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तमिलनाडु मेडिकल प्रवेश : मद्रास हाईकोर्ट ने काउंसेलिंग के समय छात्रों से आधार कार्ड मांगने का निर्देश दिया [आर्डर पढ़े]
तमिलनाडु मेडिकल प्रवेश : मद्रास हाईकोर्ट ने काउंसेलिंग के समय छात्रों से आधार कार्ड मांगने का निर्देश दिया [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाईकोर्ट ने गत सप्ताह मेडिकल में प्रवेश लेने वालों को काउंसेलिंग के समय आधार कार्ड और उसकी फोटोकॉपी दिखाने का निर्देश दिया है ताकि पैदाइश के बारे में फर्जीवाड़े से निपटा जा सके। न्यायमूर्ति एन किरुबाकरण ने कहा कि छात्र अपनी पैदाइश के बारे में फर्जी प्रमाणपत्र देते पाए गए हैं। कोर्ट ने कहा, “कई छात्रों ने तमिलनाडु और अन्य राज्यों में मेडिकल में प्रवेश के लिए आवेदन किया है और दोनों राज्यों को अपनी पैदाइश की जगह बता रहे हैं। लेकिन किसी का जन्मस्थान तो एक ही हो सकता है।” इसके बावजूद कि दो या...

सीआईसी ने कहा, खुद के बचाव के लिए सूचना प्राप्त करना यौन उत्पीड़न के आरोपी का मानवाधिकार है, सीपीआईओ पर लगाया जुर्माना [आर्डर पढ़े]
सीआईसी ने कहा, खुद के बचाव के लिए सूचना प्राप्त करना यौन उत्पीड़न के आरोपी का मानवाधिकार है, सीपीआईओ पर लगाया जुर्माना [आर्डर पढ़े]

केंदीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा कि यौन उत्पीड़न के दोषी व्यक्ति अगर अपने बचाव के लिए कोई सूचना प्राप्त करना चाहता है तो यह उसका मानवाधिकार है। एक नागरिक और एक आरोपी के रूप में उसको आरटीआई अधिनियम के तहत ऐसा करने का अधिकार है। इसके साथ ही सीआईसी ने सूचना देने से इनकार करने पर पीआईओ पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया।सीआईसी एम श्रीधर आचार्युलू ने सीपीआई की इसलिए आलोचना की क्योंकि उसने याचिकाकर्ता को लिखे गए पत्र के लिए छह रुपए मांगे। उन्होंने...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तस्करी की शिकार को मुआवजा देने का आदेश दिया, कहा जांच या ट्रायल पर निर्भर नहीं है पुनर्वास [आर्डर पढ़े]
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तस्करी की शिकार को मुआवजा देने का आदेश दिया, कहा जांच या ट्रायल पर निर्भर नहीं है पुनर्वास [आर्डर पढ़े]

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य को तस्करी से बचाए गए बच्चे को  मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया और  राज्य की इस दलील को खारिज कर दिया गया कि वह इसकी हकदार नहीं है क्योंकि अभियुक्त की जुड़वां स्थितियों की पहचान नहीं की जा रही है और  मामले में मुकदमा शुरू नहीं हुआ है। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली याचिकाकर्ता को पुणे में तस्करी कर दी गई  लेकिन बाद में उसकी पहचान की गई, पता लगाया गया और वापस लाया गया।इस संबंध में कार्यवाही शुरू हो गई है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया...

किसी चीज को भूलना स्मृति का लोप होना नहीं है, न ही यह अल्जाइमर से ग्रस्त होना है – नहीं तो इस कोर्ट की बार और बेंच का बड़ा हिस्सा अल्जाइमर से ग्रस्त होता : न्यायमूर्ति जीएस पटेल
किसी चीज को भूलना स्मृति का लोप होना नहीं है, न ही यह अल्जाइमर से ग्रस्त होना है – नहीं तो इस कोर्ट की बार और बेंच का बड़ा हिस्सा अल्जाइमर से ग्रस्त होता : न्यायमूर्ति जीएस पटेल

