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कथित रूप से “आतंकवादी” बताने के खिलाफ मानहानि के मामले में अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट त्वरित सुनवाई करेगा [आर्डर पढ़े]
कथित रूप से “आतंकवादी” बताने के खिलाफ मानहानि के मामले में अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट त्वरित सुनवाई करेगा [आर्डर पढ़े]

एक व्यक्ति को कथित तौर पर “,आतंकवादी,” बताने पर अखबार के सम्पादक और संवाददाता के खिलाफ मानहानि के मामले को खारिज कर देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की त्वरित सुनवाई करने की अनुमति दे दी है।इस मामले में अपील की अनुमति देने के बाद न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और संजय किशन कौल की पीठ ने कहा, “अनुमति दी जाती है। चूंकि मामला वृहत्तर क़ानून से जुड़ा हुआ है, जिस पर विचार की ज़रूरत है, इसलिए इसकी सुनवाई शीघ्रता से की जाए।”हालांकि अभी भी यह मालूम नहीं है कि “क़ानून का वृहत्तर मामला” होने से पीठ का...

चाय बागान श्रमिकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चार राज्यों को 127 करोड़ रुपये का भुगतान करने के निर्देश
चाय बागान श्रमिकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, चार राज्यों को 127 करोड़ रुपये का भुगतान करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सरकार को राज्यों में चाय बागान के मजदूरों को करीब 127 करोड़ रुपये का अंतरिम भुगतान करने का निर्देश दिया है।इस कानूनी देनदारी का 15 वर्षों से अधिक से भुगतान नहीं किया गया था।  न्यायमूर्ति एसए बोबड़े और न्यायमूर्ति एल  नागेश्वर राव की खंडपीठ ने ये  आदेश इंटरनेशनल यूनियन ऑफ फूड एसोसिएशन और पश्चिम बंगा खेत मजदूर समिति द्वारा दायर एक अवमानना ​​याचिका में  पारित किया है। इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि इस अवधि के दौरान भुखमरी के चलते सैकड़ों...

वाहनों की गलत श्रेणीकरण के कारण टोल में कमी : नागपुर कोर्ट ने केंद्र की याचिका ख़ारिज की और राजस्व हानि की भरपाई के लिए कंपनी को टोल वसूलने के लिए अधिक समय देने के फैसले को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
वाहनों की गलत श्रेणीकरण के कारण टोल में कमी : नागपुर कोर्ट ने केंद्र की याचिका ख़ारिज की और राजस्व हानि की भरपाई के लिए कंपनी को टोल वसूलने के लिए अधिक समय देने के फैसले को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]

नागपुर की एक अदालत ने नागपुर की एक कंपनी के पक्ष में दिए गए फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया। इस फर्म को तीन साल, छह महीना और दो दिनों का एक्सटेंशन दिया गया था जो कि टोल संग्रहण में उसको हुए घाटे की भरपाई के एवज में थी। वैनगंगा परियोजना में संरचनात्मक परिवर्तन की वजह से टोल की दर में कमी आई जिसकी वजह से उसका टोल संग्रहण कम हो गया।जिला जज वीडी डोंगरे ने पंचाट के इस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया जिसने कंपनी मै. जायसवाल अशोका इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के आवेदन पर छूट की...

जमीअत उलमा-ए-हिन्द बहुविवाह और निकाह-हलाला का समर्थक; कहा, निजी क़ानूनों को मौलिक अधिकारों के तर्क से चुनौती नहीं दी जा सकती [आवेदन पढ़ें]
जमीअत उलमा-ए-हिन्द बहुविवाह और निकाह-हलाला का समर्थक; कहा, निजी क़ानूनों को मौलिक अधिकारों के तर्क से चुनौती नहीं दी जा सकती [आवेदन पढ़ें]

उसकी मांग है, सुप्रीम कोर्ट बहुविवाह और निकाह हलाला पर महिलाओं की दलील सुनने के पहले उनकी सुनेयह कहते हुए कि निजी क़ानून के प्रावधानों को मौलिक अधिकारों के तर्क से चुनौती नहीं दी जा सकती है, जमीअत उलमा-ए-हिन्द नामक इस्लामी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा है कि नफीसा खान की याचिका पर सुनवाई करने से पहले उसे उनकी याचिका पर गौर करनी चाहिए। नफीसा ने बहुविवाह और हलाला-निकाह को चुनौती दी है और कहा है कि मुस्लिम निजी क़ानून (शरीयत) एप्लीकेशन अधिनियम की धारा 2 के तहत अवैध घोषित करने की...

सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई 12वीं की इकोनॉमिक्स की पुनर्परीक्षा को रद्द करने या फिर इसे वैकल्पिक बनाने की अर्जी पर सुनवाई को राजी हुआ
सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई 12वीं की इकोनॉमिक्स की पुनर्परीक्षा को रद्द करने या फिर इसे वैकल्पिक बनाने की अर्जी पर सुनवाई को राजी हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने प्रश्नपत्र लीक होने के कारण सीबीएसई 12वीं की इकोनॉमिक्स की परीक्षा दुबारा लेने के निर्णय को रद्द करने या फिर इस विषय को वैकल्पिक घोषित कर देने के मुद्दे पर दायर याचिका पर कल सुनवाई को राजी हो गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर परीक्षा दुबारा होती है तो इस विषय को वैकल्पिक बना दिया जाए न कि आवश्यक।गिरिजा कृशन वर्मा और साहिल तगोत्रा द्वारा अभिभावक मोनिका शर्मा, रशिम अरोरा और महिंदर प्रताप सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि पुनर्परीक्षा की वजह से 12वीं के छात्रों...

27 साल मौत की सजा का इंतजार: SC ने पत्नी की याचिका पर कोर्ट मार्शल सैनिक की मौत की सजा पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]
27 साल मौत की सजा का इंतजार: SC ने पत्नी की याचिका पर कोर्ट मार्शल सैनिक की मौत की सजा पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट मार्शल के जरिए एक सैन्यकर्मी को सुनाई गई मौत की सजा पर रोक लगा दी है। ये कदम उसकी पत्नी की याचिका पर उठाया गया जिसमें कहा गया था कि  कि वह 27 साल तक के बिना पैरोल जेल में है।लांस नायक देवेन्द्र नाथ राय को कोर्ट मार्शल कार्यवाही में मौत की सजा सुनाई गई, जिसमें उसे सेना के दो कर्मियों की हत्या का दोषी पाया गया और दो अन्य लोगों की हत्या के प्रयास के लिए दोषी पाया गया। केंद्र सरकार द्वारा आदेश की पुष्टि करने के बाद उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी जिसने सजा में हस्तक्षेप...

तीन सदस्यीय पीठ यह निर्णय करेगा कि भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका पर गौर किया जा सकता है या नहीं [आर्डर पढ़े]
तीन सदस्यीय पीठ यह निर्णय करेगा कि भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका पर गौर किया जा सकता है या नहीं [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण की याचिका पर सुनवाई हो कि नहीं इस पर विचार की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय पीठ को सौंप दी है। यह बड़ी पीठ यह निर्णय करेगा कि भारत संघ बनाम गोपालदास भगवान दास के मामले में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई कर सकती है या नहीं विशेषकर तब जब इसमें दशकों का विलंब हो गया है।इस मामले में जमीन के मालिकों ने 2002 में याचिका दायर की और उन लोगों ने 1975 के भूमि अधिग्रहण अधिसूचना को चुनौती दी थी। इस चुनौती का आधार यह था कि अधिनियम की धारा 4 के...

सुप्रीम कोर्ट ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उस न्यायिक अधिकारी के नियमित रिटायरमेंट की तिथि में परिवर्तन किया जिसकी याचिका पर निर्णय से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उस न्यायिक अधिकारी के नियमित रिटायरमेंट की तिथि में परिवर्तन किया जिसकी याचिका पर निर्णय से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशिष्ट अधिकार का प्रयोग करते हुए उस जिला और सत्र न्यायाधीश के परिवार वालों को राहत दिलाई जिसकी याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस जज ने आवश्यक रिटायरमेंट को चुनौती दी थी।उत्तराखंड हाई कोर्ट की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने विमल प्रकाश कांडपाल के आवश्यक रिटायरमेंट का आदेश दिया था जो कि अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर थे। अपनी बहाली की मांग करते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 2016 में एक रिट याचिका दायर की लेकिन सुनवाई के...

हरियाणा के पानी छोड़ने के बाद दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 16 अप्रैल तक टाली
हरियाणा के पानी छोड़ने के बाद दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 16 अप्रैल तक टाली

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई को 16 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है जिसमें दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने हरियाणा को हर दिन 450 क्यूसेक पेयजल की आपूर्ति करने के निर्देश देने की मांग की थी। दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में राष्ट्रीय स्तर पर "जल संकट" है और हरियाणा को दिल्ली के वजीराबाद बैराज में पेयजल आपूर्ति करनी चाहिए। दिल्ली जल बोर्ड के लिए पेश पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ वकील  मुकुल रोहतगी और  वकील सुमित पुष्करना ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ से कहा कि वे...

