मुख्य सुर्खियां
महिला ने कहा, वैवाहिक अधिकारों की बहाली संबंधी आदेश को मानने के लिए वह बाध्य नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने अकेले छोड़ दिये जाने की उसकी याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने एक पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया जिसने निजता पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के एक फैसले पर भरोसा करते हुए कहा था कि उसे पूरा हक है कि उसे अकेले छोड़ दिया जाए और उस पर वैवाहिक अधिकारों की बहाली से संबन्धित आदेश को पूरा करने के लिए दवाब नहीं डाला जा सकता।वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफाडे ने केएस पुत्तुस्वामी एवं अन्य बनाम भारत संघ मामले में न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ के फैसले को उद्धृत किया।दीवानी प्रक्रिया संहिता के आदेश XXI, नियम 32 और 33 के प्रावधानों के संदर्भ में विवाद का मुद्दा यह था...
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने न्याय को सुलभ करने के लिए उठाए कई कदम; कागजों पर होने वाले खर्चों की हुई बचत, घर तक पहुंचाए जा रहे हैं कोर्ट के आदेश
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश कृष्ण मुरारी के नेतृत्व में कई सारे कदम उठाए गए हैं ताकि कागज का प्रयोग सीमित किया जाए और न्याय की डिलिवरी को मुकदमादारों के प्रति ज्यादा सहूलियत वाला बनाया जाए। हाईकोर्ट ने ई-पेमेंट लागू किया है और आदेश, जांच आदि की कॉपी के लिए भुगतान अब इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड या अन्य प्री-पेड कार्ड द्वारा किया जा सकता है। कोर्ट कागज के दोनों पृष्ठों पर प्रिंट करने के विकल्प को भी लागू करने जा रहा है जिससे 1.5 करोड़ शीट कागज की हर वर्ष बचत होगी और...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत के लिए 10-दिन पहले सूचित करने के नियम को संशोधित कर इसे दो दिन किया
अब उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किए गए किसी व्यक्ति को 10 दिनों तक जमानत के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत के लिए 10-दिन वाले नियम को घटाकर अब उसे दो दिन कर दिया है। पहले किसी सरकारी वकील को जमानत की अर्जी पर 10 दिन का अग्रिम नोटिस देना पड़ता था जिसके बाद ही जमानत की अर्जी पर सुनवाई होती थी। इसे अब घटाकर दो दिन कर दिया गया है। यह संसोधन इलाहाबाद हाईकोर्ट नियम, 1952 के नंबर 18 के उपनियम 3 में किया गया है। इस नियम में कहा गया है : जमानत की अर्जी पर जमानत का आदेश तब तक नहीं दिया...
सुप्रीम कोर्ट ने दूरस्थ माध्यम से इंजीनीयरिंग की डिग्री को वैध करने के आग्रह को ठुकराया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन सात याचिकाकार्ताओं को कोई राहत देने से मना कर दिया जिन्होंने 2004 और 2005 में खुला दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के तहत इंजीनियरिंग के डिग्री कोर्स में दाखिला लिया था। यह कोर्स एक डीम्ड विश्वविद्यालय का था और इसने कोर्ट से अपने डिग्री कोर्ट को वैध करार दिये जाने और एआईसीटीटी के अनुमोदन की जरूरत नहीं होने और उनकी डिग्री को देश के किसी अन्य परंपरागत/एआईसीटीई द्वारा अनुमोदनप्राप्त संस्थान के समतुल्य माने जाने का आग्रह किया था। न्यायमूर्ति एएम सप्रे और यूयू ललित ने कहा...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, धारा 167(2) के तहत किसी भी अदालत को 90 दिनों के बाद हिरासत की अवधि बढ़ाने का अधिकार नहीं; आरोपपत्र को तकनीकी आधार पर वापस करने के बावजूद आरोपी को स्वतः जमानत का अधिकार [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ ने सोमवार को कहा कि आरोपी सीआरपीसी की धारा 167(2) के तहत स्वतः ही जमानत का अधिकारी है भले ही उसके खिलाफ पुलिस की जार्चशीट को मजिस्ट्रेट ने तकनीकी कारणों से वापस कर दिया हो।कोर्ट ने यह भी कहा जिस अवधि तक जांच को पूरी की जानी है उस अवधि को बढ़ाने का अधिकार किसी भी अदालत को नहीं है।न्यायमूर्ति एएम सप्रे और यूयू ललित ने जयपुर स्थित हाईकोर्ट ऑफ जुडीकेचर के राजस्थान पीठ (एसबीसीआरएमबी नंबर 9035, 2018) द्वारा दिये गए फैसले की जांच कर रहे थे।तथ्यआवेदनकर्ता एक मामले में...
