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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म, यौन पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा के लिए POCSO न्यायालयों को निर्देश जारी किए
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म, यौन पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा के लिए POCSO न्यायालयों को निर्देश जारी किए

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में विशेष पॉक्सो अदालतों को कई निर्देश जारी किए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच या मुकदमे के दरमियान पीड़ित बच्चे की पहचान का खुलासा न हो सके।जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस वीरेंद्र सिंह की खंडपीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 और पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत एक आरोपी को बरी करने के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दायर अपील पर विचार करते हुए ये निर्देश जारी किए।अभियुक्त के पक्ष में बरी करने के आदेश को बरकरार रखते हुए, अदालत ने मामले में निचली...

[पेंशन] घाटे में चल रहे सांविधिक संगठनों के कर्मचारी लाभ कमाने वाले निगमों के कर्मचारियों के साथ समानता की तलाश नहीं कर सकते: त्रिपुरा हाईकोर्ट
[पेंशन] घाटे में चल रहे सांविधिक संगठनों के कर्मचारी लाभ कमाने वाले निगमों के कर्मचारियों के साथ समानता की तलाश नहीं कर सकते: त्रिपुरा हाईकोर्ट

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा कि वैधानिक संगठनों के कर्मचारी अधिकार के रूप में पेंशन लाभ का दावा नहीं कर सकते, जैसा कि कुछ निगमों को प्रदान किया गया है, जो राज्य सरकार से एकमुश्त समर्थन के साथ अपना स्वयं का धन उत्पन्न करने में सक्षम हैं।जस्टिस अरिंदम लोध ने त्रिपुरा सड़क परिवहन निगम, त्रिपुरा चाय विकास निगम, त्रिपुरा पुनर्वास और वृक्षारोपण निगम, त्रिपुरा हथकरघा और हस्तशिल्प विकास निगम, त्रिपुरा अनुसूचित जनजाति, सहकारी विकास निगम, त्रिपुरा लघु उद्योग निगम, त्रिपुरा जूट मिल्स, त्रिपुरा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO मामले में खराब आचरण पर एसएचओ के निलंबन की सिफारिश करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने POCSO मामले में खराब आचरण पर एसएचओ के निलंबन की सिफारिश करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने कालकाजी पुलिस स्टेशन के एसएचओ (State House Officer) को निलंबित करने की सिफारिश करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। इसके साथ ही यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत दर्ज मामले में पीड़िता को पेश न करने पर उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने 25 नवंबर तक आदेश पर रोक लगा दी, यह देखते हुए कि निलंबन का आदेश अनुशासनात्मक प्राधिकरण के क्षेत्र में आता है और संबंधित एसएचओ को अवसर दिए बिना इसकी सिफारिश की...

दिल्ली हाईकोर्ट ने एफसीआरए के तहत अभियोजन शुरू होने से पहले अपराधों की कंपाउंडिंग के लिए केंद्र की 2013 की अधिसूचना की वैधता बरकरार रखी
दिल्ली हाईकोर्ट ने एफसीआरए के तहत अभियोजन शुरू होने से पहले अपराधों की कंपाउंडिंग के लिए केंद्र की 2013 की अधिसूचना की वैधता बरकरार रखी

दिल्ली हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल, 2013 की गृह मंत्रालय की अधिसूचना की वैधता बरकरार रखी, जिसमें विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 की धारा 41(1) के तहत जारी किसी भी अभियोजन की संस्था से पहले अपराधों को कम करने के लिए सक्षम अधिकारियों को निर्दिष्ट किया गया है।उक्त प्रावधान में कहा गया कि एफसीआरए अधिनियम के तहत दंडनीय कोई भी अपराध, जो केवल कारावास से दंडनीय अपराध नहीं है, किसी भी अभियोजन की संस्था से पहले ऐसे अधिकारियों द्वारा और ऐसी रकम के लिए कंपाउंड किया जा सकता है, जो केंद्र सरकार द्वारा जारी...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
क्रूरता की घटना इतनी पुरानी हो कि महिला के मानसिक संतुलन पर प्रभाव न पड़े तो साक्ष्य अधिनियम की धारा 13-बी के तहत अनुमान आकर्षित नहीं होगाः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में धारा 113-बी साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या की। कोर्ट ने हुए कहा कि क्रूरता की कथित घटना इतनी पुरानी हो चुकी हो कि संबंध‌ित महिला के मानसिक संतुलन को बिगाड़ न सके तो इसका कोई परिणाम नहीं होगा।धारा 113-बी साक्ष्य अधिनियम और धारा 304-बी आईपीसी के तहत उल्लिखित "उसकी मृत्यु से ठीक पहले" शब्द की व्याख्या करते हुए जस्टिस आरके वर्मा ने कहा कि यह शब्द प्रकृति में सापेक्ष है और इस संबंध में किसी निश्चित अवधि की ओर इशारा करना खतरनाक...

