मुख्य सुर्खियां

अगर अभियोजन पक्ष मृत्युदंड प्रस्तावित करता है तो उसे ट्रायल कोर्ट के समक्ष अभियुक्त की पृष्ठभूमि की जानकारी देनी होगी: सुप्रीम कोर्ट
अगर अभियोजन पक्ष मृत्युदंड प्रस्तावित करता है तो उसे ट्रायल कोर्ट के समक्ष अभियुक्त की पृष्ठभूमि की जानकारी देनी होगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक उल्लेखनीय फैसले में कहा है कि ऐसे मामलों में, जहां अपराध इतने जघन्य हों कि मौत की सजा को वारंट करते हों, अभियोजन पक्ष को ट्रायल कोर्ट के समक्ष वो सभी सामग्र‌ियां पेश करनी चाहिए, जो अभियुक्तों के पक्ष में शमनकारी परिस्थितियों का आकलन करने के लिए प्रासंगिक हों।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास उन मामलों में भी किया जाना चाहिए, जहां अभियुक्त को अंततः मौत की सजा नहीं दी जा सकती है। प‌िछले साल मनोज बनाम मध्य प्रदेश राज्य 2022 लाइवलॉ (एससी ) 510 में अदालत ने ट्रायल चरण में...

ईद और परशुराम जयंती समारोह- मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक अशांति से बचने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं, पुलिस बल सतर्क रहेंगे: गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
ईद और परशुराम जयंती समारोह- 'मॉब लिंचिंग, सांप्रदायिक अशांति से बचने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं, पुलिस बल सतर्क रहेंगे': गुजरात सरकार ने हाईकोर्ट को बताया

गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को गुजरात सरकार की इस दलील पर संतोष व्यक्त किया कि उसने त्योहारों के दौरान मॉब लिंचिंग या सांप्रदायिक अशांति से बचने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं और पुलिस ऐसे त्योहारों के दौरान सतर्क रहेंगी।उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अपने हलफनामे में, राज्य सरकार ने प्रस्तुत किया कि उसने अन्य बातों के साथ-साथ लाउडस्पीकरों और डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करने वाले पुलिस गश्त को बढ़ाने, वाहनों, लाठी-हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर्स, आंसू गैस के...

मोदी चोर टिप्पणी- ‘पटना कोर्ट में लंबित मानहानि का मामला दोहरे खतरे के सिद्धांत से प्रभावित’: राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया
'मोदी चोर' टिप्पणी- ‘पटना कोर्ट में लंबित मानहानि का मामला दोहरे खतरे के सिद्धांत से प्रभावित’: राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) के समक्ष राहुल गांधी की ओर से एक हलफनामा दायर किया गया है जिसमें कहा गया है कि पटना कोर्ट में राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा उनकी 'मोदी-चोर' टिप्पणी पर उनके खिलाफ दायर मानहानि का मामला दोहरे खतरे के सिद्धांत से प्रभावित है।गौरतलब हो कि मोदी द्वारा पटना कोर्ट में दायर मानहानि के मुकदमे को चुनौती देने वाली राहुल गांधी द्वारा वर्ष 2019 में दायर की गई निरस्ती याचिका में पूरक हलफनामा दाखिल किया गया है। ये डेवलपमेंट पटना कोर्ट द्वारा गांधी को धारा 313 सीआरपीसी...

एक फर्म के एकमात्र मालिक के रूप में पत्नी की ओर से जारी किए गए चेक के लिए एनआई एक्ट मामले में पति को आरोपी के रूप में नहीं बुला सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
एक फर्म के एकमात्र मालिक के रूप में पत्नी की ओर से जारी किए गए चेक के लिए एनआई एक्ट मामले में पति को आरोपी के रूप में नहीं बुला सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एक पति को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत अपराध के लिए एक आरोपी के रूप में नहीं बुलाया जा सकता है, जहां उसकी पत्नी व्यवसाय के एकमात्र मालिक के रूप में चेक जारी करती है।जस्टिस उमेश चंद्र शर्मा की पीठ ने याचिकाकर्ता पवन गर्ग द्वारा अदालत के समन आदेश को रद्द करने की मांग वाली याचिका को स्वीकार करते हुए कहा, "आवेदक को एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अभियुक्त के रूप में नहीं बुलाया जा सकता है और आवेदक के संबंध में समन आदेश उपरोक्त तथ्यों और मामले की परिस्थितियों...