“अल्जाइमर ऐसा शब्द नहीं है जिसका इस तरह से प्रयोग किया जाए. यह रोग के लक्षण के साथ निदान की स्थिति है. स्मृति जाने की हर घटना अल्जाइमर होने का संकेत नहीं है. किसी चीज का भूलना स्मृति का लोप होना नहीं है, न ही यह अल्जाइमर है – अगर ऐसा होता तो इस कोर्ट की बार और बेंच का एक बड़ा हिस्सा अल्जाइमर से ग्रस्त होता,” यह कहना था बॉम्बे हाईकोर्ट के जज का. जज ने इस मामले की सुनवाई के दौरान एक अभियोगी को डांटते हुए यह बात कही जिसमें प्रतिवादी 78 और 80 साल के दो बुजुर्ग हैं. कोर्ट ने इस मामले को क़ानून का...

कोर्ट में विभिन्न मामलों में होने वाली वसूली से हो सकता है पर्यावरण का बचाव,मद्रास हाईकोर्ट ने पर्यावरण कोष बनाने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]
कोर्ट में विभिन्न मामलों में होने वाली वसूली से हो सकता है पर्यावरण का बचाव,मद्रास हाईकोर्ट ने पर्यावरण कोष बनाने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]

एक महत्त्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने एक पर्यावरण कोष बनाने का आदेश दिया है। इस कोष के पास कोर्ट द्वारा विभिन्न मामलों में लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि जमा की जाएगी और फिर इस राशि का प्रयोग पौधे लगाने, पानी की सफाई और तालाबों और की सफाई पर होगा।न्यायमूर्ति डी कृष्णकुमार ने एक मामले को निपटाते हुए यह आदेश दिया। इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया प्रतिवादी ने किसी कल्याणकारी कार्य में कुछ योगदान करने की इच्छा जताई थी।इस पर न्यायमूर्ति कृष्णकुमार ने पर्यावरण को साफ़...

समयबद्ध सेवा के अधिकार को जीने के अधिकार के अभिन्न अंग के रूप में घोषित करने के लिए PIL [याचिका पढ़े]
समयबद्ध सेवा के अधिकार को जीने के अधिकार के अभिन्न अंग के रूप में घोषित करने के लिए PIL [याचिका पढ़े]

केंद्र सरकार को नागरिक चार्टर लागू करने और प्रत्येक सरकारी विभाग में शिकायत निवारण अफसर नोटिफाई करने और शिकायत निवारण आयोग स्थापित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक पीआईएल दायर की गई है।भारतीय मतदाता संगठन द्वारा याचिका में कहा गया है कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2015 में भारत 81 वें स्थान पर रहा है। 2013 के अधिनियम के अनुसार, केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति में सरकार की विफलता के साथ ही हर सरकारी विभाग नागरिकों का चार्टर भी प्रदान करने...

केरल हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा की मां की शिकायत पर घर से दूर रहने के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]
केरल हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा की मां की शिकायत पर घर से दूर रहने के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]

मैं याचिकाकर्ता के लिए पेश वकील की दलील के साथ सहमत नहीं हूं कि 2005 के अधिनियम 43 की धारा 18 (1) (बी) बेबुनियाद और अनियमित शक्तियों को प्रदान करती है, अदालत ने कहा। केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 में महिलाओं के संरक्षण की धारा 19 (1) (बी) की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। चुनौती के तहत प्रावधान मजिस्ट्रेट को अधिकार देता है कि संतुष्ट होने पर कि घरेलू हिंसा हुई है, वह 'उत्तरदाता' को साझा घर से खुद को हटाने के लिए निर्देशित कर सकता है।इस मामले में...

मद्रास हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को अपने बच्चे के नामकरण में जाने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
मद्रास हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को अपने बच्चे के नामकरण में जाने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]

