ताज़ा खबरें
FIR से पहले शुरुआती जांच की इजाज़त देने वाले BNSS को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'ललिता कुमारी' जजमेंट का बहुत गलत इस्तेमाल हुआ
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मौखिक रूप से कहा कि ललिता कुमारी बनाम यूपी राज्य मामले में 2013 के फैसले का बहुत गलत इस्तेमाल हुआ, जिसमें यह आदेश दिया गया कि अगर शिकायत में पहली नज़र में कोई कॉग्निजेबल अपराध सामने आता है तो पुलिस को FIR दर्ज करनी होगी, कुछ खास कैटेगरी को छोड़कर।ललिता कुमारी जजमेंट ने शादी के झगड़े, भ्रष्टाचार के मामले, मेडिकल लापरवाही, बहुत ज़्यादा देरी वाले मामलों वगैरह को छोड़कर FIR दर्ज करने से पहले पुलिस द्वारा शुरुआती जांच की बात खारिज की। कोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज करने के इस...
BREAKING | शराब पॉलिसी केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपी बरी, कोर्ट ने CBI जांच पर उठाए गंभीर सवाल
राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को चर्चित आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया।स्पेशल जस्टिस जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रस्तुत आरोपपत्र में गंभीर त्रुटियाँ और विरोधाभास हैं। अदालत ने कहा कि CBI द्वारा दाखिल हजारों पृष्ठों का आरोपपत्र ऐसे तथ्यों और कथनों से भरा है, जिनका किसी गवाह या साक्ष्य से...
CAA लागू करने के लिए पीएम और गृह मंत्री के खिलाफ FIR की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस ऑर्डर पर रोक लगाई, जिसमें याचिकाकर्ता पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि, उस वकील की उस याचिका पर विचार करने से मना किया, जिसमें सिटिज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA), 2019 पास करने के लिए संवैधानिक अधिकारियों के खिलाफ FIR फाइल करने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाली बागची की बेंच राजस्थान हाईकोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ चुनौती पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सिटिज़नशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA), 2019 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र...
'फैसलों में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को अतिक्रमण करने वाला माना जाता है': सुप्रीम कोर्ट में पुरानी NCERT किताब के कमेंट को चुनौती
NCERT के एक पुराने सदस्य डॉ. पंकज पुष्कर ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें NCERT की क्लास 8 की पुरानी सोशल साइंस टेक्स्टबुक में कथित रूप से गैर-संवैधानिक और गलत कंटेंट को चुनौती दी गई।संविधान के आर्टिकल 32 और 129 के तहत दायर की गई यह याचिका, NCERT की हाल की क्लास 8 की सोशल साइंस टेक्स्टबुक को लेकर हुए विवाद के बाद आई, जिसमें “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” पर एक अंश वाला एक चैप्टर था। इस किताब के “बेइज़्ज़ती करने वाले” नेचर से नाखुश होकर कोर्ट ने हाल ही में खुद से केस उठाया और किताब...
हाईकोर्ट जजों के खिलाफ अनिवार्य रिटायरमेंट को लेकर FIR दर्ज करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायिक अधिकारी की याचिका की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के एक पूर्व ज्यूडिशियल ऑफिसर की उस याचिका पर सुनवाई करने से मना किया, जिसमें उन्होंने अपने कम्पलसरी रिटायरमेंट ऑर्डर के संबंध में हाईकोर्ट के पूर्व जजों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश मांगे थे। कोर्ट ने याचिका को 'हताशा और बदले की भावना' से दायर किया हुआ बताया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच याचिकाकर्ता आर रंजन कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो पहले तेलंगाना में ज्यूडिशियल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे थे और उन्हें कम्पलसरी...
Farmers Protest| सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी से सीलबंद लिफाफे में फाइनल सिफारिशें जमा करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड कमेटी से कहा कि वह फसलों के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस की मांग को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में बनी हाई-पावर्ड कमेटी से सीलबंद लिफाफे में फाइनल रिपोर्ट फाइल करे। कोर्ट ने इसके बाद मामले को बंद करने का इरादा जताया।बता दें, 2024 की शुरुआत में हरियाणा राज्य ने पंजाब के किसानों को दिल्ली तक अपना विरोध मार्च निकालने से रोकने के लिए नेशनल हाईवे में शंभू-खनौरी बॉर्डर को ब्लॉक कर दिया था। फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ब्लॉक हटाने का आदेश दिया, जिसके खिलाफ...
