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रामदेव की विवादास्पद पुस्तक ‘गॉडमैन टू टाइकून : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ बाबा रामदेव’ के प्रकाशन और बिक्री पर एक बार फिर प्रतिबंध [आर्डर पढ़े]
रामदेव की विवादास्पद पुस्तक ‘गॉडमैन टू टाइकून : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ बाबा रामदेव’ के प्रकाशन और बिक्री पर एक बार फिर प्रतिबंध [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने योग गुरु बाबा रामदेव की विवादास्पद पुस्तक ‘गॉडमन टू टाइकून : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ बाबा रामदेव’ के प्रकाशन और बिक्री पर एकबार फिर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस पुस्तक को प्रियंका पाठक नारायण ने लिखा है और इसका प्रकाशक है जगरनौट बुक्स।निचली अदालत के इस पुस्तक के प्रकाशन और इसकी बिक्री पर लगे प्रतिबन्ध को हटा लेने के बाद रामदेव ने इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी और न्यायमूर्ति आरके गौबा ने पुस्तक के प्रकाशन और उसकी बिक्री पर अब अंतरिम रोक लगा दी है।कोर्ट ने अब जगरनौट बुक्स को...

अगर किसी संसदीय सीट के उप-चुनाव में एक साल से कम समय बचा है तो भी चुनाव होगा : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर किसी संसदीय सीट के उप-चुनाव में एक साल से कम समय बचा है तो भी चुनाव होगा : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

संसद की मंशा किसी चुनाव क्षेत्र को प्रतिनिधित्वहीन रखने की नहीं है, पीठ ने कहासुप्रीम कोर्ट ने एक वोटर की इस अपील को ठुकराने के बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्णय को सही ठहराया जिसमें मांग की गई थी कि उस चुनाव क्षेत्र में अभी चुनाव नहीं कराया जाए जिसके प्रतिनिधि ने पिछले साल दिसंबर में पद त्याग दिया था।न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि चूंकि राजस्व पर बोझ पड़ेगा और संसद की अवधि अब एक साल से भी कम बची है इस वजह से किसी चुनाव क्षेत्र में चुनाव को रोका नहीं जा सकता।हाई...

किसी विदेशी नागरिक के भारत में संपत्ति का उत्तराधिकार प्राप्त करने पर कोई प्रतिबंध नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
किसी विदेशी नागरिक के भारत में संपत्ति का उत्तराधिकार प्राप्त करने पर कोई प्रतिबंध नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

यह अधिनियम (भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम) गैर भारतीय राष्ट्रीयता वाले किसी व्यक्ति को भारतीय इसाई की संपत्ति का उत्तराधिकारी बनने से नहीं रोकता है, पीठ ने कहा।यह फैसला देते हुए कि एक पाकिस्तानी बहन एक भारतीय नागरिक की संपत्ति का उत्तराधिकारी हो सकती है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत में किसी विदेशी नागरिक के संपत्ति का उत्तराधिकार हासिल करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।पृष्ठभूमिबीसी सिंह और उनकी पत्नी डॉ. एसएल सिंह इसाई थे। पत्नी की मौत के बाद बीसी सिंह (वादी) ने संपत्ति के कब्जे के लिए जेएम उतरिद...

परिसर खाली करने के बारे में कोर्ट को दिए लिखित आवश्वासन का उल्लंघन करने पर सुप्रीम कोर्ट ने किरायेदार के खिलाफ शुरू की अवमानना कार्रवाई [आर्डर पढ़े]
परिसर खाली करने के बारे में कोर्ट को दिए लिखित आवश्वासन का उल्लंघन करने पर सुप्रीम कोर्ट ने किरायेदार के खिलाफ शुरू की अवमानना कार्रवाई [आर्डर पढ़े]

हम सिर्फ विशेष अनुमति याचिका को खारिज करके चुप बैठे नहीं रह सकते, पीठ ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने किरायेदार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई शुरू की है। इस किरायेदार ने परिसर खाली कर देने का लिखित आश्वासन कोर्ट को दिया था पर उसने इसका पालन नहीं किया।वर्तमान याचिका कोर्ट की प्रक्रिया का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है और कोर्ट द्वारा पारित आदेश को नहीं माना गया है। न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सभी याचिकाकर्ताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का आदेश...