“जब हिरासत में रह रहे व्यक्ति की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया है, तो यह किसी भी पत्नी की अपेक्षा होगी कि वह आए और बच्चे को देखे”मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में हत्या के एक आरोपी को अपने नवजात के नामकरण में जाने की इजाजत दे दी है। उसे इसके लिए 10 दिन का पैरोल दिया गया है।न्यायमूर्ति एस विमला और न्यायमूर्ति एस रामतिलगम ने कहा कि यह किसी पत्नी की स्वाभाविक अपेक्षा होगी कि उसका पति अपने नवजात को देखने के लिए आए।पीठ ने आरोपी के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया जिसमें उसने अपने बेटे को उसके...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अथॉरिटीज से कहा, आटिज्म की बीमारी से ग्रस्त बच्चे के पासपोर्ट बनाने की सारी प्रक्रिया और साक्षात्कार उसके घर पर पूरी हो [आर्डर पढ़े]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अथॉरिटीज से कहा, आटिज्म की बीमारी से ग्रस्त बच्चे के पासपोर्ट बनाने की सारी प्रक्रिया और साक्षात्कार उसके घर पर पूरी हो [आर्डर पढ़े]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल में एक अमरीकी महिला को आटिज्म से ग्रस्त 12 साल के एक बच्चे को गोद लेने की अनुमति दी और पासपोर्ट कार्यालय को निर्देश दिया कि उसकी यात्रा के लिए जरूरी सभी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया उसके घर पर ही पूरी की जाए। कोर्ट ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि इस बच्चे को आने जाने में दिक्कत होती है और पासपोर्ट कार्यालय जाकर जरूरी कागजात लेने में देरी हो सकती है जिसके लिए प्रतीक्षा करना उसके लिए काफी कष्टदायक होगा। कोर्ट ने 59 वर्षीय अमरीकी डेब्बी ज्यां चाइल्ड्स की याचिका पर सुनवाई करते...

जनहित याचिका दायर करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता होने जैसा दावा करना पर्याप्त नहीं है : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
जनहित याचिका दायर करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता होने जैसा दावा करना पर्याप्त नहीं है : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

“यह एक रिवाज जैसा बन गया है कि इस अदालत के समक्ष याचिका दायर करने वाले यह बयान देंते हैं कि वे सामाजिक कार्यकर्ता हैं और वे वकीलों के खर्च सहित मामले से जुड़े अन्य खर्च अपनी जेब से कर रहे हैं। यह अपने आप में जनहित याचिका दायर करने को उचित नहीं ठहराता”मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि जनहित याचिका के औचित्य को साबित करने के लिए सिर्फ यह कहना पर्याप्त नहीं है कि याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता है। ऐसे लोगों को जनहित याचिका से जुड़े मुद्दे पर पिछले एक दो वर्षों में उन्होंने क्या काम किया है इस बारे...

सहकारी समिति औद्योगिक विवाद अधिनियम के अर्थ में एक उद्योग नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सहकारी समिति औद्योगिक विवाद अधिनियम के अर्थ में एक 'उद्योग' नहीं है : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 2 (जे) के अर्थ में एक सहकारी समिति  को 'उद्योग' नहीं कहा जा सकता।न्यायमूर्ति एससी गुप्ते श्रम न्यायालय, मुंबई द्वारा पारित एक अवार्ड  को चुनौती देने वाली अरिहंत सिद्धी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी द्वारा दायर एक रिट याचिका सुन रहे थे जिसमें सोसाइटी के पूर्व चौकीदार को पूर्ण मजदूरी के साथ बहाल किया गया था और उसकी सेवाओं में निरंतरता का आदेश दिया गया था।केस पृष्ठभूमि उत्तरदाता समिति में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे और 60 वर्ष की आयु पूरी...

सोशल मीडिया को ऑनलाइन शोषण के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता : केरल HC ने MP की पत्नी के खिलाफ ऑनलाइन यौन उत्पीड़न के आरोपी नेता को नहीं दी अग्रिम जमानत [आर्डर पढ़े]
सोशल मीडिया को ऑनलाइन शोषण के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता : केरल HC ने MP की पत्नी के खिलाफ ऑनलाइन यौन उत्पीड़न के आरोपी नेता को नहीं दी अग्रिम जमानत [आर्डर पढ़े]

"सोशल मीडिया की आजादी का ऑनलाइन शोषण करने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता जैसे तत्काल मामले में, जहां वास्तविक शिकायतकर्ता को 'यौन रूप से विचित्र' के रूप में ब्रांडेड किया जा रहा है।"     केरल के उच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा है कि सोशल मीडिया के मंच का उपयोग ऑनलाइन शोषण करने के लिए नहीं किया जा सकता।    न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन ने आईपीसी की धारा 354 (ए) (3), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 ए और केरल पुलिस अधिनियम, 2011 की धारा 120के तहत किए गए अपराध के आरोप में आरोपी राजनेता की...

