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NEET की परीक्षा देने के लिए तमिलनाडु के उम्मीदवारों को जाना पड़ रहा है काफी दूर; सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा, भविष्य में ज्यादा असुविधा न हो यह सुनिश्चित करें [आर्डर पढ़े]
NEET की परीक्षा देने के लिए तमिलनाडु के उम्मीदवारों को जाना पड़ रहा है काफी दूर; सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से कहा, भविष्य में ज्यादा असुविधा न हो यह सुनिश्चित करें [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें सीबीएसई को इस वर्ष की नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट  (NEET) के लिए तमिलनाडु में अतिरिक्त परीक्षा केंद्र बनाने को कहा गया था। इस टेस्ट में शामिल होने वाले तमिलनाडु के कुछ छात्रों को राजस्थान और केरल स्थित केंद्रों पर परीक्षा देने जाना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई बोर्ड से कहा है कि भविष्य में वह यह सुनिश्चित करे कि छात्रों को ज्यादा परेशानी न हो।न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने मद्रास हाई कोर्ट...

व्हाट्सएप्प पर ‘डबल टिक’ प्रथम दृष्टया यह बताता है कि सम्मन मिल चुका है [आर्डर पढ़े]
व्हाट्सएप्प पर ‘डबल टिक’ प्रथम दृष्टया यह बताता है कि सम्मन मिल चुका है [आर्डर पढ़े]

कोर्ट ने मार्च में एक महिला को अपने अलग हुए पति को वहाट्सएप्प द्वारा सम्मन भेजने की अनुमति दी थी दिल्ली की एक अदालत ने घरेलू हिंसा के एक मामले में एक महिला को अपने अलग हुए पति को ऑस्ट्रेलिया में व्हाट्सएप्प से सम्मन भेजने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप्प पर ‘डबल टिक’ प्रथम दृष्टया यह बताता है कि सम्मन मिल गया है।“रिकॉर्ड के लिए रखे गए दस्तावेज से पता चलता है कि व्हाट्सएप्प संदेश पर डबल टिक है जो प्रथम दृष्टया यह बताता है कि प्रतिवादी नंबर 1 (अलग हुआ पति) के मोबाइल नंबर पर यह संदेश...

फैमिली कोर्ट के हाई कोर्ट के अधीन होने के अपने ही फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी चुनौती; सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]
फैमिली कोर्ट के हाई कोर्ट के अधीन होने के अपने ही फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी चुनौती; सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा अपने ही एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर नोटिस जारी किया। अपने इस फैसले में हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट की देखरेख का जिम्मा हाई कोर्ट के पास होने की बात कही थी।न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और आर बनुमथी की पीठ ने गत वर्ष जुलाई में दिए गए एक फैसले को चुनौती संबंधी याचिका पर यह नोटिस जारी किया।यूपी न्यायिक सेवा संघ ने दो परस्पर विरोधी प्रावधानों – उत्तर प्रदेश फैमिली कोर्ट नियम, 1995 के नियम 36 और उत्तर प्रदेश फैमिली कोर्ट्स (कोर्ट) नियम, 2006 के नियम 58...

जांच पूरी करने में अनियमित देरी पूर्वाग्रह के अनुमानित सबूत के रूप में ली जा सकती है, खासतौर पर जब आरोपी हिरासत में हो : SC [आर्डर पढ़े]
जांच पूरी करने में अनियमित देरी पूर्वाग्रह के अनुमानित सबूत के रूप में ली जा सकती है, खासतौर पर जब आरोपी हिरासत में हो : SC [आर्डर पढ़े]

बेंच ने कहा कि जांच सुनिश्चित करने के लिए कि जांच में कोई अनुचित देरी ना हो, निश्चित रूप से इन-हाउस तंत्र की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि जांच पूरी करने में अनियमित देरी को पूर्वाग्रह के अनुमानित सबूत के रूप में लिया जा सकता है, खासकर उस वक्त जब आरोपी हिरासत में हो ताकि अभियोजन पक्ष  का उत्पीड़न न हो।न्यायमूर्ति एके गोयल और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ​​की पीठ ने पाया कि निश्चित रूप से इन-हाउस तंत्र की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच पूरी करने में कोई अनुचित...