विशिष्ट कार्य करने के लिए दैनिक रेटेड या कार्य शुल्क के आधार पर नियुक्त अस्थायी अधिकारी ऐसी सेवा अवधि के लिए वरिष्ठता का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
विशिष्ट कार्य करने के लिए दैनिक रेटेड या कार्य शुल्क के आधार पर नियुक्त अस्थायी अधिकारी ऐसी सेवा अवधि के लिए वरिष्ठता का दावा नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि विशिष्ट कार्य करने के लिए विशिष्ट अवधि के लिए दैनिक रेटेड या कार्य प्रभार के आधार पर विशुद्ध रूप से नियुक्त किया गया अस्थायी अधिकारी किसी प्रतिष्ठान के नियमित कर्मचारी होने का दावा नहीं कर सकता। साथ ही कार्य प्रभार के आधार पर प्रदान की गई सेवा की अवधि के लिए वरिष्ठता का दावा नहीं कर सकता।जस्टिस गौरांग कंठ बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें औद्योगिक न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी द्वारा पारित अवार्ड को चुनौती दी गई, जिसके तहत रामजी...

केरल हाईकोर्ट
सत्र न्यायाधीश ने श्रम न्यायालय में अपने ट्रांसफर को दी गई चुनौती को खारिज करने के सिंगल बेंच के आदेश को केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी

सिविक चंद्रन मामले में 'उत्तेजक पोशाक' से संबंधित विवादास्पद आदेश पारित करने वाले कोझीकोड के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस. कृष्णकुमार ने पीठासीन अधिकारी, श्रम न्यायालय, कोल्लम पद पर अपने ट्रांसफर को दी गई चुनौती को एकल न्यायाधीश द्वारा खारिज करने के निर्णय के खिलाफ केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।एडवोकेट मैथ्यू जे मुरिकन के माध्यम से दायर रिट अपील में अपीलकर्ता ने एकल न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को इस आधार पर चुनौती दी कि यह कानून में टिकाऊ नहीं है, क्योंकि एकल न्यायाधीश का निष्कर्ष है कि...

ट्रांसजेंडर कैदियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए गए; जेलों में अलग सेल बनाए गए: पटना हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई बंद की
ट्रांसजेंडर कैदियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए गए; जेलों में अलग सेल बनाए गए: पटना हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई बंद की

पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका पर सुनवाई बंद कर दी, जिसमें ट्रांसजेंडर समुदाय से संबंधित कैदियों की सुरक्षा के उपायों की मांग की गई थी, चाहे वे पुलिस या न्यायिक हिरासत में हों।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस. कुमार की खंडपीठ ने कहा कि कुछ ऐसे उपाय किए गए, जो निश्चित रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों के हितों को देखने/उनकी रक्षा करने में लंबा सफर तय कर चुके हैं।इसमें कहा गया कि प्रधान सचिव, गृह विभाग, पटना और महानिरीक्षक कारागार, कारा और सुधार सेवा, बिहार सरकार, पटना द्वारा दायर...