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने NRI पक्षकार को व्हाट्सएप या स्काइप जैसे ऐप्स पर वीडियो चैट के माध्यम से पेश होने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने NRI पक्षकार को व्हाट्सएप या स्काइप जैसे ऐप्स पर वीडियो चैट के माध्यम से पेश होने की अनुमति दी [आर्डर पढ़े]

 एक अभूतपूर्व कदम में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अमेरिकी एनआरआई को व्हाट्सएप या स्काइप जैसे ऐप्स वीडियो चैट फीचर के माध्यम से पंजाब की अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।ये आदेश न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की एकल न्यायाधीश पीठ द्वारा पारित किया गया। दरअसल लुधियाना जिले के समराला कोर्ट में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) द्वारा सुना जा रहा मामला याचिकाकर्ता सुच्चा सिंह और पूर्व वर्का अध्यक्ष अजमेर सिंह के बीच कुछ संपत्ति के स्वामित्व पर विवाद से संबंधित है  जो पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सरंजीत सिंह...

अब गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकार भी कोर्टरूम में ले जा सकते हैं मोबाइल, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत
अब गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकार भी कोर्टरूम में ले जा सकते हैं मोबाइल, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत

 सुप्रीम कोर्ट ने गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कोर्टरूम में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति देने का फैसला किया है। सहायक रजिस्ट्रार डॉ सुशील कुमार शर्मा द्वारा  जारी एक संचार के अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने ऐसे मीडियाकर्मियों द्वारा रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करने के अनुरोध की अनुमति दी है। परिपत्र कहता है: "... भारत के मुख्य न्यायाधीश को  साइलेंट मोड में कोर्ट रूम के अंदर मोबाइल फोन ले जाने के लिए ऐसे मीडियाकर्मियों / पत्रकारों को अनुमति देने के लिए प्रसन्नता हो रही है...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सत्ता में बैठे लोगों से कहा, ऐसा व्यवहार न करें कि लगे कि रिज़र्व बैंक और ईडी नेताओं के हाथों की कठपुतली है [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सत्ता में बैठे लोगों से कहा, ऐसा व्यवहार न करें कि लगे कि रिज़र्व बैंक और ईडी नेताओं के हाथों की कठपुतली है [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सत्ता और विपक्ष में बैठे लोगों को इस तरह से व्यवहार नहीं करना चाहिए कि आम लोगों को लगे कि आरबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसे संसथान राजनीतिज्ञों के हाथों की कठपुतली है। कोर्ट ने रिज़र्व बैंक को एनडीटीवी के प्रशमन आवेदन पर गौर करने को कहा है।पृष्ठभूमितथाकथित फेमा (एफईएमए) उल्लंघन के आरोप में अपने खिलाफ प्रवर्तन निर्देशालय की कार्रवाई शुरू होने के बाद एनडीटीवी ने (प्रशमन) कम्पाउंडिंग आवेदन दायर करने का निर्णय लिया। रिज़र्व बैंक ने इस आवेदन को अस्वीकार कर दिया। फिर रिज़र्व...

मजिस्ट्रेट को विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा सुनवाई वाले शिकायत मामले में सभी गवाहों की जांच करने की आवश्यकता नहीं : तेलंगाना और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेट को विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा सुनवाई वाले शिकायत मामले में 'सभी' गवाहों की जांच करने की आवश्यकता नहीं : तेलंगाना और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

मुकदमे के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा और गवाहों की जांच की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि  अगर न्याय की आवश्यकता है कि सीआरपीसी की धारा 311  के तहत प्रक्रिया का पालन करके कुछ और गवाहों की जांच की जानी है तो अदालत किसी अन्य गवाह की जांच कर सकती है लेकिन अदालत के गवाह के रूप में, शिकायतकर्ता या अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में नहीं ।  ' पिट्टा चंद्रममा बनाम आंध्र प्रदेश राज्य’ में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने  कहा है कि एक शिकायत मामले में विशेष रूप से सत्र न्यायालय द्वारा ट्रायल चलाया जा...