एमएसीटी दावा : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाईकोर्ट को मुआवजे में बढ़ोतरी या कमी नहीं करने का कारण बताना चाहिए [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की एमएसीटी आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई पर अपने आदेश में मुआवजे की राशि नहीं बढ़ाने या घटाने का कारण हाईकोर्ट को बताना चाहिए।मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने एक युवक को 2462065 रुपए का दुर्घटना मुआवजा दिये जाने का आदेश दिया। इस युवक को दुर्घटना के कारण उसके spinal cord में चोट लग गई थी। दावेदार और बीमाकर्ता दोनों ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दावेदार की अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया गया जबकि बीमाकर्ता की अपील मानकर मुआवजे की राशि को घटाकर 20 लाख...
किसी आपराधिक मामले में सिर्फ आरोपी होने वाले व्यक्ति पर वकील के रूप में पंजीकृत होने पर रोक नहीं : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी आपराधिक मामले के आरोपी को अगर उसे अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है तो वकील के रूप में उसके पंजीकरण पर कोई रोक नहीं है।न्यायमूर्ति शील नागु ने न केवल बार काउंसिल को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा बल्कि उसे ब्रज मोहन महाजन को 5000 रुपए का हरजाना भी देने को कहा जिसे वकील के रूप में पंजीकरण की अनुमति नहीं दी गई।मध्य प्रदेश राज्य बार काउंसिल ने ब्रज मोहन को एक आपराधिक मामले मेंआईपीसी की धारा 452, 352, 323, 294 में आरोपी नामजद किए जाने के कारण वकील के रूप...
अगर किसी गैर कानूनी निर्माण को कानून की उचित प्रक्रिया के तहत गिराया जाता है तो इससे अनुच्छेद 300A के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल में कहा कि अगर किसी गैर कानूनी निर्माण को उचित प्रक्रिया के तहत गिराया जाता है तो इससे संविधान के अनुच्छेद 300-A के तहत किसी भी तरह के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता। अनुच्छेद 300-A में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के अलावा किसी अन्य तरीके से उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति आरआई छगला ने मुंबई में जल आपूर्ति के लिए बिछाए गए पाइपलाइन के आसपास रहने वाले लोगों की याचिका पर सुनवाई के दौरान उक्त बात कही।पृष्ठभूमियाचिकाकार्ताओं...
विभागीय जांच के गैर कानूनी साबित होने के बाद ही श्रम अदालत मेरिट के आधार पर मामले की जांच कर सकता है; सुप्रीम कोर्ट ने ड्यूटी पर शराब पीकर आने वाले बैंकर की बर्खास्तगी को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने ड्यूटी पर शराब के नशे में धुत पाये जाने वाले एक बैंककर्मी की बर्खास्तगी को सही ठहराया और किसी कर्मचारी की बर्खास्तगी के बारे में औद्योगिक संदर्भ की जाँच के बारे में श्रम अदालत को हिदायत दी।न्यायमूर्ति अभय मननोहर सप्रे और एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा कि औद्योगिक संदर्भ का हवाला देने के क्रम में श्रम अदालत को आरोपों की जांच करने का अधिकार तभी मिलता है जब विभागीय जांच को गैर कानूनी ठहरा दिया गया है।इस मामले में, कैशियर के रूप में कार्यरत बैंककर्मी को विभागीय जांच में ड्यूटी पर शराब...
कोर्ट के आदेश पर नौकरी में बहाल किए जाने का अर्थ यह नहीं कि कामगार बकाया वेतन भी पाने का अधिकारी है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
‘सिर्फ इसलिए कि किसी कामगार की बर्खास्तगी को निरस्त करते हुए कोर्ट ने सेवा में उसके पुनर्बहाली का आदेश दिया है, उसे अपने नियोक्त से बकाया वेतन पाने का दावा करने का अधिकार नहीं है”।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी कामगार की बर्खास्तगी के खिलाफ कोर्ट फैसला देता है और उसको दुबारा काम पर रखा जाता है तो कोर्ट ऐसे कामगार को बकाया वेतन दिये जाने को उसका अधिकार मानकर इस बारे में कोई आदेश नहीं दे सकता।राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम बनाम श्री फूल चंद मामले में श्रम अदालत ने निगम के एक ड्राईवर नौकरी से...
