मुख्य सुर्खियां
शादीशुदा महिला को शादी के झूठे वादे पर सहमति देने के लिए फुसलाया नहीं जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि जो विवाहित महिला अपने पति के अलावा किसी अन्य पुरुष के साथ सहमति से यौन संबंध बनाती है, बाद में शादी के झूठे बहाने से बलात्कार के लिए उस पर मुकदमा नहीं चला सकती। दूसरे शब्दों में न्यायालय का विचार है कि विवाहित महिला को शादी के झूठे वादे पर सेक्स के लिए सहमति देने के लिए फुसलाया नहीं जा सकता, क्योंकि ऐसा वादा अवैध है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल न्यायाधीश पीठ ने आरोपी-याचिकाकर्ता पर लगाए गए बलात्कार के आरोप का संज्ञान लेने के आदेश को रद्द करते हुए कहा,"मामले में...
वेश्यालय के ग्राहक पर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 7 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वेश्यालय में 'ग्राहक' पर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 7 के तहत आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है, यदि प्रावधान में निर्दिष्ट शर्तें पूरी होती हैं।अधिनियम की धारा 7 कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में वेश्यावृत्ति को दंडनीय बनाती है और न्यायालय ने इस मामले में पाया कि अधिनियम की धारा 7(1) में वर्णित शब्द 'व्यक्ति जिसके साथ वेश्यावृत्ति की जाती है' में 'ग्राहक' शामिल होगा।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने कहा,क़ानून की दंडात्मक सीमा में आने वाले ग्राहक की अनुपस्थिति...
[पीएम मोदी पर फेक ट्वीट] साकेत गोखले को गुजरात कोर्ट से मिली जमानत, एक नए मामले में फिर से गिरफ्तार
गुजरात के अहमदाबाद जिले की एक अदालत ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता साकेत गोखले (Saket Gokhale) को उनके खिलाफ एक प्राथमिकी के संबंध में जमानत दे दी थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की पिछले महीने मोरबी की यात्रा के स्थान पर ट्विटर पर एक फेक न्यूज रिपोर्ट ट्वीट करने का आरोप लगाया गया था।हालांकि, उसके बाद जल्द ही मोरबी में उसके खिलाफ दर्ज एक नई प्राथमिकी में, इसी तरह के आरोपों पर आईपीसी की धारा 125 [चुनाव के दौरान वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना] के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।उनके खिलाफ यह...
अगर समाज तरक्की कर रहा है तो कानून क्यों नहीं तरक्की कर सकते? बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन नहीं पर सरकार की खिंचाई की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पुलिस विभाग में भर्ती के लिए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए प्रावधान नहीं करने और 'नींद' में रहने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई की।पीठ ने कहा,''सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने के बावजूद आपकी सरकार ने सात साल तक कुछ नहीं किया। हमें ऐसा क्यों करना पड़ रहा है?चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अभय आहूजा की खंडपीठ गृह विभाग के सभी भर्ती आवेदनों में 'अन्य लिंग' विकल्प जोड़ने के लिए महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण द्वारा जारी निर्देशों के खिलाफ राज्य की अपील पर सुनवाई कर रही...
'अपनी गलती सुधारने के लिए अदालत के लिए कोई देरी बहुत लंबी नहीं': जेकेएल हाईकोर्ट ने मृत व्यक्ति के खिलाफ असावधानीपूर्ण कार्यवाही और फैसले पर कहा
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने मृत व्यक्ति के खिलाफ अनजाने में दिए गए आदेशों और निर्णयों की श्रृंखला को अलग करते हुए कहा कि उसे अपनी गलतियों को सुधारने का अधिकार है, चाहे देरी कितनी भी हो।जस्टिस रजनेश ओसवाल और जस्टिस राहुल भारती की खंडपीठ ने कहा,"न्यायालय के लिए अपनी गलती/त्रुटि में सुधार करने के लिए कोई देरी बहुत लंबी/देरी नहीं है ताकि प्रभावों को पूर्ववत किया जा सके और न्याय को बहाल किया जा सके... अदालत केवल अपनी प्रतिष्ठा को बढ़ाती है जब वह किसी गलती/त्रुटि को स्वीकार करती है और...