“क्या यह जेम्स बॉन्ड है—पहले गोली, बाद में सोचना?”: ज़ी मीडिया शिकायत पर जल्दबाज़ी में FIR दर्ज करने पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान पुलिस को फटकार
राजस्थान पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज ज़ी राजस्थान के पूर्व चैनल हेड आशीष दवे के खिलाफ दर्ज जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) की FIR को रद्द कर दिया। यह FIR ज़ी मीडिया कंपनी की शिकायत पर दर्ज की गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने आशीष दवे की याचिका स्वीकार करते हुए यह आदेश पारित किया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ अग्रवाल, राज्य की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.डी. संजय तथा शिकायतकर्ता (ज़ी मीडिया की ओर से संजू...
पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति संतोषजनक, केवल 3 पद शेष: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के यूनिवर्सिटी में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर संतोष व्यक्त किया।अदालत को बताया गया कि अब केवल 3 यूनिवर्सिटी में कुलपति की नियुक्ति शेष है। बाकी सभी यूनिवर्सिटी में नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ को यह जानकारी राज्य सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता तथा राज्यपाल की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दी।पीठ ने अपने आदेश में कहा,“हमें यह दर्ज करते हुए अत्यंत संतोष हो रहा है कि 3 यूनिवर्सिटी को छोड़कर सभी...
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ रिश्वत या लेन-देन का कोई सबूत नहीं: एक्साइज पॉलिसी केस में दिल्ली कोर्ट
शुक्रवार को दिल्ली कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, तेलंगाना जागृति की फाउंडर के कविता और 20 अन्य को कथित शराब पॉलिसी स्कैम केस से जुड़े करप्शन केस में बरी किया।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने 598 पेज के कड़े शब्दों वाले ऑर्डर में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को उसकी जांच के तरीके के लिए फटकार लगाई। साथ ही जांच एजेंसी की तरफ से कई कमियों को भी गिनाया।कोर्ट ने पाया कि प्रॉसिक्यूशन ऐसा कोई मटीरियल पेश करने में नाकाम रहा, जिससे पता...
पूर्व नौकरशाहों ने परमाणु दायित्व सीमा तय करने वाले SHANTI अधिनियम को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने “सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) अधिनियम, 2025” की कई धाराओं को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) पर संक्षिप्त सुनवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने मामले को आगे विचार के लिए स्थगित कर दिया।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने दलील...
हाइकोर्टों में प्रशासनिक निरंतरता के लिए नई नीति: रिटायरमेंट से पहले पदभार संभालने की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने हाइकोर्टों में प्रशासनिक निरंतरता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई नीति अपनाई है। 26 फरवरी, 2026 को हुई बैठक के बाद जारी वक्तव्य में कहा गया कि अब किसी हाइकोर्ट के भावी चीफ जस्टिस को पद रिक्त होने से लगभग दो माह पूर्व ही ट्रांसफर किया जा सकेगा।कॉलेजियम के अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि नामित जस्टिस संबंधित हाइकोर्ट के प्रशासनिक कार्यों और व्यवस्था से पहले ही परिचित हो सकें और वर्तमान चीफ जस्टिस के रिटायर होते ही तत्काल कार्यभार संभाल सकें।...
West Bengal SIR | ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को ECI की ट्रेनिंग पर TMC को आपत्ति, सुप्रीम कोर्ट ने किया सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उन आपत्तियों पर विचार करने से मना किया, जिसमें इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) द्वारा ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को ट्रेनिंग देने पर आपत्ति जताई गई, जिन्हें पश्चिम बंगाल राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रोसेस में क्लेम वेरिफिकेशन के लिए तैनात किया गया।चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि ECI का ट्रेनिंग मॉड्यूल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ओवरराइड नहीं कर सकता। ज्यूडिशियल ऑफिसर्स पर भरोसा किया जाना...
क्या सभी States/UTs ने शरीयत एक्ट लागू करने के लिए नियम बनाए? सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की धारा 4 के नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जैसे लागू नहीं किए गए, इस मुद्दे पर पूरी स्टेटस रिपोर्ट मांगी।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने एक सिविल अपील पर सुनवाई करते हुए कहा,"यह बात हमारे ध्यान में लाई गई है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) 3 एप्लीकेशन एक्ट, 1937 ('एक्ट, 1937') की धारा 4 के नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू नहीं किए गए।" बेंच ने सभी...
S.469 CrPC | परिसीमा अवधि उस तारीख से शुरू होता है जब अपराधी की पहचान पता चलती है, न कि शिकायत मिलने से: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्रिमिनल केस में परिसीमा अवधि उस तारीख से शुरू होता है, जब सभी आरोपी लोगों की पहचान संबंधित अथॉरिटी को पता चल जाती है, न कि पहली शिकायत की तारीख से।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत क्रिमिनल कार्रवाई को परिसीमा के आधार पर रद्द करने का केरल हाईकोर्ट का फैसला खारिज किया।यह मामला जनवरी, 2006 में मिली एक शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें पैनेशिया बायोटेक लिमिटेड की बनाई वैक्सीन की लेबलिंग में गड़बड़ी का आरोप...
