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COVID 19 महामारी के कारण प्रवासी श्रमिकों के पलायन ने कम उम्र के बच्चों की तस्करी के ख़तरे को बढ़ाया, कलकत्ता हाईकोर्ट ने ज़िला मजिस्ट्रेटों से पंचायत स्तर पर मामले से निपटने को कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि COVID 19 महामारी के कारण श्रमिकों के पलायन की वजह से छोटे बच्चों पर कुछ पैसे की लालच और ज़िंदा रहने के लिए तस्करी का ख़तरा बढ़ गया। इस बारे में एक खंडपीठ ने बच्चों की तस्करी और उनके शोषण में आई तेज़ी का संज्ञान लिया। पश्चिम बंगाल के बाल अधिकार संरक्षण आयोग की 8 जून 2020 की रिपोर्ट में यह बात कही गई है, जिसमें 20 मार्च 2020 से 14 अप्रैल 2020 तक आंकड़े का ज़िक्र है जिसमें बाल विवाह, यौन उत्पीड़न, बाल तस्करी और बाल अधिकारों के ऐसे ही उल्लंघनों का ज़िक्र है। पीठ ने...
NIA कोर्ट के काम न करने के कारण आरोपी का UAPA के तहत हिरासत में बने रहना अवैध घोषित करने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें एक अभियुक्त को रिहा करने की मांग की गई है, जिसे अन्य आरोपों में जमानत दिए जाने के बावजूद एनआईए के विशेष न्यायालयों के कामकाज न करने के कारण गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत एक आरोप में हिरासत में ही रहना पड़ रहा है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की विस्तार से सुनवाई करने के बाद 12/06/20 को मामले पर आदेश सुरक्षित रखा। याचिका में दावा किया गया है कि चूंकि लॉकडाउन की अवधि के...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा, अगर नए मामले नहीं हो रहे हैं तो कंटेनमेंट ज़ोन से प्रतिबंध हटाए जाएं
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वे प्रतिबंध हटाने के DG-3 सोसायटी, विकासपुरी के आग्रह पर ध्यान दे जिसे कंटेनमेंट ज़ोन घोषित किया गया था, लेकिन अब वहां कोई नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह जांच और निगरानी के अपने प्रोटकॉल को जारी रखे और अगर कोई नया मामला होता है तो उचित क़दम उठाए। इस बारे में सील हटाने की याचिका DG-3 सोसायटी ने दायर की है जिसे कोविड संक्रमण के बाद सील कर दिया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस सोसायटी...
धार्मिक स्थलों को खोलने के ख़िलाफ़ कलकता हाईकोर्ट में याचिका कहा, अनावश्यक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाए
पूजा स्थलों को 8 जून से दोबारा खोले जाने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्णय पर सवाल उठाते हुए प्रियंका टीबरेवाल ने कलकता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि यह निर्णय अनावश्यक, मनमाना और जनसवास्थ्य और जनव्यवस्था के ख़िलाफ़ है। याचिका के अनुसार, COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए धार्मिक स्थलों को बंद रखना संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत जनव्यवस्था और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से एक विनियामक क़दम था। हालांकि, जब COVID-19 का संक्रमण इस समय बढ़ रहा है, एमएचए और...
लॉकडाउन के दौरान धार्मिक स्थलों पर लगाए गए प्रतिबंध जनहित में : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
लॉकडाउन के दौरान धार्मिक स्थलों पर लगाए गए प्रतिबंध आम हित में : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्टपंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने COVID-19 की वजह से लॉकडाउन के दौरान धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध उचित था। न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति अजय तेवारी की पीठ ने इन प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ एक याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि आम हित में धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। मुबीन फ़ारूक़ी जो पेशे से वक़ील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र सरकार को धार्मिक स्थलों को...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में 69,000 सहायक बेसिक शिक्षकों के चयन पर रोक के एकल जज के फ़ैसले पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हाईकोर्ट की एकल जज की पीठ के उस फ़ैसले पर रोक लगा दी, जिसमें एकल पीठ ने उत्तर प्रदेश में 69,000 सहायक बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति डीके सिंह की पीठ ने यह आदेश परीक्षा विनियामक प्राधिकरण, इलाहाबाद के विशेष रेफ़रेंस पर सुनाया। साथ ही पीठ ने स्पष्ट किया है कि सरकार चाहे तो 37,000 शिक्षकों की नियुक्ति की चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है जो 9 जून को सूबेदार सिंह एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य...
केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा, हवाई और रेल यात्रा के लिए आरोग्य सेतु को इंस्टॉल करना आवश्यक नहीं
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि रेल और हवाई यात्रा के लिए आरोग्य सेतु को मोबाइल फ़ोन में इंस्टॉल करना आवश्य नहीं है और यह स्वैच्छिक है। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और जस्टिस ईएस इंद्रेश की खंडपीठ की मामले पर सुनवाई के दौरान एएसजी एमबी नारगुंड ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड किए बिना हवाई और रेल यात्रा कर सकता है। हालांकि, यात्री को एक स्व घोषणा देनी होगी। आरोग्य सेतु को डाउनलोड करने की सलाह दी जाती है। अगर वे (यात्री) इसे चाहते हैं तो उन्हें इसे रखना चाहिए; अगर नहीं...
जेलों में भीड़ कम करने का मामला : बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी ट्रायल कोर्ट से लंबित जमानत आवदेनों का विवरण मांगा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रत्येक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से एक रिपोर्ट मांगी है, जिसमें पूछा गया है कि पूरे महाराष्ट्र के सुधारगृहों में रखे गए कैदियों में से कितने कैदियों ने हाई पाॅवर कमेटी की सिफारिशों का लाभ लेने के लिए आवदेन दायर किए और कितने अस्थाई जमानत आवदेन लंबित हैं। कमेटी ने यह सिफारिश COVID 19 महामारी के दौरान जेलों में भीड़ कम करने के चलते की है।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की खंडपीठ इस मामले में दायर कई जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।...
एडवोकेट ज़ोहेब हुसैन के चैंबर्स ने देश के किसी भी हिस्से मेंं वित्तीय संकट झेल रहे चार अधिवक्ताओं की सहायता की पेशकश की
दिल्ली में ज़ोहेब हुसैन के चैंबर्स, अधिवक्ता कार्यालय ने देश के किसी भी हिस्से से ऐसे चार अधिवक्ताओं को कम से कम दो महीने तक वित्तीय सहायता करने की पेशकश की है, जो COVID-19 के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण न्यायालयों के सामान्य कामकाज ठप्प होने के कारण वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। इस वित्तीय सहायता के लिए निम्न मानदंड तय किए गए हैं। यह वित्तीय सहायता वास्तविक और तत्काल आवश्यकता आधार पर सशर्त है। इस संबंध में, निम्नलिखित आवेदन पत्र और आश्यक द्स्तावेज़ों के साथ ई-मेल...
महिला पुलिस अधिकारी पर मणिपुर हाईकोर्ट ने न्यायपालिका के खिलाफ फेसबुक टिप्पणी के लिए अवमानना कार्रवाई शुरू की, 20 एफबी अकाउंट धारकों को भी नोटिस जारी
मणिपुर हाईकोर्ट ने एक महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की है। इस महिला पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर न्यायपालिका के खिलाफ अपने फेसबुक अकाउंट पर अपमानजनक टिप्पणी पोस्ट की है। एनडीपीएस केस के आरोपी को नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अदालत के जमानत देने के बाद मणिपुर पुलिस सेवा की एक अधिकारी थुनाओजम बृंदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में कुछ टिप्पणी की थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अधिकारी ने इन आरोपों से इनकार किया कि उसने गवाहों को धमकी दी और उसने...