अगर प्रीमियम चेक डिसऑनर होने पर पॉलिसी रद्द करने की सूचना दुर्घटना से पहले बीमित व्यक्ति को नहीं दी गई है तो बीमाकर्ता थर्ड पार्टी को मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनी थर्ड पार्टी को मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, भले ही बीमाधारक द्वारा प्रीमियम के लिए जारी किया गया चेक डिसऑनर हो गया हो, अगर इस तरह के तथ्य को मोटर दुर्घटना होने से पहले पॉलिसी धारक को सूचित नहीं किया गया।जस्टिस एचपी संदेश की एकल न्यायाधीश पीठ ने क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ दावेदार द्वारा दायर की गई अपील स्वीकार करते हुई उक्त टिप्पणी की।दावेदार के बीमा कंपनी को दायित्व से मुक्त करने पर कोर्ट ने कहा,"अधिकरण ने देयता के मुद्दे पर विचार करते...
दिल्ली कोर्ट ने डीसीडब्ल्यू में अवैध नियुक्तियों को लेकर स्वाति मालीवाल, 3 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) और तीन अन्य के खिलाफ एक मामले में भ्रष्टाचार के आरोप तय किए। इसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने महिला अधिकार निकाय में 6 अगस्त, 2015 से 1 अगस्त, 2016 के बीच आम आदमी पार्टी (आप) सहित विभिन्न परिचितों को अवैध रूप से नियुक्त करके अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और आर्थिक लाभ प्राप्त किया।राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज डीआईजी विनय सिंह ने कहा कि मालीवाल, प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक के...
"राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रशासन के खिलाफ विरोध करने का अधिकार है": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के मंत्री के खिलाफ मामला खारिज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश सरकार में मौजूदा मंत्री और भाजपा विधायक दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ दर्ज 2013 के एक आपराधिक मामले को खारिज कर दिया।कोर्ट ने कहा,"वयस्क मताधिकार पर आधारित लोकतंत्र में, राजनीतिक कार्यकर्ता और अन्य जन-उत्साही व्यक्तियों को कथित भेदभाव/अत्याचार, निष्क्रियता, चूक या राज्य प्राधिकरणों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करके प्रशासन के खिलाफ विरोध का अधिकार है।"जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने इस तथ्य को भी ध्यान में रखा कि राज्य सरकार ने पहले ही अभियोजन...
धारा 99 सीपीसी | 'आवश्यक पक्ष' को न जोड़ना अपील में डिक्री को उलटने या मूलतः तब्दील करने या मुकदमे को वापस भेजने का आधारः कोलकाता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में कहा कि एक 'आवश्यक पक्ष' को न जोड़ना अपील में डिक्री को उलटने या मूलतः तब्दील करने का आधार है। एक उपयुक्त मामले में इस प्रकार के मुकदमे में पारित डिक्री को रद्द करने के बाद खुद मुकदमे को रिमांड करने का आधार हो सकता है।फैसले का आधार यह तर्क था कि सीपीसी की धारा 99 की स्पष्ट वैधानिक भाषा किसी भी पक्ष को गलती से ना जोड़ पाने या ना जोड़ पाने के आधार पर, या कार्रवाई के कारण या मुकदमे की किसी भी कार्यवाही में किसी त्रुटि, दोष या अनियमितता के आधार पर, अपील में...
फोन लाइन टैप करना या बिना सहमति के कॉल रिकॉर्ड करना निजता के अधिकार का उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि संबंधित व्यक्ति की सहमति के बिना फोन लाइन टैप करना या कॉल रिकॉर्ड करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता का उल्लंघन है।जस्टिस जसमीत सिंह ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा कर्मचारियों के कथित अवैध फोन टैपिंग से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे को जमानत देते हुए ये टिप्पणियां कीं।ISEC सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने डेटा का विश्लेषण करने और साइबर कमजोरियों का मूल्यांकन करने के लिए NSE के साथ अनुबंध किया था। उसे...
