मुख्य सुर्खियां
किसी पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाना आरोपी को उत्पीड़ित और अपमानित करने के बराबर : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में 45 साल के एक व्यक्ति को बलात्कार के आरोपों से मुक्त कर दिया। न्यायमूर्ति एएम बादर ने बलात्कार के झूठे आरोपों के बारे में कहा, "…अगर महिला अभियोजक वयस्क है और सारी बातों को समझती है, तो अदालत को यह समझन की ज़रूरत है कि साक्ष्य विश्वसनीय हैं कि नहीं। बलात्कार के मामले में, अपराध के हर पक्ष के बारे में आरोपी का अपराध साबित करने की ज़िम्मेदारी अभियोजक की है।यह ज़िम्मेदारी कभी भी आरोपी के मत्थे नहीं मढ़ा जा सकता। इस स्थिति में, यह आरोपी का दायित्व नहीं है कि उसे कैसे...
किसी भी अथॉरिटी को यह विशेषाधिकार नहीं है कि वह SC के फ़ैसले को नहीं माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला नहीं मानने का विशेषाधिकार रखने का दावा कोई भी अथॉरिटी नहीं कर सकता।न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के एक कर्मचारी की याचिका स्वीकार करते हुए यह बात कही।इस कर्मचारी ने यह कहते हुए अधिकरण में अपील की कि जिस वार्षिक रिपोर्ट में वह उपयुक्त मानदंड तक पहुँचने में विफल रहा था उसके बारे में उसको कोई जानकारी नहीं देकर कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग केकार्यालयीय आदेश का उल्लंघन किया...
मौत की सज़ा तभी जब अन्य सभी विकल्पों का रास्ता निर्विवाद रूप से बंद हो जाए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने नौ साल की एक लड़की के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या करने का दोषी पाए गए व्यक्ति की मौत की सज़ा को बदल दिया और उसे इसके बदले 30 साल की कारावास की सज़ा सुनाई।न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ एन कहा कि हत्या बहुत ही असाधारण क्रूरता है और बहुत ही निर्दयतापूर्वक इस अपराध को अंजाम दिया गया पर मौत की सज़ा तभी दी जानी चाहिए जब अन्यसारे विकल्प के रास्ते निर्विवाद रूप से बंद वह गए हों।राजू जगदीश पासवान को निचली अदालत ने नौ साल की एक लड़की से बलात्कार और बाद में उसे...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप पर "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" नारा शेयर करने वाले ग्रूप एडमिन की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' नारा व्हाट्सएप ग्रूप में शेयर करने की वजह से देशद्रोह का आरोप झेल रहे ग्रूप एडमिन की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज का दी। हनुमानगौडा सक्रागौड नायक नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर शब्बीरसाब, चाँदपाश और मुस्तफ़ा के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 124-A के तहत राजद्रोह का मुक़दमा दायर किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार शब्बीरसाब ने 14 अगस्त 2018 को "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" लिखा पोस्ट साझा किया था और अपने भतीजा चाँदबाशा कलकेरी के साथ अपना फ़ोटो भी शेयर इसके साथ शेयर किया...
NI अधिनियम की धारा 138: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निदेशक के ख़िलाफ़ शिकायत पर तब तक सुनवाई नहीं जब तक कम्पनी को आरोपी नहीं बनाया जाता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कंपनी के निदेशक के ख़िलाफ़ चेक बाउंस की शिकायत पर तब तक सुनवाई नहीं हो सकती जब तक कि उस कम्पनी के ख़िलाफ़ शिकायत नहीं दर्ज की जाती। , की पीठ ने हाईकोर्ट के उस आदेश को भी ख़ारिज कर दिया जिसके तहत एक आरोपी की सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर याचिका को निरस्त कर दिया गया था। पीठ ने कहा कि शिकायतकर्ता ने निदेशक के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी जबकि कम्पनी के ख़िलाफ़ शिकायत नहीं दर्ज कराई थी। पीठ ने आगे कहा कि आरोपी ने यह चेक निजी रूप में नहीं दिया था बल्कि लक्ष्मी सीमेंट...
मृतक ने 'वेश्या' कहकर पत्नी और बेटी को जानबूझकर उकसाया; सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की सज़ा को संशोधित किया [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने पति की हत्या करने की आरोपी एक महिला को धारा 302 के तहत हत्या का दोषी नहीं मानने का फ़ैसला सुनाया और उसकी सज़ा को संशोधित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उसने हत्या उस समय की जब उसे और उसकी बेटी को 'वेश्या' कहकर जानबूझकर ग़ुस्सा दिलाया गया। न्यायमूर्ति एमएम शांतनागौदर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने आईपीसी की धारा 302 के तहत उसको दोषी माने जाने के निर्णय को बदलकर उसे धारा 304 के तहत दोषी माना। कोर्ट ने कहा, "मृतक ने आरोपी को 'वेश्या' कहकर उसको उकसाया। हमारे समाज में कोई भी...
सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सज़ा पाए तीन लोगों को बरी किया जब कि एक की सज़ा कम कर दी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हत्या के आरोप में मौत की सज़ा पाए तीन लोगों को बरी कर दिया। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इन लोगों की सज़ा की पुष्टि की थी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में एल नागेश्वर राव और संजीव खन्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने एक आरोपी की मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदल दिया। बासवराज, यंकप्पा, रमेश और पाल्या को निचली अदालत ने तीन लोगों की हत्या के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई थी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी उनकी सज़ा को सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सज़ा पाए...
पदोन्नति पर विचार के समय जो नियम लागू है उसी नियम के अनुसार पदोन्नति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति कोई अधिकार नहीं है बल्कि नियम के अनुसार पदोन्नति के लिए योग्य पाए जाने का अधिकार उस नियम के तहत है जो उस दिन लागू रहता है जिस दिन पदोन्नती पर विचार होता है। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने हवलदार को रिक्त पदों पर नाइब सूबेदार के रूप में पदोन्नति देने के बारे में मणिपुर हाईकोर्ट के फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया। यह रिक्तियाँ 2011 में हुए परिवर्तनों के पहले पैदा हुईं और फिर भर्ती नियमों को 2012 में लागू करने से पहले हुई। ...
सुप्रीम कोर्ट ने बताया 'रेट्रॉस्पेक्टिव' और 'रेट्रोऐक्टिव' के बीच अंतर [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लघु और सहायक औद्योगिक उपक्रम अधिनियम, 1993 के तहत देरी से चुकायी जाने वाली राशि पर ब्याज का भुगतान प्रस्पेक्टिव (प्रत्याशित) है पर कोर्ट ने क़ानून के रेट्रॉस्पेक्टिव (पिछले प्रभाव) और रेट्रोऐक्टिव (अगले प्रभाव) से लागू होने के बीच अंतर को स्पष्ट किया है। न्यायमूर्ति एके सीकरी, अशोक भूषण और एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने एक अपील पर सुनवाई करते हुए यह फ़ैसला दिया। पीठ के समक्ष यह याचिका तब आइ जब न्यायमूर्ति वी गोपाल गौडा और अरुण मिश्रा की पीठ ने इस मामले में अलग अलग फ़ैसला...
कोर्ट के साथ फ़र्जीवाड़े में लिप्त पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज पर लगाया ₹5 करोड़ का जुर्माना, डीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई का दिया आदेश [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह एक मेडिकल कॉलेज पर यह कहते हुए ₹5 करोड़ का जुर्माना लगाया कि उसने सुप्रीम कोर्ट के साथ धोखेबाज़ी की है। न्यायमूर्ति एसए बोबड़े, एल नागेश्वर राव और आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज और अस्पताल एवं शोध केंद्र को अगले दो साल के लिए एमबीबीएस के प्रथम वर्ष में छात्रों के प्रवेश पर रोक लगा दिया है। पीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 193 के तहत कॉलेज के डीन एसएस कुशवाहाँ के ख़िलाफ़ कार्रवाई का भी आदेश दिया।कोर्ट ने कॉलेज को आदेश दिया है कि वह 2017-2018 में...
Cut-off तिथि के बाद अगर कोई उम्मीदवार योग्यता हासिल करता है तो उसे योग्य नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी उम्मीदवार की योग्यता का निर्धारण cut-off तिथि के दिन इसकी योग्यता के आधार पर की जानी चाहिए। अगर कोई उम्मीदवार आवश्यक योग्यता उस तिथि के बाद प्राप्त करता है तो उसे योग्य नहीं माना जाएगा। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ़ की पीठ ने हालाँकि ऐसे दो कर्मचारियों को राहत दी जिन्हें cut-off तिथि के बाद प्राप्त की गई योग्यता के बावजूद नियुक्ति दी गई थी और वे दो दशकों से नौकरी कर रहे थे। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राकेश बक्षी और परविंदर सिंह की...
