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जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने  रेप के आरोपी न्यायिक अधिकारी को जमानत देने से इंकार किया  [आदेश पढ़ें]
जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी न्यायिक अधिकारी को जमानत देने से इंकार किया [आदेश पढ़ें]

 यदि एक न्यायिक अधिकारी ही न्याय के तराजू का उल्लंघन करता है तो प्रभाव विनाशकारी और हानिकारक होगा, अदालत ने कहा। जम्मू और कश्मी0र उच्च न्यायालय ने बलात्कार और धोखाधड़ी के आरोपी राज्य के न्यायिक अधिकारी को जमानत देने से इंकार करते हुए कहा  कि जिन अपराध की गतिविधियों में शामिल होने के लिए न्यायिक अधिकारी पर आरोप लगा है, वे अपराध को और अधिक संगीन बनाते हैं  और जिस आरोप में वो शामिल रहा है, उसकी साधारण नागरिक / व्यक्ति के साथ तुलना या बराबरी नहीं की जा सकती। सत्र न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज...

दिल्ली हाईकोर्ट ACJ गीता मित्तल की अगुवाई वाली टीम ने फिर से जिला अदालतों में औचक दौरा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ACJ गीता मित्तल की अगुवाई वाली टीम ने फिर से जिला अदालतों में औचक दौरा किया

पिछले साल जिला अदालतों में औचक दौरे को दोहराते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने कई न्यायाधीशों के साथ गुरुवार सुबह छह अधीनस्थ अदालतों में फिर से औचक दौरा किया।ईमानदार और अनुशासित न्याय वितरण प्रणाली और प्रशासन की सख्त वकालत करने वाली  ACJ  मित्तल को न्यायमूर्ति रविंद्र भट्ट , न्यायमूर्ति हिमा कोहली, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी,न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति एस मुरलीधर ने सहायता प्रदान की।सूत्रों ने बताया कि कार्यवाहक मुख्य...

जिस जीएसटीएन से उम्मीद थी कि इससे लोगों का भला होगा उसकी दुर्दशा पर सीआईसी ने उसे लगाई फटकार [आर्डर पढ़े]
जिस जीएसटीएन से उम्मीद थी कि इससे लोगों का भला होगा उसकी दुर्दशा पर सीआईसी ने उसे लगाई फटकार [आर्डर पढ़े]

वस्तु और सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) दुर्दशा की स्थिति में है। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को यह जानकार हैरानी हुई कि जीएसटीएन के कई सारे महत्त्वपूर्ण पक्षों को अभी तक सुव्यवस्थित नहीं किया गया है और अभी तक उसने अपनी प्रक्रिया के बारे में कोई विस्तृत खुलासा नहीं किया है जोकि आरटीआई अधिनियम की धारा 4 के तहत उसको करना चाहिए। जीएसटीएन नामक इस कंपनी की स्थापना सरकार ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया था।सूचना आयुक्त बिमल जुल्का ने जीएसटीएन को निर्देश दिया है कि वह स्वतः संज्ञान...

सुप्रीम कोर्ट ने सहमति से तलाक की अनुमति देकर लंबे वक्त से चल रहे वैवाहिक विवाद को खत्म कर दंपति की मदद की [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने सहमति से तलाक की अनुमति देकर लंबे वक्त से चल रहे वैवाहिक विवाद को खत्म कर दंपति की मदद की [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक वैवाहिक मामले में लंबित मुकदमेबाजी को बंद करके आपसी सहमति से तलाक की अनुमति दी है।न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनागौदर की पीठ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील सुनवाई कर रही थी। अदालत ने मध्यस्थों के माध्यम से और स्वयं द्वारा विवाद के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण निपटान के कई प्रयास किए थे। ये देखते हुए कि  छोटे बच्चे की कस्टडी को लेकर लंबे वक्त से मुकदमेबाजी चल रही है,  सर्वोच्च न्यायालय ने एएसजी पीएस नरसिम्हा की...

मेट्रो स्टेशनों पर नि:शुल्क जल,शौचालयों के अभाव पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई चिंता
मेट्रो स्टेशनों पर नि:शुल्क जल,शौचालयों के अभाव पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई चिंता

दिल्ली हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने मेट्रो स्टेशनों पर मुफ्त पीने के पानी और शौचालयों की कमी पर चिंता जताई है और दिल्ली मेट्रो रेल निगम को निर्देश दिया है कि वोपिछले 14 सालों से ऐसी नीति अपनाए जाने के कारण बताए।न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट और न्यायमूर्ति एके चावला की पीठ ने डीएमआरसी की "नि: शुल्क पानी / शौचालय सुविधाएं" नीति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहाकि चिकित्सा समस्या के मामले में एक  यात्रीकहाँ जायेगा ?बेंच ने 21 अगस्त 2017 के एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ वकील कुश शर्मा के माध्यम से कुश कालरा...