किशोर संबंधों से जुड़े मामलों के लिए कानून में संशोधन का बेसब्री से इंतजार,मद्रास हाईकोर्ट ने POCSO मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखा
मद्रास हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में एक व्यक्ति की दोषसिद्धि और 10 साल की सजा को बरकरार रखते हुए हाल ही में कहा कि वह किशोरों के संबंधों से जुड़े मामलों से उचित रूप से निपटने के लिए कानून में संशोधन का ''उत्सुकता'' से इंतजार कर रहा है।जस्टिस पी वेलमुरुगन ने एक आरोपी रवि की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की है, जिस पर मई 2014 में एक 17 वर्षीय लड़की का अपहरण करने और उससे जबरन शादी करने का आरोप है। उसे निचली अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 366, पॉक्सो एक्ट की धारा 5 (एल) और...
खजूरी खास एफआईआर में उमर खालिद और खालिद सैफी के आरोपमुक्त होने का मतलब यह नहीं कि सबूत की कमी है: दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट से कहा
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि खजूरी खास एफआईआर में एक्टिविस्ट उमर खालिद और खालिद सैफी को हाल ही में आरोपमुक्त करने का मतलब यह नहीं है कि यूएपीए मामले में उनके खिलाफ सबूतों की कमी है।पुलिस ने उन पर 2020 उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामलों में एक बड़ी साजिश करने का आरोप लगाया है।विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की विशेष पीठ के समक्ष एफआईआर 59/2020 में खालिद सैफी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए यह दलील दी।उक्त एफआईआर भारतीय दंड...
ओआईआर 10 सीपीसी| सफल बोलीदाताओं ने लेन-देन के संबंध में जब विवाद उठाया हो तो नीलामकर्ता के साथ असाइनमेंट डीड निष्पादित करने वाली पार्टी, आवश्यक पार्टी नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक फैसले में कहा कि एक पार्टी, जिसने एक नीलामीकर्ता के साथ असाइनमेंट डीड में प्रवेश किया है, सफल बोलीदाता के साथ लेन-देन पूरा होने के बाद और उसके संबंध में विवाद पैदा होने के बाद, ऐसे बोलीदाता द्वारा शुरू की गई कार्यवाही में आवश्यक पक्ष नहीं है ( क्योंकि वहां अनुबंध की गोपनीयता नहीं है)।पीठ ने कहा कि सीपीसी के आदेश 1 नियम 10(2) के तहत, न्यायालय का यह दायित्व है कि वह उक्त प्रावधान के संदर्भ में आदेश पारित करे, यदि यह पाता है कि किसी पक्ष को मुकदमे में गलत तरीके से...
उद्धव ठाकरे पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाने वाली शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू, महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट को महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को सूचित किया कि राज्य ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके परिवार की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू कर दी है।सरकारी वकील अरुणा पाई ने जस्टिस धीरज ठाकुर और जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस की खंडपीठ को सूचित किया कि आर्थिक अपराध शाखा ने एक गौरी भिडे द्वारा दायर शिकायत की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।अदालत ने भिडे की जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिकाकर्ता ने सीबीआई और ईडी को "मुंबई पुलिस में दर्ज उसकी शिकायत का संज्ञान लेने और जांच...
धारा 167(2) सीआरपीसी| अभियुक्त पहले फरार रहा हो तब भी वह डिफॉल्ट जमानत का हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में एक फैसले मे कहा कि सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत डिफॉल्ट जमानत का प्रावधान, एक ऐसे अभियुक्त के साथ जो एक बार फरार हो चुका है और बाद में गिरफ्तार कर गया है, वैसे अभियुक्त से अलग व्यवहार नहीं करता, जो फरार नहीं हुआ था...।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि विचार के लिए प्रासंगिक बिंदु केवल यह है कि आरोपी की गिरफ्तारी की तारीख से, जैसा कि मामला हो सकता है, आरोप पत्र 60/90 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर दायर किया गया था।कोर्ट ने...
