मुख्य सुर्खियां
अदालतों में हो रहे सीमित कामकाज के बीच कर्नाटक हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना व भूमि अधिग्रहण के मामलों में मुआवजे का भुगतान करने के लिए तय किए दिशा-निर्देश
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक ऐसी प्रक्रिया विकसित की है, जिसके तहत बचाव और सुरक्षा से समझौता किए बिना ही मोटर वाहन दुर्घटना दावा मामलों के दावेदारों व पीड़ितों, कर्मकार क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 के तहत दावेदारों और भूमि अधिग्रहण क्षतिपूर्ति मामलों के दावेदारों को भुगतान जारी किया जा सकेगा। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति एस विश्वजीथ शेट्टी की खंडपीठ ने यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं। क्योंकि राज्य में लॉकडाउन और जिला व ट्रायल कोर्ट में हो रहे आंशिक कामकाज के कारण वादियों को कोर्ट परिसर में...
आर्थिक रूप से कमजोर COVID-19 रोगी से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह मुफ्त इलाज पाने के लिए अस्पताल में दाखिला लेने से पहले दस्तावेजी सबूत देः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि COVID-19 से पीड़ित, समाज के आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती है कि वह मुफ्त इलाज के लिए अस्पताल में दाखिला लेने से पहले दस्तावेजी सबूत पेश करे। जस्टिस आरडी धानुका और जस्टिस माधव जामदार की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए, बांद्रा के एक झुग्गी पुनर्वास भवन के सात निवासियों की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई की, जिन पर केजे सोमैया अस्पताल ने अप्रैल में COVID-19 उपचार के लिए 12.5 लाख रुपये का चार्ज लगाया था। याचिकाकर्ताओं की...
सेशन जजों को रिटायरमेंट के बाद भी ख़तरा होता है, लेकिन वे हथियार का लाइसेंस नहीं लेते : कलकत्ता हाईकोर्ट
"ऐसे कई सत्र न्यायाधीश हैं जिनकी जान को वास्तविक ख़तरा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निजी हथियार लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होती।" कलकता हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा। हाईकोर्ट की एकल जज की पीठ एक स्थानीय नेता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अदालत से आग्रह किया था कि वह उसे हथियार का लाइसेंस दिलाने का आदेश दे। पीठ ने कहा, "...हां, उन्हें निजी सुरक्षा है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद उनको ख़तरा बना रहता है लेकिन इसके बावजूद रिटायर हुए न्यायिक अधिकारी हथियारों के लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं...
स्क्रॉल के संपादकों ने यूपी पुलिस द्वारा दर्ज FIR रद्द करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की
स्क्रॉल.इन की कार्यकारी संपादक, सुप्रिया शर्मा और स्क्रॉल.इन के संपादक नरेश फर्नांडिस ने स्क्रॉल द्वारा प्रकाशित एक लेख के संबंध में उनके खिलाफ यूपी पुलिस में दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रिया शर्मा के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। शर्मा ने लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक गांव की हालत पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रामनगर पुलिस थाने में एफआईआर दज कराने वाली माला देवी ने आरोप...
राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार से नियमित कामकाज फिर से शुरू होगा (सर्कुलर पढ़ें)
राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला किया है कि उसकी सभी बेंच सोमवार, 29 जून से नियमित कामकाज शुरू करेंगी। 12 जून की अधिसूचना के माध्यम से, यह सूचित किया गया था कि जोधपुर और जयपुर में उच्च न्यायालय की दोनों पीठ नियमित रूप से सुबह 10.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक कार्य करेंगी और मामलों की सूची प्रत्येक अदालत में 100 मामलों तक सीमित रहेगी। यदि ताज़ा / अर्जेंट/ मामले अदालत में किसी तारीख में 100 से कम हैं, तो इस स्थिति में अन्य श्रेणियों के मामले भी प्रत्येक अदालत में सूचीबद्ध किए जा सकते हैं। वीडियो...
स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को 2020-21 सत्र के लिए बढ़ी हुई फ़ीस नहीं वसूलने के राज्य के जीआर पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई
अभिभावकों के लिए यह अच्छी खबर नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस जीआर पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को 2020-21 सत्र के लिए बढ़ी हुई फ़ीस नहीं वसूलने का आदेश जारी किया गया था। अदालत अब उचित समय पर इस बारे में फ़ैसला करेगी लेकिन तब तक जीआर पर प्रतिबंध लगा रहेगा। न्यायमूर्ति उज्जल भुयन और न्यायमूर्ति आरआई चागला की पीठ ने कसेगाओं एजुकेशन सोसायटी, एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन स्कूल्स, ग्लोबल एजुकेशन फ़ाउंडेशन और ज्ञानेश्वर मौली संस्था की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए...
