मुख्य सुर्खियां
मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से शादी खत्म करने की इजाजत: बॉम्बे हाई कोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि एक फैमिली कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से एक मुस्लिम जोड़े के विवाह को भंग कर सकता है, ने फैमिली कोर्ट की याचिका में दंपति के सौहार्दपूर्ण समझौते के आधार पर पति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अधिनियम 1937 की धारा 2 के तहत मुसलमानों से संबंधित सभी संपत्ति, विवाह, शादी का विघटन, मुबरात, गुजाराभत्ता, दहेज, गॉर्जियनशिप गिफ्ट, ट्रस्ट और ट्रस्ट की संपत्ति अधिनियम द्वारा शासित है।इसके अलावा, फैमिली...
"देश दिवालिया हो जाएगा": दिल्ली हाईकोर्ट ने COVID-19 मौतों के लिए 1 करोड़ रुपए का मुआवजा का आदेश देने से इनकार किया
दिल्ली होईकोर्ट (Delhi High Court) ने मंगलवार को COVID-19 या ठीक होने के एक महीने के भीतर COVID-19 के कारण मरने वालों के परिवार वालों को अनुग्रह मुआवजे के रूप में 1 करोड़ रुपये के भुगतान के आदेश पारित करने से इनकार किया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने शुरुआत में टिप्पणी की,"पूरा देश दिवालिया हो जाएगा।" आगे कहा कि पीड़ितों के परिवारों को मुआवजे के भुगतान के संबंध में पहले से ही एक नीति है और इसे उच्चतम न्यायालय ने डब्ल्यू.पी. (सी) संख्या 539/2021...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी जमीन की रक्षा के लिए बुलडोजर के सामने लेटने वाले जज को निलंबित किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश I (ADJ), सुल्तानपुर जिला न्यायालय मनोज शुक्ला को निलंबित कर दिया। मनोज शुक्ला तब सुर्खियों आए जब पिछले महिने बस्ती जिले में अपनी पैतृक भूमि बचाने के प्रयास में एक JCB/बुलडोजर के सामने लेट गए थे। इस जमीन से राज्य सरकार अतिक्रमण हटा रही थी।एडीजे मनोज शुक्ला मूल रूप से बस्ती जिले के छपिया शुक्ला गांव के रहने वाले हैं। वह वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में एडीजे के रूप में कार्यरत हैं। पिछले महीने वह कोट, पैंट और टाई पहनकर जेसीबी के सामने लेट गए। इस घटना का...
"शिकायतकर्ता की एनओसी और यह तथ्य कि वह पक्षद्रोही हो गई, कथित अपराध को माफ नहीं करता है": दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप के आरोपों के साथ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बलात्कार (Rape) के आरोपों के साथ दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) को रद्द करने से इनकार किया। कोर्ट ने देखा कि शिकायतकर्ता द्वारा दी गई एनओसी और तथ्य यह है कि वह पक्षद्रोही (Hostile) गई, उसके द्वारा आरोपित अपराध को माफ नहीं करता है।जस्टिस रजनीश भटनागर ने कहा कि केवल एक समझौता करने से आरोपों को कम नहीं कहा जा सकता है या शिकायतकर्ता द्वारा कथित अपराध के बारे में लगाए गए आरोपों ने किसी भी तरह से अपनी गंभीरता खो दी है।अदालत ने कहा,"बलात्कार का कृत्य किसी व्यक्ति के खिलाफ...
नियमित कार्य प्रभारित प्रतिष्ठान में कार्यरत व्यक्ति के परिवार को पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, ग्वालियर की खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि मप्र पेंशन नियम, 1979 के नियम 4ए, 6 (3) और मप्र सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 47 के सामंजस्यपूर्ण पठन से पता चलता है कि एक नियमित कार्यभारित प्रतिष्ठान में कार्यरत व्यक्ति के परिवार को उस पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता है, जिसके लिए वह नियम, 1979 के नियम 4ए के आधार पर हकदार होगा।जस्टिस रोहित आर्य और जस्टिस एमआर फड़के की खंडपीठ रिट कोर्ट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपीलकर्ता द्वारा दायर एक रिट अपील का निस्तारण कर रही थी,...