हिसाब किताब टिप्पणी केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को विधायक अब्बास अंसारी के आपराधिक इतिहास का विवरण देने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया
'हिसाब किताब' टिप्पणी केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को विधायक अब्बास अंसारी के आपराधिक इतिहास का विवरण देने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश सरकार को हिसाब-किताब टिप्पणी मामले में जेल में बंद राजनेता मुख्तार अंसारी के बेटे मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी के आपराधिक इतिहास से संबंधित विवरण देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।जस्टिस समित गोपाल की पीठ मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी द्वारा हिसाब-किताब टिप्पणी मामले के संबंध में दायर आरोप पत्र को खारिज करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वह मार्च 2022 में मऊ जिले में एक सार्वजनिक रैली में सरकारी अधिकारियों को धमकी देने वाले अपने...

दिल्ली हाईकोर्ट
वैवाहिक मामलों में पक्षकारों के बीच समझौता होने के बाद आईपीसी की धारा 377 के तहत एफआईआर रद्द की जा सकती हैः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि जिन वैवाहिक मामलों में आपसी समझौता हो जाता है,वहां भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत अपराध से भी समझौता किया (आपस में मिलकर निपटाया) जा सकता है और एफआईआर को रद्द किया जा सकता है क्योंकि पक्षकारों को अपने जीवन में आगे बढ़ना है। जस्टिस तलवंत सिंह की पीठ ने रिफाकत अली व अन्य बनाम राज्य व अन्य के मामले में एक समन्वय पीठ द्वारा 26 फरवरी, 2021 को दिए गए एक निर्णय से सहमति व्यक्त की, जिसमें अदालत ने आईपीसी की धारा 377 के तहत दर्ज एक एफआईआर को रद्द कर दिया था। कोर्ट...

एएमयू में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन- छात्रों को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए जो महान शिक्षण संस्थानों को बदनाम करती हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
एएमयू में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन- 'छात्रों को ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए जो महान शिक्षण संस्थानों को बदनाम करती हैं': इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने दिसंबर 2019 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हुई कुछ घटनाओं (एंटी-सीएए प्रोटेस्ट के दौरान) से संबंधित मुद्दों को उठाने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा,"छात्र शिक्षा के उद्देश्य से विश्वविद्यालयों या किसी भी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन लेते हैं और इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होते हैं, जिससे महान शिक्षण संस्थानों का नाम खराब होता है।"चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस जे जे मुनीर की पीठ ने याचिकाओं को खारिज कर दिया क्योंकि बेंच ने राष्ट्रीय...

दिल्ली हाईकोर्ट
यूएपीए की धारा 45(1) के तहत अभियोजन के लिए मंजूरी देने के संबंध में दस्तावेजों के खुलासा को आरटीआई अधिनियम के तहत छूट दी जा सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुंबई ट्विन ब्लास्ट मामले (7/11 बम विस्फोट मामले) में एक दोषी द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा पारित एक आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसे यूएपीए की धारा 45(1) के तहत अभियोजन के लिए मंजूरी देने से संबंधित प्रस्ताव और सभी दस्तावेजों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया गया था।एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी नामक शख्स को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 और राष्ट्रीय जांच अधिनियम, 2008 के तहत दोषी ठहराया गया...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हावेरी के डिप्टी कमिश्नर को कथित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हावेरी के डिप्टी कमिश्नर को कथित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने हावेरी जिले के डिप्टी कमिश्नर को बिना किसी लाइसेंस के जिले में कथित अवैध बूचड़खानों के संचालन के बारे में दिए गए अभ्यावेदन पर तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।एक्टिंग चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने सोमशेखर शंकरप्पा हुरुकदली द्वारा दायर एक जनहित याचिका का निपटारा किया।याचिकाकर्ता द्वारा यह दावा किया गया कि उसने तीन मौकों पर अभ्यावेदन प्रस्तुत कर प्रतिवादियों को अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश...