Manipur Violence | सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस गीता मित्तल कमेटी को खर्च का पेमेंट न करने पर निराशा जताई
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर निराशा जताई कि मणिपुर हिंसा मामलों में बनाई गई तीन जजों की कमेटी के सदस्यों को अब तक आने-जाने और रहने के खर्च के लिए कोई रीइंबर्समेंट नहीं मिला है, और तुरंत फंड जारी करने का निर्देश दिया।तीन सदस्यों वाली कमेटी में जस्टिस गीता मित्तल, जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस, जस्टिस शालिनी फनसालकर जोशी, बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज और जस्टिस आशा मेनन, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज शामिल हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस...
शर्तें स्पष्ट हों तो पक्षकारों के बाद के व्यवहार के आधार पर डीड का दोबारा मतलब नहीं निकाला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने लीज़ डीड की शर्तों के साफ़ और साफ़ होने पर पक्षकारों के बाद के व्यवहार पर भरोसा करने के खिलाफ चेतावनी दी। कोर्ट ने कहा है कि डीड पर सही तरीके से बनी लीज़ को पक्षकारों के बाद के व्यवहार के आधार पर बदला या कमज़ोर नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा,“शर्तें बनने के बाद पैदा हुए हालात से पक्षकारों के इरादे का अंदाज़ा लगाते समय कोर्ट को बहुत ज़्यादा संयम बरतना चाहिए। क्योंकि, व्यवहार न तो डॉक्यूमेंट के असल मतलब से मेल खाता है और न ही उसके मकसद से।” जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन....
एक ही कर्ज के लिए कर्जदार और गारंटर के खिलाफ एक साथ CIRP की इजाज़त पर कोई रोक नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (26 फरवरी) को कहा कि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत एक ही कर्ज के लिए कॉर्पोरेट कर्जदार और गारंटर के खिलाफ एक साथ CIRP शुरू करने पर कोई रोक नहीं है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने BRS वेंचर्स इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड बनाम SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड और अन्य के नतीजों को सही ठहराया कि "कॉन्ट्रैक्ट एक्ट के बेसिक प्रिंसिपल्स के मुताबिक, कि प्रिंसिपल बॉरोअर और श्योरिटी की लायबिलिटी एक जैसी है, IBC एक फाइनेंशियल क्रेडिटर द्वारा...
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा पीड़ितों को चार्जशीट देने और परिवार के लिए मुफ़्त लीगल एड वकील देने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मणिपुर हिंसा से जुड़े 20 मामलों में पीड़ितों और उनके परिवारों को उनके संबंधित मामलों में दायर चार्जशीट की कॉपी दी जाएं और गुवाहाटी में अभी चल रही ट्रायल की कार्रवाई में उनकी मदद के लिए लीगल एड वकील दिए जाएं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच मणिपुर जातीय संकट के दौरान हुए यौन हिंसा मामलों के ट्रायल के मुद्दे पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।7 अगस्त, 2023 को कोर्ट ने कुछ मामलों की जांच CBI को सौंपी और...
न्यायपालिका में भ्रष्टाचार वाले अध्याय पर NCERT की किताब पर लगा बैन, निदेशक व मंत्रालय अधिकारी को अवमानना नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की एनसीईआरटी पुस्तक में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” संबंधी संदर्भों के प्रकाशन पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अदालत ने पूछा कि उनके खिलाफ अवमानना अधिनियम या किसी अन्य कानून के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।न्यायालय ने प्रथम दृष्टया कहा कि पुस्तक का प्रकाशन गंभीर कदाचार है और यदि यह न्यायपालिका को बदनाम करने के उद्देश्य से जानबूझकर किया गया पाया जाता है, तो यह...
चीफ जस्टिस ने की रजिस्ट्री के काम करने के तरीके की जांच की मांग, अधिकारियों के व्यवहार पर जताई हैरानी
चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) ने रजिस्ट्री के काम करने के तरीके पर चिंता जताई और इस बात की 'गहरी जांच' करने का इशारा दिया कि एक जैसे मामले अलग-अलग बेंच के सामने कैसे लिस्ट हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान रजिस्ट्री में सुधार के लिए कदम उठाएंगे।CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच यूपी गैंगस्टर्स एक्ट को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। वह यह मुद्दा उठा रही थी कि यह सेंट्रल लॉ, भारतीय न्याय संहिता के तहत "ऑर्गनाइज़्ड...




















