीनिवास एमबीए के कोषाध्यक्ष होंगे।एडवोकेट एन. रमैया 338 वोट हासिल कर लाइब्रेरियन होंगे।कार्यकारी समिति के सदस्य अधिवक्ता वी. रमेश, वाई.टी. अरविंद घोष, एस.के. चंद्रकुमार, आर. हेमलता और डी....
कासगंज कस्टोडियल डेथ: 'फांसी लगाकर आत्महत्या का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से असंभव': पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) ने कासगंज कस्टोडियल डेथ पीड़ित अल्ताफ के शरीर का दोबारा पोस्टमॉर्टम करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका में पीयूसीएल ने कस्टडी में बर्बरता, पूरे भारत को लंबे समय से त्रस्त के आलोक में आरोप लगाया है कि अल्ताफ के मामले में फांसी लगाकर आत्महत्या का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से असंभव है।अधिवक्ता शाश्वत आनंद और अधिवक्ता सैयद अहमद फैजान के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी के माध्यम से दायर याचिका में अल्ताफ के...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (06 दिसंबर, 2021 से 10 दिसंबर, 2021) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धारा 138 एनआई एक्ट के तहत शिकायत- "अभियुक्त को शिकायतकर्ता की ओर से दायर हलफनामे के आधार पर भी बुलाया जा सकता है": इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि अपर्याप्त कोष (धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम) के लिए एक चेक बाउंस मामले में, शिकायतकर्ता की ओर से दायर शपथ पत्र के आधार पर भी...
किसी ट्रैवल ब्लॉगर का पासपोर्ट अनुचित रूप से जब्त करना, उसके आजीविका के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है : एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर बेंच) ने हाल ही में कहा है कि अनुचित कारणों के आधार पर एक ट्रैवल ब्लॉगर का पासपोर्ट जब्त करना, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले उसके आजीविका के मौलिक अधिकार को प्रभावित करता है। न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल की खंडपीठ ने आगे कहा कि पासपोर्ट को केवल इसलिए जब्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि धारा 498-ए आदि के तहत अपराध का मामला लंबित है या किसी व्यक्ति के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। अदालत ने आगे फैसला सुनाते हुए कहा कि''यदि जांच अधिकारी इस बात पर अपना...
'बलात्कार की पीड़िता को डीएनए टेस्ट कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता': POCSO मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बलात्कार की पीड़िता को उसके बच्चे के पितृत्व का निर्धारण करने के लिए डीएनए टेस्ट करवाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।अदालत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सुल्तानपुर के 25 जून, 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इस तरह के डीएनए टेस्ट की अनुमति दी गई थी।न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 'अपनी एनर्जी या ऊर्जा को गलत दिशा में निर्देशित' किया है क्योंकि उनके...
पत्नी की जानकारी के बिना उसकी टेलीफोनिक बातचीत की रिकॉर्डिंग निजता का स्पष्ट उल्लंघन: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पत्नी की जानकारी के बिना उसकी टेलीफोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग निजता का स्पष्ट उल्लंघन है।न्यायमूर्ति लिसा गिल की खंडपीठ ने इस अवलोकन में एक फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। इस आदेश में पति को तलाक के मुकदमे (हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत) में पत्नी के खिलाफ क्रूरता का मामला दर्ज कराने के लिए उसके और उसकी पत्नी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत को साबित करने की अनुमति दी गई थी।फैमिली कोर्ट ने कॉम्पैक्ट डिस्क में निहित कथित टेलीफोन पर...
पंजाब ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
पंजाब सरकार ने केंद्र के उस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने के लिए असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर की दूरी के भीतर तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के अधिकार का विस्तार किया गया। पहले इन राज्यों में बीएसएफ के अधिकार 15 किलोमीटर तक सीमित थे। गुजरात राज्य के संबंध में अधिकार क्षेत्र की सीमा 80 किमी से घटाकर 50 किमी कर दी गई है। पंजाब राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के...
राजस्थान हाईकोर्ट ने एनसीएलटी जयपुर बेंच द्वारा फिजिकल सुनवाई से इनकार के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की जयपुर बेंच को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने यह नोटिस एनसीएलटी के एक आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता के अनुरोध को फिजिकल सुनवाई की अनुमति देने से इनकार करने पर जारी किया।न्यायमूर्ति अशोक कुमार गर्ग को याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अवगत कराया कि मामले की फिजिकल सुनवाई के लिए याचिकाकर्ता के आवेदन को एनसीएलटी ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि बुनियादी ढांचे के संबंध में फिजिकल सुनवाई के लिए एनसीएलटी की जयपुर...
सुप्रीम कोर्ट ने सात पूर्व मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीशों और 18 अधिवक्ताओं/एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड को सीनियर एडवोकेट डेसिग्नेशन दिया
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचित किया है कि हाईकोर्ट के सात पूर्व मुख्य न्यायाधीशों/न्यायाधीशों और 18 अधिवक्ताओं/एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड को 8 दिसंबर, 2021 से सीनियर एडवोकेट (वरिष्ठ अधिवक्ता) के रूप में नामित किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जजों ने 8 दिसंबर 2021 को हुई फुल कोर्ट मीटिंग में यह निर्णय लिया।इस संबंध में सीनियर एडवोकेट डेसिग्नेशन कमेटी के सचिव द्वारा सभी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, सेक्रेट्री, बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सभी राज्य बार काउंसिल के सचिवों को पत्र लिखा...
क्या कोई आरोपी अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए नार्को एनालिसिस टेस्ट करा सकता है? केरल हाईकोर्ट ने दिया जवाब
केरल हाईकोर्ट ने हाल में एक फैसले में पॉक्सो मामले में एक आरोपी की याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जहां उसने मामले में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए स्वेच्छा से नार्को एनालिसिस टेस्ट से गुजरने के लिए खुद को पेश किया था।जस्टिस एमआर अनीता ने यह देखते हुए कि अनुमति दिए जाने के बाद भी टेस्ट के जरिए प्राप्त बयान कानून में स्वीकार्य नहीं हैं, कहा, "नार्को एनालिसिस के जरिए किसी विशेष दवा के प्रभाव में किए गए खुलासे को किसी व्यक्ति द्वारा किए गए एक सचेत कार्य या दिए गए सचेत बयान के रूप...
लखीमपुर खीरी की घटना में अभी कई चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जाने हैं: यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बताया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बताया कि लखीमपुर खीरी घटना में अभी कई चश्मदीदों के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं, इसलिए उसने जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का और समय मांगा है। मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा हैं।न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले को 6 जनवरी, 2021 को सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया।29 नवंबर को कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद यूपी सरकार को जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने और सभी गवाहों के बयान दर्ज...



