आदेश 23 नियम 3 सीपीसी | विकृत समझौता डिक्री को वही न्यायालय वापस ले सकता है, इस तरह के डिक्री को अलग मुकदमे में चुनौती देने पर रोक: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
आदेश 23 नियम 3 सीपीसी | विकृत समझौता डिक्री को वही न्यायालय वापस ले सकता है, इस तरह के डिक्री को अलग मुकदमे में चुनौती देने पर रोक: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि एक समझौता विलेख दरअसल पक्षों के बीच न्यायालय की डिक्री द्वारा आरोपित एक अनुबंध है और इस प्रकार की डिक्री को केवल उसी न्यायालय से संपर्क कर और उसके समक्ष यह प्रदर्शित करके टाला जा सकता है कि जिस समझौत के आधार पर डिक्री पारित की गई है, वह वैध नहीं है।जस्टिस संजीव कुमार की पीठ ने उक्त टिप्‍पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत असाधारण रिट क्षेत्राधिकार का आह्वान करते हुए मुंसिफ कोर्ट (अतिरिक्त...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
सीआरपीसी की धारा 451 के तहत जब्त किए गए सोने के गहने अधिकतम एक महीने तक कस्टडी में रखे जा सकते हैंः कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी अपराध की जांच के दौरान सोने के सराफा या सोने के गहने जब्त किए जाते हैं तो इसके लिए अधिकतम 15 दिन या एक महीने की अवधि हो सकती है और बाद में इसे रिलीज़ किया जाना चाहिए। पीड़ित/शिकायतकर्ता/आवेदक को उसकी अंतरिम कस्टडी सौंपी जानी चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने मेसर्स नंबूर ज्वैलर्स द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस द्वारा जब्त किए गए सोने की अंतरिम कस्टडी सौंपने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता हमीद अली के खिलाफ भारतीय दंड संहिता...

Consider The Establishment Of The State Commission For Protection Of Child Rights In The UT Of J&K
आरक्षण हर योग्य उम्मीदवार तक पहुंचना चाहिए, यह लाभ आरक्षित श्रेणी का ऐसा उम्मीदवार न निगल जाए, जिसके पास सामान्य श्रेणी के अंतिम उम्मीदवार की तुलना में समान या बेहतर मेरिटः जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आरक्षण का लाभ संबंधित कैटेगरी में योग्य उम्मीदवार तक पहुंचना चाहिए। कोर्ट ने कहा राज्य का यह दायित्व है कि वह यह देखे के यह लाभ आरक्षित श्रेणी का ऐसा उम्मीदवार न निगल जाए, जिसके पास सामान्य श्रेणी में प्रवेश पाने वाले अंतिम उम्मीदवार की तुलना में समान या बेहतर मेरिट है।चीफ जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ रिट कोर्ट के फैसले के खिलाफ चेयरमैन, जेएंडके बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेश (बीओपीईई) के माध्यम से दायर एक...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई, 2019 में वकील कुंवर गंगेश सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) में अपने प्रशासनिक पक्ष से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है, जिसमें शहर भर की विभिन्न जिला अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के निर्देश देने की मांग की गई।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दायर पूर्व स्टेटस रिपोर्ट वर्ष 2020 की है, जिससे प्रशासन को मामले में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।मामले की सुनवाई अब 9 जनवरी...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को अनुदान देने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द करने से इनकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को अनुदान देने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द करने से इनकार किया

कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में दुर्गा पूजा के दौरान पूजा समितियों को अनुदान देने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द करने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने सरकार को केवल उन्हीं क्लबों/पूजा समितियों के पक्ष में अनुदान जारी करने का निर्देश दिया, जिन्होंने पिछले वर्ष इसका उपयोग उस उद्देश्य के लिए किया था, जिसके लिए प्रदान किया गया था और समय के भीतर विधिवत उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ ने राज्य सरकार के पश्चिम बंगाल राज्य...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
सीआरपीसी की धारा 451- 'जब्त किए गए सोने के गहने अधिकतम 1 महीने तक कस्टडी में रखे जा सकते हैं': कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट Karnataka High Court) ने कहा कि अगर किसी अपराध की जांच के दौरान सोने के गहने जब्त किए जाते हैं, तो अधिकतम 15 दिन या एक महीने की अवधि हो सकती है और बाद में, इसे छोड़ा जाना चाहिए और पीड़ित/शिकायतकर्ता/आवेदक को अंतरिम कस्टडी सौंपी जानी चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने नंबूर ज्वैलर्स द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और पुलिस द्वारा जब्त किए गए सोने की अंतरिम कस्टडी को सौंपने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 451 और 457 के तहत एक...