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दिल्ली हाईकोर्ट
सह-आरोपी का इकबालिया बयान; दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोप अटकलों के आधार पर होने के कारण चार्टर्ड अकाउंट के खिलाफ आरोप खारिज किए

दिल्ली हाईकोर्ट ने चार्टर्ड अकाउंट के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत सह-आरोपी द्वारा दिए गए इकबालिया बयानों के आधार पर अपने मुवक्किल को मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता करने के लिए लगाए गए आरोपो खारिज कर दिये।जस्टिस आशा मेनन की एकल पीठ ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत सह-आरोपी द्वारा दिए गए बयान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के गठन में साजिश में भागीदारी स्थापित करने के लिए अपर्याप्त हैं।याचिकाकर्ता विनोद कुमार किला ने विशेष न्यायाधीश, सीबीआई द्वारा...

दिल्ली हाईकोर्ट से महिला ने इच्छामृत्यु के लिए दोस्त को विदेश जाने से रोकने की मांग वाली याचिका वापस ली
दिल्ली हाईकोर्ट से महिला ने इच्छामृत्यु के लिए दोस्त को विदेश जाने से रोकने की मांग वाली याचिका वापस ली

दिल्ली हाईकोर्ट से महिला ने अपने दोस्त को "इच्छामृत्यु" के लिए यूरोप की यात्रा करने से रोकने की मांग करने वाली याचिका वापस ले ली।याचिकाकर्ता ने अपने पुरुष मित्र को विदेश जाने देने की मंजूरी देने से रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उक्त पुरुष को क्रोनिक थकान सिंड्रोम बीमारी है।जस्टिस यशवंत वर्मा को एडवोकेट सुभाष चंद्रन ने अवगत कराया कि उनके पास याचिका वापस लेने का निर्देश। उन्होंने कहा कि याचिका दायर करने वाली महिला को जब पता चला कि मामला दर्ज करने से उसके दोस्त को "सदमा" हुआ है तो उसने...

दुनिया जब ओणम मनाती है तो ये लोग भूखे रहते हैं: केरल हाईकोर्ट ने केएसआरटीसी कर्मचारियों को लंबित वेतन देने में देरी की निंदा की
'दुनिया जब ओणम मनाती है तो ये लोग भूखे रहते हैं': केरल हाईकोर्ट ने केएसआरटीसी कर्मचारियों को लंबित वेतन देने में देरी की निंदा की

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को केएसआरटीसी कर्मचारियों के लंबित वेतन के वितरण में देरी पर निराशा व्यक्त की। इस तरह अधिकारियों से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए केएसआरटीसी की संपत्ति का उपयोग करने के लिए कहा।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने न्यायालय द्वारा बार-बार आदेश पारित करने के बाद भी देरी पर असंतोष व्यक्त किया।कोर्ट ने टिप्पणी की,"जब दुनिया ओणम मना रही है तो ये लोग भूखे रहेंगे।"केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) ने पहले अपने कर्मचारियों को भुगतान किए जाने वाले वेतन का भुगतान करने के लिए...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य के जनजातीय क्षेत्र मेलघाट में कुपोषण से हुई बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य के जनजातीय क्षेत्र मेलघाट में कुपोषण से हुई बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को अमरावती जिले के मेलघाट के आदिवासी बेल्ट में सोलह वर्षों में कुपोषण के कारण कई बच्चों की मौत पर चिंता व्यक्त की।चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा,"...हम मुख्य रूप से इस बात से चिंतित हैं कि मौतें क्यों नहीं घट रही हैं।"2006 में याचिका दायर किए जाने के बाद से सोलह वर्षों में मौतों में उल्लेखनीय कमी नहीं आई है।चीफ जस्टिस ने एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें पालघर जिले के बोटोशी गांव में कोई अस्पताल नहीं होने के कारण मां ने अपने जुड़वां बच्चों को खो दिया।चीफ जस्टिस दीपांकर...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पोक्सो दोषसिद्धि को कम गंभीर अपराध में संशोधित किया, दोषी के अधिकतम सज़ा काटने के बाद उसे रिहा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पोक्सो दोषसिद्धि को कम गंभीर अपराध में संशोधित किया, दोषी के अधिकतम सज़ा काटने के बाद उसे रिहा किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि नाबालिग का यौन शोषण करने के आरोपी व्यक्ति को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत पेनिट्रेटिव यौन हमले के अपराध के लिए दंडित नहीं किया जा सकता, जब कथित कृत्य में 'पेनिट्रेशन' न हो।जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि पेनिट्रेशन के बिना इस तरह का कार्य केवल पॉक्सो एक्ट की धारा 9 (एम) के अनुसार बलात्कार या यौन उत्पीड़न का प्रयास है, जो एक्ट की धारा 10 के तहत 5-7 साल के कारावास के साथ दंडनीय है।अदालत मोहम्मद अज़ीज़ुल द्वारा तीन साल की नाबालिग लड़की पर गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए दोषी...

