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कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आरएसएस नेता की हत्या की एनआईए जांच बहाल की [निर्णय पढ़ें]
कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ ने आरएसएस नेता की हत्या की एनआईए जांच बहाल की [निर्णय पढ़ें]

कर्नाटक हाई कोर्ट की खंड पीठ ने एकल पीठ के आदेश को खारिज करते हुए आरएसएस नेता की हत्या की एनआईए से जांच फिर से बहाल कर दी है। एकल पीठ ने इस मामले की एनआईए से जांच कराने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश को खारिज कर दिया था।रुद्रेश नामक आरएसएस नेता की दो लोगों ने 16 अक्टूबर 2016 को दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस हत्या की एनआई से जांच कराने का आदेश दिया था जिसे हाई कोर्ट की एकल पीठ ने खारिज कर दिया था। इसके बाद भारत सरकार ने खंडपीठ के समक्ष इसके खिलाफ अपील की।न्यायमूर्ति एचजी...

संक्रमणकालीन ऋण नहीं देने पर गुजरात की कंपनी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया; केंद्र और जीएसटी परिषद को नोटिस [याचिका पढ़े]
संक्रमणकालीन ऋण नहीं देने पर गुजरात की कंपनी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया; केंद्र और जीएसटी परिषद को नोटिस [याचिका पढ़े]

वडोदरा की एक कंपनी और उसके साझीदार ने एक याचिका दायर कर कहा है कि गुजरात जीएसटी अधिनियम और केंद्रीय जीएसटी आधिनियम को असंवैधानिक करार दिया जाए क्योंकि इनके अधीन संक्रमणकालीन उधारी देने की मनाही है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र, जीएसटी परिषद्, जीएसटी नेटवर्क और गुजरात राज्य को नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी और बीएन करिया की पीठ ने विलोवुड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके साझीदार परीक्षित मुंधरा की याचिका पर ये नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि गुजरात वस्तु एवं...

सीलिंग आदेश वापस लेने के बाद दिल्ली के श्मशान भूमि की सीलिंग हटाने का आदेश दिया कोर्ट ने [आर्डर पढ़े]
सीलिंग आदेश वापस लेने के बाद दिल्ली के श्मशान भूमि की सीलिंग हटाने का आदेश दिया कोर्ट ने [आर्डर पढ़े]

दिल्ली की एक अदालत ने उत्तर पश्चिम दिल्ली के एक श्मशान भूमि की सीलिंग को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट को यह बताया गया कि यह श्मशान भूमि का मालिकाना हक़ स्थानीय निवासियों के पास है और यह श्मशान भूमि 10 लाख लोगों के काम आता है क्योंकि इस क्षेत्र में और कोई श्मशान भूमि नहीं है।वरिष्ठ सिविल जज वंदना रोहिणी ने पूर्व में दी अपने आदेश को निरस्त करते हुए सेक्टर 26 स्थित श्मशान भूमि के मुख्य द्वार को खोलने का निर्देश दिया।कोर्ट ने पुलिस को उस परिसंपत्ति का सीलिंग हटाने का आदेश दिया जिसको शाहाबाद दौलतपुर...

CrPC की धारा 357 (2) किसी भी तरह अपील के लंबित रहने तक जुर्माने की सजा को निलंबित नहीं करती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
CrPC की धारा 357 (2) किसी भी तरह अपील के लंबित रहने तक जुर्माने की सजा को निलंबित नहीं करती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

धारा 357 की उप-धारा (2) में यह एक ऐसा प्रावधान है जो अपील की सीमा तक के लिए मुआवजे की राशि के उपयोग को अलग करता है या तब तक रोकता है जब तक अपील पर निर्णय ना हो जाएसीआरपीसी की धारा 357 की उपधारा (2) के उद्देश्य को उजागर करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने सत्येंद्र कुमार मेहरा विरुद्ध झारखंड राज्य मामले में कहा है कि इस प्रावधान ने कभी भी आरोपी पर लगाए गए जुर्माना की सजा को निलंबन करने केबारे में कभी नहीं सोचा।न्यायमूर्ति ए के सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि अपर्याप्तता की सीमा तक दिए...

SC के निकट होने का मतलब ये नहीं कि गलत तरीके की SLP दाखिल करने की इजाजत मिलेगी : SC ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई [आर्डर पढ़े]
SC के निकट होने का मतलब ये नहीं कि गलत तरीके की SLP दाखिल करने की इजाजत मिलेगी : SC ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई [आर्डर पढ़े]

वास्तविक तथ्य यह है कि दिल्ली उच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट से निकट है। याचिकाकर्ता को वर्तमान गलत तरीके से पेश की गई याचिका के माध्यम से इस न्यायालय के पास आने का अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट सेअपनी रिट याचिका को वापस ले लिया था।न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और  न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने बार-बार वकील से कहा कि एसएलपी...