मुस्लिम पुरुष और हिंदू महिला के बीच हुई शादी से पैदा हुआ बच्चे अपने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा कर सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
एक महत्त्वपूर्ण फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम पिता और हिंदू माँ से पैदा हुए बच्चे को अपने पिता की संपत्ति में दावेदारी का अधिकार है।न्यायमूर्ति एनवी रमना और न्यायमूर्ति एमएम शांतनागौदर की पीठ ने कहा कि एक मुस्लिम पुरुष का एक बुतशिकन या आग की पूजा करने वाले से शादी न तो जायज़ (सहिह) है और न नाजायज़ (बतिल) शादी है बल्कि यह सिर्फ़ एक अनियमित (फ़सिद) शादी है।पीठ ने केरल हाईकोर्ट के एक फ़ैसले ख़िलाफ़ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। केरल हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में निचली...
'रोज़गार के काल्पनिक विस्तार के सिद्धांत' के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मृत ड्राइवर के निकटतम रिश्तेदारों को मुआवज़ा देने का आदेश दिया; कहा - वह अपनी इच्छा से कार्यस्थल पर नहीं था [निर्णय पढ़े]
'रोज़गार के काल्पनिक विस्तार' के सिद्धांत को लागू करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नियोक्ताओं को एक बस डाइवर के क़ानूनी उत्तराधिकारी को मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। इस बस ड्राइवर की उस समय मौत हो गई थी जब वह भोजन करने के बाद बस की छत से नीचे उतर रहा था। "सिर्फ़ इसलिए कि वह मृतक (ड्राइवर) खाना खाने के बाद बस की छत से उतरकर नीचे आ रहा था, इस मामले को अलग-थलग मामला नहीं माना जा सकता… और यह नहीं कहा जा सकता कि उस समय वह ड्यूटी पर नहीं था और इसलिए उसे मुआवज़ा नहीं मिल सकता," न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और...
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, एनडीपीएस के तहत गिरफ़्तार लगभग 70% लोग ज़मानत पर क्यों हैं? [आर्डर पढ़े]
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने मादक द्रव्य से जुड़े मामले में गिरफ़्तार किए गए 660 लोगों में से 435 लोगों के ज़मानत पर होने को लेकर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण माँगा है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल प्रीतम रॉय नामक व्यक्ति की ज़मानत याचिका पर ग़ौर करते हुए यह बात कही। पुलिस महानिदेशक ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के बारे में एक स्थिति रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें इस इससे जुड़े अपराधों के अपराधियों का विवरण था। इस स्थित को 'बहुत ही सोचनीय' बताते हुए संजय करोल ले कहा, "ज़मानत देने के क्या...
दिल्ली हाईकोर्ट ने CIC को मौत की सज़ा पाए 7/11 के मुंबई बम विस्फोट के आरोपी को आईबी रिपोर्ट की प्रति देने पर दुबारा विचार करने को कहा [निर्णय पढ़े]
मुंबई में ट्रेन में हुए 7/11 हमले में मौत की सज़ा पाए एक आरोपी ने गुप्तचर ब्यूरो द्वारा गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर की प्रति आरटीआई द्वारा माँगी है ताकि वह यह साबित कर सके कि इस मामले में जसे ग़लत फँसाया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि उसकी यह अपील मानवाधिकार के तहत आता है और उसने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) से कहा है कि वह उसकी अर्ज़ी पर दुबारा ग़ौर करे। पहले उसकी अर्ज़ी यह कहते हुए खारिज की जा चुकी है की आईबी आरटीआई के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। न्यायमूर्ति विभू भाखरू ने अपीलकर्ता...
हत्या के लिए दूसरी बार दोषी ठहराए जाने पर कब मौत की सज़ा दी जा सकती है? पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हत्या के आरोपी एक व्यक्ति की मौत की सज़ा को आजीवन कारावास में बदल दिया। इस व्यक्ति पर एक महिला पर एसिड डालकर उसको मार देने का आरोप था। न्यायमूर्ति एस. ए. बोबड़े, न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा कि हत्या के लिए दूसरी बार दोषी ठहराए जाने पर मौत की सज़ा तभी दी जा सकती है जब दोनों ही मामलों में कोई पैटर्न दिखाई देता हो। पीठ ने आरोपी को सज़ा दिए जाने को जायज़ ठहराया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इस मामले में मौत की सज़ा दिए...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग़ लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या कर देने वाले आरोपी की मौत की सज़ा को बरक़रार रखा [निर्णय पढ़े]
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को 16 वर्षीय एक लड़की के बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपी की मौत की सज़ा को बरक़रार रखा। सत्र अदालत ने रब्बू ऊर्फ़ सर्वेश को एक अन्य नाबालिग़ आरोपी के साथ पोकसो अधिनियम की धारा 5(g)/6 और आईपीसी की धारा 450, 376(2)(i), 376(D), 376(A) के तहत दोषी पाया। इन दोनों पर एक लड़की से सामूहिक बलात्कार करने और बाद में उसको आग लगाकर जलाकर मार देने का आरोप था। लड़की की 7 दिन के बाद मौत हो गई थी। न्यायमूर्ति पी. के. जायसवाल और बी. के. श्रीवास्तव ने कोर्ट में पेश साक्ष्य,...
