Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अथॉरिटीज से कहा, आटिज्म की बीमारी से ग्रस्त बच्चे के पासपोर्ट बनाने की सारी प्रक्रिया और साक्षात्कार उसके घर पर पूरी हो [आर्डर पढ़े]

LiveLaw News Network
30 Jun 2018 5:03 AM GMT
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अथॉरिटीज से कहा, आटिज्म की बीमारी से ग्रस्त बच्चे के पासपोर्ट बनाने की सारी प्रक्रिया और साक्षात्कार उसके घर पर पूरी हो [आर्डर पढ़े]
x

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल में एक अमरीकी महिला को आटिज्म से ग्रस्त 12 साल के एक बच्चे को गोद लेने की अनुमति दी और पासपोर्ट कार्यालय को निर्देश दिया कि उसकी यात्रा के लिए जरूरी सभी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया उसके घर पर ही पूरी की जाए। कोर्ट ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि इस बच्चे को आने जाने में दिक्कत होती है और पासपोर्ट कार्यालय जाकर जरूरी कागजात लेने में देरी हो सकती है जिसके लिए प्रतीक्षा करना उसके लिए काफी कष्टदायक होगा।

 कोर्ट ने 59 वर्षीय अमरीकी डेब्बी ज्यां चाइल्ड्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया। वह पिछले 15 सालों से भारत में काम कर रही है। अब वह एक आटिज्म से ग्रस्त एक बच्चा जोशुआ विश्वास चाइल्ड्स को गोद लेना चाहती है जिसका वह अकेले पिछले सात सालों से देखभाल कर रही है। उसने अंतर्देशीय एडॉप्शन के बारे में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश को देखते हुए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। इसके तहत किसी बच्चे को देश से बाहर ले जाने के लिए कोर्ट के अनुमति की जरूरत होती है।

 इस बच्चे को गोद लेने की अनुमति देते हुए न्यायमूर्ति जीएस पटेल ने कहा, “मैंने होम स्टडी रिपोर्ट और सामाजिक कायकर्ताओं का आकलन रिपोर्ट देखी है। यह रिपोर्ट पूरी तरह से सकारात्मक है और वह चाइल्ड्स द्वारा जोशुआ को गोद लने की अनुमति दे रहे हैं। इसमें यह बात विशेष रूप से कहा गया है कि उसने अकेले ही जोशुआ की पिछले सात सालों से सेवा की है। इस बात का प्रश्न ही नहीं उठता कि वह उस बच्चे के आटिज्म से ग्रस्त होने के बारे में अवगत नहीं है। उसने उसको पिछले कई सालों से इस स्थिति में देखा है।”

 इसके बाद कोर्ट ने उसका आवेदन स्वीकार कर लिया पर जोशुआ की मुश्किलों को देखते हुए पासपोर्ट कार्यालय जाने और वहाँ प्रतीक्षा करना उसके लिए काफी कष्टप्रद हो सकता है, ऐसा समझते हुए इसके लिए सारी औपचारिकताएं उसके घर पर ही पूरी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा, “हा देखते हुए कि यह एक विशेष मामला है, हाईकोर्ट का प्रोटोकॉल विभाग चाइल्ड्स की क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।

 

Next Story