बड़े पैमाने पर जनता को आतंकित करना एक जघन्य अपराध है और इससे कठोर हाथों से निपटा जाना चाहिए: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरमीत राम रहीम के समर्थकों को जमानत से इनकार किया [आर्डर पढ़े]
बड़े पैमाने पर जनता को आतंकित करना एक जघन्य अपराध है और इससे कठोर हाथों से निपटा जाना चाहिए: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरमीत राम रहीम के समर्थकों को जमानत से इनकार किया [आर्डर पढ़े]

याचिकाकर्ताओं द्वारा सामान्य जनता के दिमाग में आतंक पैदा करना, पूरी तरह से सशस्त्र, पूरे शहर को विवश करना, कानून का उल्लंघन, ये सब सिर्फ जॉय राइड के लिए किया गया। तथ्यों से पता चलता है कि उन्होंने उस समय राज्य के शासक के रूप में खुद को पेश किया, अदालत ने टिप्पणी की।  पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम कोबलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद राज्य में हिंसा करने और अफरातफरी मचाने वाले उनके समर्थकों को जमानत देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति महावीर...

बार काउंसिल चुनाव : मतदान के दौरान वीडियोग्राफी, ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बाद ही परिणाम, लंच देना वाला प्रतिबंधित, SC ने BCI प्रस्तावों पर मुहर लगाई [आर्डर पढ़े]
बार काउंसिल चुनाव : मतदान के दौरान वीडियोग्राफी, ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बाद ही परिणाम, लंच देना वाला प्रतिबंधित, SC ने BCI प्रस्तावों पर मुहर लगाई [आर्डर पढ़े]

राज्य बार काउंसिल के चुनाव के दौरान सभी संवेदनशील मतदान केंद्र अब सीसीटीवी निगरानी में होंगे और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। यदि कोई भी लंच आदि देगा तो उसे प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। चुनाव के परिणाम प्रकाशित तभी किए जाएंगे जब चुनाव ट्रिब्यूनल इसे फाइनल मानेगा जैसाकि  भारत की बार काउंसिल द्वारा पारित प्रस्ताव को प्रभावी करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का आदेश दिया गया है।न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति अभय मनोहर सपरे की पीठ ने कहा कि यही सिद्धांत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रतिनिधि-सदस्य और...

विस्तृत शिकायत निवारण तंत्र को शामिल करने के लिए वेबसाइट अपडेट करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय से कहा [आर्डर पढ़े]
विस्तृत शिकायत निवारण तंत्र को शामिल करने के लिए वेबसाइट अपडेट करें: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय से कहा [आर्डर पढ़े]

  दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते पूर्वी दिल्ली महानगर निगम (EDMC) को अपने पहले आदेश पर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने में नाकाम रहने पर फटकार लगाई जिसमें अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण की शिकायत वाले लोगों के लिए शिकायत निवारण तंत्र को शामिल करने के लिए  वेबसाइट को अपडेट करने के निर्देश जारी किए गए थे।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की खंडपीठ ने EDMC के आयुक्त को निर्देश दिया कि वो ये सुनिश्चित करने करे।कि 10 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश की जाए। आगे निर्देश...

सरकारी कर्मियों तो ग्रैच्युटी के लिए कोर्ट जाने पर विवश ना करें : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को चेताया [निर्णय पढ़ें]
सरकारी कर्मियों तो ग्रैच्युटी के लिए कोर्ट जाने पर विवश ना करें : सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को चेताया [निर्णय पढ़ें]

राज्य का यह कर्तव्य है कि स्वेच्छा से ग्रेच्युटी राशि का भुगतान किया जाए, बेंच ने कहा। सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए, जो कई वर्षों तक नियोक्ता-सरकार के खिलाफ ग्रैच्युटी के लिए अपने वैध दावे अदालतों में लड़ते रहते हैं, राज्य सरकार को  तीन महीनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति एएम सपरे की पीठ ने कहा कि  ग्रैच्युटी कानून उन कर्मचारियों के लाभ के लिए कल्याणकारी कानून है, जो नियोक्ता की लंबे समय तक सेवा...

INX मीडिया मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति को जमानत दी, कहा सीबीआई को पूर्व सूचना दिए बिना कोई बैंक खाता बंद ना करे [आर्डर पढ़े]
INX मीडिया मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति को जमानत दी, कहा सीबीआई को पूर्व सूचना दिए बिना कोई बैंक खाता बंद ना करे [आर्डर पढ़े]

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज केस में कार्ति चिदंबरम को जमानत देते हुए कहा कि उनकी न्याय से भागने की कोई संभावना नहीं है क्योंकि समाज में उनकी जड़ें हैं, उनके माता-पिता वरिष्ठ वकील हैं और उनके पास देखभाल करने के लिए एक परिवार भी है।साथ यह भी ध्यान में रखते हुए कि 28 फरवरी से 12 मार्च तक सीबीआई ने पुलिस हिरासत के दौरान किसी भी चौकाने वाली  सामग्री को बरामद नहीं किया है। जस्टिस एसपी गर्ग ने 12 मार्च के बाद तिहाड़ जेल में रहने वाले कार्ति को जमानत...

अगर नियुक्तियों को सामान्य रूप से इंकार किया जाता है तो न्यायिक प्रणाली पर कोई भी भरोसा नहीं करेगा: राजस्थान HC ने SC अभ्यर्थी की नियुक्ति के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें]
अगर नियुक्तियों को सामान्य रूप से इंकार किया जाता है तो न्यायिक प्रणाली पर कोई भी भरोसा नहीं करेगा: राजस्थान HC ने SC अभ्यर्थी की नियुक्ति के आदेश दिए [निर्णय पढ़ें]

यह कल्पना से परे है कि नियोक्ता आईपीसी की धारा 323 और 324  के तहत अपराध को अन्य जघन्य अपराध के समान समझेगा, बेंच ने कहा राजस्थान उच्च न्यायालय ने आकाशदीप मोर्य को  सिविल न्यायाधीश और न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद के लिए नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं जबकि इससे पहले उनके खिलाफ दर्ज किए गए चार आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि उन्हें सभी में बरी कर दिया गया था। समिति ने यह पाया कि यद्यपि उन्हें सभी चार मामलों में निर्दोष पाया गया लेकिन वह सिविल न्यायाधीश...

जामिया मिलिया इस्लामिया अल्पसंख्यक संस्था नहीं है’: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया [शपथ पत्र पढ़ें]
जामिया मिलिया इस्लामिया 'अल्पसंख्यक संस्था नहीं है’: केंद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया [शपथ पत्र पढ़ें]

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की दिल्ली उच्च न्यायालय की बेंच ने हाल ही में 5 मार्च 2018 कोकेंद्र सरकार कीसंशोधित शपथ पत्र को दर्ज करने की याचिका को मंजूरी दी जिसमें विजय कुमार शर्मा बनाम राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानआयोग और अन्य संगठनों संबंधीडब्लूपी (सी) 1971- 2011 में केंद्र सरकार ने अपना रुख बदला है।इसके अलावा केंद्र सरकार की याचिका के किसी भी विरोध की अनुपस्थिति में 29 अगस्त, 2011 के पहले हलफनामे को रिकॉर्ड से हटा दिया गया है।29 अगस्त,...

नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने यंग इंडियन को 10 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया [आर्डर पढ़े]
नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने यंग इंडियन को 10 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया [आर्डर पढ़े]

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी प्रमुख हितधारक हैं, को आयकर विभाग द्वारा मांगे गए 249.15 करोड़ में से 10 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एस रविंद्र  भट्ट और न्यायमूर्ति एके चावला ने आईटी विभाग के पास आधी राशि 31 मार्च से पहले और 15 अप्रैल तक शेष राशि जमा करने की इजाजत दी है। आईटी विभाग को निर्देश दिया है कि वह इस शर्त के पूरा होने पर इकाई के खिलाफ कार्रवाई न करें।कोर्ट यंग इंडियन द्वारा दायर...

दिल्ली की एक अदालत ने महिला को ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पति को व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल से सम्मन भेजने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
दिल्ली की एक अदालत ने महिला को ऑस्ट्रेलिया में रह रहे पति को व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल से सम्मन भेजने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]

दिल्ली की एक अदालत ने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे अपने अलग हुए पति को व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल द्वारा सम्मन भेजने की अनुमति यह सोचकर दी है कि परंपरागत तरीके से ऐसा करने में काफी समय लग जाएगा और पहले ऐसे दो प्रयास विफल रहे हैं।मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रे (महिला अदालत) सुरभि शर्मा वत्स ने शिकायतकर्ता महिला की वकील देबोप्रियो पाल और कुणाल कुमार को उससे अलग हुए पति को व्हाट्सएप, एसएमएस और ईमेल से सम्मन भेजने की इजाजत दे दी है। पाल ने मजिस्ट्रेट को सुझाव दिया कि अपीलकर्ता के पति को व्हाट्सएप आदि से सम्मन भेजा...