ट्रेन में चढ़ते या उतरते वक्त मौत या घायल होने पर पीड़ित मुआवजे का हकदार: SC ने  दुर्घटना दावा मामलों में विवादित विचारों को हल किया [निर्णय पढ़ें]
ट्रेन में चढ़ते या उतरते वक्त मौत या घायल होने पर पीड़ित मुआवजे का हकदार: SC ने दुर्घटना दावा मामलों में विवादित विचारों को हल किया [निर्णय पढ़ें]

भारत संघ बनाम रीना देवी मामले में बुधवार को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रेन में चढ़ते या उतरते वक्त मौत होने पर या घायल होना 'अवांछित घटना' होगी जिसमें शिकार को मुआवजा देना होगा और पीड़ित की लापरवाही बताकर इससे इनकार नहीं किया जा सकता।न्यायमूर्ति एके गोयल और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की एक पीठ ने मुआवजे की मात्रा, यात्री की परिभाषा और रेलवे दुर्घटना दावों में सख्त देयता के मामले में विवादित विचारों का समाधान किया। यह निम्नानुसार आयोजित किया गया है: चढ़ते या उतरते...

लेट लतीफ सिविल जज की बरखास्तगी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
लेट लतीफ सिविल जज की बरखास्तगी को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]

प्रोबेशनर सिविल जज, जूनियर डिवीजन और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रे, उल्हासनगर गिरीश गोसावी को सेवा के अनुपयुक्त पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। गोसावी ने अपनी बर्खास्तगी को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसे ख़ारिज कर दिया गया। गोसावी को बर्खास्तगी का नोटिस न्यायमूर्ति केके सोनवाने ने दिया जो उस समय ठाणे में प्रधान जिला जज थे।याचिकाकर्ता ने महाराष्ट्र सरकार के विधि सलाहकार और संयुक्त सचिव के संदेश और प्रोबेशन समिति की अनुशंसा को भी चुनौती दी थी। इन दोनों ने गोसावी को हटाने की अनुशंसा...

दूसरे संभावित अपराधियों को सबक  सिखाने के लिए मौत की सजा एक सामाजिक जरुरत : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बच्ची से रेप और हत्या में मौत की सजा बरकरार रखी [निर्णय पढ़ें]
दूसरे संभावित अपराधियों को सबक सिखाने के लिए मौत की सजा एक सामाजिक जरुरत : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बच्ची से रेप और हत्या में मौत की सजा बरकरार रखी [निर्णय पढ़ें]

 खंडपीठ ने कहा कि आरोपी व्यक्ति अपनी वासना को पूरा करने के लिए निर्दोष बच्चे की ग़लत और भयानक हत्या करने के लिए एकमात्र सजा के पात्र हैं, वो मौत की सजा है।11 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के आरोपी दो लोगों को मौत की सजा की पुष्टि करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कहा है कि हाल ही में बच्चियों से बलात्कार की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि के बारे में वो बेहद चिंतित है और  देश भर में बच्चों से बलात्कार की घटनाओं पर समाज के क्रोध से परिचित है, इसलिए, वो मौत की सजा को सामाजिक आवश्यकता के उपाय के...

