मुख्य सुर्खियां

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्टों में भीड़भाड़ कम करने, जजों की नियुक्ति और उनके मूल्यांकन के लिए एक नई न्यायिक निकाय बनाने पर केंद्र विचार करे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्टों में भीड़भाड़ कम करने, जजों की नियुक्ति और उनके मूल्यांकन के लिए एक नई न्यायिक निकाय बनाने पर केंद्र विचार करे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ ने पिछले दिनों अथॉरिटीज को निर्देश दिया कि वे संवैधानिक अदालतों के अलावा अन्य अदालतों में नियुक्तियों के लिए एक केंद्रीय निकाय की स्थापना के बारे में सोचे और यह भी सोचे कि संवैधानिक अदालतों में नियुक्तियों की जो वर्तमान व्यवस्था है उसमें सभी स्तरों पर जो खामियां हैं उसको कैसे दूर किया जा सकता है।न्यायमूर्ति एके गोएल और यूयू ललित की पीठ ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को छेड़े बिना विशेषज्ञों की एक पूर्णकालिक निकाय हो जो नियुक्ति के लिए उपयुक्त व्यक्ति की पहचान,...

भारत की सार्वजनिक नीति भारत में लागू कानून के सदंर्भ में है चाहे वो राज्य का कानून हो या केंद्रीय कानून : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
भारत की सार्वजनिक नीति भारत में लागू कानून के सदंर्भ में है चाहे वो राज्य का कानून हो या केंद्रीय कानून : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

मैसर्स लॉयन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि  'भारत की सार्वजनिक नीति' भारत में लागू कानून को सदंर्भित करती है चाहे वो राज्य का कानून हो या केंद्रीय कानून।न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ मध्यस्थ को सौंपे गए अनुबंधों के निष्पादन के एक विवाद में मध्यस्थ न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए अवार्ड को रद्द   करने की कार्यवाही से संबंधित अपील से संबंधित था।यह सवाल उठा कि क्या मध्यस्थ के सामने अधिनियम की धारा 16 (2) के तहत ना की गई...

SC ने अपने आदेश का एक हिस्सा वापस लिया जब वादी ने कहा कि उनके वकील ने HC में बिना निर्देश बयान दर्ज किए [आर्डर पढ़े]
SC ने अपने आदेश का एक हिस्सा वापस लिया जब वादी ने कहा कि उनके वकील ने HC में बिना निर्देश बयान दर्ज किए [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में किरायेदार  से संबंधित एक मामले में अपने आदेश का एक हिस्सा वापस ले लिया जब  मकान मालिक ने कहा कि उनके वकील ने बिना उनके निर्देश के हाई कोर्ट के सामने बयान दिया था।इस मामले में उच्च न्यायालय ने किराया नियंत्रण अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें किरायेदार को दुकान खाली करने को कहा गया था। ये फैसला तब दिया गया जब मकान मालिक की ओर से पेश वकील ने बयान दिया कि अगल किरायेदार 10,000 प्रति माह दर पर किराया चुकाता है तो दुकान खाली करने की जरूरत नहीं है। हालांकि  उच्च...

सूचना नहीं देने पर केंद्रीय सूचना आयुक्त ने अपने ही सीपीआईओ को नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]
सूचना नहीं देने पर केंद्रीय सूचना आयुक्त ने अपने ही सीपीआईओ को नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]

केंद्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी) ने गत सप्ताह अपने ही सीपीआईओ को नोटिस जारी किया क्योंकि वह सूचना का अधिकार आवेदन पर जानकारी उपलब्ध काराने में विफल रहा।सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने आरके जैन की शिकायत पर यह अंतरिम आदेश पास किया। जैन ने जनवरी 2014 से आने वाली और जाने वाली डाक रजिस्टर, हाई कोर्टों और सुप्रीम कोर्ट से आने वाली सूचनाओं और विभिन्न अदालतों के आदेशों और फैसलों के बारे में जानकारी माँगी गई थी। अब उन्होंने कहा है कि कई बार इस बारे में याद दिलाए जाने के बाद भी सीपीआईओ उनको कोई जानकारी...

हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट ने परपंरा तोड़ी, कॉलेजियम ने नियुक्ति की सिफारिश करने से पहले उम्मीदवारों से की ‘ बातचीत’
हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट ने परपंरा तोड़ी, कॉलेजियम ने नियुक्ति की सिफारिश करने से पहले उम्मीदवारों से की ‘ बातचीत’

 परंपरा से हटकर पहली बार सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में दो उच्च न्यायालयों में जजों की पदोन्नति की  सिफारिश करने से पहले उम्मीदवारों के साथ "बातचीत" की।भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस जे चेलामेश्वर  और न्यायमूर्ति रंजन गोगोई का कॉलेजियम कलकत्ता उच्च न्यायालय में नियुक्ति के लिए सात अधिवक्ताओं की उम्मीदवारी पर विचार कर रहा था। 26 मार्च की बैठक के अनुसार , "उच्च न्यायालय में पदोन्नति के लिए उपरोक्त नामित उम्मीदवारों  की योग्यता और उपयुक्तता का आकलन करने के उद्देश्य से हमने ध्यान...