वकील की लापरवाही के लिए लिमिटेशन की गणना का लिमिटेशन एक्ट में कोई प्रावधान नहीं, सिक्किम हाईकोर्ट मे कहा [आर्डर पढ़े]
वकील की लापरवाही के लिए लिमिटेशन की गणना का लिमिटेशन एक्ट में कोई प्रावधान नहीं, सिक्किम हाईकोर्ट मे कहा [आर्डर पढ़े]

'फाइलों का खो जाना', 'वकील के कार्यालय से जुड़े क्लर्क का छोड़ना' आदि, अधिकांश देरी कंडोनेशन अनुप्रयोगों में नियमित 'कारण' हैं। ज्यादातर अदालतें मुकदमेबाजों द्वारा हलफनामे के माध्यम से इन कारणों की वास्तविकता या वैधता की जांच करने के लिए जहमत नहीं उठातीं खासकर उस वक्त जब देरी केवल कुछ दिन या महीने की होती है। सिक्किम उच्च न्यायालय ने केवल छह दिनों की देरी को स्वीकार करने के लिए देरी कंडोशन आवेदन का निपटारा करते हुए कहा कि वकील की लापरवाही के लिए सीमा की गणना करने के लिए लिमिटेशन एक्ट में कोई...

बार एसोसिएशन वकील को किसी व्यक्ति की क़ानूनी मदद करने से नहीं रोक सकता : सुप्रीम कोर्ट
बार एसोसिएशन वकील को किसी व्यक्ति की क़ानूनी मदद करने से नहीं रोक सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बार एसोसिएशन किसी वकील को किसी व्यक्ति का क़ानूनी प्रतिनिधि बनने और उसकी पैरवी करने से नहीं रोक सकता।न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर और इंदु मल्होत्रा की अवकाशकालीन पीठ ने दीपक कालरा की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। याचिका में जबलपुर जिला बार एसोसिएशन के उस प्रस्ताव को चुनौती दी गई है जिसमें उसने किसी भी वकील पर उनकी पैरवी करने से रोक लगा दिया है। कालरा का अपनी पत्नी के खिलाफ मामला चल रहा है। 13 जून को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश राज्य और बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया...

प्रेम प्रसंग के चलते जिला जज पिता द्वारा घर में बंधक बनाई कानून स्नातक छात्रा के बचाव में आगे आया पटना हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
प्रेम प्रसंग के चलते जिला जज पिता द्वारा घर में बंधक बनाई कानून स्नातक छात्रा के बचाव में आगे आया पटना हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

पटना हाईकोर्ट एक जिला जज की 24 वर्षीया कानून स्नातक बेटी के बचाव में आगे आया है जिसे पिता द्वारा गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाया गया था। पटना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चाणक्य राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय (सीएनएलयू) पटना को उनके गेस्ट हाउस 15 दिनों की अवधि के लिए उसे रहने की व्यवस्था करने का आदेश दिया।मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पटना को निर्देश दिया कि 24 घंटे सुरक्षा,हो सके तो महिला सुरक्षा अधिकारी छात्रा की सुरक्षा के लिए...

1975 आपातकाल की बरसी : फली एस नरीमन ने कहा, हमें तानाशाही सत्ता किसी एक व्यक्ति को नहीं सौंपनी चाहिए
1975 आपातकाल की बरसी : फली एस नरीमन ने कहा, हमें तानाशाही सत्ता किसी एक व्यक्ति को नहीं सौंपनी चाहिए

भारतीयों को 26 जून को हमेशा ही याद रखना चाहिए और खुद से सवाल करना चाहिए ‘हमने इसके साथ क्या किया”, नरीमन ने कहा।वर्ष 1975 लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए वरिष्ठ वकील और संविधान विशेषज्ञ फली एस नरीमन ने मंगलवार को कहा कि वैसे दुनिया आज जानती है कि तत्काल प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी ने उस समय क्या किया और न्यायपालिका कैसे अपना कर्तव्य भूल गई पर सबसे बड़ी बात यह है कि इसको लेकर क्या किया गया है।वे भारत में 1975 में आपातकाल लगाये जाने की 42वीं बरसी पर इंडिया हैबिटैट सेंटर में “द इमरजेंसी : देन एंड...