अगर पति या पत्नी कोर्ट के आदेश के अनुरूप एक दूसरे के साथ रह नहीं पाते हैं तो यह न्यायालय की अवमानना नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर पति या पत्नी कोर्ट के आदेश के अनुरूप एक दूसरे के साथ रह नहीं पाते हैं तो यह न्यायालय की अवमानना नहीं है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

वैवाहिक अधिकारों के बारे में जब कोई आदेश किसी योग्य अदालत द्वारा दिया जाता है जो पति या पत्नी में से किसी एक के पक्ष में होता है तो इस तरह के आदेश को लागू नहीं कराया जा सकता है और दोनों में से जिसको वैवाहिक जीवन को शुरू करने को कहा गया है, उसको ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, कोर्ट ने कहा।एक पत्नी को अवमानना के कारण सजा दिए जाने के हाई कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट न कहा कि पत्नी को अन्य लोगों के साथ रहने के लिए बाध्य करना और ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ अवमानना की...

जस्टिस के एम जोसेफ मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक
जस्टिस के एम जोसेफ मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक

उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट के जज बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को कॉलेजियम की बैठक होगी। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक ये बैठक दोपहर में होगी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ का कॉलेजियम केंद्र सरकार द्वारा जस्टिस जोसेफ की सिफारिश को वापस भेजने पर विचार करेगी।गौरतलब है कि कई बार सवाल उठा चुके जस्टिस चेलामेश्वर ने बुधवार को एक बार फिर चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर जल्द इस मुद्दे...

हिंदू विवाह अधिनियम के तहत जलते हुए अगरबत्ती के फेरे लगाना ‘पवित्र आग’ के फेरे लगाने के बराबर : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
हिंदू विवाह अधिनियम के तहत जलते हुए अगरबत्ती के फेरे लगाना ‘पवित्र आग’ के फेरे लगाने के बराबर : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उसने कोर्ट से अनुरोध किया था कि वह 14 फरवरी 2009 को हुई उसकी शादी को अमान्य कर दे। इस व्यक्ति ने 10 सितम्बर 2012 को फैमिली कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। फैमिली कोर्ट ने वैवाहिक अधिकार को बहाल करने की अपील मान ली थी।न्यायमूर्ति केके तातेड और बीपी कोलाबावाला ने अपीलकर्ता के वकील की इस दलील को ठुकरा दिया कि अगरबत्ती के फेरे लगाना पवित्र आग के चारों और सात फेरे लेने के बराबर नहीं है और हिंदू विवाह अधिनियम की...

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार से कहा, 6 या 7 अवैध मंजिलों का निर्माण कैसे ? ये अनजाना नहीं बल्कि मौन सहमति है
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार से कहा, 6 या 7 अवैध मंजिलों का निर्माण कैसे ? ये अनजाना नहीं बल्कि मौन सहमति है

हिमाचल प्रदेश सरकार पर गैरकानूनी निर्माण को रोकने के लिए समय पर कार्रवाई नहीं करने के लिए  फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है  कि कई जगहों पर पर्यटक लॉज के रूप में छह या सात मंजिल कैसे बनाई जा रही हैं जबकि बिल्डिंग प्लान के अनुसार  केवल एक मंजिल की ही अनुमति है।कोर्ट ने इस मुद्दे पर बुधवार को सरकार से सीलिंग और तोड़फोड़  अभियान में शामिल अधिकारियों के नाम और पदनाम के बारे में एक नया हलफनामा दायर करने के लिए कहा है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई अवैध निर्माण नहीं हो रहे...

माता-पिता लड़ते रहे, केरल हाईकोर्ट ने किया बच्चे का नामकरण [निर्णय पढ़ें]
माता-पिता लड़ते रहे, केरल हाईकोर्ट ने किया बच्चे का नामकरण [निर्णय पढ़ें]

अदालत ने कहा कि "जोहान" नाम बच्चे की मां की इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करेगा और उपनाम के रूप में "सचिन" नाम का नाम पिता की आवश्यकता को पूरा करेगा क्योंकि कहा गया नाम बच्चे को उसकी पहचान देगा। केरल उच्च न्यायालय को धन्यवाद कि आखिरी में उसने एक बच्चे का नामकरण किया जो उसके  माता-पिता का बाध्य कर्तव्य था लेकिन वो लड़ने में व्यस्त थे। दूसरे बच्चे के जन्म के बाद दोनों के बीच संबंध तनावग्रस्त हो गए, पारिवारिक अदालत में अन्य कानूनी लड़ाई के बीच अंतर-धर्म दंपत्ति ने  बच्चे को नाम देने के लिए भी लड़ना शुरू...

