मुख्य सुर्खियां
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बिल ऑफ़ एंट्री में जो मूल्य घोषित हुआ है उसके आधार पर ही कर योग्य मूल्य का निर्धारण हो सकता है [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीमा शुल्क अधिनियम के लिए कर योग्य मूल्य का निर्धारण बिल ऑफ़ एंट्री में घोषित मूल्य के आधार पर ही हो सकता है।न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने Commissioner of Central Excise and Service Tax, Noida vs. Sanjivani Non-Ferrous Trading Pvt.Ltd. मामले में यह फ़ैसला सुनाया। अधिकारियों ने इस मामले में बिल ऑफ़ एंट्री में घोषित मूल्य को ख़ारिज कर दिया था और कर योग्य मूल्य को बढ़ाकर इसका आकलन दुबारा किया गया।न्यायाधिकरण ने इस आकलन को रद्द कर दिया था...
नेशनल हेराल्ड : दिल्ली हाईकोर्ट ने हेराल्ड हाउस को दो हफ्ते में खाली करने के आदेश दिए, कहा यंग इंडियन ने AJL को हाईजैक किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड ( AJL) को दो हफ्तों के भीतर हेराल्ड हाउस को खाली करने के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को हाईकोर्ट में जस्टिस सुनील गौड़ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर दो हफ्ते में AJL ने इमारत खाली नहीं की तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। इस दौरान हाईकोर्ट ने AJL के 99 फीसदी शेयर यंग इंडियन कंपनी को ट्रांसफर पर भी बडे सवाल उठाते हुए कहा कि AJL को यंग इंडियन कंपनी द्वारा हाईजैक कर लिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस मक़सद के लिए ये...
महिलाएँ यह नहीं चाहती हैं कि उनकी पूजा हो पर वे चाहती हैं कि उन्हें आज़ादी, सुरक्षा और आराम मिले : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट के एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर को एक लड़की का बलात्कार करने और बाद में उसकी हत्या करने के लिए मौत की सज़ा सुनाई है। सज़ा सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा और हिफ़ाज़त पर बल दिया।हाईकोर्ट ने 23 वर्षीय सॉफ़्टवेयर इंजीनियर चन्द्रभान सदन सनप की मौत की सज़ा को सही ठहराया। सनप आंध्र प्रदेश का है और वह टीसीएस का कर्मचारी था।उस पर एक महिला को लिफ़्ट देने और बाद में उसको एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार करने और फिर उसकी हत्या कर देने का आरोप साबित होने के बाद निचली...
समाज के लिए ख़तरा बताते हुए, बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार और हत्या के दोषी 23 साल के सॉफ़्टवेयर इंजीनियर को मौत की सज़ा को सही ठहराया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने वृहस्पतिवार को बलात्कार और हत्या के दोषी 23 वर्षीय सॉफ़्टवेयर इंजीनियर चन्द्रभान सदन सनप की मौत की सज़ा को सही ठहराया। सनप आंध्र प्रदेश का है और वह टीसीएस का कर्मचारी था।सनप ने निचली अदालत से मिली सज़ा के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में अपील की थी।पृष्ठभूमिअभियोजन के अनुसार, पीड़ित भी टीसीएस के गोरेगांव, महाराष्ट्र के उस ऑफ़िस में काम करती थी जहाँ सनप काम करता था। यह युवती वाईएमसीए के होस्टल में रहती थी और आंध्र प्रदेश के मछलीपतनम की रहने वाली थी। अपने घर से वह 4 जनवरी को एलटीटी स्टेशन,...
नीति आयोग की न्यायिक और विधिक सुधार की प्रस्तावित रणनीति: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा परीक्षा, मध्यस्थता और सुलह के सुझाव [रिपोर्ट पढ़ें]
नीति आयोग ने "Strategy For New India @ 75" के तहत कुछ महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए हैं जिनका उद्देश्य देश में न्यायिक और विधिक सुधार लाना है। अपनी इस रिपोर्ट में उसने देश में अखिल भारतीय न्यायिक सेवा परीक्षा आयोजित करने का भी सुझाव दिया है।रिपोर्ट कहता है कि न्यायिक सेवा के निचले क्रम के जजों (प्रथम भर्ती स्तर), भारतीय विधिक सेवा (केंद्र और राज्यों दोनों ही), अभियोजकों, विधिक सलाहकारों और विधिक प्रारूप तैयार करने वालों की चयन की प्रक्रिया के संचालन का ज़िम्मा संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को सौंपा जा...