अभियुक्त की ओर से आरोपमुक्ति के लिए दायर आवेदन में शिकायतकर्ता सुनवाई के अवसर का हकदार: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोहराया कि प्रथम शिकायतकर्ता को अदालत के समक्ष अभियुक्त की ओर से दायर डिस्चार्ज एप्लीकेशन में सुनवाई का अधिकार है।जस्टिस अमित बोरकर की पीठ ने प्रकाश सी सेठ बनाम महाराष्ट्र राज्य और अन्य, 2020 के मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर भरोसा करते हुए यह टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह माना था कि पहला शिकायतकर्ता अभियुक्त की ओर से आरोपमुक्ति का दावा करने के लिए दायर पुनरीक्षण आवेदन में सुनवाई का हकदार है।मामलाइस मामले में आवेदक (शिकायतकर्ता) ने मजिस्ट्रेट की अदालत...
'बैकडोर एंट्री पर रोक लगाई जाए': राजस्थान हाईकोर्ट ने दासवानी डेंटल कॉलेज पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, दाखिले को नियमित करने से किया इनकार
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) की जयपुर पीठ ने हाल ही में स्नातकोत्तर डेंटल मेडिकल छात्रों के एडमिशन को नियमित करने से इनकार कर दिया, जिन्हें 2017 में कोटा कॉलेज द्वारा एनईईटी पीजी प्रक्रिया का पालन किए किए बिना एडमिशन दिया गया था।चीफ जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस अनूप कुमार ढांड की खंडपीठ ने कहा कि उम्मीदवारों को एकल पीठ द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों के अनुसार 10 लाख रुपये का मुआवजा पाने के लिए कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई करने की स्वतंत्रता होगी।खंडपीठ ने कहा कि अब समय आ गया है कि शिक्षण...
पत्नी दो अलग-अलग अधिनियमों के तहत भरण-पोषण की हकदार, क्वांटम को तदनुसार समायोजित किया जा सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष रूप से किसी विशेष कानून के तहत भरण-पोषण प्रदान किए जाने के बाद पत्नी दो अलग-अलग अधिनियमों के तहत भरण-पोषण का दावा कर सकती है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल न्यायाधीश की पीठ ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत पत्नी को 30,000 रुपये का अंतरिम भरण-पोषण देने वाले फैमिली कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली पति द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी।उन्होंने तर्क दिया कि पत्नी के पास पहले से ही घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 से महिलाओं की सुरक्षा की धारा 12 के तहत...
पटना हाईकोर्ट ने 'पैगंबर' पर नूपुर शर्मा की टिप्पणी का समर्थन करने के आरोपी हिंदू संगठन के प्रमुख को दी जमानत
पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा टिप्पणी का समर्थन करने के आरोपी 'हिंदू पुत्र संगठन' के प्रमुख राजीव कुमार ब्रह्मर्षि को जमानत दी।जस्टिस शैलेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने ब्रह्मर्षि को इस तथ्य के मद्देनजर जमानत दी कि जांच पूरी हो चुकी है और जिन महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ की जानी है उनमें से अधिकांश पुलिस अधिकारी हैं।महत्वपूर्ण बात यह है कि अदालत ने यह भी पाया कि प्राथमिकी के अनुसार, केवल पोस्ट के कारण सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका...
किरायेदार के दुराचार के लिए मकान मालिक को अनिश्चित काल के लिए पीड़ित नहीं बनाया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने बाल श्रम मामले में संपत्ति की डी-सीलिंग का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि किरायेदार के दुराचार के कारण मकान मालिक को अनिश्चित काल तक पीड़ित नहीं बनाया जा सकता है, दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि पिछले साल सील की गई संपत्ति को डी-सील किया जाए, क्योंकि यह पाया गया कि किरायेदार ने सिलाई के व्यापार में बच्चों को लगाया था।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता केवल संबंधित संपत्ति की मकान मालकिन है और उसकी आय का स्रोत इसका किराया है।अदालत ने कहा,"किरायेदार के दुराचार के कारण उसे अनिश्चित काल तक पीड़ित नहीं किया जा सकता। इसके अलावा,...




