जब सरकार मोबाइल डेटा निलंबित करती है तब सार्वजनिक वाईफाई तक पहुंच उपलब्‍ध कराई जाए, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार, यूओआई से जवाब मांगा
जब सरकार मोबाइल डेटा निलंबित करती है तब सार्वजनिक वाईफाई तक पहुंच उपलब्‍ध कराई जाए, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार, यूओआई से जवाब मांगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोबाइल डेटा सेवाओं को सीमित/ प्रतिबंधित किए जाने पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वाई-फाई या ब्रॉडबैंड के माध्यम से इंटरनेट का उपयोग करने के लिए एक वैकल्पिक साधन का प्रावधान करने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग करने वाली रिट याचिका पर पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।जस्टिस विनोद एस भारद्वाज की पीठ ने नीरज नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका में यह आदेश पारित किया, जिसने अदालत में यह तर्क दिया था कि मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के निलंबन से नागरिकों के एक विशेष वर्ग...

सुनने की क्षमता को शत-प्रतिशत नुकसान ना हो तो कान के पर्दे में लगी चोट आईपीसी की धारा 320 के तहत गंभीर चोट नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सुनने की क्षमता को शत-प्रतिशत नुकसान ना हो तो कान के पर्दे में लगी चोट आईपीसी की धारा 320 के तहत 'गंभीर चोट' नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि अगर कान के परदे में लगी चोट छेद की प्रकृति है, हालांकि इससे सुनने की क्षमता में शत प्रतिशत नुकसान नहीं हुआ है, तो ऐसी चोट आईपीसी की धारा 320 (तीसरे) के अनुसार 'गंभीर चोट' नहीं है।न्यायालय ने कहा कि ऐसी चोट (कान के परदे में छेद के कारण) को 'गंभीर चोट' श्रेणी में आने के लिए, चिकित्सा साक्ष्य के जर‌िए यह दिखाया जाना सुनने की क्षमता का सौ प्रतिशत नुकसान हो गया है।कोर्ट ने कहा,''देखा गया है कि यदि कान के परदे में छेद कर दिया गया हो तो कान की सुनने की क्षमता...

चूंकि याचिकाकर्ता को लगता है कि उसके साथ अनुचित पक्षपात किया जा रहा है, केवल इसलिए जांच सीबीआई को ट्रांसफर नहीं की जा सकती: यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली हाईकोर्ट
चूंकि याचिकाकर्ता को लगता है कि उसके साथ अनुचित पक्षपात किया जा रहा है, केवल इसलिए जांच सीबीआई को ट्रांसफर नहीं की जा सकती: यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि जांच ट्रांसफर करने का आदेश एक गंभीर मामला है, और चूंकि याचिकाकर्ता को लगता है कि उसके साथ अनुचित पक्षपात किया जा रहा है, केवल इसलिए जांच सीबीआई को ट्रांसफर नहीं की जा सकती।उक्त टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में आगे की जांच राज्य पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर करने की याचिका को खारिज दिया। अदालत ने कहा कि पुलिस अधिकारियों अपने कर्तव्यों में लापरवाही नहीं बरती है।जस्टिस जसमीत सिंह ने यह देखते हुए कि आगे की जांच का आदेश देने की शक्ति...

हाईकोर्ट ने आरोपी को हथकड़ी लगाने को लेकर पुलिस अधिकारी के खिलाफ अवमानना मामले में 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
हाईकोर्ट ने आरोपी को हथकड़ी लगाने को लेकर पुलिस अधिकारी के खिलाफ अवमानना मामले में 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक पुलिस अधिकारी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसने अकाली दल के सदस्य सुरेश कुमार सतीजा को 2018 के जालसाजी मामले में जांच के सिलसिले में बाजार ले जाने के दौरान हथकड़ी लगाई थी।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने आदेश में कहा,"इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता को प्रतिवादी द्वारा हथकड़ी लगाई गई थी, प्रतिवादी को 1,00,000/- रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया जाता है, जिसे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट कर्मचारी कल्याण संघ में जमा किया जाएगा।“अदालत 2018 में...

केंद्र की फैक्ट चेकिंग यूनिट केवल सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों संबंधित झूठी या भ्रामक जानकारी को हटाने का निर्देश दे सकती है, न कि व्यंग्य या विचारों कोः केंद्र का हलफनामा
केंद्र की फैक्ट चेकिंग यूनिट केवल सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों संबंधित झूठी या भ्रामक जानकारी को हटाने का निर्देश दे सकती है, न कि व्यंग्य या विचारों कोः केंद्र का हलफनामा

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया है कि केंद्र सरकार की आगामी फैक्ट चेकिंग यूनिट केवल सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से संबंधित झूठी या भ्रामक जानकारी को हटाने का निर्देश दे सकती है, न कि व्यंग्य या कलाकारों के विचारों को।मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामें कहा गया है,“यह दोहराया जाता है कि फैक्ट फाइंडिंग बॉडी की भूमिका केंद्र सरकार के किसी भी क्रियाकलाप तक सीमित है, जिसमें नीतियों, कार्यक्रमों, अधिसूचनाओं, नियमों, विनियमों, उसके कार्यान्वयन आदि के...