सुप्रीम कोर्ट ने अमिकस क्यूरी से कहा, महिला कैदियों और उनके बच्चों के पुनर्वास के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में बताएं [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने अमिकस क्यूरी से कहा, महिला कैदियों और उनके बच्चों के पुनर्वास के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के बारे में बताएं [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने गत सप्ताह अमिकस क्यूरी एडवोकेट गौरव अग्रवाल से कहा कि वह महिला कैदी और उनके बच्चों के कल्याण और पुनर्वास के मामले की पड़ताल करें। इसके लिए एक कोर्ट ने 2013 में स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच कर रही है।न्यायमूर्ति एमबी लोकुर, कुरियन जोसफ और दीपक गुप्ता की पीठ ने भारतीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निदेशक सुरिंदर राठी को जेल में जरूरत से ज्यादा लोगों के होने के मामले की जांच करें।राठी को जेल में रह रहे लोगों की कुल संख्या बताने को भी कहा गया है क्योंकि 31...

जल्दबाजी का न्याय, न्याय को दफन करता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल जज की सुपर फास्ट प्रक्रिया पर उठाया सवाल [निर्णय पढ़ें]
जल्दबाजी का न्याय, न्याय को दफन करता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल जज की सुपर फास्ट प्रक्रिया पर उठाया सवाल [निर्णय पढ़ें]

सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 साल के एक लड़के के साथ अप्राकृतिक यौनाचार के बाद  हत्या जैसे गंभीर अपराध के आरोपों को लेकर जल्दबाजी में मुकदमा चलाने के लिए ट्रायल कोर्ट जज पर कडी टिप्पणियां की। यह देखते हुए कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) ने एक दिन में बड़ी संख्या में अभियोजन पक्ष के गवाहों की परीक्षा की अनुमति दी थी, न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति  आईएस  मेहता ने कहा, "अदालत ने अपीलकर्ताओं के लिए वकील की दलील में योग्यता पाई है कि अभियुक्त के लिए ट्रायल जज द्वारा अपनाई गई उपरोक्त...

राज्य सरकार ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए गंभीर प्रयास करे : इलाहाबाद हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
राज्य सरकार ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए गंभीर प्रयास करे : इलाहाबाद हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए सरकार द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किये जाने को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार की खिंचाई की और कहा कि इस बारे में पहले भी आदेश दिए गए थे और ध्वनि प्रदूषण को कम करने की जरूरत पर बल दिया था।न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और अब्दुल मोईन की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने 4 जनवरी को एक आदेश तो जारी किया था पर अभी तक इस बारे में कोई ठोस काम नहीं किया गया है और कहा कि लाउडस्पीकर्स का प्रयोग करने वालों को उचित अधिकारियों ने इसके अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि यह कोर्ट के आदेश के पालन...

50 और 200 रुपये के नए नोट पहचानने में दृष्टिहीन को परेशानी: दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसके रुंगटा की सहायता मांगी [आर्डर पढ़े]
50 और 200 रुपये के नए नोट पहचानने में दृष्टिहीन को परेशानी: दिल्ली हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसके रुंगटा की सहायता मांगी [आर्डर पढ़े]

दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस जनहित याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसके रुंगटा की सहायता  मांगी है जिसमें आरोप लगाया गया है कि 50 रुपये के नोट में दृष्टिहीन लोगों द्वारा उनकी पहचान को सक्षम करने के लिए अपेक्षित चिह्न नहीं हैं। 16 फरवरी को पारित आदेश में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की  खंडपीठ ने दृष्टिहीन लोगों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन स्कोर फाउंडेशन के सीईओ जॉर्ज अब्राहम को रुंगटा की मदद करने को कहा है, जो जन्म से दृष्टिहीन हैं।अदालत ने केंद्र को भी एक...