जहां संदेह के लाभ के आधार पर बरी किया गया हो, वहां सरकारी कर्मचारी के निलंबन की अवधि को 'ऑन ड्यूटी' नहीं माना जाएगाः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी को गंभीर अपराध के आरोप में निलंबित किया जाता है, और अगर बाद में उसे संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया जाता है तो भी उसे ड्यूटी पर मानकर निलंबन की अवधि को नियमित नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में विवेकाधिकार सक्षम प्राधिकारी का है। जस्टिस एएस चंदुरकर और जस्टिस जीए सनप की बेंच ने यह निर्णय दिया।ऑर्डनेंस फैक्टरी में कार्यरत याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके मद्देनजर उसे केन्द्रीय सिविल सेवा...
समझौते की अस्वीकृति से दुर्भावना पैदा हो सकती है, मुकदमे के लंबित रहने से करियर और खुशी प्रभावित होती है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में याचिकाकर्ता-आरोपी के खिलाफ शिकायतकर्ता-पीड़ित को खतरनाक हथियारों से कथित रूप से चोट पहुंचाने के मामले में दर्ज एक एफआईआर को रद्द कर दिया, जो कि धारा 324 आईपीसी के तहत दंडनीय नॉन कंपाउंडेबल अपराध है।जस्टिस अनूप चितकारा की पीठ ने कहा कि समझौते को अस्वीकार करने से दुर्भावना हो सकती है। इसके अलावा, मुकदमे के लंबित रहने से करियर और खुशी प्रभावित हो सकती है।जेएमआईसी जालंधर के समक्ष याचिकाकर्ता के अनुरोध के बाद मामला सामने आया, जिसमें कहा गया था कि अगर अदालत इस...
[बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब सिंडिकेट की संपत्ति जब्त नहीं करने पर आयकर विभाग को फटकार लगाई
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने सोमवार को बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद बड़ी मात्रा में शराबी की बरामदगी मामले में आयकर विभाग को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि शराब सिंडिकेट के पास आखिर पैसा कहां से आता है? इसकी जांच कौन करेगा?न्यायमूर्ति संदीप कुमार (Justice Sandeep Kumar) की एकलपीठ ने कहा कि ऊपर-ऊपर जांच कर लेने से काम नहीं चलेगा। आखिर शुरुआती दौर में किसी के पास पैसा कहां से आता है? इसकी जांच की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। एकल पीठ गंगाराम नाम के एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका...
अनुकंपा नियुक्ति अप्रत्याशित लाभ की स्थिति नहीं, अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में अनुकंपा नियुक्तियों (Compassionate Appointment) से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए कहा कि अनुकंपा नियुक्तियों का कोई सामान्य या निहित अधिकार नहीं है और इसे अप्रत्याशित लाभ की स्थिति (Bonanza) के रूप में नहीं माना जा सकता है।यह टिप्पणी न्यायमूर्ति एस पी केसरवानी और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती देने वाले इकबाल खान द्वारा दायर एक विशेष अपील को खारिज करते हुए की।क्या है पूरा मामला?याचिकाकर्ता-इकबाल...
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात विद्यापीठ यूनिवर्सिटी के कुलपति को हटाने पर रोक लगाई
गुजरात हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग द्वारा नवंबर, 2021 में लिए गए निर्णय के अनुसार गुजरात विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) अहमदाबाद के कुलपति को हटाने पर रोक लगा दी। उक्त आदेश में कुलाधिपति को याचिकाकर्ता-कुलपति को हटाने का निर्देश दिया गया है।याचिकाकर्ता ने यूजीसी के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि निष्कासन यूजीसी (विश्वविद्यालयों के लिए संस्थान) विनियम, 2019 के विनियमन 10.12.2.ई का उल्लंघन है।हाईकोर्ट का ध्यान नवंबर 2021 में आयोजित...