व्यक्तियों के एक समूह को गैंग माना जाए, इसके लिए एक या दूसरे रूप में हिंसा अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
व्यक्तियों के एक समूह को 'गैंग' माना जाए, इसके लिए एक या दूसरे रूप में हिंसा अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 की धारा 2 (बी) के तहत व्यक्तियों के एक समूह को 'गिरोह' के रूप में क्वालिफाई के लिए एक या दूसरे रूप में हिंसा अनिवार्य नहीं है।जस्टिस जेजे मुनीर की पीठ ने अधिनियम की धारा 2 (बी) का अवलोकन करने के बाद कहा कि दोहरे उद्देश्यों-सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करना या कोई अनुचित अस्थायी, आर्थिक लाभ आदि प्राप्त करना- को हिंसा, धमकी या हिंसा के प्रदर्शन या धमकी या जबरदस्ती, या अन्यथा से प्राप्त किया जा...

धारा 166, एमवीए 1988: कुंवारे हिंदू पुरुष की मोटर दुर्घटना में मृत्यु के कारण दिए गए मुआवजे पर उसकी मां ‌का पहला दावाः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
धारा 166, एमवीए 1988: कुंवारे हिंदू पुरुष की मोटर दुर्घटना में मृत्यु के कारण दिए गए मुआवजे पर उसकी मां ‌का पहला दावाः मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि एक कुंवारे हिंदू पुरुष की मोटर दुर्घटना में मृत्यु के कारण मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत दिए गए मुआवजे पर उसकी मां पहला दावा रखती है।जस्टिस जीएस अहलूवालिया की पीठ ने कहा कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 8 के आधार पर, मृत अविवाहित हिंदू की मां क्लास-1 की एक मात्र वारिस है। अधिनियम के तहत दिए गए मुआवजे पर उसका पहला दावा है।कोर्ट ने कहा,चूंकि मृतक अविवाहित था, इसलिए उसकी माता के अलावा प्रथम श्रेणी का कोई वारिस उपलब्ध नहीं है। यह कानून का एक...

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत के आधार पर बैंक खातों को एकतरफा फ्रीज करने को चुनौती देने वाली याचिका केरल हाईकोर्ट में दायर
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत के आधार पर बैंक खातों को "एकतरफा" फ्रीज करने को चुनौती देने वाली याचिका केरल हाईकोर्ट में दायर

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर दर्ज की जा रही शिकायतों के आधार पर बैंक खातों को "एकतरफा" फ्रीज करने को चुनौती देते हुए केरल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।जस्टिस विजू अब्राहम की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने राज्य के पुलिस प्रमुख को इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।इसमें याचिकाकर्ता विभिन्न बैंकों में खाताधारक हैं। यह प्रथम याचिकाकर्ता, मोइदीन पी. का मामला है, जिसका केरल ग्रामीण बैंक में बचत बैंक खाता है, खाते में 3.5...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने प्रक्रिया का पालन किए बिना कथित अतिक्रमण को गिराने पर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों पर 80,000 का जुर्माना लगाया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने प्रक्रिया का पालन किए बिना कथित अतिक्रमण को गिराने पर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों पर 80,000 का जुर्माना लगाया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बंगाल सार्वजनिक भूमि (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1962 के वैधानिक प्रावधानों का पालन किए बिना कथित अतिक्रमण को गिराने पर पश्चिम बंगाल के अधिकारियों पर 80,000 का जुर्माना लगायाजस्टिस मौसमी भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने कहा,"पश्चिम बंगाल सार्वजनिक भूमि (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1962 के वैधानिक जनादेश का पालन करने में विफल रहने पर राज्य के अधिकारियों की कार्रवाई - यह मानते हुए कि अधिनियम वर्तमान मामले में लागू है- और इस न्यायालय के समक्ष याचिका "कानून...

सिर्फ इसलिए कि अभियुक्त को बरी कर दिया गया, संबंधित प्राधिकरण की विभागीय जांच जारी रखने की शक्ति को छीना नहीं जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
सिर्फ इसलिए कि अभियुक्त को बरी कर दिया गया, संबंधित प्राधिकरण की विभागीय जांच जारी रखने की शक्ति को छीना नहीं जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि आपराधिक न्यायालय द्वारा बरी किए जाने का आदेश किसी कर्मचारी को स्वत: दोषमुक्ति का हकदार नहीं बनाता और निलंबन की अवधि के लिए पिछले वेतन के रूप में परिणामी राहत को अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा दंड के रूप में योग्यता के आधार पर रोका नहीं जा सकता।जस्टिस रवि कृष्ण कपूर की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,“इस मामले में जांच अधिकारी आपराधिक कार्यवाही में एकमात्र गवाह था। कोर्ट के सामने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। दस्तावेज जब्त किए जाने के बाद भी पेश नहीं किए गए। इसलिए...

