मुख्य सुर्खियां
यूपीएससी को सिविल सर्विस परीक्षा में प्राप्त अंक को सार्वजनिक करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी बनाम अग्नेश कुमार मामले में हाई कोर्ट के उस फैसले को निरस्त कर दिया जिसके तहत सिविल सर्विसेज परीक्षा में प्राप्त अंक को सार्वजनिक करने को कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिविल सर्विसेज परीक्षा में प्राप्त अंक के विवरण को मेकैनिकली जारी करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।कुछ उम्मीदवार जो कि सिविल सर्विसेज परीक्षा (प्रेलिम्स) में पास नहीं हुए थे उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को सिविल सर्विसेज परीक्षा (प्रेलिम्स)...
शादी के इच्छुक जोड़े के घर ना चिपकाए जाएं नोटिस : राजस्थान हाईकोर्ट ने विवाह अधिकारियों को निर्देश दिया [निर्णय पढ़ें]
राजस्थान उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने राज्य में सभी विवाह अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत विवाह करने को इच्छुक जोड़े के निवास पर नोटिस ना भेजे जाएं।दरअसल कुलदीप सिंह मीणा ने संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ के माध्यम से जोड़े के निवास पर विवाह के नोटिस को चिपकाने की विवाह अधिकारियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की वैधता को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी।मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ के...
SC : 3 जजों की पीठ ने 3 जजों की अन्य पीठ के फैसले पर रोक लगाई जिसमें 2014 के 3 जजों की पीठ के फैसले को पलटा गया [आर्डर पढ़े]
एक आश्चर्यजनक आदेश में न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट की अन्य बेंच और उच्च न्यायालयों से अनुरोध किया है कि वे भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वसन अधिनियम, 2013 की धारा 24 से जुडे उचित मुआवजा और पारदर्शिता और संबंधित मामलों में कोई सुनवाई या फैसला ना दें।इस आदेश से तीन न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता भी शामिल हैं, ने न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक अन्य 3...
[आधार सुनवाई: 12वां दिन सत्र -2] :अधिनियम सिर्फ बायोमेट्रिक डाटा को अपडेट करने का विकल्प देता है, पर किसी को यह कब पता चलेगा कि उसको अपना बायोमेट्रिक अपडेट करना है?
भोजनावकाश के बाद जब आधार की सुनवाई दुबारा शुरू हुई तो वरिष्ठ एडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम ने न्यायमूर्ति केएस पुत्तस्वामी फैसले में निज के बारे में सूचना को फ़ैलाने से रोकने और सूचना का किस हद तक प्रयोग किया जा सकता है इस पर नियंत्रण की चर्चा की। “आधार अधिनियम और उसके तहत विनियमन के जो प्रावधान किए गए हैं उसके तहत मेटाडाटा सहित एक सर्वव्यापी डाटावैलेंस व्यवस्था की कल्पना की गई है। इस बारे में कोई संदेह नहीं है”, उन्होंने कहा।न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने रिचर्ड ए पोस्नर के आलेख का भी जिक्र किया...
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केस की बहाली के लिए जुर्माने की बजाए वकील को एक घंटा सामुदायिक सेवा करने के निर्देश दिए
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक वकील की बहाली की अर्जी को अनुमति देकर सुझाव दिया कि जुर्माने की बजाए वो एक घंटा सामुदायिक सेवा करे।न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने आवेदक के वकील को ब्लाइंड होम (माधव अंधाश्रम चंद्रवदनी का नाका, ग्वालियर) में एक घंटे की सामुदायिक सेवा करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि कुछ खाद्यान्न / स्नैक्स के उन दिव्यांग बच्चों के साथ एक घंटा बिताए जिनका राज्य सरकार द्वारा ध्यान रखा जा रहा है।"एक घंटे की यह सामुदायिक सेवा न केवल आत्मा के लिए संतोषजनक होगी, बल्कि अलग-थलग...