देश के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को न्यायपालिका तुरंत नहीं उठाती: कपिल सिब्बल
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने एक ऑनलाइन सेमिनार में बोलते हुए, 'न्यायपालिका की स्वतंत्रता' के बारे चिंता जताई और कहा कि यह जनता के लिए चिंताजनक मुद्दा बन गया है। न्यायिक स्वतंत्रता के विभिन्न पहलुओं की चर्चा करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एक व्यक्ति के रूप में जज की विशेषताओं की परिकल्पना और निष्पक्ष होने की उनकी क्षमता के बारे में धारणा से शुरुआत की। "एक जज को संतुलनकारी दावे और साम्य को देखने और उसके अनुसार शासन करने की आवश्यकता है। जब हम किसी न्यायाधीश के पास जाते हैं तो हमारी अपेक्षा...
बकरा मंडी को आवासीय क्षेत्र से बाहर ले जाने के बारे में ग़लत तथ्य पेश करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एपीएमसी पर लगाया 25 हज़ार रुपए का जुर्माना
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कृषि उपज बाज़ार समिति (एपीएमसी) पर बकरा मंडी को वथोडा आवासीय क्षेत्र से कलमना बाज़ार ले जाने के बारे में ग़लत तथ्य देने की वजह से 25,000 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है।नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति आरके देशपांडे और न्यायमूर्ति अमित बोरकर की खंडपीठ ने वथोडा क्षेत्र के पीड़ित निवासियों की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इन लोगों ने नागपुर के निगम उपायुक्त के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसके तहत वथोडा में बकरा मंडी बनाने की अनुमति 4 मई 2020 को दी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालय द्वारा सुनवाई किए जाने के मामलों का दायरा बढ़ाया
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक परिपत्र जारी करते हुए कहा है कि अत्यंत आवश्यक मामलों (extremely urgent matters) की सुनवाई के अलावा, राज्य में अधीनस्थ न्यायालय ऐसे मामलों को भी सुनेंगे जो निपटान के स्तर पर हैं और / या उन्हें मौखिक साक्ष्य की आवश्यकता नहीं है। मध्य प्रदेश राज्य की अदालतों ने लॉकडाउन के मद्देनज़र 25 मार्च, 2020 से केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई करते हुए प्रतिबंधात्मक कामकाज का सहारा लिया। इसके बाद, यह निर्णय लिया गया कि "कोई भी मामला जब तक कि यह अर्जेंट या अतिआवश्यक नहीं है,...
'मानवीय अस्तित्व के लिए करूणा और सेवा को फिर से जागृत करने की आवश्यकता है': एमपी और उड़ीसा हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त के रूप में पौधे लगाने को कहा
अपने हालिया एक आदेश में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक नाबालिग लड़की की शालीनता का अपमान करने के इरादे से उस पर हमला करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देते हुए निर्देश दिया है कि ट्री गार्ड के साथ पौधे लगाए। न्यायालय ने आरोपी को जमानत देते समय लगाई गई शर्तो में यह भी एक शर्त लगाई है। जस्टिस आनंद पाठक ने शर्त लगाते हुए कहा कि- "कोर्ट ने यह निर्देश एक टेस्ट करने के रूप में दिया है ताकि सृजन की प्रक्रिया और प्रकृति के साथ संबंध जोड़ने की दिशा में एक कदम बढ़ाकर हिंसा और बुराई के एनाटाॅमी के खत्म किया जा...
'ऐसा लगता है कि गिरफ्तारी एक संदेश भेजने के लिए की गई हैं': एंटी-सीएए प्रदर्शन के मामले में संयुक्त राष्ट्र अधिकार विशेषज्ञों ने कहा
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने शुक्रवार को भारत से कहा है कि उन मानवाधिकार रक्षकों को तुरंत रिहा किया जाए, जिनको राष्ट्र के नागरिकता कानूनों में बदलाव के खिलाफ विरोध करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि- ''इन मानवाधिकार रक्षकों में से कई छात्र हैं। ऐसा लग रहा है कि इनको केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है हैं क्योंकि उन्होंने सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के खिलाफ निंदा और विरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। वहीं इनकी गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से डिजाइन की...
शादी समारोहों में मेहमानों की ऊपरी सीमा को कम करने पर विचार करें : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र से इस बारे में प्रतिनिधित्व पर ग़ौर करने को कहा
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह शादी समारोहों में मेहमानों की संख्या की ऊपरी सीमा को 50 करने की याचिककर्ता के प्रतिनिधित्व पर विचार करे। न्यायमूर्ति रवि शंकर और न्यायमूर्ति अरुण पल्ली की पीठ ने केंद्र सरकार, पंजाब और हरियाणा सरकार और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को इस बारे में नोटिस जारी कर कहा कि जब उनसे इस बारे में उचित अनुरोध किया जाता है तो वे इस पर विचार करें।इस बारे में अपील वक़ील एचसी अरोड़ा ने दायर किया है। उन्होंने कहा है कि एमएचए के...
ग़रीबों को ज़्यादा लाभ सुनिश्चित करें; अदालत से निर्देश की प्रतीक्षा नहीं करें : राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम से कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने जरूरतमंदों और ग़रीबों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत खाद्यान्नों के वितरण का निर्देश प्राप्त करने संबंधी एक याचिका पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और भारतीय खाद्य निगम को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंद्रजीत महंती और जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की पीठ ने प्रतिवादियों से 14 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने उन्हें यह भी कहा है कि कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा किए बिना वे ग़रीबों को संभवतया अधिकतम लाभ दिलाने की कोशिश...