जब वादी की दलीलों से पता चलता है कि मुकदमा समय बाधित है, तब बिना मुकदमा चलाए उसे खारिज किया जा सकता हैः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि जब वादी की दलीलों से पता चलता है कि मुकदमा समय बाधित है, तब ट्रायल कोर्ट पर उसी आधार पर, बिना मुकदमा चलाए, मुकदमे को खारिज करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। जस्टिस सी हरि शंकर ने अपीलकर्ता (मूल वादी) की इस दलील को खारिज कर दिया कि परिसीमा को, तथ्य और कानून का मिश्रित प्रश्न होने के कारण ट्रायल के बाद ही तय किया जाना चाहिए था। पीठ एक मार्ग संबंधित विवाद का निस्तारण कर रही थी, जो अपीलकर्ता के अनुसार, उसके स्वामित्व वाली संपत्ति के साथ-साथ अन्य आस-पास के भूखंडों में प्रवेश...
निवास स्थान/अधिवास के आधार पर सार्वजनिक रोजगार से इनकार नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट ने दोहराया
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी उम्मीदवार को केवल इस आधार पर सार्वजनिक रोज़गार (नौकरी) से वंचित नहीं किया जा सकता कि वह किसी विशेष स्थान की निवासी या अधिवास नहीं है।जस्टिस वी.जी. अरुण ने ऐसा निर्णय देते हुए एक प्रस्ताव को रद्द कर दिया और घोषणा की कि पंचायत सबसे मेधावी उम्मीदवार को इस कारण से नियुक्ति से इनकार नहीं कर सकती कि वह पंचायत की निवासी नहीं है।उन्होंने कहा,"कानूनी स्थिति कि किसी उम्मीदवार के निवास स्थान या अधिवास के आधार पर सार्वजनिक रोजगारी (नौकरी) में भेदभाव नहीं हो सकता है, अब...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को पत्नी की देखभाल करने और घर की मरम्मत के लिए अस्थाई जमानत दी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court), ग्वालियर खंडपीठ ने मंगलवार को एक बलात्कार के आरोपी को अपनी घायल पत्नी की देखभाल करने और अपने घर की मरम्मत के लिए 45 दिनों के लिए अस्थायी जमानत दी।जस्टिस जीएस अहलूवालिया आईपीसी की धारा 376 (डी) और 304/34 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए आवेदक आरोपी द्वारा दायर की गई चौथी जमानत याचिका पर विचार कर रहे थे।आवेदक ने प्रस्तुत किया कि डीएनए टेस्ट रिपोर्ट में, उसका डीएनए प्रोफाइल अभियोजन पक्ष के आपत्तिजनक लेखों में पाया गया। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट संदिग्ध...
दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी विदेशी यात्राओं के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों को राजनीतिक मंजूरी लेने के विदेश मंत्रालय के फैसले को खारिज किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय की ओर से 13 जुलाई, 2021 को जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम को उस सीमा तक रद्द कर दिया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जजों को निजी विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी लेने की जरूरत थी।जस्टिस राजीव शकधर और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने कहा, "जहां तक 13.07.2021 के ऑफिस मेमोरेंडम में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जजों को निजी विदेशी यात्राओं के लिए राजनीतिक मंजूरी लेने की आवश्यकता है, यह अनावश्यक है, क्योंकि वे उच्च पदों पर हैं, विशेष रूप से इस तथ्य को देखते...
राजस्थान हाईकोर्ट में विभिन्न सरकारी योजनाओं में महिलाओं के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'बांझ', 'परित्यक्त', 'निराश्रित' जैसी शब्दावली बदलने की मांग वाली जनहित याचिका दायर
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) की जयपुर पीठ के समक्ष एक जनहित याचिका दायर कर प्रतिवादी राज्य को विभिन्न योजनाओं में महिलाओं के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'बांझ', 'परित्यक्त', 'निराश्रित' जैसी शब्दावली बदलने का निर्देश देने की मांग की गई है।वर्तमान जनहित याचिका कुणाल रावत द्वारा दायर की गई है।याचिकाकर्ता ने अदालत से निम्नलिखित राहत मांगी;"1. प्रतिवादी संख्या 1 और 2 को प्रतिवादी की विभिन्न योजनाओं में महिलाओं के लिए इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली को बदलने के लिए परमादेश या किसी अन्य...