दिल्ली हाईकोर्ट
'पुलिस तीन महीने के भीतर जांच पूरी करे': दिल्ली हाईकोर्ट ने रेप केस में भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कथित 2018 रेप केस (Rape Case) में भाजपा (BJP) नेता सैयद शाहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने देखा कि शहर की पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने की पूरी तरह से अनिच्छा दिखाई दे रही है।जस्टिस आशा मेनन ने निर्देश दिया कि मामले की जांच पूरी की जाए और सीआरपीसी की धारा 173 के तहत एक विस्तृत रिपोर्ट तीन महीने की अवधि के भीतर एमएम के समक्ष प्रस्तुत की जाए।अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा 12 जुलाई, 2018 के विशेष...

वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, वे उसी तरह के सम्मान के हकदार हैं जो न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों को दिया जाता है: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
'वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, वे उसी तरह के सम्मान के हकदार हैं जो न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों को दिया जाता है': जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वकील कोर्ट के अधिकारी हैं और वे उसी तरह के सम्मान के हकदार हैं जो न्यायिक अधिकारियों और कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों को दिया जा रहा है।जस्टिस संजय धर ने देखा,"बेंच और बार न्याय के रथ के दो पहिये हैं। दोनों समान हैं और कोई भी दूसरे से श्रेष्ठ नहीं है। बार के सदस्य भी अत्यंत सम्मान और गरिमा के पात्र हैं।"अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें याचिकाकर्ताओं ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीनगर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत...

समय की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरफेथ कपल्स की सुरक्षा के लिए गठित स्पेशल सेल के विज्ञापन के लिए कहा
'समय की आवश्यकता': दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरफेथ कपल्स की सुरक्षा के लिए गठित स्पेशल सेल के विज्ञापन के लिए कहा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को इंटरफेथ विवाहित जोड़ों (Inter-Faith Couples) को सुरक्षा प्रदान करने के लिए शहर में गठित जिला स्पेशल सेल के संवेदीकरण और विज्ञापन करने के लिए कहा है। कोर्ट ने देखा कि ऐसा करना समय की आवश्यकता है।जस्टिस जसमीत सिंह एनजीओ धनक ऑफ ह्यूमैनिटी द्वारा दायर एक याचिका पर विचार कर रहे थे, जिसमें एक अंतर-धार्मिक जोड़े ने एक सुरक्षित घर में आश्रय की मांग की थी।दंपति ने दावा किया कि उन्हें अपने परिवारों से धमकी मिल रही है और आरोप लगाया कि उन्हें शहर में किराए के...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
वकील और कोर्ट के बीच कठोर शब्दों का आदान प्रदान किसी याचिका को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने का ठोस आधार नहीं : जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि केवल इसलिए कि अदालत और वकील के बीच बहस के दौरान कठोर शब्दों के आदान-प्रदान की घटना होती है, यह किसी याचिका को एक अदालत से दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने का ठोस आधार नहीं हो सकता। जस्टिस संजय धर की अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें याचिकाकर्ताओं ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीनगर द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं ने अदालत से घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला न्यायिक...