NEET-2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिख उम्मीदवारों को कड़ा और कृपाण पहनने की अनुमति दी, कहा जांच के लिए एक घंटा पहले पहुंचे [आर्डर पढ़े]
NEET-2018: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिख उम्मीदवारों को कड़ा और कृपाण पहनने की अनुमति दी, कहा जांच के लिए एक घंटा पहले पहुंचे [आर्डर पढ़े]

दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में हिस्सा लेने वाले सिख उम्मीदवारों को कड़ा पहनने और कृपाण ले जाने की इजाजत दे दी। ये परीक्षा 6 मई को होगी। हाईकोर्ट ने माना है कि सीबीएसई की "सिख उम्मीदवारों के लिए सुविधा की कमी अन्यायपूर्ण है।”हालांकि न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट और न्यायमूर्ति एके चावला की  बेंच ने इस तरह के छात्रों को उचित स्क्रीनिंग के लिए प्रवेश परीक्षा से एक घंटे पहले रिपोर्ट करने का निर्देश दिया, “ अगर स्क्रीनिंग पर यह पता चला कि कोई उम्मीदवार...

जनसंख्या नगरपालिका के वर्गीकरण का एकमात्र आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
जनसंख्या नगरपालिका के वर्गीकरण का एकमात्र आधार नहीं : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

नगरपालिकाओं को सिर्फ जनसंख्या के आधार पर वर्गीकृत करने के आधार पर जारी राजस्थान सरकार की अधिसूचना को अनुच्छेद 243 (Q)(2) के अधीन अधिसूचना नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नगरपालिकाओं के गठन के क्रम में राज्यपाल अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए किसी भी ‘क्षेत्र’ को नगरपालिका घोषित नहीं कर सकता, उसे इस तरह के मानदंड निर्धारित करने होंगे जिसके द्वारा वह यह निर्धारित कर सकता है कि यह विशेष क्षेत्र ट्रांजिशनल क्षेत्र या छोटा शहरी क्षेत्र या बड़ा शहरी क्षेत्र है।न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर की...

यह धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं, लेकिन सुनिश्चित करें कि उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के ज्योतिर्लिंग को कोई नुकसान न पहुंचे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
यह धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं, लेकिन सुनिश्चित करें कि उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के ज्योतिर्लिंग को कोई नुकसान न पहुंचे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

लिंगम को “मृत्युंजय महादेव” कहा जाता है जो विनाश से बचाता है, ऐसे में उसी के विनाश की इजाजत नहीं दी जा सकती। लिंगम के ऐसे प्रयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह नष्ट हो जाए। अगर कोई वास्तविक पूजा में विश्वास करता है, तो यह पूजा शुद्ध विचारों की तरह ही शुद्ध वस्तुओं से की जानी चाहिए, पीठ ने कहा।उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा पर प्रतिबंध लगाने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज्योतिर्लिंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना है।न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू...

हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं का नाम उजागर करने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की क्षमा याचना स्वीकार की [आर्डर पढ़े]
हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं का नाम उजागर करने का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की क्षमा याचना स्वीकार की [आर्डर पढ़े]

उन्हें यह बताया गया है कि उन्होंने बहुत ही गंभीर चूक की है और भविष्य में उनको ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, पीठ ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड की क्षमा याचना स्वीकार कर ली है। इन राज्यों ने कोर्ट के समक्ष दायर हलफनामे में बलात्कार पीड़िताओं के नाम जाहिर कर दिए थे। पीठ ने कहा कि इन राज्यों ने ऐसा करके बहुत गंभीर चूक की है और उन्हें भविष्य में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने इस बात पर गौर किया कि मेघालय द्वारा दायर...

मां का प्यार और स्नेह सिर्फ इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
मां का प्यार और स्नेह सिर्फ इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

 माता-पिता के बीच लड़ाई के बीच एक नाबालिग बच्चे के हित और कल्याण को सुरक्षित करने की कोशिश करते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की है कि एक बच्चे के लिए मां का प्यार और स्नेह केवल इसलिए कम नहीं होगा क्योंकि बच्चा सरोगेसी से पैदा हुआ है और अन्यथा आदेश से प्रेम और बंधन के महान गुणों का अवमूल्यन होगा जिसे मनुष्यों के साथ साथ  पशु प्रजातियों द्वारा अनुभव किया जाएगा।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति पीएस तेजी की एक पीठ ने एक महिला, एक सोशलाइट और त्वचा विशेषज्ञ की याचिका  का फैसला करते हुए...

