मुख्य सुर्खियां

“नक्सली “बताकर मुठभेड़ में मारे गए युवा के पिता ने छत्तीसगढ हाईकोर्ट से न्याय मांगा, सुरक्षा की गुहार लगाई
“नक्सली “बताकर मुठभेड़ में मारे गए युवा के पिता ने छत्तीसगढ हाईकोर्ट से न्याय मांगा, सुरक्षा की गुहार लगाई

पिछले साल नक्सली  बताकर पुलिस मुठभेड में  मारे गए 18 वर्षीय युवा के पिता सूलो  कश्यप ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपने बेटे के लिए न्याय और अपने परिवार के लिए सुरक्षा  की मांग की है। उनका आरोप है कि इस सुनियोजित हत्या के खिलाफ उनकी आवाज को चुप कराने की कोशिश हो रही है। इस महीने की शुरुआत में जस्टिस  गौतम भादुरी ने जगदलपुर पुलिस को मामले की सुनवाई लंबित होने के दौरान सुलो की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।  अपने बेटे अर्जुन की “ क्रूर और कोल्ड ब्लडेड” हत्या पर चुप रहने के लिए उत्पीड़न और...

अभियुक्त के नाम का गैर-उल्लेख, एफआईआर पर  संदेह  करने का आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अभियुक्त के नाम का गैर-उल्लेख, एफआईआर पर संदेह करने का आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सदमे की स्थिति में कई बार, वे (गवाह) महत्वपूर्ण विवरणों को याद कर सकते हैं, क्योंकि लोग हिंसक कृत्य के दौरान अलग-अलग प्रतिक्रिया करते हैं, बेंच ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने लातेश  @ दादू बाबूराव करलेकर बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में दोहराया है कि सिर्फ इसलिए कि अभियुक्तों के नाम नहीं बताए गए हैं और उनके नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किए  गए हैं, एफआईआर को लेकर संदेह का आधार नहीं हैं और इसे लेकर कोर्ट द्वारा  एफआईआर और अभियोजन पक्ष का मामला फेंका नहीं जा सकता है।इस मामले में जस्टिस  एन.वी. रमना और जस्टिस...

जब तक एफआईआर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होना है वह आवेदन डालकर 156(3) के तहत हस्तक्षेप नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें]
जब तक एफआईआर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होना है वह आवेदन डालकर 156(3) के तहत हस्तक्षेप नहीं कर सकता [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें उसने एक आरोपी को हस्तक्षेप आवेदन दायर करने की अनुमति दी थी। इस आवेदनकर्ता के खिलाफ एफआईआर दायर होने वाला था। कोर्ट ने कहा कि जब तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत वह आवेदन डालकर हस्तक्षेप नहीं कर सकता।लक्ष्मी मुकुल गुप्ता ने धारा 156(3) के तहत आवेदन दायर किया और मांग की कि आईपीसी की धारा 420, 354(b), 355, 382, 387, 467, 468,...

वित्तीय मामलों में एक्स- पार्टी के तौर पर अंतिरिम आदेश जारी करने का हानिकारक प्रभाव : SC [निर्णय पढ़ें]
वित्तीय मामलों में एक्स- पार्टी के तौर पर अंतिरिम आदेश जारी करने का हानिकारक प्रभाव : SC [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वित्तीय मामलों में एक्स- पार्टी के तौर पर अंतिरिम आदेश जारी करने का  हानिकारक प्रभाव हो सकता है और यह कहना पर्याप्त नहीं है कि पीड़ित के पास अंतरिम आदेश के हटाने के खिलाफ  कदम उठाने का उपाय मौजूद है। अधिकृत अधिकारी, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और अन्य बनाम मैथ्यू केसी मामले में केरल हाईकोर्ट में लंबित उस रिट याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्निर्माण और सुरक्षा ब्याज अधिनियम, 2002 के प्रवर्तन की धारा 13 (4 ) के चरण में आगे की...