कलकत्ता हाईकोर्ट में आधार कार्ड जारी करने की याचिका, केंद्र ने कहा, मां का प्रतिरूपण किया [आर्डर पढ़े]
कलकत्ता उच्च न्यायालय के सामने एक अनोखा मामला आया है जिसमें मजीबर रहमान रहमान नामक एक शख्स ने आधार कार्ड जारी करने के लिए रिट याचिका दायर की है।वहीं इसयाचिका का जवाब देते हुए केंद्र सरकार के वकील ने दलील दी कि उसने कथित तौर पर अपनी मां का प्रतिरूपण किया है और अपनी मां की जगह अपनी उंगलियों के निशान दिए हैं।याचिकाकर्ता के अनुसार उसकी मां की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद प्राधिकरण ने मां की मृत्यु की पुष्टि के लिए कुछ समय मांगा। न्यायमूर्ति देबांगशु बासक ने याचिका को अप्रैल 2018 के लिए सूचीबद्ध...
अपीलीय अधिकारी द्वारा सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत निवासियों के निर्वासन) अधिनियम, 1971 के तहत आदेश व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि बतौर सिविल कोर्ट : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जीवन बीमा निगम बनाम नंदिनी जे शाह और अन्य मेंयह माना है कि सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत निवासियों के निष्कासन) अधिनियम, 1971 की धारा 9 के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए अपीलीय अधिकारी एक व्यक्ति विशेष के रूप में कार्य नहीं करता बल्कि सिविल कोर्ट की क्षमता में कार्य करता है।सर्वोच्च न्यायालय के सामने यह मुद्दा था कि क्या बॉम्बे हाई कोर्ट एक रिट याचिका (भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत दायर की गई) में एक न्यायाधीश के निर्णय के खिलाफ उत्तरदाताओं द्वारा दाखिल...
जमानत मिलने के बावजूद जेलों में बंद हैं विचाराधीन कैदी; दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद जिला और सत्र न्यायालय जोखिम का आकलन करने में विफल रहे [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने एक पूर्व के आदेश में जिला और सत्र न्यायाधीशों को ऐसे मामलों में “जोखिम के आकलन” का आदेश दिया था जिसमें जमानत मिलने के बावजूद विचाराधीन कैदियों को जेल से नहीं छोड़ा गया। पर ये अदालतें इस कार्य को पूरा करने में विफल रही हैं.कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि उसके पूर्व में दिए आदेश के बावजूद उसे यह नहीं बताया गया है कि जिन कैदियों पर जमानत की शर्तें लगाई गई थी उसको पूरा नहीं कर पाने वालों को रिहा करने के लिए कोई कदम उठाया गया है...
बॉम्बे हाई कोर्ट ने जज एसके शिंदे के खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों वाले पीआईएल दायर करने के लिए एडवोकेट पर लगाया एक लाख का जुर्माना [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एडवोकेट उल्हास नाइक द्वारा न्यायमूर्ति एसके शिंदे को प्रोमोशन करने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया और मनगढ़ंत आरोपों के साथ यह पीआईएल दाखिल करने के लिए उनको एक लाख का जुर्माना भरने को कहा।न्यायमूर्ति आरएम बोर्डे और न्यायमूर्ति आरजी केतकर की पीठ ने याचिका पर गौर करते हुए कहा कि एडवोकेट ने जानबूझकर यह आरोप लगाया है कि “न्यायमूर्ति शिंदे हाई कोर्ट का जज बनने के लायक नहीं हैं क्योंकि जिला जज के रूप में कार्य करते हुए उनको आवश्यक रूप से रिटायर कर दिया गया था”।कोर्ट ने मूल...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सहयोगी छात्रा से रेप के आरोपी को पढाई जारी रखने की इजाजत दी [निर्णय पढ़ें]
इंसान को जीवन में एक वास्तविक मौका दिया जाना चाहिए जो शिक्षा से आता है, परिणामस्वरूप रोजगार और इसके परिणामस्वरूप परिवार बनता है, अदालत ने कहा | राजस्थान उच्च न्यायालय ने सहयोगी छात्रा के साथ रेप के आरोपी एक छात्र को अपनी पढ़ाई जारी रखने और कॉलेज की कक्षाओं में भाग लेने की इजाजत दी है।'इंसान को जीवन में एक वास्तविक मौका दिया जाना चाहिए जो शिक्षा से आता है, परिणामस्वरूप रोजगार और इसके परिणामस्वरूप परिवार बनता है। सामान्यतः जीवन मेंकम से कम तीन घटक मानव मूल्य और आत्म-स्वामित्व बनाते हैं और समाज...