दूरसंचार विभाग के दावे के विपरीत धोखाधड़ी वाली फ़िशिंग अभी भी चल रही है, पेटीएम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा
पेटीएम ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफ़नामा दायर कर अपनी रिट याचिका के बाद की स्थिति का वर्णन किया है। पेटीएम ने अपने ग्राहकों के खाते से धोखाधड़ी से पैसे उड़ाने के बारे में उनकी सुरक्षा को लेकर याचिका दायर की थी।न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जैन की खंडपीठ के समक्ष यह हलफ़नामा दायर किया गया। याचिककर्ता ने अदालत से कहा कि एमटीएनएल ने अपने जवाब में कहा है कि उसने सभी सेंडर आईडी/हेडर जो याचिककर्ता के हेडर से मेल खाते हैं, उन्हें काली सूची में डाल दिया है। उसने यह भी कहा कि जिस भी...
सीनियर सिटीजन की COVID19 महामारी से सुरक्षा करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
सीनियर सिटीजन को COVID 19 महामारी से सुरक्षा करने की मांग संबंधी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जलान की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को इस याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका गौरव गंभीर ने दायर की है जिन्होंने अदालत से आग्रह किया है कि वह केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर सीनियर सिटीजन (बुजुर्गों) को बैंक, स्वास्थ्य, किराना और अन्य ज़रूरी सुविधाएं उनके दरवाज़े तक उपलब्ध कराने का निर्देश दे और उनकी...
COVID 19 : तमिलनाडु पुलिस के महानिदेशक ने आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए जारी किये ताज़ा दिशानिर्देश
पुलिस ज़्यादती के कारण थूतुकुड़ी ज़िला में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत के बाद तमिलनाडु पुलिस के महानिदेशक ने आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए ताज़ा दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस दिशानिर्देश का एक उद्देश्य पुलिस विभाग में कोरोना वायरस को फैलने से रोकना है, क्योंकि इस बात का पता चला है कि ऐसे कई लोग जिनकी गिरफ़्तारी हुई, वे जांच में कोरोना पॉज़िटिव पाए गए जिसकी वजह से इनके संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारंटीन में जाना पड़ा। यह कहा गया है कि जब किसी की गिरफ़्तारी होती है, आरोपी को तुरंत ही ज़मानत...
CrPC 482 के तहत शक्ति आपराधिक कार्यवाही को समाप्त करने के लिए इस्तेमाल हो सकती है जो मंजूरी,तुच्छ मामलों या अदालत की प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए पहली नजर में बुरी है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत शक्ति का इस्तेमाल उस आपराधिक कार्यवाही को समाप्त करने के लिए किया जा सकता है, जो मंजूरी,तुच्छ मामलों या अदालत की प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए पहली नजर में बुरी है।इस मामले में, शिकायतकर्ता ने एक अपराध के संबंध में जांच के दौरान, हिरासत में रहने के दौरान पुलिस ज्यादती का आरोप लगाया। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के निजी शिकायत का संज्ञान लेने के आदेश को उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी ( सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक...
राज नारायण बनाम इंदिरा गांधीः इलाहाबाद हाईकोर्ट का वो ऐतिहासिक फैसला पढ़ें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जून, 1975 को दिए एक ऐतिहासिक फैसले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था। जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा द्वारा राज नारायण की याचिका पर दिए गए फैसले के बाद राजनीतिक घटनक्रमों में कई बदलाव आया और परिणति के रूप में 21 महीने के भीतर देश में आपातकाल लगा दिया गया था। फैसला ऐतिहासिक था, फिर भी फैसले की प्रति अदालत की रिपोर्टों में शामिल नहीं थी। कॉपी ऑनलाइन भी उपलब्ध नहीं थी। वह फैसला हाल ही में मीडिया में चर्चा का विषय बना। हालांकि, अथर्व लीगल...
एनआई अधिनियम की धारा 138 : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, कंपनी के चेयरमैन/निदेशक पर कंपनी को आरोपी बनाए बिना मुकदमा नहीं चलाया जा सकता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी कंपनी के चेयरमैन पर निगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट्स एक्ट के तहत तब तक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, जब तक कि कंपनी को आरोपी नहीं बनाया जाता। 'वेल बिल्ट इंडस्ट्री इंडिया लिमिटेड' नामक एक कंपनी के ख़िलाफ़ उस समय शिकायत दर्ज की गई जब इस कंपनी के अध्यक्ष ने जो चेक जारी किया था वह बाउन्स हो गया, लेकिन शिकायतकर्ता ने इस शिकायत में कंपनी को पक्षकार नहीं बनाया था। इस आधार पर कि शिकायतकर्ता ने कंपनी की ओर से उसकी भूमिका को शिकायत में स्पष्ट नहीं किया था, आरोपी ने हाईकोर्ट...



