तत्काल किसी ऐसे सबूत के बिना सिर्फ़ उत्पीड़न का आरोप लगाना आईपीसी की धारा 306 के तहत सज़ा दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि आईपीसी की धारा 306 के तहत लाया गया कोई भी मामला, सिर्फ़ उत्पीड़न के ही आरोप पर नहीं टिक सकता। कोर्ट ने कहा कि इसके लिए घटना के होने के समय, आरोपी की ओर से किये गए कोई तत्काल कार्य का सबूत होना ज़रूरी है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी द्वारा मृतक को आत्महत्या के लिए बाध्य किया गया। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह ने Rajesh vs. State of Haryana मामले में हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ की गई अपील पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। ...
भीख माँगने को वैध बनाए जाने के बाद बेघर हुए कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील; नोटिस जारी [याचिका पढ़े]
दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास की माँग के बारे में दायर याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। भीख माँगने को गत वर्ष अगस्त में कोर्ट द्वारा वैध ठहराए जाने के बाद ये कुष्ठ रोगी बेघर हो गए थे। कोर्ट ने बॉम्बे प्रेवेंशन ऑफ़ बेगिंग ऐक्ट के बहुत सारे प्रावधानों को असंवैधानिक क़रार दे दिया था और स्पष्ट किया था कि इसका आवश्यक परिणाम यह होगा कि इस अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को भीख माँगने का दोषी क़रार नहीं दिया जा सकता है। दिल्ली प्रेवेंशन ऑफ़ बेगिंग रूल्ज़,...
दूसरे नोटिस के बाद चेक बाउंस की शिकायत अदालत में स्वीकार्य है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बैंक में दुबारा चेक जमा कराने और उसके फिर बाउंस होने पर नोटिस देने और इस आधार पर दर्ज की गई शिकायत कोर्ट में स्वीकार्य है।Sicagen India Ltd vs. Mahindra Vadineni मामले में आरोपी द्वारा जारी किए गए चेक को शिकायतकर्ता ने बैंक में पेश किया और जब वह लौट गया तो 31.08.2009 को निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट ऐक्ट कीधारा 138 के तहत एक क़ानूनी नोटिस नोटिस जारी किया गया और उसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई गई।मद्रास हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका को स्वीकार कर लिया और शिकायत को यह कहकर निरस्त...

![किसी पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाना आरोपी को उत्पीड़ित और अपमानित करने के बराबर : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े] किसी पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाना आरोपी को उत्पीड़ित और अपमानित करने के बराबर : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355726-bombay-hc.jpg)
![किसी भी अथॉरिटी को यह विशेषाधिकार नहीं है कि वह SC के फ़ैसले को नहीं माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] किसी भी अथॉरिटी को यह विशेषाधिकार नहीं है कि वह SC के फ़ैसले को नहीं माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in//356998-supreme-court-light-1.jpg)
![मौत की सज़ा तभी जब अन्य सभी विकल्पों का रास्ता निर्विवाद रूप से बंद हो जाए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] मौत की सज़ा तभी जब अन्य सभी विकल्पों का रास्ता निर्विवाद रूप से बंद हो जाए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/20/500x300_357671-justice-bobde-nageswara-rao-subhash-reddy.jpg)


![मृतक ने वेश्या कहकर पत्नी और बेटी को जानबूझकर उकसाया; सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की सज़ा को संशोधित किया [निर्णय पढ़े] मृतक ने वेश्या कहकर पत्नी और बेटी को जानबूझकर उकसाया; सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की सज़ा को संशोधित किया [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/26/500x300_357845-dinesh-shatgaonkar.jpg)

![पदोन्नति पर विचार के समय जो नियम लागू है उसी नियम के अनुसार पदोन्नति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] पदोन्नति पर विचार के समय जो नियम लागू है उसी नियम के अनुसार पदोन्नति होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/26/500x300_357834-justice-dy-chnadrachud-and-justice-hemant-gupta.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने बताया रेट्रॉस्पेक्टिव और रेट्रोऐक्टिव के बीच अंतर [निर्णय पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने बताया रेट्रॉस्पेक्टिव और रेट्रोऐक्टिव के बीच अंतर [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/25/500x300_357810-sikri-ashokbhushan-abdulnazeer.jpg)