एलोपैथी डॉक्टर बनाम बाबा रामदेव: हाईकोर्ट ने योग गुरु को जनता को गुमराह न करने, आयुर्वेद के सम्मान की रक्षा करने को कहा
एलोपैथी डॉक्टर बनाम बाबा रामदेव: हाईकोर्ट ने योग गुरु को जनता को गुमराह न करने, आयुर्वेद के सम्मान की रक्षा करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को बाबा रामदेव से कहा कि उनके अनुयायियों और उनकी बातों पर विश्वास करने वाले लोगों के लिए उनका स्वागत है, हालांकि, एलोपैथी के खिलाफ बयान देकर जनता को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने पतंजलि के उत्पाद कोरोनिल के पक्ष में बोलते हुए योग गुरु को आधिकारिक से ज्यादा कुछ भी कहने से परहेज करने को कहा।बड़े पैमाने पर जनता के हित पर चिंता व्यक्त करते हुए, जस्टिस अनूप जे भंभानी ने कहा कि आयुर्वेद के अच्छे नाम और प्रतिष्ठा को किसी भी तरह से नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस...

मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने अन्नाद्रमुक में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया; नई सामान्य परिषद की बैठक के आयोजन का निर्देश

मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को अन्नाद्रमुक पार्टी की आम परिषद की नई बैठक आयोजित करने का आदेश दिया। अदालत ने यथास्थिति का भी आदेश दिया, जैसा स्थिति 23 जून को थी यानी 11 जुलाई को सामान्य परिषद की बैठक होने से पहले। अदालत ने देखा कि केवल समन्वयक और संयुक्त समन्वयक के पास ही सामान्य परिषद को बुलाने की शक्तियां थीं।जस्टिस जी जयचंद्रन की पीठ ने इस प्रकार तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम द्वारा पार्टी से उनके निष्कासन और 11 जुलाई को आयोजित अन्नाद्रमुक पार्टी की आम परिषद की बैठक को चुनौती देने...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
[निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट] मामले के निपटारे में देरी धारा 143A के तहत अंतरिम मुआवजा देने का आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने कहा है कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NIAct) की धारा 138 के तहत दायर मामले के निपटारे में देरी अधिनियम की धारा 143 ए के तहत अंतरिम मुआवजा देने का आधार नहीं हो सकता है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने पद्मनाभ टीजी द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और दिनांक 09.11.2021 के आदेश को रद्द कर दिया जिसमें याचिकाकर्ता को चेक राशि का 10 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया गया और मामले को फिर से आदेश पारित करने के लिए मजिस्ट्रेट अदालत को वापस भेज दिया...

झारखंड हाईकोर्ट
विशेष क्षेत्राधिकार सिविल सूट के लिए अच्छा, मध्यस्थता की सीट को प्रभावित नहीं कर सकता: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि केवल इसलिए कि एक भ‌िन्न न्यायालय को विशेष अधिकार क्षेत्र प्रदान किया गया है, यह विपरीत संकेत नहीं हो सकता और मध्यस्थता का स्थान अभी भी मध्यस्थता की सीट ही होगी।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि विशेष क्षेत्राधिकार क्लॉज मध्यस्थता के स्थान/सीट के पदनाम का स्थान नहीं ले सकता है।अनन्य क्षेत्राधिकार और सीट/स्थल के बीच संतुलन बनाते हुए, अदालत ने माना कि अनन्य क्षेत्राधिकार क्लॉज में बल होगा, जब पार्टियां सिविल सूट का सहारा लेंगी और स्थल का पदनाम मध्यस्थता की...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में प्राइवेट सर्वेयर द्वारा बनाए गए चंद्रशेखर आज़ाद पार्क का ले आउट प्लान खारिज किया, राज्य को नई योजना तैयार करने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में प्राइवेट सर्वेयर द्वारा बनाए गए चंद्रशेखर आज़ाद पार्क का ले आउट प्लान खारिज किया, राज्य को नई योजना तैयार करने का आदेश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रयागराज जिले में प्रायवेट लैंड सर्वेयर प्रोजेक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर द्वारा बनाए गए अमर चंद्रशेखर आजाद पार्क की ले आउट प्लान खारिज कर दी। कोर्ट ने राज्य सरकार को नई लेआउट योजना के साथ आने का निर्देश दिया।[नोट: यह पार्क (अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क) भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित एतिहासिक महत्व रखता है। वर्ष 1931 में महान क्रांतिकारी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद भगत सिंह के सहयोगी चंद्रशेखर आजाद को अंग्रेजों द्वारा इसी पार्क में बेरहमी से...