मुवक्किल को मिले गुजारा भत्ते पर कमीशन वसूलना गैरकानूनी; उड़ीसा हाई कोर्ट ने वकील की अग्रिम जनामत याचिका रद्द की [आर्डर पढ़े]
मुवक्किल को मिले गुजारा भत्ते पर कमीशन वसूलना गैरकानूनी; उड़ीसा हाई कोर्ट ने वकील की अग्रिम जनामत याचिका रद्द की [आर्डर पढ़े]

कानूनी पेशे से जुड़े लोगों का इस तरह का बर्ताव जो कि नैतिकता के आदर्श को नहीं मानते, न्याय के प्रशासन को अवरुद्ध करते हैं, कोर्ट ने कहाअपने मुवक्किल को ठगने का आरोप झेल रहे एक वकील की अग्रिम जमानत याचिका को उड़ीसा हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया। इस वकील पर अपने मुवक्किल को मिले स्थाई गुजारा भत्ता पर कमीशन वसूलने का आरोप है। कोर्ट ने उसकी इस गतिविधि को गैरकानूनी बताया।वकील के खिलाफ आरोप यह है कि तलाक के एक मामले में वह अपने मुवक्किल के पति के साथ मिला हुआ था और महिला को धोखा देने के लिए फर्जी दस्तावेज...

बॉम्बे हाई कोर्ट ने विवाहेत्तर संबंधों के कारण नौकरी से हटाई गई शिक्षक को बहाल करने को कहा [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने विवाहेत्तर संबंधों के कारण नौकरी से हटाई गई शिक्षक को बहाल करने को कहा [आर्डर पढ़े]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्वी मुंबई के एक स्कूल को निर्देश दिया है कि वह विवाहेत्तर संबंधों के आरोप में नौकरी से हटाई गई शिक्षक को दुबारा बहाल करे।न्यायमूर्ति भारती एच डांगरे और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने आदेश दिया कि शिक्षक को तत्काल दुबारा नौकरी पर रखा जाए और यह भी कहा कि इस मामले के तथ्य काफी अजीबोगरीब हैं।एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षक को विवाहेत्तर संबंध होने के आधार पर नौकरी से हटा दिया गया था।इस शिक्षक ने शिक्षा अधिकारी के समक्ष अपील की जिसने 12 जुलाई को उसकी बर्खास्तगी को निरस्त करते...

चुनाव याचिका पर गौर करने के लिए कोई कोर्ट वैधानिक अवधि को बढ़ा नहीं सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
चुनाव याचिका पर गौर करने के लिए कोई कोर्ट वैधानिक अवधि को बढ़ा नहीं सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

न तो संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट और न ही अनुच्छेद 32, 136, या 142 के तहत यह कोर्ट चुनाव से संबंधित अवधि को बढ़ा सकता है, पीठ ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने रेजी थॉमस बनाम केरल राज्य के मामले में कहा कि एक बार जब क़ानून के तहत किसी चुनाव की याचिका को एक समय सीमा देकर स्वीकार कर लिया जाता है, तो नियम के तहत इसकी समय सीमा बढाने का कोई प्रावधान नहीं होने के कारण कोई भी कोर्ट चुनाव के मामलों में अवधि को बढ़ा नहीं सकता है।न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी के...

घर चलाना और घर के सदस्यों का ख्याल रखना आसान काम नहीं, गृहणी भी पेशेवर की तरह व्यस्त : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
घर चलाना और घर के सदस्यों का ख्याल रखना आसान काम नहीं, गृहणी भी पेशेवर की तरह व्यस्त : कर्नाटक हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

आखिरकार वह परिवार के सदस्यों की देखभाल करने और घर चलाने के लिए ज़िम्मेदार है। अदालत ने कहा कि परिवार के सदस्यों की देखभाल करना और घर चलाना कोई आसान काम नहीं है, अदालत ने कहा  एक गृहिणी एक पेशेवर व्यक्ति की तरह व्यस्त रहती है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने ये उस पति से कहा है जिसने दलील दी थी कि उसकी पत्नी सिर्फ एक गृहिणी है, इसलिए उसे बेंगलुरू में ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए हवाई यात्रा की जगह ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए।कर्नाटक में पति द्वारा दायर तलाक के मामले को ट्रांसफर करने  की मांग करने वाली...

वकीलों का काम रोको हड़ताल : सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को सम्मन भेजा [आर्डर पढ़े]
वकीलों का काम रोको हड़ताल : सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को सम्मन भेजा [आर्डर पढ़े]

वकीलों के काम रोको हड़ताल पर गौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को सम्मन भेजा है जिन्होंने हड़ताल का आह्वान किया।न्यायमूर्ति एके गोएल और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की पीठ ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उत्तम मजूमदार और सचिव अमल कुमार मुखोपाध्याय को 9 जुलाई 2018 को अदालत में मौजूद रहने को कहा है ताकि उनसे पूछा जा सके कि इस अदालत द्वारा निर्धारित क़ानून का उल्लंघन करने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।कोर्ट ने इस मामले में एक विशेष अनुमति याचिका पर...