मरने के पहले दिए गए बयान को सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि इसे बयान देने वाले को पढ़कर सुनाया नहीं जा सका :बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
मरने के पहले दिए गए बयान को सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि इसे बयान देने वाले को पढ़कर सुनाया नहीं जा सका :बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने कहा है कि किसी व्यक्ति के मरने से पहले दिए गए बयान को इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि यह बयान उस व्यक्ति को पढ़कर सुनाया नहीं जा सका।न्यायमूर्ति आरके देशपांडे, एसबी शुक्रे और एमजी गिरात्कर की नागपुर पीठ ने भी वही राय व्यक्त की जो हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने जिसने एक बड़ी पीठ को इस प्रश्न का निर्णय करने को दिया था कि क्या किसी व्यक्ति के मरने से पहले के उसके बयान को इस आधार पर रद्द किया जा सकता है कि इस बयान को उस व्यक्ति को पढ़कर सुनाया नहीं जा सका जबकि घोषणा...

भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी देवयानी खोबरागाड़े को CAT से राहत; दंड ख़त्म, पदोन्नति देने पर विचार [आर्डर पढ़े]
भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी देवयानी खोबरागाड़े को CAT से राहत; दंड ख़त्म, पदोन्नति देने पर विचार [आर्डर पढ़े]

भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी देवयानी खोबरागाड़े को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने राहत दी है। कैट ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह उसकी सजा को 2016 में समाप्त माने और अगर वह फिट है तो उसको संयुक्त सचिव के पद पर पदोन्नति दे। खोबरागाड़े उस समय सुर्ख़ियों में आई थी जब अपनी नौकरानी से बदसलूकी के आरोप में उसे अमरीकी एजेंसियों ने न्यू यॉर्क में गिरफ्तार कर लिया था।खोबरागाड़े के खिलाफ जांच पूरी करने में 20 महीने के विलंब के लिए विदेश मंत्रालय की आलोचना करते हुए कैट ने मंत्रालय को आदेश दिया था...

1993 का दूरसंचार घोटाला : सुप्रीम कोर्ट 92 साल के सुखराम की ‘अपराधी होने की स्टांप’ हटाने की अर्जी पर करेगा सुनवाई [आर्डर पढ़े]
1993 का दूरसंचार घोटाला : सुप्रीम कोर्ट 92 साल के सुखराम की ‘अपराधी होने की स्टांप’ हटाने की अर्जी पर करेगा सुनवाई [आर्डर पढ़े]

मैं 92 साल का हूं। मैं एक दोषी व्यक्ति के रूप में मरना नहीं चाहता, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि 1993 टेलीकॉम उपकरण खरीद घोटाले में दोषी ठहराने के खिलाफ उनकी अपील की सुनवाई जल्द शुरू की जाए।दिल्ली उच्च न्यायालय के दिसंबर 2011 के आदेश के खिलाफ पूर्व दूरसंचार मंत्री और दो अन्य द्वारा दायर तीन अपीलें सुनने के लिए सुखराम के वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर के सामने ये पेश किया। निचली अदालत ने...

सुप्रीम कोर्ट ने अधीनस्थ न्यायाधीशों के मूल वेतन में 30% वृद्धि का निर्देश दिया, द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग के सुझाव स्वीकार [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने अधीनस्थ न्यायाधीशों के मूल वेतन में 30% वृद्धि का निर्देश दिया, द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग के सुझाव स्वीकार [आर्डर पढ़े]

 न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मंगलवार को अधीनस्थ न्यायपालिका के लिए द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की उस सिफारिश को मंजूर कर लिया जिसमें सभी  श्रेणियों के न्यायिक अधिकारियों के मूल वेतन में 30% की बढ़ोतरी के लिए कहा गया था।इस सिफारिश के साथ  ज्यादातर राज्यों में न्यायिक अधिकारियों को 2 लाख से 5 लाख रुपये का बकाया मिलेगा।पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि आयोग द्वारा अनुशंसित न्यायिक अधिकारियों के वेतन के संबंध में अंतरिम राहत सभी संबंधित...

उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा के प्रोमोटियों को तब तक पदोन्नति नहीं जब तक वे उपयुक्तता की जांच में सफल नहीं हो जाते : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा के प्रोमोटियों को तब तक पदोन्नति नहीं जब तक वे उपयुक्तता की जांच में सफल नहीं हो जाते : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बुधवार को अपने एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोएल और रोहिंटन नरीमन की पीठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा (एचजेएस) में 2008-2009 में नियुक्त होने वाले प्रोमोटियों को उनकी नियुक्त से पहले वरिष्ठ नहीं बनाया जा सकता। पीठ ने कहा कि इसका आधार यह है कि उपयुक्तता जांच की जरूरत की शुरुआत 2007 में हुई।पीठ इस बात से सहमत था कि अखिल भारतीय जज संघ बनाम भारत संघ [(2002)4 SCC 247] और यूपी एचजेएस (छठा संशोधन) नियम, 2006  मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार...

न्यायमूर्ति चेलामेश्वर के हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने निचली अदालत के जज के खिलाफ जांच बंद की
न्यायमूर्ति चेलामेश्वर के हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने निचली अदालत के जज के खिलाफ जांच बंद की

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने एक वरिष्ठ जिला और सत्र जज के खिलाफ कथित तौर पर की जा रही जांच को बंद कर दिया है। ये जांच उस वक्त बंद की गई जब  न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर ने पिछले हफ्ते भारत के  मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा को एक कठोर पत्र लिखकर जांच पर सवाल उठाया था कि केंद्र के कहने पर ये जांच शुरू की गई।द प्रिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार न्यायाधीश पी कृष्णा भट्ट के खिलाफ जांच पर न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर द्वारा सवाल उठाया गया था। उन्होंने यह मुद्दा उठाया था...

दीवानी या आपराधिक प्रक्रिया में स्थगन छह माह से अधिक अवधि के लिए नहीं; इससे आगे स्थगन की अनुमति सिर्फ स्पीकिंग आर्डर में ही : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
दीवानी या आपराधिक प्रक्रिया में स्थगन छह माह से अधिक अवधि के लिए नहीं; इससे आगे स्थगन की अनुमति सिर्फ स्पीकिंग आर्डर में ही : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सभी लंबित मामलों में जहाँ दीवानी या आपराधिक मामलों में स्थगन प्रभावी है, हर मामले में स्थगन की यह अवधि आज से छह महीना बीत जाने के बाद समाप्त हो जाएगी बशर्ते कि अपवादस्वरूप किसी मामले में स्पीकिंग आर्डर में इसकी अनुमति दी गई हो।न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोएल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि भविष्य में जब भी स्थगन की अनुमति दी जाती है, छह महीने की अवधि के बीत जाने पर यह समाप्त हो जाएगी।पीठ ने एशियन रिसर्फेसिंग ऑफ़ रोड एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड बनाम सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, न्यायिक पुनरीक्षण उसी स्थिति में संभव अगर फैसले के अनुचित, तर्कहीन, मनमाना, भेदभावपूर्ण या बदनीयत होने का अंदेशा है [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, न्यायिक पुनरीक्षण उसी स्थिति में संभव अगर फैसले के अनुचित, तर्कहीन, मनमाना, भेदभावपूर्ण या बदनीयत होने का अंदेशा है [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने म्युनिसिपल कारपोरेशन, उज्जैन बनाम बीवीजी इंडिया लिमिटेड मामले में इस बात को दोहराया है कि जब तक यह पता नहीं चलता कि निर्णय लेने की प्रक्रिया या प्रशासनिक अथॉरिटीज के निर्णय में बदनीयती, मनमानापन या किसी को लाभ पहुंचाने का अंदेशा है, संवैधानिक कोर्ट निर्णय लेने की प्रक्रिया या प्रशासनिक अथॉरिटीज के निर्णय में कोई दखलंदाजी नहीं करेगा विशेषकर अगर इसका संबंध किसी ठेके को स्वीकार करने और किसी को कोई कार्य सौंपने से है।न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति आर बनुमथी और न्यायमूर्ति मोहन...

PMO ने एयर इंडिया को प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर हुए खर्च के बारे में कुछ भी नहीं बताने को कहा था, RTI से हुआ खुलासा
PMO ने एयर इंडिया को प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर हुए खर्च के बारे में कुछ भी नहीं बताने को कहा था, RTI से हुआ खुलासा

आरटीआई से मिली जानकारी से पता चला है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने एयर इंडिया से कहा था कि वह प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर हुए खर्च के बारे में कुछ भी नहीं बताए। आरटीआई आवेदन यह पता करने के लिए डाला गया था कि प्रधानमंत्री के नवंबर 2016 दौरे के बाद से किस तिथि को प्रधानमंत्री के हर विदेशी दौरे पर हुए खर्च का बिल बनाया गया था और इसे किस तारीख को केंद्र को भेजा गया था। प्रधानमंत्री के जापान दौरे के बाद उनको चार्टर्ड विमान एयर इंडिया ने उपलब्ध कराया था। आरटीआई दायर करने वाले कमोडोर (अवकाशप्राप्त)...

कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आरएसएस नेता की हत्या की एनआईए जांच बहाल की [निर्णय पढ़ें]
कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आरएसएस नेता की हत्या की एनआईए जांच बहाल की [निर्णय पढ़ें]

कर्नाटक हाई कोर्ट की खंड पीठ ने एकल पीठ के आदेश को खारिज करते हुए आरएसएस नेता की हत्या की एनआईए से जांच फिर से बहाल कर दी है। एकल पीठ ने इस मामले की एनआईए से जांच कराने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश को खारिज कर दिया था।रुद्रेश नामक आरएसएस नेता की दो लोगों ने 16 अक्टूबर 2016 को दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस हत्या की एनआई से जांच कराने का आदेश दिया था जिसे हाई कोर्ट की एकल पीठ ने खारिज कर दिया था। इसके बाद भारत सरकार ने खंडपीठ के समक्ष इसके खिलाफ अपील की।न्यायमूर्ति एचजी...

संक्रमणकालीन ऋण नहीं देने पर गुजरात की कंपनी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया; केंद्र और जीएसटी परिषद को नोटिस [याचिका पढ़े]
संक्रमणकालीन ऋण नहीं देने पर गुजरात की कंपनी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया; केंद्र और जीएसटी परिषद को नोटिस [याचिका पढ़े]

वडोदरा की एक कंपनी और उसके साझीदार ने एक याचिका दायर कर कहा है कि गुजरात जीएसटी अधिनियम और केंद्रीय जीएसटी आधिनियम को असंवैधानिक करार दिया जाए क्योंकि इनके अधीन संक्रमणकालीन उधारी देने की मनाही है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र, जीएसटी परिषद्, जीएसटी नेटवर्क और गुजरात राज्य को नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी और बीएन करिया की पीठ ने विलोवुड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके साझीदार परीक्षित मुंधरा की याचिका पर ये नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि गुजरात वस्तु एवं...

सीलिंग आदेश वापस लेने के बाद दिल्ली के श्मशान भूमि की सीलिंग हटाने का आदेश दिया कोर्ट ने [आर्डर पढ़े]
सीलिंग आदेश वापस लेने के बाद दिल्ली के श्मशान भूमि की सीलिंग हटाने का आदेश दिया कोर्ट ने [आर्डर पढ़े]

दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पश्चिम दिल्ली के एक श्मशान भूमि की सीलिंग को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट को यह बताया गया कि यह श्मशान भूमि का मालिकाना हक़ स्थानीय निवासियों के पास है और यह श्मशान भूमि 10 लाख लोगों के काम आता है क्योंकि इस क्षेत्र में और कोई श्मशान भूमि नहीं है।वरिष्ठ सिविल जज वंदना रोहिणी ने पूर्व में दी अपने आदेश को निरस्त करते हुए सेक्टर 26 स्थित श्मशान भूमि के मुख्य द्वार को खोलने का निर्देश दिया।कोर्ट ने पुलिस को उस परिसंपत्ति का सीलिंग हटाने का आदेश दिया जिसको शाहाबाद दौलतपुर...

CrPC की धारा 357 (2) किसी भी तरह अपील के लंबित रहने तक जुर्माने की सजा को निलंबित नहीं करती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
CrPC की धारा 357 (2) किसी भी तरह अपील के लंबित रहने तक जुर्माने की सजा को निलंबित नहीं करती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

धारा 357 की उप-धारा (2) में यह एक ऐसा प्रावधान है जो अपील की सीमा तक के लिए मुआवजे की राशि के उपयोग को अलग करता है या तब तक रोकता है जब तक अपील पर निर्णय ना हो जाएसीआरपीसी की धारा 357 की उपधारा (2) के उद्देश्य को उजागर करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने सत्येंद्र कुमार मेहरा विरुद्ध झारखंड राज्य मामले में कहा है कि इस प्रावधान ने कभी भी आरोपी पर लगाए गए जुर्माना की सजा को निलंबन करने केबारे में कभी नहीं सोचा।न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि अपर्याप्तता की सीमा तक दिए...

SC के निकट होने का मतलब ये नहीं कि गलत तरीके की SLP दाखिल करने की इजाजत मिलेगी : SC ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई [आर्डर पढ़े]
SC के निकट होने का मतलब ये नहीं कि गलत तरीके की SLP दाखिल करने की इजाजत मिलेगी : SC ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई [आर्डर पढ़े]

वास्तविक तथ्य यह है कि दिल्ली उच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट से निकट है। याचिकाकर्ता को वर्तमान गलत तरीके से पेश की गई याचिका के माध्यम से इस न्यायालय के पास आने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट सेअपनी रिट याचिका को वापस ले लिया था।न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और  न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने बार-बार वकील से कहा कि एसएलपी...