![कोर्ट के साथ फ़र्जीवाड़े में लिप्त पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज पर लगाया ₹5 करोड़ का जुर्माना, डीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई का दिया आदेश [निर्णय पढ़ें] कोर्ट के साथ फ़र्जीवाड़े में लिप्त पाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज पर लगाया ₹5 करोड़ का जुर्माना, डीन के ख़िलाफ़ कार्रवाई का दिया आदेश [निर्णय पढ़ें]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/25/500x300_357809-justice-bobde-nageswara-rao-subhash-reddy.jpg)
![Cut-off तिथि के बाद अगर कोई उम्मीदवार योग्यता हासिल करता है तो उसे योग्य नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] Cut-off तिथि के बाद अगर कोई उम्मीदवार योग्यता हासिल करता है तो उसे योग्य नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/uid/500x300_208083kuGaWZK02abxaBUiDkInCC2P4fwdD3o4547213.jpg)
![मुस्लिम पुरुष और हिंदू महिला के बीच हुई शादी से पैदा हुआ बच्चे अपने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा कर सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] मुस्लिम पुरुष और हिंदू महिला के बीच हुई शादी से पैदा हुआ बच्चे अपने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा कर सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/24/500x300_357785-justice-nv-ramana-and-justice-mohan-m-shantanagoudar.jpg)
![रोज़गार के काल्पनिक विस्तार के सिद्धांत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मृत ड्राइवर के निकटतम रिश्तेदारों को मुआवज़ा देने का आदेश दिया; कहा - वह अपनी इच्छा से कार्यस्थल पर नहीं था [निर्णय पढ़े] रोज़गार के काल्पनिक विस्तार के सिद्धांत के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मृत ड्राइवर के निकटतम रिश्तेदारों को मुआवज़ा देने का आदेश दिया; कहा - वह अपनी इच्छा से कार्यस्थल पर नहीं था [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in//356922-supreme-court-of-india.jpg)
![त्रिपुरा हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, एनडीपीएस के तहत गिरफ़्तार लगभग 70% लोग ज़मानत पर क्यों हैं? [आर्डर पढ़े] त्रिपुरा हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, एनडीपीएस के तहत गिरफ़्तार लगभग 70% लोग ज़मानत पर क्यों हैं? [आर्डर पढ़े]](https://hindi.livelaw.in//355928-tripura-high-court-min.jpg)
![दिल्ली हाईकोर्ट ने CIC को मौत की सज़ा पाए 7/11 के मुंबई बम विस्फोट के आरोपी को आईबी रिपोर्ट की प्रति देने पर दुबारा विचार करने को कहा [निर्णय पढ़े] दिल्ली हाईकोर्ट ने CIC को मौत की सज़ा पाए 7/11 के मुंबई बम विस्फोट के आरोपी को आईबी रिपोर्ट की प्रति देने पर दुबारा विचार करने को कहा [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in//355981-rti-min.jpg)
![मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग़ लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या कर देने वाले आरोपी की मौत की सज़ा को बरक़रार रखा [निर्णय पढ़े] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग़ लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या कर देने वाले आरोपी की मौत की सज़ा को बरक़रार रखा [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2018/12/30/500x300_355727-death-penalty.jpg)
![तत्काल किसी ऐसे सबूत के बिना सिर्फ़ उत्पीड़न का आरोप लगाना आईपीसी की धारा 306 के तहत सज़ा दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] तत्काल किसी ऐसे सबूत के बिना सिर्फ़ उत्पीड़न का आरोप लगाना आईपीसी की धारा 306 के तहत सज़ा दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/20/500x300_357668-justice-nageswara-rao-mr-shah.jpg)
![भीख माँगने को वैध बनाए जाने के बाद बेघर हुए कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील; नोटिस जारी [याचिका पढ़े] भीख माँगने को वैध बनाए जाने के बाद बेघर हुए कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में अपील; नोटिस जारी [याचिका पढ़े]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2019/01/19/500x300_357657-beggar.jpg)
![दूसरे नोटिस के बाद चेक बाउंस की शिकायत अदालत में स्वीकार्य है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े] दूसरे नोटिस के बाद चेक बाउंस की शिकायत अदालत में स्वीकार्य है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]](https://hindi.livelaw.in//356963-justice-bhanumati-and-justice-indira-banerjee.jpg)