पूरक आरोपों को उन्मोचित कर बरी हुए आरोपी को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत निचली अदालत का दुबारा सम्मन भेजना सही है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत निचली अदालत को किसी बरी हुए आरोपी को सम्मन भेजकर दुबारा कोर्ट में पेश होने को कहने का अधिकार है अगर उसको लगता है कि उसने पूरक आरोपों को नज़रंदाज़ किया है।दीपू @दीपक सहित सात लोगों पर हत्या और डकैती का आरोप था। निचली अदालत ने दीपू सहित चार अन्य लोगों को बरी कर दिया और ऐसा करते हुए उसने इनके ख़िलाफ़ पूरक आरोपों पर ध्यान नहीं दिया था। निचली अदालत ने हालाँकि अपने आदेश को वापस लिया पर सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को अंततः यह...
दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि से कहा, विशेष ऑडिट के लिए आयकर विभाग से सहयोग करें [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से कहा है कि वे विशेष ऑडिट के लिए आयकर विभाग को सहयोग करे।न्यायमूर्ति ए रवींद्र भट और न्यायमूर्ति प्रतीक जलान की पीठ ने कहा, "…आकलन अधिकारी (एओ) ने सम्बंधित आदेश देने से पहले सभी पक्षों पर सावधानीपूर्वक ग़ौर किया है।"पतंजलि ने आकलन वर्ष 2010-11 के लिए विशेष ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करने की कार्रवाई को यह कहते हुए चुनौती दी कि एओ विशेष ऑडिटर्ज़ की मदद से इसकी जाँच करना चाहता है और इस तरह वह आकलन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए खातों की जाँच और रिटर्न...
सुप्रीम कोर्ट ने पारसी मंदिर के नीचे मेट्रो टनल बनाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाने से मना किया [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह बॉम्बे हाईकोर्ट के उस निर्णय पर रोक लगाने से मना कर दिया जिसमें उसने महाराष्ट्र में पारसी मंदिर के नीचे से मेट्रो टनल बनाने की अनुमति दी थी।सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी की दलील को आंशिक रूप से सुनने के बाद इस मामले की सुनवाई 4 जनवरी 2019 को करने का आदेश दिया।पारसी धर्म को मानने वाले पाँच लोगों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील कर कहा था कि अग्नि मंदिर के नीचे से मेट्रो टनल खोदने की अनुमति नहीं...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट का आदेश ख़ारिज किया, अनिवासी भारतीय को 8 हज़ार के बदले ₹50 हज़ार का मुआवज़ा देने को कहा [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कैथरिन एडवार्ड्स की याचिका पर अपने फ़ैसले में दो पूर्व के फ़ैसले को निरस्त कर दिया और कैथेरिन को 8 हज़ार के बदले 50 हज़ार का मुआवज़ा देने का आदेश दिया।कैथरिन ने घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 की धारा 23(2) के तहत अपने पति से मुआवज़े की माँग के लिए याचिका दायर की थी। चूँकि उसकी याचिका अपीली अदालत ने ख़ारिज कर दी थी, इसलिए उसने हाईकोर्ट में अपील की। अपने अपील में उसने 28 नवंबर 2013 को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट और 19 नवंबर 2014 को अतिरिक्त सत्र जज के आदेश को चुनौती दी...
सीआईसी ने आरबीआई से पूछा : नोटबंदी के दौरान 2000 और 500 के कितने नोट छापे गए [आर्डर पढ़े]
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने आरबीआई से यह बताने को कहा कि 9 नवंबर से 30 नवंबर 2016 के बीच जब नोटबंदी लागू था, हर दिन 500 और 2000 के कितने नोटों की छपाई की गई।सूचना आयुक्त सुधीर भार्गव ने कहा कि आरबीआई के केंद्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) यह बताने में विफल रहे हैं कि कैसे यह सूचना देने से देश का आर्थिक हित प्रतिकूल रूप से प्रभावित होगा।आयोग का कहना है, "यह सूचना कि करेंसी नोट छापने के बारे में जो सूचना माँगी गई है वह इतना संवेदनशील नहीं है आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(a) के तहत छूट की...
आपत्ति या क्रॉस अपील के अभाव में हाईकोर्ट निचली अदालत के फ़ैसले के दायरे के बाहर जाकर अपील पर आदेश नहीं दे सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी प्रतिवादी ने अगर कोई अपील दाख़िल की है और अगर कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई है या कोई क्रॉस अपील नहीं है तो हाईकोर्ट इस अपील को ख़ारिज करते हुए निचली अदालत के फ़ैसले के दायरे के आगे नहीं जा सकता।मूल प्रतिवादी की अपील में ज़्यादा से ज़्यादा हाईकोर्ट इस अपील को ख़ारिज कर सकता है और फ़ैसले को सही ठहरा सकता है। यह बात न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने अखिल भारतवर्षीय मरवारी अग्रवाल जातीय कोष बनाम बृजलाल टिबरेवाल मामले में...
