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आधार पर चौथे दिन की सुनवाई [सत्र 2] : आधार जिस बुनियाद पर खड़ा है वह राज्य की निगरानी को बढ़ावा देता है : एडवोकेट श्याम दीवान
आधार पर चौथे दिन की सुनवाई [सत्र 2] : आधार जिस बुनियाद पर खड़ा है वह राज्य की निगरानी को बढ़ावा देता है : एडवोकेट श्याम दीवान

भोजनावकाश के बाद आधार अधिनियम पर बहस दुबारा शुरू हुई और वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने पांच सदस्यीय संविधान पीठ से कहा कि आधार की बुनियाद एक ऐसी संरचना पर खड़ी है कि यह राज्य की ओर से निगरानी को बढ़ावा देता है।दीवान ने कहा कि कि लोगों से जमा किए गए जनसांख्यिकीय और बायोमेट्रिक आंकड़े सेंट्रल आइडेंटिटीज डाटा रिपॉजिटरी (सीआईडीआर) में रखा गया है और यह कई सालों तक यहाँ पड़ा रहेगा।  सरकार को एक नागरिक से उसके पूरे जीवनावधि के दौरान सूचना इकट्ठा करने का अधिकार है। इस तरह के रिकॉर्ड जिसको कि जीवन की पूरी अवधि...

निस्संतान मरने पर महिला को अपने माँ-बाप से मिली संपत्ति उसके पति को नहीं उसके माँ-बाप के कानूनी वारिसों को मिलेगा : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
निस्संतान मरने पर महिला को अपने माँ-बाप से मिली संपत्ति उसके पति को नहीं उसके माँ-बाप के कानूनी वारिसों को मिलेगा : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

पुणे के संयुक्त सिविल जज, जूनियर डिवीजन, के आदेश को निरस्त करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि हिंदू उत्तराधिकार क़ानून की धारा 15 के तहत हिंदू महिला को अपने माँ या बाप से मिली कोई संपत्ति उसके निस्संतान मरने पर उसके माँ या बाप के उत्तराधिकारी को मिलेगा न कि उस महिला के पति को। यह फैसला न्यायमूर्ति शालिनी फंसालकर जोशी ने सुनाया जो सुंदराबाई के रिश्तेदारों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुंदराबाई लगभग 55 साल पहले 18 जून 1962 को मर गई।मामले की पृष्ठभूमिसुंदराबाई के पति ने सुंदराबाई...

आरोपी को जमानत में इसलिए विशेष तरजीह नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह विदेशी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
आरोपी को जमानत में इसलिए विशेष तरजीह नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह विदेशी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि किसी आरोपी को जमानत देने के समय सिर्फ इसलिए विशेष तरजीह नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह विदेशी है।न्यायमूर्ति एनवी रामना और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा, “सीआरपीसी की धारा 439 के तहत हर आरोपी बराबर है भले ही उसकी राष्ट्रीयता कुछ भी क्यों न हो।”पीठ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए यह बात कही। यह आदेश रेशन चन्द कालेर नामक एक ब्रिटिश नागरिक को हत्या के एक मामले में जमानत देने से जुड़ा है। एफआईआर में कहा...

इंदिरा जयसिंह ने कहा, जज लोया के मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उनकी सहमति की बात कहना गलत
इंदिरा जयसिंह ने कहा, जज लोया के मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में उनकी सहमति की बात कहना गलत

मंगलवार को एक ट्वीट में वरिष्ठ एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में गलती से यह कहा है कि जज लोया के मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने में उनकी सहमति थी।“मैंने कहा कि इसे सही किया जाना चाहिए, मैंने इस ओर इशारा करते हुए कहा कि हस्तक्षेप संबंधी मेरा आग्रह रिकॉर्ड किया गया है। इसलिए इस स्वाभाविक गलती को अवश्य ही ठीक किया जाना चाहिए। जजों ने हमारे आग्रह को मान लिया।”मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने 22...

SC  और ST  के लिए दलित शब्द का प्रयोग बंद करो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को कहा [आर्डर पढ़े]
SC और ST के लिए 'दलित' शब्द का प्रयोग बंद करो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को कहा [आर्डर पढ़े]

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए 'दलित' शब्द का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। "हालांकि, हमारे पास कोई संदेह नहीं है कि केन्द्र सरकार / राज्य सरकार और उसके कर्मचारी अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए “दलित " का प्रयोग करने से बचेंगे जो कि  भारत के संविधान या किसी भी क़ानून में उल्लिखित नहीं है। " जस्टिस संजय यादव और जस्टिस अशोक कुमार जोशी की बेंच ने ये आदेश दिया।दरअसल हाईकोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता डा. मोहनलाल महोर...