संसद की स्थाई समिति की रिपोर्टों पर संवैधानिक पीठ के निर्णय का सारांश [निर्णय पढ़ें]
संसद की स्थाई समिति की रिपोर्टों पर संवैधानिक पीठ के निर्णय का सारांश [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अदालतों का संसद की स्थाई समिति की रिपोर्टों पर भरोसा करना संसद के विशेषाधिकारों का हनन नहीं है।यह फैसला मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, एके सिकरी, एएम खानविलकर, डीवाई चंद्रचूड़ और अशोक भूषण की पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने सुनाया।तथ्यकोर्ट बहुत सारी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थे जिनमें से एक याचिका कल्पना मेहता ने दायर की थी। मेहता ने अपनी याचिका में दो टीकों – गर्दासिल और सर्वरिक्स के आंध्र प्रदेश और गुजरात की महिला आदिवासियों पर सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए...

सिर्फ गुजारे की राशि के दावे के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम की शरण में नहीं जा सकते : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सिर्फ गुजारे की राशि के दावे के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम की शरण में नहीं जा सकते : बॉम्बे हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

हर कोई यहाँ तक कि गुजारे की राशि के लिए भी अधिनियम 2005 की शरण में नहीं जा सकता, इस अधिनियम का उद्देश्य उन महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है जो किसी भी तरह की पारिवारिक हिंसा की शिकार हैं, कोर्ट ने कहा।बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि घरेलू हिंसा अधिनियम के प्रावधानों को सिर्फ गुजारे की राशि के दावे के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता। जब तक कि पक्षकार घरेलू हिंसा का आरोप नहीं लगाता और कोर्ट में पीड़ित के रूप में नहीं आता तब तक इस प्रावधान का प्रयोग नहीं किया जा सकता।इस मामले में फैमिली कोर्ट ने...

अयोग्य घोषित करने की अपील पर निर्णय लेने के बारे में अध्यक्ष को याद दिलाने का मतलब न्यायिक पुनरीक्षण नहीं है : कर्नाटक हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अयोग्य घोषित करने की अपील पर निर्णय लेने के बारे में अध्यक्ष को याद दिलाने का मतलब न्यायिक पुनरीक्षण नहीं है : कर्नाटक हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सदन के अध्यक्ष को अयोग्य करार दिए जाने के बारे में लंबित आवेदन पर सिर्फ निर्णय लेने की याद भर दिलाने का मतलब न्यायिक पुनरीक्षण नहीं होता, कोर्ट ने कहा।एकल पीठ द्वारा कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष को जेडीएस विधायकों को अयोग्य घोषित करने के बारे में लंबित आवेदन पर निर्णय लने के लिए कहने को सही ठहराते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने कहा कि पीठ को विधानसभा अध्यक्ष से इस आवेदन पर शीघ्रता से निर्णय लेने के लिए आग्रह करने का अधिकार है। खंडपीठ ने कहा कि ऐसा आग्रह करना न्याय के हित में है।न्यायमूर्ति...

सुप्रीम कोर्ट ने IGI एयरपोर्ट पर सभी वाहनों को सीएनजी में बदलने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने IGI एयरपोर्ट पर सभी वाहनों को सीएनजी में बदलने के एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे सभी गैर-सीएनजी वाहनों को सीएनजी में बदलने के नेशनल ट्रिब्यूनल के  निर्देश पर रोक लगा दी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस  ने एनजीटी द्वारा जारी इस निर्देश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की गई है।फेडरेशन ने तर्क दिया कि एनजीटी आदेश में इस विशेष निर्देश के समर्थन में कोई चर्चा और कारण नहीं दिए गए हैं और हवाई अड्डे पर  विभिन्न प्रकार के वाहन तैनात हैं और उनमें से कई को सीएनजी में परिवर्तित नहीं किया जा सकता। इन दलीलों...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वह अधिकरणों की निगरानी के लिए स्वायत्त निकाय के गठन पर मोटे तौर पर सहमत है [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वह अधिकरणों की निगरानी के लिए स्वायत्त निकाय के गठन पर मोटे तौर पर सहमत है [आर्डर पढ़े]