मोटर वाहन एग्रीगेटर्स दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ओला और उबर से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को उबर इंडिया और ओला सहित कैब एग्रीगेटर्स से मोटर वाहन एग्रीगेटर्स दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। उक्त कैब्स को हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2020 के तहत प्रोविजनल लाइसेंस दिए गए थे।अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को शिकायत निवारण तंत्र में कमी का पता लगाने के लिए एग्रीगेटर्स के खिलाफ शिकायतों की प्रकृति में ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर विचार करने के लिए भी कहा।पीठ ने कहा कि उसके पास दिशा-निर्देशों में बेहतर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने में विभाग के लापरवाह रवैये के संबंध में यूपी डीजीपी की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad high Court) ने उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की स्थिति से अवगत कराने और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने में विभाग के अधिकारियों के लापरवाह रवैये के संबंध में पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग की है।जस्टिस सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यूपी के डीजीपी मुकुल गोयल को 21 अप्रैल, 2022 को एक आलोक कुमार द्वारा दायर अवमानना याचिका के संबंध में हाईकोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।पूरा मामलाआलोक कुमार ने 2018 में वर्तमान...
दिल्ली दंगे: अदालत ने दिल्ली पुलिस पर हमला करने वाले छह लोगों के खिलाफ आरोप तय किए
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में छह लोगों के खिलाफ आरोप तय किए। इस मामले में शहर के खजूरी खास और भजनपुरा इलाकों में तोड़फोड़, आगजनी करने और पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया गया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने इसके साथ ही सबूतों के अभाव में चार अन्य को आरोपमुक्त कर दिया।हेड कांस्टेबल अनिल कुमार के बयान के आधार पर 2020 पीएस खजूरी खास की एफआईआर 98 दर्ज की गई। अनिल कुमार अन्य कर्मचारियों के साथ दंगों को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था...
एनएलयूओ गर्ल्स हॉस्टल में एसटी समुदाय की कानून की छात्रा मृत मिली, आत्महत्या की आशंका
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा (एनएलयूओ) के गर्ल्स हॉस्टल में अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित द्वितीय वर्ष की छात्रा सुरभि पंचपाल आत्महत्या के संदिग्ध मामले में मृत पाई गई।हरियाणा की रहने वाली छात्रा कथित तौर पर सोमवार (4 अप्रैल) की रात पंखे से लटकी मिली थी। इसके बाद उसे एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कटक ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया।छात्रा के कथित आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर मामले की जांच शुरू कर दी...
वरिष्ठ अधिवक्ता सुखदेव व्यास का राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर परिसर में गिरने के बाद निधन
राजस्थान हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ, जोधपुर के महासचिव अधिवक्ता दर्शन राम ने राजस्थान हाईकोर्ट, जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर एवं अन्य अधीनस्थ न्यायालयों में कार्य स्थगित करने की मांग की ।साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के चुनाव अधिकारी चंद्रशेखर कोटवानी ने भी राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखा।पत्र में कहा गया,"यह सूचित किया जाता है कि हमारे बार के वरिष्ठ अधिवक्ता सुखदेव व्यास एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हाईकोर्ट परिसर में गिर गए, जिसके बाद उनका निधन हो गया। दुख की इस...







![[बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब सिंडिकेट की संपत्ति जब्त नहीं करने पर आयकर विभाग को फटकार लगाई [बिहार में शराबबंदी] पटना हाईकोर्ट ने शराब सिंडिकेट की संपत्ति जब्त नहीं करने पर आयकर विभाग को फटकार लगाई](https://hindi.livelaw.in/h-upload/uid/500x300_20808up1Na5yyDw2xayVNHtc0EPX4YB9wZDPW4036582.jpg)










