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धार्मिक स्थलों को खोलने के ख़िलाफ़ कलकता हाईकोर्ट में याचिका कहा, अनावश्यक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाए

LiveLaw News Network
15 Jun 2020 2:15 AM GMT
धार्मिक स्थलों को खोलने के ख़िलाफ़ कलकता हाईकोर्ट में याचिका कहा, अनावश्यक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाए
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पूजा स्थलों को 8 जून से दोबारा खोले जाने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्णय पर सवाल उठाते हुए प्रियंका टीबरेवाल ने कलकता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है।

याचिका में कहा गया है कि यह निर्णय अनावश्यक, मनमाना और जनसवास्थ्य और जनव्यवस्था के ख़िलाफ़ है।

याचिका के अनुसार, COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए धार्मिक स्थलों को बंद रखना संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत जनव्यवस्था और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से एक विनियामक क़दम था।

हालांकि, जब COVID-19 का संक्रमण इस समय बढ़ रहा है, एमएचए और पश्चिम बंगाल सरकार ने धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी है।

याचिका में कहा गया है,

"वायरस को फैलने से रोकने का एकमात्र तरीक़ा है सामाजिक दूरी। इस तरह की परिस्थिति में धार्मिक स्थलों को खोलने जैसे ग़ैर-ज़रूरी गतिविधियों को हतोत्साहित करना चाहिए।"

इसके अतिरिक्त, याचिकाकर्ता ने अदालत से यह निर्देश भी देने को कहा कि 12 साल से कम उम्र के बच्चों को स्कूल जाने से तब तक छूट दी जानी चाहिए जब तक कि इस बीमारी का इलाज या इसका टीका नहीं उपलब्ध हो जाता।

याचिकाकर्ता ने कहा कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे को COVID-19 का ख़तरा है और उन्हें स्कूल जाने से छूट मिलनी चाहिए।

30 मार्च को जारी गृह मंत्रालय के अन्लॉक दिशानिर्देश की जहां तक बात है, स्कूलों और कॉलेजों को खोलने का निर्णय COVID-19 की स्थिति की समीक्षा के बाद ली जाएगी।

न्यायमूर्ति टीबी राधाकृष्णन और अरिजित बनर्जी की पीठ ने गुरुवार को कहा कि इस मामले की सुनवाई 19 जून को होगी।

याचिका डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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