जब सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से कहा, 11.71 करोड़ नहीं हैं, पेट्रोल पर टैक्स से कितना इकट्ठा करते हो ?
“ यह अजीब बात है कि तमिलनाडु सरकार रेत आयातक को 11.71 करोड़ रुपये रुपये का भुगतान नहीं कर सकती जबकि पेट्रोल पर टैक्स से वो इतना पैसा इकट्ठा करती है, “ सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ये टिप्पणी की जब राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने भुगतान के लिए चार सप्ताह के लिए आग्रह किया।याचिका को स्वीकार करने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति मदन लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने राज्य को एक हफ्ते के भीतर राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया, जिसके विफल रहने पर उसे 18 प्रतिशत ब्याज का भुगतान...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री आवास योजना के घरों में लगे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के चित्र वाले टाइल को हटाने का दिया आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने बुधवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बनाए गए घरों में लगे ऐसे टाइलों को हटाए जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के चित्र हैं। यह निर्देश न्यायमूर्ति संजय यादव और विवेक अग्रवाल की पीठ ने पत्रकार संजय पुरोहित की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। पुरोहित ने अपनी याचिका में कहा था कि ऐसा करके राज्य सरकार ने न केवल सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया है बल्कि ऐसा करके राज्य में होने वाले विधानसभा...
सुप्रीम कोर्ट ने भ्रमित मध्यस्थ से कहा, हमने जब यह कहा कि “Costs Made Easy” तो इसका अर्थ यह हुआ कि कोई दंड नहीं वसूला जाना चाहिए [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाईकोर्ट के एक निर्णय के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका को निपटाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हम यह निर्देश देना उचित समझते हैं कि हाईकोर्ट ने जो दंड लगाया है और मध्यस्थ ने जो दंड लगाया है उसे आसान किया जाए...।”ऐसा हुआ कि मध्यस्थ ने ‘दंड को आसान बनाया जाए’ (costs made easy) का अर्थ यह समझा कि इसे कम करने को कहा गया है। इसके बाद पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में दुबारा अपील की और मामले को स्पष्ट करने का अनुरोध किया।मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा, “जब हमने यह कहा...
किसी प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा रखने वाला व्यक्ति पंचायत का सदस्य नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को बदला [निर्णय पढ़ें]
“अगर कोई सदस्य किसी संपत्ति पर अवैध कब्जा किए हुए है तो उसके हितों के टकराव का मामला बनता है। अगर इसका अर्थ यह निकाला जाता है कि सिर्फ कब्जा करने वाले मूल व्यक्ति को ही इसकी सजा दी जाए और उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाए, तो इससे एक बेतुकी स्थिति का निर्माण होगा”।सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले दिये अपने फैसले को उलटते हुए कहा है कि अगर कोई व्यक्ति गैर कानूनी कब्जे वाली जमीन पर रहता है और ऐसा वह लगातार कर रहा/रही है, तो उसे पंचायत का सदस्य होने के अयोग्य करार दे दिया जाएगा।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति...
एफआईआर की कॉपी देर से मजिस्ट्रेट को भेजने की वजह से सुनवाई पर असर नहीं पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
“अगर रिपोर्ट किसी वजह या गलती से विलंब से भेजा जाता है तो इसके कारण सुनवाई पर प्रभावित नहीं होगा”।सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मजिस्ट्रेट को एफआईआर की कॉपी भेजने में होने वाली देरी की वजह से मामले की सुनवाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए और इस तरह का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि इस आधार पर आरोपी को दोषमुक्त किया जा सकता है।न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने जफ़ेल बिस्वास बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में सुनवाई के दौरान यह कहा। याचिकाकर्ता-आरोपी के वकील पिजूष रॉय ने एफआईआर...
मैंग्रोव को नष्ट करना संविधान के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रहार; बॉम्बे हाईकोर्ट ने मैंग्रोव के बचाव के लिए जारी किया ऐतिहासिक निर्देश [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को सम्पूर्ण महाराष्ट्र में मैंग्रोव को बचाने के लिए ऐतिहासिक निर्देश जारी किया।न्यायमूर्ति एएस ओका और आरआई चागला की खंडपीठ ने कहा कि मैंग्रोव क्षेत्र के 50 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की निर्माण गतिविधि की इजाजत नहीं होगी क्योंकि मैंग्रोव से संबंधित सभी भूमि तटीय क्षेत्र विनियमन ज़ोन -1 की श्रेणी में आएगा। कोर्ट ने कहा कि सीआरजेड से संबंधित 1991 और 2011 में जारी सूचना के तहत ऐसा प्रावधान है।पृष्ठभूमिकोर्ट ने यह फैसला एक जनहित याचिका पर दी है जिसे बॉम्बे एनवायरनमेंट...
सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रभावशाली उद्योगपति को हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द किया; कहा, जमानत की अर्जी पर गौर करने के दौरान कोर्ट को मामले की गहराई में जाने की जरूरत नहीं है [निर्णय पढ़ें]
कानून की प्रक्रिया को धता बताने के विगत के आचारण और अपने समुदाय में उसके प्रभाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रभावशाली उद्योगपति का जमानत रद्द कर दिया। हत्या का आरोप झेल रहे इस उद्योगपति को हाईकोर्ट ने जमानत दी थी।न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति मोहन एम शांतनगौदर ने उड़ीसा राज्य बनाम महिमानन्द मिश्रा मामले में कहा कि कोर्ट को जमानत की अर्जी पर सुनवाई के दौरान अवश्य ही मामले की गहराई में जाने की जरूरत नहीं है और सिर्फ यह देखने की जरूरत है कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता...
गरमागरम बहस के बाद एनजीटी ने वेदांता को तूतीकोरिन संयंत्र से खतरनाक धातु तलछट को हटाने की अनुमति दी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को वेदांता लिमिटेड को उसके तूतीकोरिन स्थित संयंत्र में प्रवेश को लेकर तीन-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति दे दी है।अधिकरण ने कम्पनी के आवेदन पर यह फैसला लिया है। कंपनी ने अपने स्टरलाईट कॉपर संयंत्र में प्रवेश करने और उसके परिसर में मौजूद खतरनाक वस्तुओं को हटाने की अनुमति मांगी है।वेदांता लिमिटेड के वकील रोहिणी मूसा ने कहा, “हम सीपीसीबी के सुझावों पर अमल करते हुए इस संयंत्र के परिसर में जाकर इसकी साफ़-सफाई करना चाहते हैं और...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से अग्रिम जमानत के प्रावधान को बहाल करने को कहा [आर्डर पढ़े]
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह अग्रिम जमानत के प्रावधान को बहाल करे। कोर्ट ने कहा, “मेरे विचार में,उत्तराखंड राज्य में अग्रिम जमानत प्राप्त करने का प्रावधान होना चाहिए।”“यह अदालत उत्तराखंड राज्य को सुझाव देता है कि वह उत्तर प्रदेश अधिनयम 1976 की धारा 9 को हटा दे और हाईकोर्ट एवं सत्र अदालतों को अग्रिम जमानत देने का अधिकार दे,” न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह ने कहा।न्यायमूर्ति सिंह ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया की वह इस आदेश की एक प्रति राज्य के प्रधान सचिव (गृह) और प्रधान सचिव...
आम लोगों और पर्यावरण के हित में प्लास्टिक के थैलों पर पूर्ण पाबंदी; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस बारे में क़ानून में संशोधन को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े]
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में प्लास्टिक के कैरी बैबैग्स पर राज्य सरकार की पूर्ण पाबंदी को सही ठहराया है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने मध्य प्रदेश जैव अनाश्य अपशिष्ट (नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2017 द्वारा प्लास्टिक के कैरी बैग्स पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबन्ध के खिलाफ याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला दिया। हाईकोर्ट ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि इस तरह का संशोधन करना राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार के बाहर है।पीठ ने कहा कि राज्य सरकार का क़ानून केंद्र...

