मुंबई कोर्ट ने पात्रा चॉल घोटाला मामले में संजय राउत की ईडी हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ाई

  • मुंबई कोर्ट ने पात्रा चॉल घोटाला मामले में संजय राउत की ईडी हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ाई

    मुंबई स्पेशल कोर्ट (Mumbai Special Court) ने आज पात्रा चाल घोटाला मामले (Patra Chawl Scam Case) में संजय राउत (Sanjay Raut) की ईडी (ED) हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ा दी।

    स्पेशल जज एमजी देशपांडे ने कहा कि एजेंसी ने जांच में 'उल्लेखनीय प्रगति' की है।

    आगे कहा,

    "तथ्य है कि 1.17 और 1.08 करोड़ रूपए का खुलासा पहले अदालत के सामने नहीं हुआ था। कुछ और राशि का खुलासा किया गया है। ईडी ने बैंक स्टेटमेंट और आगे के निशान की ओर इशारा किया।"

    जज ने गवाह स्वप्ना पाटाकर की ओर से एडवोकेट रंजीत सांगले द्वारा दायर एक हस्तक्षेप आवेदन को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्हें राउत ने धमकी दी थी।

    कोर्ट ने कहा कि सांगले यह सही नहीं ठहरा सकते कि सीआरपीसी की धारा 167 के तहत इस तरह का आवेदन कैसे मान्य है।

    कोर्ट ने कहा,

    "यदि आरोपी या उसकी ओर से दावा करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा कोई धमकी दी गई है, तो व्यक्ति को संबंधित प्राधिकारी से संपर्क करना होगा। यदि प्राधिकरण संज्ञान नहीं ले रहा है, तो उपाय अलग है।"

    अब तक मामला में क्या-क्या हुआ?

    गुरू आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पात्रा चॉल के पुनर्विकास में अनियमितताओं के संबंध में ईडी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के कथित उल्लंघनों की जांच कर रहा है। कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) की सहायक कंपनी है।

    इससे पहले ईडी ने मामले में राउत के करीबी सहयोगी प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत की संपत्तियों को भी कुर्क किया है।

    गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के साथ त्रि-पक्षीय समझौते में पात्रा चॉल के किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट विकसित करने, म्हाडा के लिए फ्लैट विकसित करने और अंत में शेष क्षेत्र को निजी डेवलपर्स को बेचने का काम किया है।

    हालांकि, ईडी के अनुसार, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के निदेशकों में से एक प्रवीण राउत ने म्हाडा को गुमराह किया और फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) को नौ निजी डेवलपर्स को बेचकर 901.79 करोड़ रुपये का संग्रह किया। यह 672 विस्थापित किरायेदारों या म्हाडा के हिस्से के लिए पुनर्वास हिस्से का निर्माण करने में विफल रहा।

    ईडी ने आगे दावा किया कि प्रवीण राउत ने एचडीआईएल से लगभग 100 करोड़ रुपये प्राप्त किए। इसे संजय राउत के परिवार सहित विभिन्न करीबी सहयोगियों को "डायवर्ट" किया।

    एक जुलाई को राउत से 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी, लेकिन उसके बाद चल रहे संसद सत्र का हवाला देते हुए उन्होंने समन का जवाब नहीं दिया।

    एजेंसी ने अंत में रिमांड में कहा,

    "अपराध की आय (पीओसी) में से लगभग 112 करोड़ रुपये (प्रवीण राउत को), ईडी ने अब तक पीओसी की 1,06,44,375/- रुपये की राशि संजय राउत/उनकी पत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने का पता लगाया है।"

    ईडी का प्रतिनिधित्व करने वाले विशेष लोक अभियोजक हितेन वेनेगवकर ने राउत को अपना "फ्रंट मैन" कहा। उन्होंने कहा कि राउत ने मुंबई के दादर इलाके और अलीबाग में किहिम में संपत्ति खरीदने के लिए पैसे का इस्तेमाल किया।


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