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E20 पेट्रोल पर बहस: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर एक नज़र
इथेनॉल, या अल्कोहल, हमेशा से ही तीखी बहस का विषय रहा है। लेकिन हाल ही में यह एक ऐसे ग्रुप के बीच चर्चा का विषय बन गया है, जिससे इसकी उम्मीद नहीं थी - गाड़ी चलाने वाले लोग। चिंता की बात यह है कि सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिला रही है। यह वही ईंधन है जिसका इस्तेमाल ज़्यादातर मिडिल-क्लास लोग अपनी बजट वाली चार-पहिया और दो-पहिया गाड़ियों में करते हैं।गाड़ी मालिकों का एक बड़ा हिस्सा - जिसमें आम मालिक और गाड़ी चलाने के शौकीन दोनों शामिल हैं - केंद्र सरकार के इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम को लेकर अपनी चिंता...
'पुलिस के पास जाएं, सिस्टम पर भरोसा रखें': पैगंबर के खिलाफ़ टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक इन्फ्लुएंसर द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ़ कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में कार्रवाई की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार किया।कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे पहले पुलिस अधिकारियों से संपर्क करें और सिस्टम पर भरोसा रखें।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील नागू की बेंच ने AoR अंसार अहमद चौधरी द्वारा दायर PIL को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया। इस मामले का ज़िक्र एडवोकेट रजत कुमार ने बेंच के सामने...
मुरमुगांव पोर्ट की जमीन से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने के आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मुरमुगांव पोर्ट प्राधिकरण की भूमि से छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट में उचित आवेदन दाखिल कर आदेश में संशोधन की मांग करने की स्वतंत्रता दी। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की अवकाशकालीन पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि हाईकोर्ट ने अंतरिम चरण में ही अंतिम राहत दी।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखते हुए याचिकाकर्ताओं ने...
स्टेन स्वामी की कस्टडी में मौत को 5 साल: कोई सबक नहीं सीखा गया, UAPA के गलत प्रयोग पर चिंता बरकरार
भीमा कोरेगांव मामले में कस्टडी के दौरान फादर स्टेन स्वामी की मौत को पांच साल हो चुके हैं। हमें अब भी नहीं पता कि उन्होंने क्या अपराध किया था, सिवाय नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए उन आरोपों के, जिन पर बाद में खुद अदालतों ने कई सह-आरोपियों को ज़मानत देते समय शक और सवाल उठाए।अगर कथित अपराध इतना गंभीर था कि उससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था, तो उम्मीद की जाती कि मुक़दमे की सुनवाई तेज़ी से होगी। हालांकि, सुनवाई में कोई तेज़ी नहीं दिख रही है; यह बहुत धीमी गति से चल रही...
पासपोर्ट को केवल एक यात्रा दस्तावेज कहना कानून को पूरी तरह अर्थहीन बना देता है: जस्टिस लोकुर ने विदेश मंत्रालय के रुख की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी. लोकुर ने शनिवार को विदेश मंत्रालय के हालिया दावे की कड़ी आलोचना की कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं है, उन्होंने इस स्थिति को संभावित रूप से गंभीर संवैधानिक परिणामों के साथ कानून की "पूरी तरह से गलत व्याख्या" कहा।नई दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप द्वारा कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप द्वारा आयोजित "संघवाद और नागरिकता पर कॉन्क्लेव" में बोलते हुए जस्टिस लोकुर ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम स्वयं "पासपोर्ट" और...
किसी फ़ैसले को 'Per Incuriam' कब घोषित किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फिर से कहा कि 'पर इनकुरियम' का सिद्धांत 'स्टेयर डेसीसिस' (stare decisis - पहले के फ़ैसलों को मानने का नियम) के नियम का अपवाद है और इसे केवल सीमित परिस्थितियों में ही लागू किया जा सकता है। कोर्ट ने माना कि किसी फ़ैसले को 'पर इनकुरियम' तब घोषित किया जा सकता है, जब उसका मुख्य आधार (ratio) समान या बड़ी बेंच के पहले के फ़ैसले से मेल न खाता हो, या जब उसे किसी ज़रूरी कानूनी प्रावधान पर विचार किए बिना सुनाया गया हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच...