इस तरह की निकाय भर्ती और अधिकरणों के सदस्यों के कामकाज की निगरानी कर सकती है, कोर्ट ने कहा।सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह मोटे और पर एक ऐसे प्रभावी और स्वायत्त निकाय की परिकल्पना के पक्ष में है जो कुछ आवश्यक अपवादों को छोड़कर सभी अधिकरणों पर नज़र रखे।पीठ ने कहा सुप्रीम कोर्ट के तीन अवकाशप्राप्त जजों की एक समिति के गठन का निर्देश दिया जो कि अधिकरणों में काम कर चुके हैं और उनको निम्नलिखित बातों पर गौर करने को कहा है : नियमित कैडर का निर्माण और अधिकरण में भर्ती के लिए अर्हताओं का निर्धारण; एक...

कावेरी विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के कदम को बताया “घोर अवमानना”, जल संसाधन सचिव को तलब किया [आर्डर पढ़े]
कावेरी विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के कदम को बताया “घोर अवमानना”, जल संसाधन सचिव को तलब किया [आर्डर पढ़े]

यह टिप्पणी करते हुए कि केंद्र द्वारा तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुदुचेरी  के बीच कावेरी पानी के साझा करने की योजना तैयार ना करना " घोर अवमानना" है, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय जल संसाधन सचिव को 14 मई को पेश होने के निर्देश दिए हैं।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने  अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की दलीलों को मानने से इंकार कर दिया कि 'योजना' तैयार है और केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित होने के बाद अदालत के समक्ष रखा जाएगा जो शीघ्रता से किया...

पति पर अवैध संबंध होने का झूठा आरोप क्रूरता है : दिल्ली हाई कोर्ट ने तलाक मंजूर किया [निर्णय पढ़ें]
पति पर अवैध संबंध होने का झूठा आरोप क्रूरता है : दिल्ली हाई कोर्ट ने तलाक मंजूर किया [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी से यह कहते हुए तलाक की अनुमति दे दी कि उससे अलग हुई पत्नी ने अपनी विधवा साली से उसके अवैध संबंध होने के झूठे आरोप लगाए थे और यह आरोप उसके खिलाफ क्रूरता जैसा है।न्यायमूर्ति जेआर मिधा सुनवाई अदालत के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रहे थे। इस आदेश के तहत हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13A के तहत निचली अदालत ने अलग रहने का न्यायिक आदेश दे दिया था। पति ने इसके बाद तलाक की मांग की जबकि पत्नी ने अलग रहने के न्यायिक आदेश को रद्द किए जाने की मांग...

गुजरात हाईकोर्ट ने GST ट्रिब्यूनल के गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र, राज्य,  GST परिषद को नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]
गुजरात हाईकोर्ट ने GST ट्रिब्यूनल के गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र, राज्य, GST परिषद को नोटिस जारी किया [आर्डर पढ़े]

गुजरात उच्च न्यायालय ने केंद्रीय और राज्य जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन  को चुनौती देने वाली दो चार्टर्ड एकाउंटेंट की याचिका पर  केंद्र, गुजरात सरकार और सामान और सेवा कर परिषद को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सिर्फ एक न्यायिक सदस्य की नियुक्ति " अवैध" है।न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी और न्यायमूर्ति बीएन करिया ने सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट की धारा 109 और गुजरात सामान और सेवा कर अधिनियम की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर  नोटिस जारी कर 2 जुलाई, 2018 तक जवाब मांगा...