सुप्रीम कोर्ट की वृहत्तर पीठ पंचाट की सुनवाई के स्थान और उसके आधार एवं सिद्धांत के बारे में निर्णय करेगी [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट की वृहत्तर पीठ पंचाट की सुनवाई के स्थान और उसके आधार एवं सिद्धांत के बारे में निर्णय करेगी [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने भारत संघ बनाम हार्डी एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन के मामले में इस प्रश्न का संदर्भ दिया कि जब किसी मध्यस्थता के समझौते में इस बात का जिक्र होता है कि मध्यस्थ ‘कहाँ’ बैठक करेंगे पर इस जगह का जिक्र नहीं होता है तो किस आधार पर और किस सिद्धांत के द्वारा पक्षकार इस जगह का चुनाव करते हैं क्योंकि फैसले के बाद मध्यस्थता की कार्यवाही इस बात पर निर्भर करेगी कि किसी विशेष देश का क़ानून वहाँ लागू होगा या नहीं।क़ानून का यह प्रश्न उस समय पैदा हुआ जब दिल्ली हाई कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ अपील दायर...

मद्रास हाई कोर्ट ने मरीना बीच पर शांतिपूर्ण उपवास की अनुमति दी; कहा, ब्रिटिश सरकार ने भी यहाँ प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई थी [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाई कोर्ट ने मरीना बीच पर शांतिपूर्ण उपवास की अनुमति दी; कहा, ब्रिटिश सरकार ने भी यहाँ प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई थी [आर्डर पढ़े]

विनियमन के अधिकार में प्रतिबंध लगाना कभी शामिल नहीं हो सकता...चूंकि वे मंदिर, मस्जिद और गिरजाघरों के पास वाहनों की आवाजाही को विनियमित करते रहे हैं, उन्हें मरीना बीच पर याचिकाकर्ता की मीटिंग पर भी नजर रखनी चाहिए, कोर्ट ने कहा।अगर ब्रिटिश सरकार ने मरीना बीच पर सार्वजिनक सभा आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया होता, तो स्वतंत्रता संग्राम जैसे पवित्र कार्य के लिए हम महात्मा गांधी और तिलक को इस जगह पर नहीं देखते, कोर्ट ने कहा।एक महत्त्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाई कोर्ट ने नदियों को जोड़ने के आंदोलन से जुड़े...

हिमाचल में तोड़फोड़ के दौरान होटल मालिक द्वारा महिला अफसर की हत्या : सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया
हिमाचल में तोड़फोड़ के दौरान होटल मालिक द्वारा महिला अफसर की हत्या : सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया

हिमाचल के सोलन जिले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर होटलों में हुए अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई के दौरान होटल मालिक द्वारा सहायक टाउन प्लानर की गोली मारकर हत्या करने के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।बुधवार को जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया और कहा कि ये मामला सीधे तौर पर अवमानना का बनता है। बेंच ने कहा कि वो गुरुवार को मामले की सुनवाई करेंगे। बेंच ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि गुरुवार को मामले की सुनवाई सूचीबद्ध किया जाए।दरअसल...

न्यायालय आदेशों की गलत रिपोर्टिंग कानून के नियम की मौजूदगी में लोगों की धारणा को प्रभावित करती है: बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच [निर्णय पढ़ें]
न्यायालय आदेशों की गलत रिपोर्टिंग कानून के नियम की मौजूदगी में लोगों की धारणा को प्रभावित करती है: बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच [निर्णय पढ़ें]

दुर्भाग्य से, कई न्यायालय की वेबसाइटों पर उपलब्ध न्यायालय के आदेश नहीं पढ़ते, और गलत रिपोर्ट पर जाते हैं, बेंच ने कहा। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने कहा है कि अदालत के आदेशों की गलत रिपोर्टिंग कानून के नियम के अस्तित्व में लोगों की धारणा को प्रभावित करती है और लंबे समय तक न्याय के प्रशासन को प्रभावित करती है। दक्षिण पश्चिम पोर्ट लिमिटेड ने NGT के 22 नवंबर 2017 के आदेश के आधार पर मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट, वास्को-दा-गामा में टर्मिनल क्षमता बढ़ाने के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय...