मुख्य सुर्खियां
1984 का सिख विरोधी दंगा : दिल्ली हाईकोर्ट को अपराध के कथित कबूलनामे की CD के साथ चिट्ठी मिली, सज्जन कुमार को नोटिस जारी
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि उसे एक सीडी के साथ पत्र याचिका प्राप्त हुई है जिसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में एक अभियुक्त द्वारा अपराध कबूल करने का दावा किया गया है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनू मल्होत्रा की एक विशेष पीठ ने संबंधित दलों को बताया कि उन्हें सीडी युक्त एक पत्र मिला है और कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है।दरअसल पीठ दिल्ली छावनी क्षेत्र में दंगों के दौरान पांच सिखों की हत्या के मामले...
दिल में जन्मजात गड़बड़ी के शिकार बच्चे को सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से छुट्टी की अनुमति दी; अस्पताल से माँ-बाप की जिज्ञासा के प्रति संवेदनशील बने रहने को कहा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने दिल की जन्मजात बीमारी से ग्रस्त बच्चे को एम्स (एआईआईएमएस) से छुट्टी देने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने अस्पताल को आदेश दिया है कि जब भी इस बच्चे के माँ-बाप उसका इलाज करने वाले डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश करें तो उस पर पूरी संवेदनशीलता से गौर किया जाए। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने इस मामले में एक विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।विजय नामक व्यक्ति के बेटे के दिल के दो में से एक पम्पिंग चैम्बर का ठीक से विकास नहीं हुआ है और एक...
सेक्स का अवैध व्यापार -मासूम लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने का सुनियोजित अपराध जारी: सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट में मौजूद पुलिस अधिकारी द्वारा यह बताने में नाकाम रहने पर कि पिछले साल 68 लड़कियां राजस्थान से महाराष्ट्र के वेश्याघरों में कैसे पहुँच गई, झुंझलाए सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सतीश को कोर्ट में तलब किया।सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने संकेत दिया कि यह एक सुसंगठित अपराध है। पीठ ने कहा, “...बचाई गई सभी लड़कियां राजस्थान की हैं और ये सब की सब महाराष्ट्र में पाई गई हैं और ये सब मानवों को ज्ञात सर्वाधिक पुराने पेशे में लिप्त पाई...
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोबाइल को आधार से लिंक करने के बारे में अंतिम तिथि का जिक्र नहीं होना चाहिए : दूरसंचार विभाग
संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग ने सभी लाइसेंस धारकों को निर्देश देकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके द्वारा कोई ऐसा व्वाईस मेसेज, एसएमएस या अन्य किसी तरह के संदेश मोबाइल धारकों को नहीं भेजे जाएं जिसमें आधार से जुड़ी केवाईसी प्रकिया से उनके मोबाइल कनेक्शन के सत्यापन के बारे में किसी अंतिम तिथि का जिक्र हो।बुधवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया, “सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते हुए ...वर्तमान मोबाइल धारकों के नंबर का आधार से जुड़े केवाईसी सत्यापन को लेकर अंतिम तिथि को तब तक के लिए बढ़ा दिया गया...
अभियोजन को सामूहिक बलात्कार के मामले में हर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य पेश करने की जरूरत नहीं, आम इरादा पर्याप्त है : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 17 साल की एक लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार मामले में एक आरोपी द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आईपीसी की धारा 376(2)(g) के तहत अगर यह साबित हो जाता है कि एक से ज्यादा आरोपी एक ही मंशा से एक साथ किसी अपराध को अंजाम दिया है तो उस स्थिति में अगर एक भी व्यक्ति ने बलात्कार किया है, तो सभी आरोपियों को दोषी माना जाएगा।न्यायमूर्ति एएस गडकरी ने इस मामले में एक आरोपी अश्पाक लालमोहम्मद की अपील पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। उसे कल्याण के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने...
सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए क़ानून के छात्र को बॉम्बे हाई कोर्ट फिर दिया अस्थाई जमानत [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क़ानून की पढ़ाई कर रहे एक छात्र को अपने सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए एक बार फिर अस्थाई जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया। इस छात्र को पहली बार इस उद्देश्य के लिए जमानत नहीं मिली है। पिछले साल भी कोर्ट ने उसे पहले और दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए अस्थाई जमानत दी थी।नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एसबी शुक्रे और न्यायमूर्ति जेडए हक़ ने अस्थाई जमानत चाहने वाले इस छात्र की याचिका पर सुनवाई की।न्यायालय की मदद कर रहे अमइकस क्यूरी मीर नगमन अली ने कहा कि छात्र एलएलबी के तीसरे और चौथे...
अलग-अलग आए थे,एक होकर गए : SC ने मध्यस्थ वकील गरिमा प्रसाद के प्रति आभार जताया जिन्होंने अलग रहे रहे पति- पत्नी का खुशहाल विवाहित जीवन फिर से लौटाया [आर्डर पढ़े]
पारिवारिक न्यायालयों को देश में इसलिए स्थापित किया गया है ताकि वे 'विवाह और परिवार के मामलों से संबंधित विवादों के निपटारे में तेजी लाने और सुरक्षित निपटारे को बढ़ावा दे सकें।' सुप्रीम कोर्ट ने कई बार यह दिखाया है कि वह सिर्फ जटिल कानूनों की व्याख्या के लिए नहीं है, बल्कि उन जोड़ों को याद दिलाने के लिए भी है, जो अपने वकीलों के माध्यम से कानून की लड़ाई लड़ते हैं कि वो एक-दूसरे से बात करके विवाद को खत्म कर सकते हैं।इस मामले में एक महिला ने पति द्वारा राजस्थान की फैमिली कोर्ट में दाखिल तलाक के...
छीना झपटी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान का मामला : दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा, दिल्ली सरकार के पत्र पर उसने क्या कार्रवाई की [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा है कि दिल्ली सरकार ने उसको छीना झपटी के मामले में कड़ी सजा देने के लिए भारतीय दंड संहिता में संशोधन करने के बारे में जो पत्र लिखा था उस पर उसने क्या कार्रवाई की है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने केंद्र से इस बारे में पूछा है क्योंकि दिल्ली सरकार ने पीठ को बताया कि उसने केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस बारे में पत्र लिखकर क़ानून में संशोधन का आग्रह किया था।“… भारत सरकार ने रिकॉर्ड के रूप में कुछ भी नहीं कहा है। हम केंद्र...
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकरणों में नियुक्ति को लेकर अपने आदेश को स्पष्ट किया [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकरणों में नियुक्ति को लेकर दिए गए अपने आदेशों को स्पष्ट किया है। यह आदेश विभिन्न अधिकरणों में न्यायिक, तकनीकी और अन्य विशेषज्ञों की नियुक्ति को लेकर थी।एटोर्नी जनरल की दलील सुनने के बाद न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए -(i) अधिकरणों के अध्यक्षों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ परामर्श से केंद्र सरकार करेगी।(ii) केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरणों में न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति के लिए सर्च-कम-सिलेक्शन कमिटी प्रशासनिक...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बार फिर रेप केस में आरोपी और पीड़िता के शादी करने पर FIR रद्द की [आर्डर पढ़े]
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बलात्कार की एफआईआर को एक बार फिर इस आधार पर रद्द कर दिया है कि पीड़ित और आरोपी ने शादी कर ली है और वे एक साथ खुशी से रह रहे हैं। न्यायमूर्ति जयश्री ठाकुर ने समझौते की चर्चा करते हुए कहा : "समझौते की शर्तों के अनुसार पक्षकारों ने एक दूसरे के साथ शादी की है और वे अब खुशी से पति और पत्नी के रूप में एक साथ रह रहे हैं, इसलिए उनका भला होगा अगर ये FIR रद्द की जाती है।”हालांकि शिकायतकर्ता ने कहा कि वह लड़के के साथ प्यार में थी और उन्होंने एक दूसरे से शादी करने का वादा...
शराब की दुकानों और आवासीय क्षेत्रों में पब्स पर पाबंदी, बेहतर यातायात और पार्किंग प्रबंधन के वादे के साथ डीडीए ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मास्टर प्लान पर लगे प्रतिबन्ध हटाने को कहा [शपथ पत्र पढ़ें]
डीडीए ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ को उसकी चिंताओं का क्रमवार जवाब देने का प्रयास किया है।सीलिंग मामले में हलफनामा दायर कर दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह दिल्ली मास्टर प्लान में संशोधन पर लगी पाबंदी को हटा ले जो कि वाणिज्यिक परिसंपत्तियों को मिश्रित भूमि प्रयोग में ढील देने को लेकर है।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 6 मार्च को दिल्ली के मास्टर प्लान में किसी भी तरह के संशोधन पर पाबंदी लगा दी...
सुरक्षित ऋणदाता को चाहिए कि वह एसएआरएफएईएसआई अधिनियम की धारा 13 (3A) तहत ऋण लेने वालों के प्रतिनिधित्व पर गौर करे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि गैर-निष्पादक आस्तियों (एनपीए) से सुरक्षित परिसंपत्तियों की प्राप्ति के क्रम में सुरक्षित ऋणदाताओं को चाहिए कि वह धारा 13(3A) के तहत ऋण लेने वालों के प्रतिनिधित्व पर हमेशा ही गौर करे। ऐसा उसे धारा 13 के तहत वित्तीय परिसम्पतीयों के प्रतिभूतिकरण और उनकी पुनर्संरचना और सिक्यूरिटी इंटरेस्ट एक्ट, 2002 के तहत इन्हें लागू करने के बाद किया जाना चाहिए।अधिनियम की धारा 13 (3A) लेनदारों द्वारा देनदारों को नोटिस जारी करने के बाद आपत्ति उठाने का अधिकार देता है। इसके बाद...
हम न्यायालयों का ‘सत्कार’ करते हैं, SC ने कहा, ऑस्ट्रेलियाई न्यायालय द्वारा दी गई कस्टडी के चलते पिता की हैबियस कॉरपस याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]
13 वर्षीय एक लड़की के पिता दाखिल हैबियस कॉरपस याचिका के एक दिलचस्प उदाहरण में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा,न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड और की पीठ ने “ कोर्ट के सत्कार” के सिद्धांत का पुनर्मूल्यांकन किया।मामले के तथ्यों में बताया गया था कि 2005 में जन्म के तुरंत बाद लड़की की जैविक मां निधन हो गई थी, जब वह ऑस्ट्रेलिया में अपने मामा के साथ रह रही थी।उत्तरदाताओं के पक्ष में उपस्थित वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में सक्षम अदालत ने अपने मामा को लड़की की वैध...
अदालत से 1750 किमी दूर रहने वाले आरोपी को कोर्ट में मौजूद रहने से छूट नहीं देने के मजिस्ट्रेटी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने हाल में एक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले आरोपी को अदालत में मौजूद रहने से छूट नहीं दी गई थी। आरोपी के खिलाफ एक महिला ने धारा 498A के तहत मामला दर्ज किया है।महिला ने पति, सास-श्वसुर और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ पटना में एक मजिस्ट्रेट के समक्ष मामला दायर किया। दहेज निषेध अधिनियम की धारा 4 और सीआरपीसी की धारा 498A के तहत प्रथम दृष्टया मामले को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को अदालत में बुलाया। मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के अदालत में खुद पेश...
हिंदू से मुसलमान बना कोई व्यक्ति अपने पिता की संपत्ति प्राप्त करने का अधिकारी : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई हिंदू अपना धर्म बदलता है तो वह अपने पिता की संपत्ति को प्राप्त करने का हकदार है अगर पिता कोई वसीयत बनाए ही मर जाता है।न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर ने कहा कि उत्तराधिकार का अधिकार कोई च्वाइस नहीं है बल्कि यह आजन्म है, कुछ मामलों में यह शादी के कारण है और किसी विशेष धर्म को छोड़ना या स्वीकार करना किसी की इच्छा पर निर्भर है और जन्म के कारण बनने वाले ये संबंध इस वजह से समाप्त नहीं हो जाते।अदालत एक मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें कहा गया था कि हिंदू उत्तराधिकार...
“विशेष प्रदर्शन का आदेश आवश्यक रूप से अदालत देगा”– जानिए क्या हैं विशिष्ट राहत संशोधन विधेयक के तहत प्रस्तावित परिवर्तन [बिल पढ़ें]
लोकसभा ने हाल ही में विशेष राहत (संशोधन) विधेयक, 2018 पास किया है। इसके तहत स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट, 1963 में महत्त्वपूर्ण बदलाव लाए गए हैं।इस संशोधन की विशेषताओं में एक महत्त्वपूर्ण है विशिष्ट प्रदर्शन कार्य के बंटवारे का जो कि अदालतों से ले लिए गए हैं। इस विधेयक की धारा 10 के मुताबिक़ कोर्ट इस तरह के कार्यों को लागू करा सकता है। व्यापक विवेकाधीन शक्तियाँ होने के कारण अदालत अक्सर आम नियमों के रूप में मुआवजे दिलाता है और अपवाद के रूप में विशिष्ट प्रदर्शन।जो संशोधन अब प्रस्तावित किया गया है उसके...
निर्माण मजदूर भी देश निर्माण में अपने तरीके से मदद करते हैं : सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए महत्त्वपूर्ण निर्देश [निर्णय पढ़े]
सत्ता में बैठे लोगों को निर्माण कामगारों के प्रति कोई हमदर्दी नहीं है और वे उनके लाभ के लिए कुछ भी नहीं कर रहे हैं। स्थिति इतनी दुखद है कि शेक्सपियर की दुखांत गाथा भी इसके आगे शर्मा जाए, कोर्ट ने कहा।देश के लाखों निर्माण कामगारों को “सांकेतिक न्याय” देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्देश दिए हैं जो कि बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स (रेग्यूलेशन ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट एंड कंडीशंस ऑफ़ सर्विस) एक्ट, 1996 (बीओसीडब्ल्यू अधिनिम) और अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर सेस एक्ट, 1996 (द सेस एक्ट) को लागू करने...
मैं समझता हूँ कि “प्रति व्यय” पर स्वतः संज्ञान लेकर आदेश देने की अपनी गलती को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेरी है : न्यायमूर्ति जीएस पटेल [निर्णय पढ़ें]
न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने गत वर्ष जनवरी में जो आदेश दिया था उस पर सवतः संज्ञान लेते हुए उसकी समीक्षा की है। उन्हें यह समझ में आया कि ऐसा करना उनकी गलती थी और उन्होंने एक विशेष नियम की अनदेखी की।न्यायमूर्ति पटेल ने कहा, “मैं गलत था। यही कारण है कि मैंने इस मामले को आज सुनवाई के लिए अधिसूचित किया है। एक कहावत है कि “मूर्खतापूर्ण संगति ओछे मन की शरारत होती है”। हो सकता है कि यह सही है। क़ानून की दृष्टि से किसी गलत प्रस्थापना से हठपूर्वक चिपके रहना, खासकर तब जब यह प्रस्थापना उसकी अपनी है, तो उस स्थिति...
ऐसे प्रदर्शन जिनसे आम लोगों के लिए गड़बड़ी पैदा होता है, अनुच्छेद 19(1) के तहत सुरक्षित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि प्रदर्शन करना अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत एक अधिकार है और कोई भी प्रदर्शन चाहे वह राजनीतिक, धार्मिक या सामाजिक है या किसी अन्य तरह का है और जिससे आम लोगों को मुश्किल होती है या उनके लिए गड़बड़ी पैदा करता है, वह अनुच्छेद 19(1) के तहत नहीं आता।पीठ ने कहा, “कोई प्रदर्शन सभा का रूप ले सकता है और इसके बाद इसका उद्देश्य वहाँ प्रदर्शन कर रहे समूह द्वारा अथॉरिटी को अपना संदेश पहुंचाना होता है। एक प्रदर्शन कई रूप ले सकता है – यह शोरगुल भरा और बेतरतीब हो सकता है; उदाहरण के...
चोरी-छिपे शादी के मामले में लड़के के रिश्तेदारों की अनावश्यक गिरफ्तारी से बचें : मद्रास हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाई कोर्ट ने वृहस्पतिवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई लड़का-लड़की चुपके से शादी कर लेते हैं तो लड़के के रिश्तेदारों को यूं ही नहीं गिरफ्तार किया जाए। ऐसा करना पुलिस द्वारा “सामाजिक गलती” करने जैसा होगा।न्यायमूर्ति सीटी सेल्वम और न्यायमूर्ति एन सतीश कुमार की पीठ 17 साल की एक लड़की का 19 साल के एक लड़के के साथ चोरी से शादी करने के मामले की सुनवाई कर रही थी। इस घटना में लड़की के अभिभावकों द्वारा मामला दर्ज कराने के बाद लड़के की माँ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और से सलेम के केंद्रीय जेल में...


![दिल में जन्मजात गड़बड़ी के शिकार बच्चे को सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से छुट्टी की अनुमति दी; अस्पताल से माँ-बाप की जिज्ञासा के प्रति संवेदनशील बने रहने को कहा [आर्डर पढ़े] दिल में जन्मजात गड़बड़ी के शिकार बच्चे को सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से छुट्टी की अनुमति दी; अस्पताल से माँ-बाप की जिज्ञासा के प्रति संवेदनशील बने रहने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/supreme-court-of-india.jpg)


![अभियोजन को सामूहिक बलात्कार के मामले में हर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य पेश करने की जरूरत नहीं, आम इरादा पर्याप्त है : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें] अभियोजन को सामूहिक बलात्कार के मामले में हर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य पेश करने की जरूरत नहीं, आम इरादा पर्याप्त है : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Bombay-Hc-6.jpg)
![सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए क़ानून के छात्र को बॉम्बे हाई कोर्ट फिर दिया अस्थाई जमानत [आर्डर पढ़े] सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए क़ानून के छात्र को बॉम्बे हाई कोर्ट फिर दिया अस्थाई जमानत [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/Nagpur-Bench-of-Bombay-HC.png)
![अलग-अलग आए थे,एक होकर गए : SC ने मध्यस्थ वकील गरिमा प्रसाद के प्रति आभार जताया जिन्होंने अलग रहे रहे पति- पत्नी का खुशहाल विवाहित जीवन फिर से लौटाया [आर्डर पढ़े] अलग-अलग आए थे,एक होकर गए : SC ने मध्यस्थ वकील गरिमा प्रसाद के प्रति आभार जताया जिन्होंने अलग रहे रहे पति- पत्नी का खुशहाल विवाहित जीवन फिर से लौटाया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Supreme-Court-of-India.jpg)
![छीना झपटी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान का मामला : दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा, दिल्ली सरकार के पत्र पर उसने क्या कार्रवाई की [आर्डर पढ़े] छीना झपटी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान का मामला : दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा, दिल्ली सरकार के पत्र पर उसने क्या कार्रवाई की [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Gita-mittal-Hari-Shankar.jpg)
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![पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बार फिर रेप केस में आरोपी और पीड़िता के शादी करने पर FIR रद्द की [आर्डर पढ़े] पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बार फिर रेप केस में आरोपी और पीड़िता के शादी करने पर FIR रद्द की [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/punjab-and-haryana-HC.jpg)
![शराब की दुकानों और आवासीय क्षेत्रों में पब्स पर पाबंदी, बेहतर यातायात और पार्किंग प्रबंधन के वादे के साथ डीडीए ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मास्टर प्लान पर लगे प्रतिबन्ध हटाने को कहा [शपथ पत्र पढ़ें] शराब की दुकानों और आवासीय क्षेत्रों में पब्स पर पाबंदी, बेहतर यातायात और पार्किंग प्रबंधन के वादे के साथ डीडीए ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मास्टर प्लान पर लगे प्रतिबन्ध हटाने को कहा [शपथ पत्र पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/SC-and-DDA.jpg)
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![हम न्यायालयों का ‘सत्कार’ करते हैं, SC ने कहा, ऑस्ट्रेलियाई न्यायालय द्वारा दी गई कस्टडी के चलते पिता की हैबियस कॉरपस याचिका खारिज [आर्डर पढ़े] हम न्यायालयों का ‘सत्कार’ करते हैं, SC ने कहा, ऑस्ट्रेलियाई न्यायालय द्वारा दी गई कस्टडी के चलते पिता की हैबियस कॉरपस याचिका खारिज [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/12/Dipak-misra-khanwilkar-chandrachud-1.jpg)
![अदालत से 1750 किमी दूर रहने वाले आरोपी को कोर्ट में मौजूद रहने से छूट नहीं देने के मजिस्ट्रेटी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें] अदालत से 1750 किमी दूर रहने वाले आरोपी को कोर्ट में मौजूद रहने से छूट नहीं देने के मजिस्ट्रेटी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/supreme-court-of-india-1.jpg)
![“विशेष प्रदर्शन का आदेश आवश्यक रूप से अदालत देगा”– जानिए क्या हैं विशिष्ट राहत संशोधन विधेयक के तहत प्रस्तावित परिवर्तन [बिल पढ़ें] “विशेष प्रदर्शन का आदेश आवश्यक रूप से अदालत देगा”– जानिए क्या हैं विशिष्ट राहत संशोधन विधेयक के तहत प्रस्तावित परिवर्तन [बिल पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/Parliament.jpg)
![निर्माण मजदूर भी देश निर्माण में अपने तरीके से मदद करते हैं : सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए महत्त्वपूर्ण निर्देश [निर्णय पढ़े] निर्माण मजदूर भी देश निर्माण में अपने तरीके से मदद करते हैं : सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए महत्त्वपूर्ण निर्देश [निर्णय पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/12/madan-lokur-deepak-gupta.jpg)
![मैं समझता हूँ कि “प्रति व्यय” पर स्वतः संज्ञान लेकर आदेश देने की अपनी गलती को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेरी है : न्यायमूर्ति जीएस पटेल [निर्णय पढ़ें] मैं समझता हूँ कि “प्रति व्यय” पर स्वतः संज्ञान लेकर आदेश देने की अपनी गलती को सुधारने की प्राथमिक जिम्मेदारी मेरी है : न्यायमूर्ति जीएस पटेल [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/02/Justice-Gautam-Patel.jpg)
![ऐसे प्रदर्शन जिनसे आम लोगों के लिए गड़बड़ी पैदा होता है, अनुच्छेद 19(1) के तहत सुरक्षित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] ऐसे प्रदर्शन जिनसे आम लोगों के लिए गड़बड़ी पैदा होता है, अनुच्छेद 19(1) के तहत सुरक्षित नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/justice-sikri-and-ashok-bhushan-1.jpg)
![चोरी-छिपे शादी के मामले में लड़के के रिश्तेदारों की अनावश्यक गिरफ्तारी से बचें : मद्रास हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े] चोरी-छिपे शादी के मामले में लड़के के रिश्तेदारों की अनावश्यक गिरफ्तारी से बचें : मद्रास हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Madras-HC.jpg)