लोया मामले की सुनवाई : चारों न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक रूप से हलफनामा दायर करने को कहा जाए [लिखित सबमिशन पढ़ें]
सोमवार को सीबीआई के विशेष जज लोया की संदिग्ध हालातों में मौत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई दोबारा शुरू हुई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खानविलकर की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। एडवोकेट मुकुल रोहतगी महाराष्ट्र सरकार की पैरवी कर कर रहे हैं। उन्होंने पिछली सुनवाई में इस मामले में दायर याचिकाओं के औचित्य पर सवाल उठाया था और अपनी दलील के माध्यम से यह बताने की कोशिश की थी कि क्यों ये निहित स्वार्थ से प्रेरित हैं।रोहतगी ने अपने बयान में सोमवार को कहा, “मेडीट्रिना...
केंद्र ने SC में ‘ प्रकाश सिंह’ केस में डीजीपी के कार्यकाल के फैसले में संशोधन की मांग की, SC ने पूछा, आप नियमों में बदलाव क्यों नहीं कर सकते ?
वकील प्रशांत भूषण ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की बेंच के सामने प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। "निर्णय के बाद से साढ़े 11 साल बीत चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उसमें सात निर्देश जारी किए थे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुलिस कानून के शासन के नियमों के अनुसार शासित है न कि राजनीतिक मालिकों की कमान द्वारा। हालांकि ज्यादातर राज्यों द्वारा निर्देशों को...
चुनाव सुधार को लेकर लोक प्रहरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : जानिए क्या है यह
न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और अब्दुल नज़ीर की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने शुक्रवार को एनजीओ लोक प्रहरी की याचिका पर अपना फैसला दिया। याचिका में चुनाव के लिये नामांकन करने के समय आय के स्रोत के बारे में घोषणा करने की मांग की गई थी क्योंकि इस बीच यह बात सामने आई है कि लोकसभा के 26 और राज्यसभा के 11 सदस्यों तथा 257 विधायकों की परिसंपत्ति में भारी वृद्धि हुई है और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की जांच से भी इसकी आंशिक पुष्टि हुई है।फैसले में पीठ ने कहा, “संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है कि भारत एक...
सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट का लाइसेंस रद्द करने के तमिलनाडु बार काउंसिल के निर्णय को स्थगित किया; बीसीआई से इस पर अंतिम निर्णय लेने को कहा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने एक एडवोकेट का लाइसेंस रद्द करने के तमिलनाडु और पुदुचेरी बार काउंसिल की विशेष समिति के फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया से कहा है कि वह इसका पंजीकरण रद्द करे क्योंकि उसने अपने पंजीकरण के समय इस तथ्य को छुपाया था कि वह एक आपराधिक मामले में शामिल था।न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की पीठ ने राज्य बार काउंसिल के 13 दिसंबर 2017 के फैसले को स्थगित कर दिया। काउंसिल ने एडवोकेट एम अंटोनी सेल्वाराज के लाइसेंस को रद्द कर दिया लेकिन उसने बार...