![महिला ने कहा, वैवाहिक अधिकारों की बहाली संबंधी आदेश को मानने के लिए वह बाध्य नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने अकेले छोड़ दिये जाने की उसकी याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े] महिला ने कहा, वैवाहिक अधिकारों की बहाली संबंधी आदेश को मानने के लिए वह बाध्य नहीं; सुप्रीम कोर्ट ने अकेले छोड़ दिये जाने की उसकी याचिका खारिज की [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Supreme-Court-of-India.jpg)


![सुप्रीम कोर्ट ने दूरस्थ माध्यम से इंजीनीयरिंग की डिग्री को वैध करने के आग्रह को ठुकराया [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने दूरस्थ माध्यम से इंजीनीयरिंग की डिग्री को वैध करने के आग्रह को ठुकराया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/07/justice-AM-Sapre-and-Justice-UU-Lalit.jpg)
![एमएसीटी दावा : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाईकोर्ट को मुआवजे में बढ़ोतरी या कमी नहीं करने का कारण बताना चाहिए [निर्णय पढ़ें] एमएसीटी दावा : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हाईकोर्ट को मुआवजे में बढ़ोतरी या कमी नहीं करने का कारण बताना चाहिए [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/supreme-court-of-india-1.jpg)
![किसी आपराधिक मामले में सिर्फ आरोपी होने वाले व्यक्ति पर वकील के रूप में पंजीकृत होने पर रोक नहीं : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] किसी आपराधिक मामले में सिर्फ आरोपी होने वाले व्यक्ति पर वकील के रूप में पंजीकृत होने पर रोक नहीं : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Lawyers-in-India.jpg)
![अगर किसी गैर कानूनी निर्माण को कानून की उचित प्रक्रिया के तहत गिराया जाता है तो इससे अनुच्छेद 300A के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] अगर किसी गैर कानूनी निर्माण को कानून की उचित प्रक्रिया के तहत गिराया जाता है तो इससे अनुच्छेद 300A के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Bombay-Hc-6.jpg)
![विभागीय जांच के गैर कानूनी साबित होने के बाद ही श्रम अदालत मेरिट के आधार पर मामले की जांच कर सकता है; सुप्रीम कोर्ट ने ड्यूटी पर शराब पीकर आने वाले बैंकर की बर्खास्तगी को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें] विभागीय जांच के गैर कानूनी साबित होने के बाद ही श्रम अदालत मेरिट के आधार पर मामले की जांच कर सकता है; सुप्रीम कोर्ट ने ड्यूटी पर शराब पीकर आने वाले बैंकर की बर्खास्तगी को सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Sapre-and-Abdul-Nazeer.jpg)


![सुप्रीम कोर्ट ने भ्रमित मध्यस्थ से कहा, हमने जब यह कहा कि “Costs Made Easy” तो इसका अर्थ यह हुआ कि कोई दंड नहीं वसूला जाना चाहिए [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने भ्रमित मध्यस्थ से कहा, हमने जब यह कहा कि “Costs Made Easy” तो इसका अर्थ यह हुआ कि कोई दंड नहीं वसूला जाना चाहिए [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Dipak-Misra-Chandrachud-AM-Khanwilkar.jpg)
![किसी प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा रखने वाला व्यक्ति पंचायत का सदस्य नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को बदला [निर्णय पढ़ें] किसी प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा रखने वाला व्यक्ति पंचायत का सदस्य नहीं हो सकता; सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले को बदला [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Dipak-Misra-AM-Khanwilkar-DY-Chandrachud.jpg)
![एफआईआर की कॉपी देर से मजिस्ट्रेट को भेजने की वजह से सुनवाई पर असर नहीं पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े] एफआईआर की कॉपी देर से मजिस्ट्रेट को भेजने की वजह से सुनवाई पर असर नहीं पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Justice-Ashok-Bhushan-and-Justice-Vineet-Saran.jpg)
![मैंग्रोव को नष्ट करना संविधान के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रहार; बॉम्बे हाईकोर्ट ने मैंग्रोव के बचाव के लिए जारी किया ऐतिहासिक निर्देश [निर्णय पढ़ें] मैंग्रोव को नष्ट करना संविधान के तहत नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रहार; बॉम्बे हाईकोर्ट ने मैंग्रोव के बचाव के लिए जारी किया ऐतिहासिक निर्देश [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Justice-Abhay-OKA-Justice-RI-Chagla-new.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रभावशाली उद्योगपति को हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द किया; कहा, जमानत की अर्जी पर गौर करने के दौरान कोर्ट को मामले की गहराई में जाने की जरूरत नहीं है [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रभावशाली उद्योगपति को हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द किया; कहा, जमानत की अर्जी पर गौर करने के दौरान कोर्ट को मामले की गहराई में जाने की जरूरत नहीं है [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Nageswara-Rao-And-Mohan-Shantana-Gowder.jpg)

![उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से अग्रिम जमानत के प्रावधान को बहाल करने को कहा [आर्डर पढ़े] उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार से अग्रिम जमानत के प्रावधान को बहाल करने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Uttarakhand-HC-1.jpg)
![आम लोगों और पर्यावरण के हित में प्लास्टिक के थैलों पर पूर्ण पाबंदी; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस बारे में क़ानून में संशोधन को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े] आम लोगों और पर्यावरण के हित में प्लास्टिक के थैलों पर पूर्ण पाबंदी; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस बारे में क़ानून में संशोधन को जायज ठहराया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/23244007_2005417013075772_6514921900151073317_n-1.jpg)