अगर किसी वस्तु की विक्रय कीमत में कमी होती है तो असेसी इस पर कर रिफंड का हकदार है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर किसी वस्तु की विक्रय कीमत में कमी होती है तो असेसी इस पर कर रिफंड का हकदार है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर अस्थाई बिक्री पर बिक्री कर ज्यादा चुकाया गया है और अगर बाद में इसकी कीमत कम हो जाती है तो असेसी ज्यादा चुकाए गए कर की वापसी का हकदार है। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और मदन बी लोकुर की पीठ ने राजस्थान हाई कोर्ट की अपील पर यह फैसला दिया।अपीलकर्ता एलपीजी सिलिंडर का निर्माता है और सरकारी कंपनियों जैसे आईओसीएल, बीपीसीएल आदि को इसकी आपूर्ति करता है। एलपीजी सिलिंडर की कीमत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय निर्धारित करता है। कीमतों का निर्धारण बाद के समय के लिए...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बहुराष्ट्रीय एकाउंटिंग फर्म प्रथम दृष्टया क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं; केंद्र को विशेषज्ञों की समिति बनाने का निर्देश दिया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बहुराष्ट्रीय एकाउंटिंग फर्म प्रथम दृष्टया क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं; केंद्र को विशेषज्ञों की समिति बनाने का निर्देश दिया [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने भारत में काम कर रहे बहुराष्ट्रीय एकाउंटिंग फर्मों के कार्यकलापों की जांच के लिए शुक्रवार को केंद्र से विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने को कहा।न्यायमूर्ति एके गोएल और यूयू ललित की पीठ ने कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका और अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र को यह आदेश दिया। इन याचिकाओं में जो मुद्दे उठाए गए थे वे एक ही तरह के थे“क्या ये एकाउंटिंग फर्म भारत में गुपचुप तरीके से क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं और इसके क़ानून को लागू करने की कोई कोशिश नहीं की जा रही है।...

सीआरपीसी की धारा 88 के तहत बॉन्ड पर जमानत देना कोर्ट के लिए बाध्यकारी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सीआरपीसी की धारा 88 के तहत बॉन्ड पर जमानत देना कोर्ट के लिए बाध्यकारी नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोर्ट में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने वाले या जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं हुए आरोपी को बांड लेकर जमानत पर छोड़ने के लिए कोर्ट बाध्य नहीं होता।न्यायमूर्ति एके सिकरी और अशोक भूषण की पीठ ने इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक अपील पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। यह अपील एक आरोपी ने दायर की थी जिसको निचली अदालत ने जमानत देने से मना कर दिया था।इस मामले का मुख्य मुद्दा यह था कि क्या सीआरपीसी की धारा 88 के तहत यह कोर्ट के लिए बाध्यकारी है कि चूंकि उसको जांच के दौरान गिरफ्तार...

बच्चों में नशीले पदार्थों की लत : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से जेजे अधिनियम की धारा 77 के तहत थिनर, ह्वाईटनर, करेक्टर्स को नशीले पदार्थ मानने को कहा [आर्डर पढ़े]
बच्चों में नशीले पदार्थों की लत : दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से जेजे अधिनियम की धारा 77 के तहत थिनर, ह्वाईटनर, करेक्टर्स को नशीले पदार्थ मानने को कहा [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विपिन सांघी और पीएस तेजी की पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि उसे 20 मार्च 2017 को जारी जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश को देखते हुए जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन) एक्ट, 2015 की धारा 77 को लागू करना चाहिए। इसके तहत “नशीले द्रव” की व्यापक व्याख्या की गई है और इसमें व्हाइटनर, थिनर आदि को भी शामिल किया गया है।“…बच्चे यह नहीं जानते होंगे कि वे जिसका उपभोग कर रहे हैं उससे कोई नुकसान भी है और यह भी कि वे पेय नहीं हैं, प्रथम दृष्टया हमारी राय यह है कि इस तरह की...

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर दंगे में योगी आदित्यनाथ की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग खारिज की; कार्रवाई की अनुमति नहीं देने के राज्य के फैसले को सही बताया
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गोरखपुर दंगे में योगी आदित्यनाथ की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग खारिज की; कार्रवाई की अनुमति नहीं देने के राज्य के फैसले को सही बताया

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ वर्ष 2007 के गोरखपुर दंगे में कार्रवाई की अनुमति नहीं देने के राज्य के निर्णय को सही ठहराया।न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी और अखिलेश चन्द्र शर्मा की पीठ ने इस दंगे में आदित्यनाथ की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका भी ख़ारिज कर दी।क्या है मामलासामाजिक कार्यकर्ता परवेज परवाज नवंबर 2007 में गोरखपुर में हुए दंगे के सिलसिले में गोरखपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन दिया था कि योगी आदित्यनाथ घृणा...