दिल्ली हाई कोर्ट ने दुहराया, निचली अदालत आरोपी को माफी की गुंजाइश के बिना 14 साल से अधिक के उम्र कैद की सजा का आदेश नहीं दे सकता [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट ने दुहराया, निचली अदालत आरोपी को माफी की गुंजाइश के बिना 14 साल से अधिक के उम्र कैद की सजा का आदेश नहीं दे सकता [निर्णय पढ़ें]

निचली अदालत द्वारा हत्या के अभियुक्त के लिए आजीवन कारावास की सजा को 25 साल बिना माफी के करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि सुनवाई अदालत 14 साल से अधिक की सजा बिना माफी की गुंजाइश के नहीं सुना सकता।न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति आईएस मेहता की पीठ ने कहा, “…भारत संघ बनाम वी श्रीहरण मामले में दिए गए फैसले के बाद सुनवाई अदालत संभवतः यह नहीं कह सकता कि आरोपी को 14 साल से आगे भी बिना किसी माफी के आजीवन कारावास की सजा भोगनी पड़ेगी”।यह गौर करने वाली बात है कि श्रीहरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट...

विचाराधीन कैदियों को निचली अदालत से जमानत देने के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किए निर्देश [आर्डर पढ़े]
विचाराधीन कैदियों को निचली अदालत से जमानत देने के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किए निर्देश [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने विचाराधीन कैदियों को निचली अदालतों द्वारा जमानत दिए जाने को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह आदेश इस बारे में दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद दी गई कई विचाराधीन कैदी जेलों में में बंद हैं जबकि उनको जमानत दी जा चुकी है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और सी हरि शंकर की पीठ ने एडवोकेट अजय वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश जारी किए। याचिका में कहा गया कि विचाराधीन कैदियों को जमानत के बावजूद नहीं छोड़े जाने का प्रमुख कारण उनकी गरीबी, उनके रिश्तेदारों द्वारा...

इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश, आश्रय स्थलों में रह रही अपराधों की शिकार नाबालिगों को बालिग़ होने पर छोड़े जाने के बारे में राज्य जानकारी पेश करे [आर्डर पढ़े]
इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश, आश्रय स्थलों में रह रही अपराधों की शिकार नाबालिगों को बालिग़ होने पर छोड़े जाने के बारे में राज्य जानकारी पेश करे [आर्डर पढ़े]

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार को राज्य को अपने आदेश में कहा कि वह राज्यभर के महिला संरक्षण होम्स में रह रहे अपराधों की शिकार नाबालिगों को उनके बालिग़ होने पर इन आश्रय स्थलों से छोड़े जाने के बारे में रिपोर्ट पेश करे।न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने कहा कि अगर इस तरह के अपराध की शिकार युवतियों को छोड़ने की जगह कोई नीति बनाई गई है तो उसे इस बारे में बताया जाए।कोर्ट ने कहा, “..बाल और महिला कल्याण विभाग इस बारे में सूचना जुटाएगा कि राज्य भर के महिला संरक्षण होम्स में...

अफराजुल के हत्यारे का राजस्थान के जेल से ट्रांसफर करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राजस्थान सरकार को जारी किया नोटिस
अफराजुल के हत्यारे का राजस्थान के जेल से ट्रांसफर करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राजस्थान सरकार को जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खानविलकर की पीठ ने सोमवार को अफाराजुल खान की पत्नी गुलबहार बीबी की याचिका पर केंद्र और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है। अफराजुल खान की दिसंबर 2017 में एक व्यक्ति ने मुसलमान होने की वजह से हत्या कर दी थी। इसके बाद उसके हत्यारे शंभूलाल रेगर ने हत्या और अपने भाषण का वीडिओ बनाया था जिसमें उसकी हत्या को सही ठहराया और उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया था।न्यायमूर्ति चन्द्रचूड़ ने कहा, “उसने (आरोपी) (जोधपुर...

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने UPPSC को  PCS प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनः मूल्यांकन करने का निर्देश दिया [निर्णय पढ़ें]
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने UPPSC को PCS प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनः मूल्यांकन करने का निर्देश दिया [निर्णय पढ़ें]

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का पुनः मूल्यांकन करने के लिए निर्देशित किया है। ये परीक्षा पिछले साल सितंबर में आयोजित की गई थी।हालांकि न्यायमूर्ति पंकज मिठल और न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की पीठ ने फिर से परीक्षा कराने की आवश्यकता नहीं समझी।कोर्ट ग्यारह याचिकाओं के एक बैच को सुन रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि परीक्षा में कुछ प्रश्नों के जवाब या तो गलत थे, अस्पष्ट या भ्रामक थे। उन्होंने आगे आरोप...

गोरखपुर अस्पताल में मौत: ऑक्सीजन सप्लायर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]
गोरखपुर अस्पताल में मौत: ऑक्सीजन सप्लायर की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है जिसमें पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड  के मालिक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था।इसी फर्म  ने गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति की थी, जहां पिछले साल कई बच्चों की मृत्यु हुई थी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एएम खानविलकर ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 12 हफ्तों के अंदर मनीष भंडारी की अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करे।इस मामले को अब 9...

वकीलों, पक्षकारों, मीडिया और आम जनता के लिए सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में माइक के आवश्यक रूप से प्रयोग की अनुमति हो : क़ानून के छात्र और युवा वकीलों का सुप्रीम कोर्ट से आग्रह [याचिका पढ़े]
वकीलों, पक्षकारों, मीडिया और आम जनता के लिए सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में माइक के आवश्यक रूप से प्रयोग की अनुमति हो : क़ानून के छात्र और युवा वकीलों का सुप्रीम कोर्ट से आग्रह [याचिका पढ़े]

क़ानून के एक छात्र और दो युवा वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की है कि जजों की मेजों पर लगे माइक का नियमित प्रयोग किया जाए।इस याचिका में मांग की गई है कि वकीलों को उनकी सीट पर बैठकर माइक की मदद से बहस करने की इजाजत होनी चाहिए।यह आवेदन क़ानून के छात्र कपिलदीप अग्रवाल और दो युवा वकील कुमार शानू और पारस जैन ने दाखिल किया है।याचिकाकर्ताओं ने कहा कि वे अदालत के कमरों में पहले से लगाए गए माइक सिस्टम के प्रयोग का मुद्दा उठाया है ताकि प्रेस की स्वतंत्रता को बचाया जा सके जिससे उनका मतलब...

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्टों में भीड़भाड़ कम करने, जजों की नियुक्ति और उनके मूल्यांकन के लिए एक नई न्यायिक निकाय बनाने पर केंद्र विचार करे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्टों में भीड़भाड़ कम करने, जजों की नियुक्ति और उनके मूल्यांकन के लिए एक नई न्यायिक निकाय बनाने पर केंद्र विचार करे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की पीठ ने पिछले दिनों अथॉरिटीज को निर्देश दिया कि वे संवैधानिक अदालतों के अलावा अन्य अदालतों में नियुक्तियों के लिए एक केंद्रीय निकाय की स्थापना के बारे में सोचे और यह भी सोचे कि संवैधानिक अदालतों में नियुक्तियों की जो वर्तमान व्यवस्था है उसमें सभी स्तरों पर जो खामियां हैं उसको कैसे दूर किया जा सकता है।न्यायमूर्ति एके गोएल और यूयू ललित की पीठ ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता को छेड़े बिना विशेषज्ञों की एक पूर्णकालिक निकाय हो जो नियुक्ति के लिए उपयुक्त व्यक्ति की पहचान,...

भारत की सार्वजनिक नीति भारत में लागू कानून के सदंर्भ में है चाहे वो राज्य का कानून हो या केंद्रीय कानून : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
भारत की सार्वजनिक नीति भारत में लागू कानून के सदंर्भ में है चाहे वो राज्य का कानून हो या केंद्रीय कानून : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

मैसर्स लॉयन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि  'भारत की सार्वजनिक नीति' भारत में लागू कानून को सदंर्भित करती है चाहे वो राज्य का कानून हो या केंद्रीय कानून।न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ मध्यस्थ को सौंपे गए अनुबंधों के निष्पादन के एक विवाद में मध्यस्थ न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए अवार्ड को रद्द   करने की कार्यवाही से संबंधित अपील से संबंधित था।यह सवाल उठा कि क्या मध्यस्थ के सामने अधिनियम की धारा 16 (2) के तहत ना की गई...