मद्रास हाई कोर्ट ने एक दंपति को ई-मेल से सम्मन प्राप्त करने की बात स्वीकार करने पर ओमान जाने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाई कोर्ट ने एक दंपति को ई-मेल से सम्मन प्राप्त करने की बात स्वीकार करने पर ओमान जाने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]

अधिक से अधिक अदालतें अब आधुनिक तकनीक को अपनाने लगी हैं।इस तरह की एक नवीनतम घटना में, मद्रास हाई कोर्ट ने आव्रजन अधिनियम के तहत आपराधिक मामला झेल रहे एक दंपति को इस शर्त पर ओमान जाने की अनुमति दे दी कि उसे ईमेल के माध्यम से सम्मन भेजा जाएगा और वह इस तरह से सम्मन प्राप्त करने पर आपत्ति नहीं करेगा।न्यायमूर्ति सीटी सेल्वम ने याचिकाकर्ता प्रेमकुमार थंगादुराई और हन्ना वनिता कुमारी जोसफ  को ओमान जाने की अनुमति दे दी।इस दंपति ने इससे पहले तम्बरम के मजिस्ट्रेट की अदालत में आवेदन देकर ओमान जाने की अनुमति...

सेमेस्टर परिक्षा के पहले मुंबई विश्वविद्यालय के एलएलएम के छात्रों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिलाई राहत [आर्डर पढ़े]
सेमेस्टर परिक्षा के पहले मुंबई विश्वविद्यालय के एलएलएम के छात्रों को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिलाई राहत [आर्डर पढ़े]

मुंबई विश्वविद्यालय के एलएलएम के छात्रों को जिनको अपने सेमेस्टर की परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, उन्हें बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि वे अपने दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा के साथ ही पहले सेमेस्टर की परीक्षा भी दे सकते हैं।न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला ने इस मामले में अपना आदेश सुनाया। इसके लिए दायर एक जनहित याचिका और एक अन्य याचिका दोनों की साथ सुनवाई की गई। दोनों ही में 23 जनवरी को शुरू होने वाले सेमेस्टर की परीक्षा को स्थगित किए जाने की मांग की...

कोई उदारवादी लोकतंत्र स्वतंत्र न्यायपालिका के बिना ज़िंदा नहीं रह सकता : न्यायमूर्ति चेलामेश्वर
कोई उदारवादी लोकतंत्र स्वतंत्र न्यायपालिका के बिना ज़िंदा नहीं रह सकता : न्यायमूर्ति चेलामेश्वर

“आज यहाँ बैठे सभी लोग यह मानते हैं कि एक स्वतंत्र और पक्षपातहीन न्यायपालिका किसी भी लोकतंत्र के जीवित रहने की पहली शर्त है। इसके अभाव में कोई उदार लोकतंत्र फलफूल नहीं सकता।” ये शब्द हैं न्यायमूर्ति चेलामेश्वर के। मौक़ा था नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली और ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के संयुक्त कार्यक्रम का जिसमें प्रोफ़ेसर जॉर्ज एच गाद्बोई जूनियर, यूनिवर्सिटी ऑफ़ केंटुकी की पुस्तक ‘Supreme Court of India- The Beginnings’ के विमोचन का।इस पुस्तक पर प्रकाश डालते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस दूसरे सबसे वरिष्ठ...

मेडिकल कॉलेज घोटाला : सीबीआई ने कोर्ट में कहा, कुदुसी की याचिका जांच में हस्तक्षेप करने के लिए
मेडिकल कॉलेज घोटाला : सीबीआई ने कोर्ट में कहा, कुदुसी की याचिका जांच में हस्तक्षेप करने के लिए

मेडिकल कॉलेज घोटाले में आरोपी उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व जज आई एम कुदुसी की अर्जी पर दिल्ली की अदालत में जवाब दाखिल करते हुए सीबीआई ने कहा है किउनकी कथित टेलीफोन बातचीत के टेप लीक होने संबंधी याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इस प्रकृति की याचिका जांच में "गंभीर हस्तक्षेप" के समान है। विशेष जज मनोज जैन की अदालत में सोमवार को सीबीआई ने कहा, "वर्तमान याचिका मुख्य रूप से व्यावहारिक नहीं है क्योंकि इसमें मीडिया रिपोर्टों के आधार पर जांच की निगरानी का अनुमान लगाया जा रहा है। ये अर्जी इस मामले में केस...