बेदख़ली की याचिका पर सुनवाई के लंबित रहने के दौरान अगर मकान मालिक कोई और व्यवसाय करता है तो उसकी ‘वास्तविक ज़रूरत’ पर संदेह नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मकान मालिक और उसके बेटे (जिसके लिए मकान चाहिए) मामले का फ़ैसला होने तक यह साबित करने के लिए कि उन्हें मकान की वास्तव में ज़रूरत है, बेकार बैठे रहेंगे और कोई काम नहीं करेंगे इसकी उम्मीद नहीं करनी चाहिए।हुकुम चंद्र बनाम नेमी चंद जैन मामले में मकान मालिक ने मध्य प्रदेश एकोमोडेशन कंट्रोल ऐक्ट, 1961 की धारा 12(1)(f) के तहत मामला दायर कर अपने किरायेदार को मकान ख़ाली करने के लिए कोर्ट के आदेश की मांग की थी ताकि वह अपने बेटे को यह रहने के लिए दे सके। निचली अदालत ने इस मामले...
नियोक्ता को गर्भवती कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
महिलाओं का आदर होना चाहिए और कार्यस्थल पर उनके साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए ज़ोर देकर कहा कि गर्भवती कर्मचारियों के साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया रखी जानी चाहिए।न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने कहा, “महिलाएँ हमारे समाज की आधी जनसंख्या हैं और अपनी रोज़ी रोटी कमाने के लिए जहाँ वह रोज़गार करती हैं उस कार्यस्थल पर उनके साथ मर्यादापूर्ण और समानता का व्यवहार होना चाहिए।“माँ बनना किसी महिला के जीवन की सबसे स्वाभाविक घटना है। एक कर्मचारी के रूप...
मौत की सज़ा पाए क़ैदियों को अपने सगे संबंधियों, वकीलों और चिकित्सकों से मिलने की अनुमति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मौत की सज़ा पाए क़ैदियों को उनके सगे संबंधियों, अपने वकीलों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मिलने की अनुमति होनी चाहिए।न्यायमूर्ति एमबी लोकुर, एस अब्दुल नज़ीर और दीपक गुप्ता की पीठ 1382 जेलों में अमानवीय स्थितियों से संबंधित मामले पर ग़ौर कर रहे थे।आवेदन में माँग की गई कि किसी भी अदालत द्वारा मौत की सज़ा पाए किसी भी क़ैदी से उसी तरह से व्यवहार होना चाहिए जैसे किसी अन्य क़ैदी से और उन्हें भी वही सारी सुविधाएँ मिलनी चाहिए जैसी किसी अन्य क़ैदियों को मिल रही हैं। आवेदन में यह...
अगर बलात्कार के मामले में डीएनए प्रोफ़ायलिंग नहीं किया जाता या उसे रोका जाता है तो अभियोजन पर इसके विपरीत परिणाम होंगे : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
एक महत्त्वपूर्ण फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर बलात्कार के किसी मामले में डीएनए प्रोफ़ायलिंग नहीं की गई है या निचली अदालत में उसे रोका गया है तो अभियोजन पर उसका प्रतिकूल असर होगा।“हम यह नहीं कह रहे हैं कि अगर डीएनए प्रोफ़ायलिंग नहीं की गई तो अभियोजन के मामले को साबित नहीं किया जा सकता लेकिन हमारी राय में अगर किसी मामले में डीएनए प्रोफ़ायलिंग नहीं की गई है या निचली अदालत में उसे रोका है तो अभियोजन पर इसका विपरीत प्रभाव होगा”, न्यायमूर्ति एमबी लोकुर,न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर...