जानिए क्या है कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य नायाधीश दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और अमिताभ रॉय की पीठ ने शुक्रवार को कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के अंतिम फैसले के खिलाफ की गई अपील पर अपना फैसला सुनाया। ट्रिब्यूनल ने यह फैसला 5 फरवरी 2007 को सुनाया था और अब इसके लगभग 11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने यह फैसला दिया है। लाइव लॉ यहाँ इस फैसले से संबंधित कुछ ऐसे प्रश्नों के उत्तर दे रहा है जो पाठकों के मन में उठ सकता है।प्रश्न : तो क्या इस फैसले के आने के बाद अब अंतर्राज्यीय जल-विवाद समाप्त हो जाएगा?उत्तर : इस फैसले से...
"समन की तामील" तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि उस पर उस विशेष दिन, उसकी तारीख, वर्ष और समय का जिक्र न हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने ऑटो कार्स बनाम त्रिमूर्ति कार्गो मूवर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य मामले में कहा कि प्रतिवादी को सम्मन दिया गया यह तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि आदेश IX के नियम 13 के तहत जिस दिन सम्मन भेजा गया उस दिन का नाम, तारीख, वर्ष और समय उस पर अंकित न हो।सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट द्वारा प्रकाशित पेपर के रूप में सम्मन के बारे में यह नहीं कहा जा सकता कि सम्मन प्रतिवादी को विधिवत थमा दिया गया। हाई कोर्ट द्वारा प्रकाशित इस सम्मन के तहत प्रतिवादी को अदालत के रजिस्ट्रार के...
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बार काउंसिल चुनाव के लिए निर्देश जारी किए,'एक बार एक वोट' नियम का पालन करने को कहा [आर्डर पढ़े]
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने घोषणा की है कि आगामी उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के चुनावों को 'वन बार वन वोट' सिद्धांत द्वारा नियंत्रित किया जाएगा और मतदाता सूची भी उस नियम के अनुसार तैयार की जाएगी।जस्टिस पी के जायसवाल औरजस्टिस वीरेंद्र सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि "... सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और अन्य बनामबी डी कौशिक मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों की भावना है कि ' OBOV ' का सिद्धांत अधिवक्ताओं के लिए लागू होगा।”उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, "उच्च न्यायालय बार...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा 2015 के खिलाफ याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने दिल्ली न्यायिक परीक्षा सेवा में किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।याचिका दायर करने वालों की माँग थी :हर पेपर में पास होने का न्यूनतम अंक कम किया जाए : याचिकाकर्ताओं ने हर पेपर में पास होने के लिए न्यूनतम अंक प्राप्त करने की सीमा को 40% से घटाकर 33% करने की मांग की। इसका कारण उन्होंने यह बताया कि मुख्य परीक्षा में बैठने वाले 914 उम्मीदवारों में से सिर्फ 64 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।...
एक आदमी ने लोक अदालत से किया धोखाधड़ी, गुजरात हाई कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया [आर्डर पढ़े]
गुजरात हाई कोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है जिसने बिना भुगतान के चेक वापसी के आरोप में न्यायिक हिरासत से जमानत प्राप्त किया था। लोक अदालत ने उसको इस आधार पर जमानत दे दी कि उसने शिकायतकर्ता के साथ मामला सुलझा लिया है और वह एक साल के अंदर पूरी राशि चुका देगा।इस मामले को सीधे-सीधे धोखाधड़ी बताते हुए न्यायमूर्ति जेबी पर्दीवाला ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और उसको दो सप्ताह के अंदर अदालत में हाजिर होने को कहा है।इस बारे में याचिका सोनल हार्दिकभाई ठक्कर ने दायर की...
इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के लिए जरूरी है कि मुकदमों की प्रबंधन प्रणाली शुरू की जाए ताकि न्याय सक्षमता से दिलाया जा सके : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मुकदमों के प्रबंधन की प्रणाली शुरू करने की जरूरत पर जोर दिया ताकि व्यवसाय को आसान बनाने के लिए इसके एक जरूरी पक्ष न्याय दिलाने की व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।न्यायमूर्ति एमबी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, “ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस और एन्फोर्समेंट ऑफ़ कॉन्ट्रैक्ट आजकल बहुत लोकप्रिय हो गया है। व्यवसाय करने में आसानी के लिए जहाँ तक न्याय दिलाने की व्यवस्था का सवाल है, अब समय आ गया है जब मुकदमों के प्रबंधन का कार्यक्रम लागू किया जाए”।1987 के एक मुकदमे...