तमिलनाडु राष्ट्र की मांग राजद्रोह नहीं, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक पब्लिशिंग हाउस के ख़िलाफ़ दर्ज देशद्रोह का मामला रद्द किया। इस पब्लिशिंग हाउस ने ऐसी किताब छापी थी, जिसमें कहा गया था कि तमिलनाडु को एक अलग देश होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आज के समय में ऐसे बयान को देश या सरकार के प्रति नफ़रत के तौर पर नहीं देखा जा सकता। [2026 LiveLaw (Mad) 297]जस्टिस भरत चक्रवर्ती ने कहा कि भारत दिल और आत्मा से एकजुट है। ऐसे बयानों से मौजूदा सामाजिक माहौल में ज़्यादा से ज़्यादा झुंझलाहट हो सकती है। ऐसा बयान देने वाले व्यक्ति को मानसिक स्वास्थ्य की समस्या...
'ताजमहल तेजो महालय शिव मंदिर है': सर्वे के लिए वकील आयुक्त नियुक्त करने से इनकार के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची याचिका
ताजमहल को प्राचीन शिव मंदिर 'तेजो महालय' बताए जाने वाले मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई।इस याचिका में आगरा की अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें ताजमहल का निरीक्षण, छायांकन और वीडियो रिकॉर्डिंग कराने के लिए वकील आयुक्त नियुक्त करने की मांग खारिज कर दी गई। मामले पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। यह याचिका भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान की ओर से उनके 'नेक्स्ट फ्रेंड' अधिवक्ता हरिशंकर जैन और अन्य श्रद्धालुओं ने दाखिल की।याचिकाकर्ताओं ने वर्ष...
राम मंदिर चंदा चोरी: RJD सांसद ने अयोध्या ट्रस्ट के फाइनेंस के ऑडिट और CBI जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के फाइनेंस की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं के हालिया आरोपों, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की चल रही जांच और ₹77 लाख नकद के मामले का हवाला दिया।3 जुलाई को दायर जनहित याचिका (PIL) में कहा गया कि इसका मकसद धार्मिक रीति-रिवाजों या मंदिर की पूजा-पद्धति में कोई दखल देना नहीं है। बल्कि, इसका मकसद ट्रस्ट के सेक्युलर वित्तीय कामकाज में पारदर्शिता और...
सुप्रीम कोर्ट ने मंज़ूरी और एडमिशन की समय-सीमा का पालन न करने पर फ़ार्मेसी काउंसिल को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (3 जुलाई) को फ़ार्मेसी काउंसिल ऑफ़ इंडिया (PCI) को फ़ार्मेसी संस्थानों के लिए मंज़ूरी और एडमिशन शेड्यूल के लिए बार-बार समय बढ़ाने की मांग करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ खुद ही कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा का पालन न करके शिक्षा के स्तर में गिरावट के लिए ज़िम्मेदार हैं।2012 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए एडमिशन कैलेंडर से बार-बार हटने पर गहरी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए जस्टिस मनमोहन और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने बार-बार हो रही देरी के...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों के ऑडिट पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के ऑडिट पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जिसे CAG द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा किया जाना था।जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने यह आदेश तब दिया जब उन्होंने दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) की याचिका पर नोटिस जारी किया। DERC ने अप्रैल में अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी के एक आदेश को चुनौती दी थी।उस आदेश में कहा गया कि DERC के लिए डिस्कॉम का ऑडिट CAG को सौंपना सही...
23 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को लिखा पत्र, चुनावी गड़बड़ियों का लगाया आरोप; ED-CBI के दुरुपयोग का भी उठाया मुद्दा
भारतीय जनता पार्टी के विरोध में खड़े 23 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को एक संयुक्त पत्र लिखकर देश की चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।यह पत्र चीफ जस्टिस सूर्यकांत के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों को भेजा गया।विपक्षी दलों का आरोप है कि कई चुनावों के नतीजे जनता की वास्तविक इच्छा को नहीं दर्शाते और चुनावी प्रक्रिया में लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है।पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले दलों में कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल...
ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं: मेघालय हनीमून हत्याकांड में जमानत का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल ने केतन अग्रवाल मामले का किया जिक्र
मेघालय के चर्चित हनीमून हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हाल ही में सामने आए केतन अग्रवाल मौत मामले का हवाला दिया।उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यह बेहद चिंता का विषय है।सुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राजा रघुवंशी हत्याकांड के तथ्य अदालत की अंतरात्मा को झकझोर देने वाले हैं और यह मामला वास्तव में बेहद...
हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार, हाईकोर्ट के फैसले पर जताए सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने प्रथम दृष्टया मेघालय हाईकोर्ट के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें केवल गिरफ्तारी मेमो में धारा 103(1) BNS की जगह गलती से धारा 403(1) BNS लिखे जाने के आधार पर जमानत बरकरार रखी गई थी।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह जमानत आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी। हालांकि, अदालत...
पूरे महाराष्ट्र में नेताओं की खरीद-फरोख्त चल रही है; अगर आपके खिलाफ FIR हैं तो पाला बदल लीजिए, वहां एक 'वॉशिंग मशीन' है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पूरे महाराष्ट्र राज्य में नेताओं की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) चल रही है। कोर्ट ने सत्ताधारी पार्टी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कोई भी राजनीतिक नेता 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होकर अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को बंद करवा सकता है।जस्टिस माधव जामदार, सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सईद ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के कारण...
Motor Accident Claims | सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित की आय का आकलन करने के लिए ITR के इस्तेमाल पर नियम तय किए
मोटर दुर्घटना मुआवज़े के दावों के लिए मृतक की सालाना आय की गणना के तरीके में एकरूपता लाने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवज़े के मामलों में पीड़ितों की सालाना आय का आकलन करने के लिए विस्तृत गाइडलाइंस तय कीं। इसमें सैलरी पाने वाले कर्मचारियों और खुद का काम करने वाले (सेल्फ-एम्प्लॉयड) लोगों के बीच स्पष्ट अंतर किया गया।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि सैलरी पाने वाले व्यक्तियों के मामले में आम तौर पर ठीक पिछले असेसमेंट ईयर के इनकम टैक्स रिटर्न...
जस्टिस बी.वी. नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमिटी की चेयरपर्सन नियुक्त
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बैंगलोर वेंकटरमैया (बी.वी.) नागरत्ना को 29 जून, 2026 से सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमिटी (SCLSC) की चेयरपर्सन के तौर पर नॉमिनेट किया।यह नियुक्ति जस्टिस जे.के. माहेश्वरी के रिटायरमेंट के बाद हुई, जो पहले SCLSC के प्रमुख थे। परंपरा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के तीसरे सबसे सीनियर जज SCLSC के प्रमुख होते हैं।सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज़ कमिटी, लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटीज़ एक्ट, 1987 के तहत काम करती है और सुप्रीम कोर्ट के सामने आने वाले मामलों में...
'प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट' सिर्फ़ धार्मिक स्वरूप बदलने पर रोक लगाता है, जनहित में सरकारी अधिग्रहण पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि 'प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप (स्पेशल प्रोविज़न्स) एक्ट, 1991' के तहत किसी पूजा स्थल के धार्मिक स्वरूप को एक धार्मिक संप्रदाय से दूसरे धार्मिक संप्रदाय में बदलने पर ही रोक है, लेकिन यह कानून सरकार को 'धर्मनिरपेक्ष' और 'जनहित' के कामों के लिए ऐसी संपत्तियों का अधिग्रहण करने से नहीं रोकता।इसके साथ ही, जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अरुण कुमार की बेंच ने वाराणसी के दालमंडी इलाके को चौड़ा करने और उसे सुंदर बनाने के काम को रोकने की मांग वाली रिट याचिका को खारिज कर दिया। यह...
AI से बने फर्जी फैसलों का हवाला देना वकीलों का पेशेवर दुराचार, ऐसे फैसलों पर आधारित न्यायिक आदेश कानून की नजर में शून्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किए गए फर्जी या काल्पनिक (Hallucinated) न्यायिक फैसलों का हवाला देने पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने की बात कही है। अदालत ने कहा कि बिना सत्यापन के ऐसे फैसलों का हवाला देना अधिवक्ताओं का पेशेवर दुराचार (Professional Misconduct) है, जबकि उन पर भरोसा कर फैसला देना न्यायाधीश की गंभीर चूक है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने NCLT और NCLAT के उन आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें AI द्वारा तैयार किए गए फर्जी न्यायिक उद्धरणों...
हनीमून मर्डर केस: सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची, तत्काल सुनवाई की मांग
मेघालय सरकार ने हनीमून मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सरकार ने मेघालय हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा गया था।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। उन्होंने दलील दी कि सोनम को केवल इस आधार पर जमानत दी गई कि गिरफ्तारी के समय उसे गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) सही ढंग से...




