पति का पत्नी को आगे की पढ़ाई के लिए कहना, बच्चा पैदा करने के बारे में विचार व्यक्त करना क्रूरता नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
पति का पत्नी को आगे की पढ़ाई के लिए कहना, बच्चा पैदा करने के बारे में विचार व्यक्त करना 'क्रूरता' नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि एक पति अपनी पत्नी को शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दे या उसे ऐसा कहे तो उसे क्रूरता नहीं माना जा सकता है।ज‌स्टिस डॉ एचबी प्रभाकर शास्त्री की एकल पीठ ने डॉ शशिधर सुब्बान्ना और उनकी मां द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार कर लिया और भारतीय दंड की धारा 498-ए, धारा 34 और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए निचली अदालत द्वारा उन्हें दी गई सजा को रद्द कर दिया।निचली अदालत ने 7 सितंबर 2013 के आरोपियों को दोषी ठहराया था और सत्र अदालत ने एक...

उम्मीदवार अधिकार के रूप में यह दावा नहीं कर सकते कि किसी भी सरकारी पद पर हर साल भर्ती होनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
उम्मीदवार अधिकार के रूप में यह दावा नहीं कर सकते कि किसी भी सरकारी पद पर हर साल भर्ती होनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उम्मीदवार अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकते कि किसी भी पद पर भर्ती हर साल की जानी चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने कुछ अधिक उम्र के सहायक अभियोजन अधिकारी परीक्षा - 2022 उम्मीदवारों को राहत देने से इनकार कर दिया।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य सरकार की ओर से साल-वार पदों पर भर्ती नहीं करने की निष्क्रियता के कारण उम्मीदवारों को अधिक आयु होने के कारण चयन प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार नहीं मिल सकता।संक्षेप में मामलाकुछ एपीओ परीक्षा, 2022...

[मोटर दुर्घटना] साक्षर दावेदार विवेक का प्रयोग कर सकते हैं, ट्रिब्यूनल को बिना कारण बताए फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीप्ट में अपना पैसा निवेश करने से बचना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट
[मोटर दुर्घटना] साक्षर दावेदार विवेक का प्रयोग कर सकते हैं, ट्रिब्यूनल को बिना कारण बताए फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीप्ट में अपना पैसा निवेश करने से बचना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने एक वायु सेना के व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावों में दिए गए मुआवजे की फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीप्ट को समय से पहले निकालने की अनुमति दी, जो अपने स्थायी निवास के लिए घर खरीदने का इरादा रखता है।जस्टिस गीता गोपी ने कहा,"जमा किए गए धन दावेदारों के हैं। साक्षर विवेकपूर्ण ढंग से विवेक का प्रयोग कर सकते हैं, अपने फंड का प्रबंधन कर सकते हैं और व्यक्तिगत रूप से फंड के निवेश के लिए व्यवस्थित योजना के बारे में निर्णय ले सकते हैं। साक्षर व्यक्ति के मामले में, ट्रिब्यूनल को...