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![कलकत्ता हाईकोर्ट में आधार कार्ड जारी करने की याचिका, केंद्र ने कहा, मां का प्रतिरूपण किया [आर्डर पढ़े] कलकत्ता हाईकोर्ट में आधार कार्ड जारी करने की याचिका, केंद्र ने कहा, मां का प्रतिरूपण किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Calcutta-High-Court.jpg)
![अपीलीय अधिकारी द्वारा सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत निवासियों के निर्वासन) अधिनियम, 1971 के तहत आदेश व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि बतौर सिविल कोर्ट : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] अपीलीय अधिकारी द्वारा सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत निवासियों के निर्वासन) अधिनियम, 1971 के तहत आदेश व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि बतौर सिविल कोर्ट : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Dipak-Misra-Amitava-Roy-AM-Khanwilkar.jpg)
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![बॉम्बे हाई कोर्ट ने जज एसके शिंदे के खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों वाले पीआईएल दायर करने के लिए एडवोकेट पर लगाया एक लाख का जुर्माना [निर्णय पढ़ें] बॉम्बे हाई कोर्ट ने जज एसके शिंदे के खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों वाले पीआईएल दायर करने के लिए एडवोकेट पर लगाया एक लाख का जुर्माना [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Bombay-Hc-6.jpg)
![लोया मामले की सुनवाई : चारों न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक रूप से हलफनामा दायर करने को कहा जाए [लिखित सबमिशन पढ़ें] लोया मामले की सुनवाई : चारों न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक रूप से हलफनामा दायर करने को कहा जाए [लिखित सबमिशन पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Mukul-Rohatgi-Loya-Dushyant-Dave.jpg)


![सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट का लाइसेंस रद्द करने के तमिलनाडु बार काउंसिल के निर्णय को स्थगित किया; बीसीआई से इस पर अंतिम निर्णय लेने को कहा [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट का लाइसेंस रद्द करने के तमिलनाडु बार काउंसिल के निर्णय को स्थगित किया; बीसीआई से इस पर अंतिम निर्णय लेने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/BCI.jpg)

![समन की तामील तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि उस पर उस विशेष दिन, उसकी तारीख, वर्ष और समय का जिक्र न हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] समन की तामील तब तक नहीं माना जाएगा जब तक कि उस पर उस विशेष दिन, उसकी तारीख, वर्ष और समय का जिक्र न हो : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Supreme-Court-of-india-1.jpg)
![मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बार काउंसिल चुनाव के लिए निर्देश जारी किए,एक बार एक वोट नियम का पालन करने को कहा [आर्डर पढ़े] मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बार काउंसिल चुनाव के लिए निर्देश जारी किए,एक बार एक वोट नियम का पालन करने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/03/Madhya-Pradesh-High-Court-min.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा 2015 के खिलाफ याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा 2015 के खिलाफ याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Arun-Mishra-Amitava-Roy.jpg)
![एक आदमी ने लोक अदालत से किया धोखाधड़ी, गुजरात हाई कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया [आर्डर पढ़े] एक आदमी ने लोक अदालत से किया धोखाधड़ी, गुजरात हाई कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Gujarat-High-Court-min.jpg)
![इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के लिए जरूरी है कि मुकदमों की प्रबंधन प्रणाली शुरू की जाए ताकि न्याय सक्षमता से दिलाया जा सके : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] इज ऑफ़ डूइंग बिजनेस के लिए जरूरी है कि मुकदमों की प्रबंधन प्रणाली शुरू की जाए ताकि न्याय सक्षमता से दिलाया जा सके : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Justices-Madan-B.Lokur-and-Deepak-Gupta.jpg)