दस लाख रुपए की ऊपरी सीमा को हटाने के लिए ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम में संशोधन संसद के दोनों सदनों से पारित [बिल पढ़ें]
दस लाख रुपए की ऊपरी सीमा को हटाने के लिए ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम में संशोधन संसद के दोनों सदनों से पारित [बिल पढ़ें]

राज्यसभा ने ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक को पास कर दिया है। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही 15 मार्च को पास कर चुका है।इस संशोधन से ग्रेच्यूटी की 10 लाख रुपए की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। संशोधन में कहा गया है कि इसकी उपरी सीमा के बारे में केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर घोषणा की जाएगी।यह संशोधन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए किया गया है और इसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है।हाल में केरल हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ ने...

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश :आरटीआई आवेदन की फीस 50 रुपए से अधिक नहीं और सूचना के लिए प्रति पृष्ठ पांच रुपए से अधिक नहीं लिया जाए; आरटीआई के उद्देश्य के खुलासे पर प्रतिबन्ध [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश :आरटीआई आवेदन की फीस 50 रुपए से अधिक नहीं और सूचना के लिए प्रति पृष्ठ पांच रुपए से अधिक नहीं लिया जाए; आरटीआई के उद्देश्य के खुलासे पर प्रतिबन्ध [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी सरकारी प्राधिकरणों को निर्देश देकर कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन की फीस 50 रुपए से अधिक नहीं लिए जाएं और फोटोकॉपी के लिए पांच रुपए से अधिक राशि नहीं ली जाए।न्यायमूर्ति एके गोएल और यूयू ललित की पीठ ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए :आरटीआई फीसआरटीआई आवेदन की फीस 50 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए और प्रति पृष्ठ सूचना के लिए 5 रुपए से अधिक नहीं लिया जाए। हालांकि अपवाद की स्थिति में इससे अलग तरह से निपटा जा सकता है। अगर जरूरत पड़ी तो आगे...

गलती से हिरासत में रखे गए व्यक्ति की पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया रिहा करने का आदेश [आर्डर पढ़े]
गलती से हिरासत में रखे गए व्यक्ति की पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया रिहा करने का आदेश [आर्डर पढ़े]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को गलती से हिरासत में रखे गए एक व्यक्ति को रिहा करने का आदेश दिया। इस व्यक्ति की पत्नी ने अपने पति की रिहाई को लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी और पीडी नाइक की खंड पीठ ने इस याचिका की सुनवाई की।याचिकाकर्ता के वकील रिजवान मर्चेंट ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 41 का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 16 मार्च को नोटिस जारी किया गया और अगले दिन उसे हिरासत में ले लिया गया।अभियोजन पक्ष ने कहा...

कावेरी जल विवाद : केरल ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की, कहा आदेशों में संशोधन हो
कावेरी जल विवाद : केरल ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की, कहा आदेशों में संशोधन हो

केरल सरकार ने गुरुवार को कावेरी नदी जल विवाद मामले 'में 16 फरवरी के फैसले पर पुनर्विचार  करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और 30 TMC  पानी के अपने हिस्से  में से 5 TMC कोझीकोड निगम और 13 पंचायतों की पेयजल आवश्यकताओं के लिए भेजने की अनुमति के लिए आदेशों में संशोधन की मांग की है।अभी तक कर्नाटक या तमिलनाडु द्वारा फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का कोई समाचार नहीं है। केरल ने कहा है कि इस याचिका पर जजों के चैम्बर की बजाय खुली अदालत में सुनवाई होनी चाहिए। राज्य ने कहा कि...

IRDAI ने बीमा कंपनियों को नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में आनुवंशिक विकार के बहिष्कार को रोकने का निर्देश दिया, दिल्ली HC के फैसले का हवाला [अधिसूचना पढ़ें]
IRDAI ने बीमा कंपनियों को नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में आनुवंशिक विकार के बहिष्कार को रोकने का निर्देश दिया, दिल्ली HC के फैसले का हवाला [अधिसूचना पढ़ें]

भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने सभी बीमा कंपनियों को नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में बहिष्कार की सूची से "आनुवंशिक विकार" को हटानेका निर्देश दिया है।19 मार्च को जारी एक अधिसूचना में आईआरडीएआई ने यह भी कहा है कि किसी मौजूदा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में कोई भी दावा आनुवंशिक विकार से संबंधित बहिष्करण के आधार पर अस्वीकार नहीं किया जाएगाइसमें कहा गया है: "..सभी बीमा कंपनियां स्वास्थ्य बीमा के अनुबंध की पेशकश करती हैं, जो इस प्रकार निर्देश करती हैं कि किसी भी मौजूदा स्वास्थ्य बीमा...