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राज नारायण बनाम इंदिरा गांधीः इलाहाबाद हाईकोर्ट का वो ऐतिहासिक फैसला पढ़ें

LiveLaw News Network
25 Jun 2020 10:32 AM GMT
राज नारायण बनाम इंदिरा गांधीः इलाहाबाद हाईकोर्ट का वो ऐतिहासिक फैसला पढ़ें
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 जून, 1975 को दिए एक ऐतिहास‌िक फैसले में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था।

जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा द्वारा राज नारायण की याचिका पर दिए गए फैसले के बाद राजनीतिक घटनक्रमों में कई बदलाव आया और परिणति के रूप में 21 महीने के भीतर देश में आपातकाल लगा दिया गया था।

फैसला ऐतिहासिक था, ‌फिर भी फैसले की प्रति अदालत की रिपोर्टों में शामिल नहीं थी। कॉपी ऑनलाइन भी उपलब्‍ध नहीं थी। वह फैसला हाल ही में मीडिया में चर्चा का विषय बना।

हालांकि, अथर्व लीगल के प्रयासों की बदौलत हाईकोर्ट रजिस्ट्री से 262 पेज के फैसले की एक पूरी प्रति प्राप्त कर ली गई है। अथर्व लीगल के एडवोकेट और मैनेजिंग पार्टनर सिद्धार्थ नायक ने लाइवलॉ के साथ फैसले की प्रति साझा की है, ताकि हमारे पाठकों को भी इसे पढ़ने का मौका मिल सके।

फैसले में रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र से इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द घोषित किया गया था, और गांधी को छह साल के लिए निर्वाचित पद पर रहने से रोक दिया गया था। हाईकोर्ट ने रिश्वतखोरी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें चुनाव प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का दोषी पाया था।

इंदिरा गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने फैसले के खिलाफ अपील की। 24 जून, 1975 को न्यायमूर्ति वी आर कृष्णा अय्यर की अवकाशकालीन पीठ ने फैसले पर सशर्त स्टे देते हुए गांधी को प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की अनुमति दी हालांकि उन्हें संसद में मतदान करने से रोक दिया।

7 नवंबर 1975 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया।

राज नारायण बनाम इंदिरा गांधी के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को पढ़ने के लिए क्लिक करें



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