दूरस्थ शिक्षा कोर्स से वर्ष 2001-2005 के दौरान इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से एकमुश्त राहत [आदेश पढ़ें]
दूरस्थ शिक्षा कोर्स से वर्ष 2001-2005 के दौरान इंजीनियरिंग की डिग्री लेने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से एकमुश्त राहत [आदेश पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने इंजीनियरिंग के उन छात्रों को आज एक मुश्त राहत की घोषणा की जो अकादमिक वर्ष 2001-2005 के लिए दूरस्थ शिक्षा कोर्स में पंजीकृत हैं। कोर्ट के निर्देश के अनुसार : ऐसे उम्मीदवार जो एआईसीटीई द्वारा मई-जून 2018 में आयोजित परीक्षा में बैठना चाहते हैं और जिनके पास फैसले के संदर्भ में टेस्ट में बैठने का विकल्प है वे 11 प्रश्नों में डिग्री बनाए रख सकते हैं और इसके होने वाले फायदे उन्हें परिणाम प्रकाशित होने के एक महीने या 31 अगस्त 2018 तक (जो भी पहले होगा) मिलता रहेगा। यह सुविधा एकमुश्त है...

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों पर GST के खिलाफ याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाई [याचिका और आदेश पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों पर GST के खिलाफ याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाई [याचिका और आदेश पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित कानून फर्मों के माध्यम से या वकीलों के व्यक्तिगत तौर पर  सेवाओं के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी )  को चुनौती देने वाली याचिकाओं में आगे की सुनवाई पर रोक लगा दी। केंद्र सरकार ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 13 9 ए के तहत सुप्रीम कोर्ट से याचिकाओं के ट्रांसफर करने की मांग की थी कि उनमें सारे मुद्दे एक जैसे हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस  एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किया है।इस...

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से दिव्यांग आश्रितों वाले सैनिकों की पोस्टिंग के बारे में नीति बनाने को कहा [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से दिव्यांग आश्रितों वाले सैनिकों की पोस्टिंग के बारे में नीति बनाने को कहा [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि दिव्यांग आश्रितों वाले सैनिकों की पोस्टिंग के बारे में वह नीति बनाए।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और जेआर मिधा की पीठ ने यह आदेश दिया। इस बारे में याचिका आरके पांडेय, सैयद शाहिद वाहिद और जितेन्द्र सिंह ने दायर की है।अभी हाल में हुई एक सुनवाई में कोर्ट ने 7 सितम्बर 2017 को जारी एक कार्यालय मेमोरेंडम पर गौर किया जिसमें “केंद्रीय सैन्य पुलिस बल के दिव्यांग सैनिकों (सीएपीएफ) के पुनर्वास/सीएपीएफ के दिव्यांग आश्रितों” के पुनर्वास के...

40 साल पुराना मामला : सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से मामले को एक साल में निपटाने को कहा, प्रतिवादी पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
40 साल पुराना मामला : सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से मामले को एक साल में निपटाने को कहा, प्रतिवादी पर लगाया 50 हजार का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट के सामने एक ऐसी अपील आई है जो 40 साल पुराने मामले को लेकर है।यह अपील राम निरंजन कजारिया ने दायर की है। यह मामला कोर्ट में 1978 में आया। वैसे इस बारे में प्रतिवादी शेओ प्रकाश कजारिया ने अगस्त 1979 में अपना जवाब दाखिल कर दिया था और इसमें संशोधन के लिए आवेदन 2004 में दायर किया। पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया।हाई कोर्ट की इस कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट ने जायज ठहराया पर उसने प्रतिवादी को मूल लिखित बयान में दी  गई बातों को स्पष्ट करने की अनुमति दी। पर प्रतिवादी ने वही बातें...

अधिग्रहण की प्रक्रिया के शुरू हो जाने के बाद जमीन खरीदने वाला उसको चुनौती नहीं दे सकता, सिर्फ मुआवजे की मांग कर सकता है : इलाहाबाद हाई कोर्ट
अधिग्रहण की प्रक्रिया के शुरू हो जाने के बाद जमीन खरीदने वाला उसको चुनौती नहीं दे सकता, सिर्फ मुआवजे की मांग कर सकता है : इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहबाद हाई कोर्ट ने गाजीपुर के जिला मजिस्ट्रेट को दो महीने के भीतर एक व्यक्ति के मुआवाजे की अपील पर निर्णय करने का आदेश दिया है। इस व्यक्ति की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के शुरू होने के बाद जमीन खरीदता है तो वह उस प्रक्रिया को चुनौती नहीं दे सकता।न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और अजय भनोत की पीठ ने जिला प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस व्यक्ति के आवेदन पर दो महीने के भीतर निर्णय करें।भारतीय...