तमिलनाडु की अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के दौरान अपशब्द का इस्तेमाल करने वाले अधिवक्ता पर जुर्माना लगाया
तमिलनाडु के थुथुकुडी जिले में एक स्थानीय अदालत ने हाल ही में एक अधिवक्ता पर वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान अपशब्दोंं का उपयोग करने के लिए 200 रुपए का जुर्माना लगाया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, थूथुकुडी और अदालत के कर्मचारियों के अनुसार, अधिवक्ता सैमवेल राजेंद्रन ने अचानक स्थानीय भाषा में कुछ आपत्तिजनक शब्द कहे, जब अदालत जमानत आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। इसे अपवाद मानते हुए, न्यायाधीश ने अधिवक्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 228 (न्यायिक कार्यवाही में बैठे लोक...
बार काउंसिल ऑफ केरल 27 जून को नए वकीलों के लिए "ऑनलाइन नामांकन" कार्यक्रम आयोजित करेगी
COVID 19 महामारी और लॉकडाउन की स्थिति से उत्पन्न बाधाओं के मद्देनजर, बार काउंसिल ऑफ केरल ने 27 जून, 2020 को नए वकीलों के लिए "ऑनलाइन नामांकन" कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह पहली बार है कि कोई बार काउंसिल ऑनलाइन नामांकन करेगी। पिछले महीने, हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका पर केरल काउंसिल ऑफ केरल की प्रतिक्रिया मांगी थी, जिसमें लॉकडाउन के बीच वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नए अधिवक्ताओं के लिए नामांकन समारोह आयोजित करने की मांग की गई थी। उसी की पृष्ठभूमि में घोषणा हुई है। यह...
दिल्ली हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयोंं में 30 जून तक सीमित कामकाज की पद्धति जारी रहेगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने देशव्यापी लॉकडाउन के विस्तार के आलोक में सीमित और अर्जेंट मामलों पर सुनवाई के प्रतिबंधित कामकाज की वर्तमान पद्धति को जारी रखने का फैसला किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय की प्रशासनिक और पर्यवेक्षण समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों के प्रतिबंधात्मक कामकाज को भी 30 जून तक बढ़ा दिया जाएगा। यह भी आदेश दिया गया है कि उच्च न्यायालय में सभी बेंच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मोड के माध्यम से अपने संबंधित बोर्डों पर लंबित 20 सबसे पुराने 'नियमित /...
तब्लीगी जमात से जुड़े 6 बांग्लादेशी नागरिकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी अंतरिम जमानत; विदेश मंत्रालय को जारी हुआ नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दिल्ली के निजामुद्दीन में एक धार्मिक मण्डली में भाग लेने और उसके पश्च्यात बिना चिकित्सीय परिक्षण के लखनऊ आने (जिससे यह आशंका हुई कि वे कोरोनावायरस के प्रसार के लिए जिम्मेदार थे) के चलते कथित तौर पर अपने पर्यटक वीजा का दुरुपयोग करने के कारण बुक किये गए 6 बांग्लादेशी नागरिकों को अंतरिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति ए. आर. मसूदी की एकल पीठ ने यह आदेश देते हुए इस बात को भी रेखांकित किया कि भारत के संविधान के भाग III के प्रावधानों से यह निहित है कि अनुच्छेद 14, 20...
NI एक्ट की धारा 138 और अन्य आर्थिक अपराधोंं को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के केंद्र के प्रस्ताव का दिल्ली बार काउंंसिल ने विरोध किया
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने छोटे आर्थिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें कहा गया है कि इससे "संस्थागत नुकसान" होगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सेठरमन, परिषद के सह-अध्यक्ष, संजय राठी को लिखे गए एक पत्र में कहा गया है कि भुगतान और सुरक्षा से संबंधित 19 अलग-अलग अधिनियमों में निहित 39 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर का प्रस्ताव, "अपराधियों के मन को निर्दोष व्यक्तियों को धोखा देने के लिए प्रोत्साहित करेगा और लोगों के मन में बिल्कुल...
हुबली राजद्रोह मामला : 100 दिन की न्यायिक हिरासत मेंं रहने के बाद 3 कश्मीरी छात्रोंं को डिफॉल्ट ज़मानत मिली
हुबली में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कथित रूप से पाकिस्तान समर्थक वीडियो पोस्ट करने के लिए देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए तीन कश्मीरी छात्रों को डिफ़ॉल्ट जमानत दी। आरोपी बासित आशिक सोफी, (22), तालिब मजीद, (20) और अमीर मोहम्मद उद्दीन वानी, (20) 100 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद जेल से बाहर आ गए। मजिस्ट्रेट अदालत ने आरोपी को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत की ज़मानत पर रिहा किया। इसके अलावा अदालत ने ने निम्नलिखित...
'जेल सेवा सामान्य सेवा जैसी नहीं हो सकती',कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कैदियों पर नहीं लागू होगा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम बंगाल राज्य में कैदियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 के प्रावधानों और न्यूनतम मजदूरी के रूप में उचित सरकार की ओर से ऐसे प्रावधानों के तहत तय की गई दरों से शासित ना किया जाए। सिंगल जज की बेंच ने कहा, "कारागार सेवा की, कैद के बाहर की सामान्य सेवा से तुलना नहीं की जा सकती है। कारागर सेवा में, सामान्य सेवा की तुलना में कुछ विशिष्ट विशेषताएं हैं, जिन्हें समझा गया है।," इन अंतरों की व्याख्या करते हुए जज ने कहा कि पहले, जेल सेवा, अगर कठोर कारावास के...
'COVID-19 के बहाने जमानत नहीं मांग सकते', पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने अभियुक्त को जमानत देने से किया इनकार
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने से इंकार करते हुए यह कहा कि कोरोना महामारी ने भारत सहित लगभग पूरी दुनिया को प्रभावित किया है और इसके चलते न्यायालयों का कामकाज भी प्रभावित हुआ है। लेकिन याचिकाकर्ता निश्चित रूप से इस तथ्य का लाभ नहीं उठा सकता है और उक्त कारण के चलते जमानत की मांग नहीं कर सकता है।न्यायमूर्ति एच. एस. मदान की एकल पीठ ने यह आदेश अभियुक्त संत लाल द्वारा उसे नियमित जमानत देने के लिए दायर उसकी दूसरी याचिका पर दिया। दरअसल, अभियुक्त संत लाल, थाना...
पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के मामले में न्यूज चैनल हेड की गिरफ्तारी पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लगायी रोक, प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करने की भी दी अनुमति
राजस्थान के पाली में न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में एक श्रमिक नेता की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली की सवाल उठाने और आलोचना करने वाली खबर को व्हाट्सएप्प (WhatsApp) पर प्रसारित करने के मामले में 'न्यूज-30 राजस्थान' के चैनल हैड, वीरेन्द्रसिंह राजपुरोहित को राहत देते हुए, राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी सीधी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र सिंह भाटी की एकल पीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि यदि याचिकाकर्ता 10 दिन की अवधि के भीतर, अन्वेषण अधिकारी को...
COVID-19: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से बाल संरक्षण गृहों में उठाए गए क़दम पर जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चेन्नई के रोयपुरम के एक सरकारी बाल आश्रय गृह में 35 बच्चों के कोरोना से संक्रमित पाए जाने पर ग़ौर करते हुए तमिलनाडु राज्य सरकार से इस बारे में स्थिति रिपोर्ट की मांगी है। अदालत ने इस संक्रमण का कारण और आगे इसको फैलने से रोकने के लिए क्या कदम उठाये गए हैं इस बारे में भी पूछा है। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट की पीठ ने विभिन्न राज्य सरकारों से बच्चों को इस वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में...


