पेंशन | रेगुलर कर्मचारी की क्वारिफाइंग सर्विस उस दिन से शुरू होती है जिस दिन से वह पहले पद का प्रभार लेते हैं, चाहे यह अस्थायी हो या रेगुलर: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
पेंशन | रेगुलर कर्मचारी की क्वारिफाइंग सर्विस उस दिन से शुरू होती है जिस दिन से वह पहले पद का प्रभार लेते हैं, चाहे यह अस्थायी हो या रेगुलर: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि सिविल सेवा और पेंशन नियम 1972 के नियम 13 के संदर्भ में रेगुलर सरकारी कर्मचारी की कॉन्ट्रैचुअल सर्विस उस दिन से शुरू होती है, जब वह अपने पहले पद का कार्यभार संभालता है, चाहे वह अस्थायी, स्थानापन्न या मौलिक हो।एक्टिंग चीफ जस्टिस सबीना और जस्टिस सत्येन वैद्य की खंडपीठ द्वारा इस आशय की घोषणा उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की गई, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने विवादित संचार को रद्द करने की मांग की, जिसके संदर्भ में पुरानी पेंशन के तहत उनके मामले पर...

पीड़ित लड़की से शादी करने से इनकार करने के बाद आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई: तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO मामले में दोषसिद्धि रद्द की
'पीड़ित लड़की से शादी करने से इनकार करने के बाद आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई': तेलंगाना हाईकोर्ट ने POCSO मामले में दोषसिद्धि रद्द की

तेलंगाना हाईकोर्ट ने 2015 के बलात्कार के मामले में सजा रद्द करते हुए कहा कि पीड़ित लड़की से शादी करने से इनकार करने के बाद आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों से पता चलता है कि पीड़िता स्वेच्छा से आरोपी के साथ रही थी।आरोपी को दोषी ठहराया गया और सत्र न्यायाधीश द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के प्रावधानों के तहत अप्रैल 2021 में सात साल की अवधि के लिए सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।जस्टिस जी. अनुपमा चक्रवर्ती ने कहा कि...

केरल शिक्षा नियमों के फॉर्म 27 के माध्यम से निर्दिष्ट होने पर संस्थान की अल्पसंख्यक स्थिति का आह्वान करने वाले हेडमास्टर की नियुक्ति स्वीकार की जा सकती है: हाईकोर्ट
केरल शिक्षा नियमों के फॉर्म 27 के माध्यम से निर्दिष्ट होने पर संस्थान की अल्पसंख्यक स्थिति का आह्वान करने वाले हेडमास्टर की नियुक्ति स्वीकार की जा सकती है: हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब हेडमास्टर को सीनियरटी को दरकिनार कर नियुक्त किया जाता है तो ऐसी नियुक्ति केवल तभी स्वीकार की जा सकती है जब नियुक्ति आदेश में यह संकेत दिया गया हो कि नियुक्ति संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे को लागू करके की जा रही है।जस्टिस पी वी कुन्हीकृष्णन की एकल पीठ ने कहा कि जब शैक्षणिक संस्थान का प्रबंधक अपने अल्पसंख्यक अधिकारों के प्रयोग में सीनियरटी की अनदेखी करके हेडमास्टर की नियुक्ति करता है तो इसे केईआर (केरल शिक्षा नियम) के फॉर्म 27 के तहत नियुक्ति आदेश में स्पष्ट...

आरोपी जब अंतरिम जमानत पर हो, तब उसके खिलाफ केवल एफआईआर दर्ज होना जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट
आरोपी जब अंतरिम जमानत पर हो, तब उसके खिलाफ केवल एफआईआर दर्ज होना जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं: जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि एक आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना उसकी अंतरिम जमानत शर्तों का उल्लंघन नहीं करता है, क्योंकि यह कानूनी प्रक्रिया में केवल एक प्रारंभिक कदम है और जरूरी नहीं कि यह आपराधिक गतिविधि का संकेत दे।जस्टिस संजय धर की पीठ ने कहा,"याचिकाकर्ता के जमानत आवेदन के लंबित रहने के दौरान जब वह अंतरिम जमानत पर था, उसके खिलाफ केवल एक एफआईआर दर्ज करना, अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं हो सकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि केवल एफआईआर दर्ज करने का मतलब यह...