वरिष्ठ एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ऑनलाइन पेटीशन शुरू किया
वरिष्ठ एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ऑनलाइन पेटीशन शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए याचिका दायर करने के बाद वरिष्ठ एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने अब इस मुद्दे को लेकर एक ऑनलाइन (change.org Petition) पेटीशन शुरू किया है।सूचना और प्रसारण मंत्रालय को संबोधित अपने पेटीशन में जयसिंह ने कहा है, “सुप्रीम कोर्ट ने देश में मानवाधिकार के न्याय को आगे बढ़ाया है और पर्यावरण की चिंताओं, जेंडर न्याय पर आम लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई की है और यह सुनिश्चित किया है कि लोगों के ये अधिकार सुरक्षित रहें। महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर वकीलों की बहस सुनने या...

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के फुटपाथ को दिव्यांगों के प्रयोग लायक बनाने के लिए नगर निकायों को कार्य योजना बनाने को कहा [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के फुटपाथ को दिव्यांगों के प्रयोग लायक बनाने के लिए नगर निकायों को कार्य योजना बनाने को कहा [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने नगर निकायों से कहा है कि वे दिल्ली विश्वविद्यालय के फुटपाथ को दिव्यांगों के प्रयोग लायक बनाने के लिए कार्य योजना बनाएं ताकि जो देख नहीं सकते वे एक जगह से दूसरे जगह निर्बाध जा सकें।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और सी हरि शंकर की पीठ ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हिमांशु गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया। गोस्वामी ने अपनी याचिका में देख नहीं पाने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय में एक जगह से दूसरे जगह जाने में पेश आने वाली मुश्किलों का जिक्र किया है।...

पति अनुसूचित जाति का है तो सामान्य श्रेणी की पत्नी आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
पति अनुसूचित जाति का है तो सामान्य श्रेणी की पत्नी आरक्षण का लाभ नहीं उठा सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सामान्य श्रेणी की एक महिला को उसके पति के अनुसूचित जाति के होने का फ़ायदा उठाने से रोक दिया। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने जिस व्यक्ति से शादी की है वह अनुसूचित जाति का है, और इसलिए उनको आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता क्योंकि वह उसकी पत्नी हैं। जाति का निर्धारण जन्म से होता है, शादी से नहीं।न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति मोहन एम शंतानागौदर की पीठ ने कहा, “इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है कि जाति का निर्धारण जन्म से होता है और किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति से शादी करने...

जिला जज के पास लंबित मध्यस्थता के मामले में फैसले के लिए आवेदन को कमर्शियल कोर्ट में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
जिला जज के पास लंबित मध्यस्थता के मामले में फैसले के लिए आवेदन को कमर्शियल कोर्ट में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा है कि जिला जज के समक्ष मध्यस्थता के लिए लंबित मामले में फैसला सुनाए जाने के लिए आवेदन को कमर्शियल कोर्ट, कमर्शियल डिवीजन एंड कमर्शियल अपीलेट डिवीजन ऑफ़ हाई कोर्ट्स, एक्ट, 2015 की धारा 15(5) के तहत किसी कमर्शियल अदालत में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति राम प्रसन्न शर्मा ने दीवानी अदालत के समक्ष लंबित मामले को कमर्शियल कोर्ट में ट्रांसफर करने की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कहा।कोर्ट के समक्ष यह दलील दी गई कि अधिनियम 2015 की...

निर्माण श्रमिकों के कल्याण को अनदेखा करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार
निर्माण श्रमिकों के कल्याण को अनदेखा करने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार

नाराज जस्टिस लोकुर ने ASG मनिंदर सिंह से कहा,   "आप निर्माण कर्मियों के कल्याण के लिए कानून का पालन नहीं कर रहे हैं। आप खुलकर सामने क्यों नहीं आते और औपचारिक रूप से ये क्यों नहीं कहते कि हमारे द्वारा दिए गए आदेश कचरे के डब्बे में फेंक रहे हैं तो कृपया और आदेश पारित ना करें।”सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण कार्य से जुडे श्रमिकों के कल्याण के लिए नियमों को लागू न करने के लिए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र पर सवाल उठाया है कि 1996 के अधिनियम के तहत सेस के रूप में 37,000 करोड़ रुपये...