कोर्ट के फैसले को लागू नहीं करने के लिए प्रस्तावित कानून का कोई औचित्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
कोर्ट के फैसले को लागू नहीं करने के लिए प्रस्तावित कानून का कोई औचित्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

SC ने कर्नाटक से कहा, किसी भी प्रस्तावित कानून के मद्देनजर कोर्ट के आदेश पर अमल ना करने का कोई औचित्य नहीं है।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रस्तावित कानून के मद्देनजर कोर्ट के आदेश पर अमल ना करने का कोई औचित्य नहीं है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को बीके पवित्रा एवं अन्य बनाम भारत संघ और अन्य संगठनों के मामले में जारी आदेशों को लागू  करने के निर्देश दिए हैं।जस्टिस ए के गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने ये टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा दायर एक अर्जी पर की जिसमें...

विदेशी कानून फर्मों का भारत में प्रवेश: ए के बालाजी केस का हवाला देते हुए अरविंद दातार ने कानून के अभ्यास और परामर्श या प्रबंधन सेवाओं के बीच अंतर बताया
विदेशी कानून फर्मों का भारत में प्रवेश: ए के बालाजी केस का हवाला देते हुए अरविंद दातार ने कानून के अभ्यास और परामर्श या प्रबंधन सेवाओं के बीच अंतर बताया

5 साल पुराने  विदेशी कानून फर्म मामले में सुनवाई के दूसरे दिन ब्रिटेन की छह कानून फर्मों की तरफ से उपस्थित वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 21 फरवरी, 2012 को  ए के बालाजी बनाम  बीसीआई और अन्य दिए गए फैसले को एक हद तक छेडा नहीं जा सकता। "1961 के अधिवक्ता अधिनियम में और बीसीआई नियम में विदेशी कानून फर्मों या विदेशी वकीलों के लिए  अस्थायी अवधि के लिए भारत की यात्रा के लिए फ्लाई-इन और फ्लाई-आउट आधार पर, भारत में विदेशी कानूनों के बारे में अपने ग्राहकों को कानूनी सलाह...

10 रुपए के सिक्के पर विवाद : मद्रास हाई कोर्ट ने पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने से इनकार किया [आर्डर पढ़े]
10 रुपए के सिक्के पर विवाद : मद्रास हाई कोर्ट ने पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने से इनकार किया [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाई कोर्ट ने हाल में तिरुत्तनी के उस पुलिस निरीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश देने से मना कर दिया जिस पर आरोप है कि उसने चाय बेचने वाले उस दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जिसने 10 रुपए का सिक्का लेने से मना कर दिया।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पाक-साफ़ होकर कोर्ट नहीं आया है। उसने इस याचिका में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया कि उसको जेल में पहले गैरकानूनी ढंग से बंद भी किया जा चुका है।याचिकाकर्ता ई पलानी ने कोर्ट में खुद ही हाजिर हुआ और कहा कि तिरुत्तनी के मुरुगा...

दिल्ली हाईकोर्ट ने लापता लड़की की मां के पत्र पर संज्ञान लिया, पुलिस को लगाई फटकार [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाईकोर्ट ने लापता लड़की की मां के पत्र पर संज्ञान लिया, पुलिस को लगाई फटकार [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट  ने हाल ही में एक लापता लड़की के मामले में FIR दर्ज ना करने पर पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है।दरअसल एक महिला ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर बताया था कि उसकी बेटी जून 2016 में लापता हुई थी लेकिन पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस कर्मियों की निष्क्रियता और असमर्थता के बारे में शिकायत मिलने के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए टिप्पणी करते हुए कहा,  "उपरोक्त कथन मामले में एक निराशाजनक स्थिति का खुलासा...

जनता में आत्मविश्वास कायम करना पुलिस का कर्तव्य, जहाँ पुलिस पर आरोप लगते हैं वहाँ वह कार्रवाई में कोताही नहीं बरते : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
जनता में आत्मविश्वास कायम करना पुलिस का कर्तव्य, जहाँ पुलिस पर आरोप लगते हैं वहाँ वह कार्रवाई में कोताही नहीं बरते : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने हाल में पुलिस को चेतावनी दी और कहा कि जिन मामलों में पुलिस वालों पर आरोप लगे हैं उन मामलों में कार्रवाई करने में उन्हें कोताही नहीं बरतनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि व्यवस्था में आम लोगों का विश्वास कायम करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।न्यायमूर्ति थोट्टाथिल बी राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता ने कहा, “...पुलिस को यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे और जिन मामलों में पुलिस वालों पर आरोप लग रहे हैं उन मामलों की जांच में कोई कोताही नहीं होनी...