सुप्रीम कोर्ट ने UPPSC 2004 परीक्षा में स्केलिंग पद्धति को ‘मनमाना’ करार दिया,लेकिन नियुक्तियों से छेड़छाड़ से इनकार किया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने UPPSC 2004 परीक्षा में स्केलिंग पद्धति को ‘मनमाना’ करार दिया,लेकिन नियुक्तियों से छेड़छाड़ से इनकार किया [निर्णय पढ़ें]

  सुप्रीम कोर्ट ने प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) परीक्षा, 2004 औरबैकलॉग परीक्षा, 2004  में उम्मीदवारों को अंक देने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा अपनाई गई स्केलिंग पद्धति को  "मनमाना" घोषित किया है और कहा कि परीक्षाओं में इसने नियुक्तियों को प्रभावित किया।न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने कहा कि यूपीपीएससी ने अनिवार्य और वैकल्पिक दोनों विषयों के लिए स्केलिंग पद्धति को अपनाने में चूक की थी, जबकि वह केवल वैकल्पिक विषयों के लिए इस विधि का इस्तेमाल...

2जी घोटाले मामले में SPP की भूमिका से मुक्त किया जाए :वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाजत
2जी घोटाले मामले में SPP की भूमिका से मुक्त किया जाए :वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाजत

वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, जिन्हें 2014 में 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामलों के लिए विशेष सरकारी अभियोजक (एसपीपी) के रूप में नियुक्त किया गया था, ने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की है कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाए।गौरतलब है कि  केन्द्र ने 8 फरवरी, 2018 की अधिसूचना के जरिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को 2 जी स्पेक्ट्रम से संबंधित मामलों से उत्पन्न होने वाले अभियोजन, अपील / संशोधन या अन्य कार्यवाही करने के लिए एसपीपी के रूप में नियुक्त किया है। उसके बाद, 16 फरवरी, 2018...

सोशल मीडिया पर बेलगाम प्रसारित हो रहे पोस्ट से हम चिंतित हैं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सोशल मीडिया पर बेलगाम प्रसारित हो रहे पोस्ट से हम चिंतित हैं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में गुस्से में कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट्स जिस तरह बिना किसी उत्तरदायित्व बोध और इसके स्रोत की सत्यता की जांच किए बिना फैलाए जा रहे हैं उससे वह चिंतित है।कोर्ट 23 ऐसे छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही जिन्होंने आरोप लगाया कि उनको दिखाया गया कि वे लोग इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (आईसीएआई) का ग्रुप I/II फाइनल परीक्षा पास कर ली है। पर जब इस परीक्षा का परिणाम इस संस्था के वेबसाइट पर अपलोड किया गया तो उनका नाम सफल छात्रों की सूची...

जूनियर अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई फाइल नोटिंग आरटीआई अधिनियम के तहत तीसरी पार्टी की जानकारी नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
जूनियर अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई फाइल नोटिंग आरटीआई अधिनियम के तहत तीसरी पार्टी की जानकारी नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में फैसला सुनाया है कि जूनियर अधिकारियों द्वारा अपने वरिष्ठ अफसरों को भेजी गई फाइल नोटिंग को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8 के तहत खुलासे से छूट नहीं दी गई है। न्यायमूर्ति विभू बाखरू  पारस नाथ सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिन्होंने केन्द्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी, जिसमेंकर्नाटक राज्य में राष्ट्रपति शासन को लेकर आरटीआई आवेदन की  फाइल नोटिंग के बारे में जानकारी के लिए उनके अनुरोध कोखारिज कर दिया गया था। इस...

अधिकारों की समीक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए बीसीआई अपने ही आदेश पर अपीली प्राधिकरण की तरह व्यवहार नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अधिकारों की समीक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए बीसीआई अपने ही आदेश पर अपीली प्राधिकरण की तरह व्यवहार नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया की अनुशासन समिति की समीक्षा करने के अधिकार की सीमा के बारे में दुबारा जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट नेअद्वांता इंडिया लिमिटेड बनाम बीएन शिवन्ना  मामले में कहा कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया समीक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए अपने ही आदेश पर किसी अपीली अधिकरण की तरह व्यवहार नहीं कर सकता।राज्य बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने एक वकील के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उसके प्रैक्टिस करने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया और बार काउंसिल के रोल्स से उसका नाम भी हटा दिया। उसने बार...