सुप्रीम कोर्ट का एलजी/दिल्ली सरकार को निर्देश, शादियों में खाने की वस्तुओं और पानी की बर्बादी रोकने के लिए व्यापक नीति बनाएँ [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और उसके लेफ़्टिनेंट गवर्नर को एक पूर्ण और व्यापक नीति बनाने को कहा है ताकि मोटलों, फ़ार्म हाउसों के शादी समारोहों में खाने पीने की वस्तुओं की बर्बादी रोकी जा सके।न्यायमूर्ति एमबी लोकुर,न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने यह भी कहा कि सम्भावित नीति में मेहमानों की संख्या पर नियंत्रण लगाने की संभावना की भी तलाश की जाए। कोर्ट ने यह बाई कहा है कि नीति में इस बात का भी उल्लेख हो कि शादी के कारण शहर में ट्रैफ़िक की समस्या पैदा...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मध्यस्थता का क्लौज होने से उपभोक्ता मंच का अधिकार क्षेत्र 2015 के संशोधन से सीमित नहीं हो जाता है [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को सही बताया है जिसमें उसने उस अपील को ख़ारिज कर दिया था जो उपभोक्ता शिकायत के तहत मध्यस्थ को एक रेफ़रेंस जारी करने को लेकर था। यह अपील एक ख़रीददार और भवन निर्माता के बीच हुए समझौते में मध्यस्थता के प्रावधान होने के बाद भी किया गया है।मंगलवार को न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने एम्मार एमजीएफ लैंड लिमिटेड की पुनर्विचार याचिका रद्द कर दी।मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने भवन निर्माता कम्पनी की याचिका...
विश्वास है कि मोदी सरकार भारत को एक और इस्लामिक देश नहीं बनने देगी : मेघालय हाईकोर्ट
“मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि किसी को भी भारत को एक और इस्लामिक देश में तब्दील करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि अगर ऐसा किया जाता है तो यह भारत और पूरी दुनिया के लिए एक क़यामत का दिन होगा। मुझे पूरा विश्वास है कि सिर्फ़ श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार इस मुद्दे की गम्भीरता को समझेगी और आवश्यक क़दम उठाएगी जैसा कि इस अदालत ने …सुझाव दिया है और हमारी मुख्यमंत्री ममताजी हर तरह से राष्ट्रीय हितों का सम्मान करेंगीं।”उपरोक्त बयान को पढ़ने के बाद यह विश्वास करना मुश्किल है...
यौन हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता [दिशानिर्देश पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बलात्कार के पीड़ितों की पहचान को सुरक्षित करने के लिए महत्त्वपूर्ण निर्देश जारी किए।न्यायमूर्ति एमबी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने इस बारे में 9 दिशा निर्देश जारी किए हैं जो इस तरह से हैं - कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया आदि में पीड़ित के नाम को उजागर नहीं करेगा या घुमा फिराकर भी इस तरह से कुछ नहीं कहेगा जिससे पीड़ित की पहचान के बारे में पता चले और लोगों को इनके बारे में पता चल जाए। ऐसी स्थिति में जब पीड़ित की मौत हो गई है या उसकी...
यहां तक कि मृत रेप पीड़ित की भी पहचान छिपाई जाए, सुप्रीम कोर्ट ने रेप व यौन हमले के पीड़ितों की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध लगाया [निर्णय पढ़ें]
रेप व यौन हमले के पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक करने और उनके साथ होने वाले सामाजिक भेदभाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गाइडलाइन जारी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी पीड़ित की मौत भी हो चुकी है तो भी उसकी गरिमा बनी रहती है और उसकी पहचान उजागर नहीं की जा सकती।जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया। जस्टिस गुप्ता ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि पीडितों की पहचान किसी कीमत पर उजागर ना हो। मीडिया ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग कर सकता है।ये उसका...

![सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बिल ऑफ़ एंट्री में जो मूल्य घोषित हुआ है उसके आधार पर ही कर योग्य मूल्य का निर्धारण हो सकता है [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बिल ऑफ़ एंट्री में जो मूल्य घोषित हुआ है उसके आधार पर ही कर योग्य मूल्य का निर्धारण हो सकता है [निर्णय पढ़ें]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355723-justice-ak-sikri-and-justice-abdul-nazeer-1.jpg)



![नीति आयोग की न्यायिक और विधिक सुधार की प्रस्तावित रणनीति: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा परीक्षा, मध्यस्थता और सुलह के सुझाव [रिपोर्ट पढ़ें] नीति आयोग की न्यायिक और विधिक सुधार की प्रस्तावित रणनीति: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा परीक्षा, मध्यस्थता और सुलह के सुझाव [रिपोर्ट पढ़ें]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355729-niti-aayog.jpg)
![पूरक आरोपों को उन्मोचित कर बरी हुए आरोपी को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत निचली अदालत का दुबारा सम्मन भेजना सही है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] पूरक आरोपों को उन्मोचित कर बरी हुए आरोपी को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत निचली अदालत का दुबारा सम्मन भेजना सही है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355730-justice-nv-ramana-and-justice-mohan-shantanagoudar-1.jpg)
![दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि से कहा, विशेष ऑडिट के लिए आयकर विभाग से सहयोग करें [निर्णय पढ़ें] दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि से कहा, विशेष ऑडिट के लिए आयकर विभाग से सहयोग करें [निर्णय पढ़ें]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355731-baba-ramdev.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने पारसी मंदिर के नीचे मेट्रो टनल बनाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाने से मना किया [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने पारसी मंदिर के नीचे मेट्रो टनल बनाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाने से मना किया [आर्डर पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355732-justice-uu-lalit-and-justice-subhash-reddy-1.jpg)
![बॉम्बे हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट का आदेश ख़ारिज किया, अनिवासी भारतीय को 8 हज़ार के बदले ₹50 हज़ार का मुआवज़ा देने को कहा [निर्णय पढ़ें] बॉम्बे हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट का आदेश ख़ारिज किया, अनिवासी भारतीय को 8 हज़ार के बदले ₹50 हज़ार का मुआवज़ा देने को कहा [निर्णय पढ़ें]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355733-bombay-hc-6.jpg)
![सीआईसी ने आरबीआई से पूछा : नोटबंदी के दौरान 2000 और 500 के कितने नोट छापे गए [आर्डर पढ़े] सीआईसी ने आरबीआई से पूछा : नोटबंदी के दौरान 2000 और 500 के कितने नोट छापे गए [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/salary-money-notes.jpg)
![आपत्ति या क्रॉस अपील के अभाव में हाईकोर्ट निचली अदालत के फ़ैसले के दायरे के बाहर जाकर अपील पर आदेश नहीं दे सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] आपत्ति या क्रॉस अपील के अभाव में हाईकोर्ट निचली अदालत के फ़ैसले के दायरे के बाहर जाकर अपील पर आदेश नहीं दे सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/3-Justice-AK-Sikri-Justice-Ashok-bhushan-Justice-MR-Shah.jpg)
![बेदख़ली की याचिका पर सुनवाई के लंबित रहने के दौरान अगर मकान मालिक कोई और व्यवसाय करता है तो उसकी ‘वास्तविक ज़रूरत’ पर संदेह नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] बेदख़ली की याचिका पर सुनवाई के लंबित रहने के दौरान अगर मकान मालिक कोई और व्यवसाय करता है तो उसकी ‘वास्तविक ज़रूरत’ पर संदेह नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/Justice-Bhanumati-and-Justice-Indira-Banerjee.jpg)
![नियोक्ता को गर्भवती कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] नियोक्ता को गर्भवती कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/Justice-Suresh-Kumar-Kait-and-Delhi-HC.jpg)
![मौत की सज़ा पाए क़ैदियों को अपने सगे संबंधियों, वकीलों और चिकित्सकों से मिलने की अनुमति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] मौत की सज़ा पाए क़ैदियों को अपने सगे संबंधियों, वकीलों और चिकित्सकों से मिलने की अनुमति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/Justice-MB-Lokur-Justice-Abdul-Nazeer-and-Justice-Deepak-Gupta.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट का एलजी/दिल्ली सरकार को निर्देश, शादियों में खाने की वस्तुओं और पानी की बर्बादी रोकने के लिए व्यापक नीति बनाएँ [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट का एलजी/दिल्ली सरकार को निर्देश, शादियों में खाने की वस्तुओं और पानी की बर्बादी रोकने के लिए व्यापक नीति बनाएँ [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/wedding-function.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मध्यस्थता का क्लौज होने से उपभोक्ता मंच का अधिकार क्षेत्र 2015 के संशोधन से सीमित नहीं हो जाता है [निर्णय पढ़ें] सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मध्यस्थता का क्लौज होने से उपभोक्ता मंच का अधिकार क्षेत्र 2015 के संशोधन से सीमित नहीं हो जाता है [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/ncdrc.jpg)

![यौन हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता [दिशानिर्देश पढ़ें] यौन हमले के मामले में दर्ज प्राथमिकी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता [दिशानिर्देश पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Madan-B-Lokur-and-Deepak-Gupta.jpg)
![यहां तक कि मृत रेप पीड़ित की भी पहचान छिपाई जाए, सुप्रीम कोर्ट ने रेप व यौन हमले के पीड़ितों की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध लगाया [निर्णय पढ़ें] यहां तक कि मृत रेप पीड़ित की भी पहचान छिपाई जाए, सुप्रीम कोर्ट ने रेप व यौन हमले के पीड़ितों की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध लगाया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/12/supreme-court-of-india-media.jpg)