आयकर अधिनियम की धारा एस-80जी के तहत प्रमाणपत्र मिलने का मतलब यह नहीं कि प्रमाणपत्र धारक संस्थान को बोनस नहीं देना होगा : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
आयकर अधिनियम की धारा एस-80जी के तहत प्रमाणपत्र मिलने का मतलब यह नहीं कि प्रमाणपत्र धारक संस्थान को बोनस नहीं देना होगा : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला दिया है कि आयकर अधिनियम की धारा 80-जी के तहत प्रमाणपत्र मिलने का मतलब यह नहीं है कि उस संस्थान को बोनस अधिनियम 1965 के तहत बोनस के भुगतान से छूट मिल जाती है।न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने बत्रा हॉस्पिटल कर्मचारी संघ की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त बात कही। याचिका में औद्योगिक अधिकरण-I के आदेश को चुनौती दी गई जिसमें कहा गया कि 1965 का अधिनियम बत्रा अस्पताल और मेडिकल रिसर्च सेंटर पर लागू नहीं होता है। अधिकरण ने बोनस भुगतान को लेकर संघ के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया...

ऑनर किलिंग और अंतर जातीय विवाह में खाप पंचायत के दखल को रोकना जरूरी : एमिक्स राजू रामचंद्रन ने SC में दाखिल किए सुझाव [सुझाव पढ़ें]
ऑनर किलिंग और अंतर जातीय विवाह में खाप पंचायत के दखल को रोकना जरूरी : एमिक्स राजू रामचंद्रन ने SC में दाखिल किए सुझाव [सुझाव पढ़ें]

"इस नोट में ऐसे कुछ सुझाव हैं जिन पर इस माननीय न्यायालय द्वारा विचार किया जा सकता है (जब तक उचित कानून लागू नहीं किया जाता है), उदाहरण के तौर पर ऐसे हत्याओं की समस्या को हल करने की दृष्टि से, जो शायद कुछ खाप पंचायतों के इशारे, उकसावे  या प्रोत्साहन से होती हैं,” एमिक्स क्यूरी राजू रामचंद्रन   '' शक्ति वाहिनी 'द्वारा दायर जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिक्स क्यूरी  वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने खाप पंचायतों के अंतर-जाति विवाहों में अनैतिक हस्तक्षेप की रोकथाम करने के लिए सुप्रीम...

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया सैनिक फ़ार्म के जंगल से होकर गुजरने वाली सड़क को तोड़ने का आदेश [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया सैनिक फ़ार्म के जंगल से होकर गुजरने वाली सड़क को तोड़ने का आदेश [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने उस सड़क को तोड़ने का आदेश दिया है जो सैनिक फ़ार्म को इंदिरा एन्क्लेव से जोड़ती है क्योंकि यह जंगल से होकर गुजरती है। कार्यवाहक न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने इस जंगल को घेरने का आदेश दिया है जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने एमसी मेहता बनाम भारत सरकार W.P.(C) No. 4677/1985 मामले में अपने आदेश में कहा था।कोर्ट ने कहा, “निजी पार्टियाँ जंगल में बाड़ लगाने में रुकावट पैदा कर रहे हैं। निजी पार्टियों और प्रतिवादी को सुप्रीम कोर्ट, हरित अधिकरण, इस अदालत के आदेशों को...

37 साल से पेंशन नहीं मिलने पर मद्रास हाई कोर्ट ने 89 वर्ष के स्वतंत्रता सेनानी से माँगी माफी [आर्डर पढ़े]
37 साल से पेंशन नहीं मिलने पर मद्रास हाई कोर्ट ने 89 वर्ष के स्वतंत्रता सेनानी से माँगी माफी [आर्डर पढ़े]

“मुझे अफ़सोस है कि आपको हमारे लोगों के हाथों भी फजीहत झेलनी पड़ी, यह दुर्भाग्य है पर इस देश में, जिसकी आजादी के लिए आप लड़े, लालफीताशाही कभी कभी ऐसे ही काम करती है।”मद्रास हाई कोर्ट ने 89 साल के वी गाँधी से माफी मांफी जिनको अपने पेंशन के लिए 37 साल तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। इतनी लंबी प्रतीक्षा के बाद भी जब उन्हें पेंशन नहीं मिल रहा था तो अंततः वे अदालत की शरण में आए।न्यायमूर्ति के रविचंद्रबाबू ने गाँधी से माफी माँगी और तमिलनाडु पब्लिक (राजनीतिक पेंशन - III) विभाग के सचिव और जिलाधिकारी को निर्देश दिया...

निगम का कानूनी सलाहकार वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य है ? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा [आर्डर पढ़े]
निगम का कानूनी सलाहकार वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य है ? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट इस सवाल पर विचार करने के लिए तैयार हो गया है कि किसी निगम का कानूनी सलाहकार एक वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य है या नहीं।सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में गुजरात हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई है  जिसने एकल पीठ के फैसले को बरकरार रखा था कि एक कानून स्नातक जो पूर्णकालिक नौकरी की प्रकृति में एक अनुबंध के साथ किसी निगम के साथ एक कानूनी परामर्शदाता के रूप में काम कर रहा है, कानून का अभ्यास करने के लिए एक वकील के रूप में नामांकित होने के योग्य नहीं...

वकील में ज्ञान और अनुभव का अभाव गवाहों को दोबारा बुलाने का आधार नहीं : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
वकील में ज्ञान और अनुभव का अभाव गवाहों को दोबारा बुलाने का आधार नहीं : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट  ने हाल ही में दोहराया कि एक वकील की अक्षमता अपराध प्रक्रिया  संहिता की धारा 311 के तहत गवाहों को वापस बुलाने के लिए आधार नहीं हो सकती। हाईकोर्ट ग्वालियर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली एक आपराधिक संशोधन याचिका पर सुनवाई कर रहा थी जिसमें इस आधार पर गवाह को वापस बुलाने के  आवेदन को खारिज कर दिया था कि वकील "उचित प्रश्न पूछने के लिए अनुभवी नहीं थे  ताकि बचाव के मामले को पूर्वाग्रहित किया जाए।”जस्टिस  शील नागू ने सुप्रीम कोर्ट के राज्य ( दिल्ली...

जमानत के लिए आधार: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को 10 दिन के अंदर छत्तीसगढ़ बार काउंसिल की अपील पर कार्रवाई करने को कहा [आर्डर पढ़े]
जमानत के लिए आधार: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को 10 दिन के अंदर छत्तीसगढ़ बार काउंसिल की अपील पर कार्रवाई करने को कहा [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी को जमानत के लिए आरोपी और जनानतदार से आधार कार्ड लेने को जरूरी बताने वाले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश  को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई की।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एडवोकेट पीयूष भाटिया की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ बार काउंसिल के वकील ने पीठ को बताया कि उसने आदेश में संशोधन के लिए हाई कोर्ट में अपील दायर की है।सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा कि वह बार काउंसिल की अपील...

छात्र को गोल्ड मैडल देने से सिर्फ इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि वो पहले प्रयास में परीक्षा में नहीं बैठ पाया था : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
छात्र को गोल्ड मैडल देने से सिर्फ इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि वो पहले प्रयास में परीक्षा में नहीं बैठ पाया था : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट  ने मंगलवार को कहा कि पाठ्यक्रम की अनुसूची के अनुसार नियंत्रण से बाहर हालात में परीक्षा में बैठने मेंअसमर्थता के कारण छात्र द्वारा दूसरे शैक्षणिक वर्ष में परीक्षा देने को उसका 'पहला प्रयास' माना जाएगा।हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि यूनिवर्सिटी बैच में सबसे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए छात्र को इस आधार पर पुरस्कार से वंचित नहीं कर सकती कि उसने दो पेपर के संबंध में परीक्षा अगले साल दी थी। दरअसल  वर्तमान याचिकाकर्ता को B.A.LLB के 5 वर्ष के पाठ्यक्रम में वर्ष 2010 में गुरु गोबिंद सिंह...

हिरासत में मौत पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई जांच के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
हिरासत में मौत पर पुलिस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई जांच के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राजस्थान की अपील सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने वृहस्पतिवार को राजस्थान सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार ने यह याचिका राजस्थान हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी जिसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिरासत में मौत पर दायर एफआईआर को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था।हाई कोर्ट ने रुबाबुद्दीन शेख बनाम गुजरात राज्य मामले में दिए गए फैसले के आधार पर यह आदेश दिया। इस फैसले में कहा गया था,“यह सर्वविदित है कि जब राज्य के पुलिस अधिकारी अपराध में संलग्न...