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MBBS : सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा पर हो एक जैसी राष्ट्रीय नीति
MBBS : सुप्रीम कोर्ट का सुझाव- मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा पर हो एक जैसी राष्ट्रीय नीति

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा की जाने वाली अनिवार्य ग्रामीण सेवा के संबंध में एक जैसी नीति होनी चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने ऐसी अखिल भारतीय नीति के संबंध में केंद्र से निर्देश प्राप्त करने पर सहमति व्यक्त की।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कर्नाटक सरकार द्वारा जारी उस अधिसूचना को चुनौती दी गई, जिसके तहत मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए कर्नाटक मेडिकल काउंसिल के साथ स्थायी पंजीकरण के लिए पात्र होने हेतु एक...

प्राइवेट कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने की मांग वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अनुच्छेद 32 के तहत हस्तक्षेप का मामला नहीं
प्राइवेट कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने की मांग वाली याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अनुच्छेद 32 के तहत हस्तक्षेप का मामला नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में प्राइवेट कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था को नियंत्रित करने और कथित रूप से अनियंत्रित एवं फीस आधारित कोचिंग प्रणाली को हटाने की मांग वाली याचिका खारिज की।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने एडवोकेट नरेंद्र कुमार गोस्वामी द्वारा स्वयं पेश होकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज किया। याचिकाकर्ता ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को नोटिस जारी करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने ऐसा करने से इनकार किया।खंडपीठ ने कहा कि ऐसे मामलों में...

नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामला: पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लॉ स्टूडेंट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 11 FIR दर्ज होने का दावा
नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामला: पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लॉ स्टूडेंट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 11 FIR दर्ज होने का दावा

नोएडा श्रमिक प्रदर्शन से जुड़े मामले में लॉ स्टूडेंट ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर उत्पीड़न और कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट शाहरुख आलम ने अदालत के समक्ष स्टूडेंट के खिलाफ कथित रूप से की जा रही पुलिस कार्रवाई को प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ दिल्ली यूनिवर्सिटी के फर्स्ट ईयर के लॉ स्टूडेंट योगेश मीणा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। आरोप है कि पुलिस ऐसे चालक से कथित संबंध को लेकर...

बिरेन सिंह के ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की गई: NFSU रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने कुकी संगठन को रिपोर्ट देखने की अनुमति दी
बिरेन सिंह के ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की गई: NFSU रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने कुकी संगठन को रिपोर्ट देखने की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह से कथित रूप से जुड़े ऑडियो क्लिप की जांच से संबंधित मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की नवीनतम फॉरेंसिक रिपोर्ट कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।कुकी संगठन ने इन ऑडियो क्लिपों की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इनमें मणिपुर में हुई जातीय हिंसा से जुड़े मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री की कथित भूमिका सामने आती है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजय सचदेवा की...

दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य नामित किया गया, मंत्री बने रहने पर कोई रोक नहीं: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य नामित किया गया, मंत्री बने रहने पर कोई रोक नहीं: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य नामित कर दिया गया है। इसलिए अब उनके मंत्री पद पर बने रहने में कोई संवैधानिक बाधा नहीं है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दीपक प्रकाश को मंत्री पद से हटाने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि वे मंत्री नियुक्त होने के छह महीने के भीतर विधानमंडल के सदस्य नहीं बने थे, इसलिए उनका पद पर बने रहना असंवैधानिक...

4 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को समय पर इलाज न मिलने का मामला: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दो अस्पताल पीड़ित परिवार को देंगे 12 लाख
4 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को समय पर इलाज न मिलने का मामला: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दो अस्पताल पीड़ित परिवार को देंगे 12 लाख

चार वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को समय पर इलाज नहीं मिलने और बाद में उसकी मृत्यु के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पहल के बाद गाजियाबाद के दो निजी अस्पतालों ने पीड़िता के परिवार को कुल 12 लाख रुपये देने पर सहमति जताई। साथ ही अदालत ने संकेत दिया कि यौन अपराध पीड़ितों और अन्य आपातकालीन मरीजों को तत्काल मेडिकल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी....

सहयोग पोर्टल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने X, कुणाल कामरा समेत सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट की कार्यवाही पर लगाई रोक
सहयोग पोर्टल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने X, कुणाल कामरा समेत सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट की कार्यवाही पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने 'सहयोग पोर्टल' और ऑनलाइन कंटेंट हटाने से जुड़े केंद्र सरकार के अधिकारों को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कर्नाटक और बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित कार्यवाहियों पर अंतरिम रोक लगाई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार की ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। केंद्र ने इन सभी मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है।पीठ ने...

स्वतंत्रता सेनानियों ने सीने पर गोलियां खाईं, आप अंडों से क्यों डरती हैं? : सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की वर्चुअल पेशी की मांग पर सुनवाई से किया इनकार
स्वतंत्रता सेनानियों ने सीने पर गोलियां खाईं, आप अंडों से क्यों डरती हैं? : सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की वर्चुअल पेशी की मांग पर सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, जिसमें उन्होंने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस के समक्ष ऑनलाइन माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद महुआ मोइत्रा की ओर से याचिका वापस ले ली गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने की। खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि जांच का सामना करना होगा और व्यक्तिगत रूप से जांच में सहयोग करना...

भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, चुनाव याचिका खारिज करने से इनकार; ट्रायल में सभी कानूनी आपत्तियां उठाने की छूट
भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, चुनाव याचिका खारिज करने से इनकार; ट्रायल में सभी कानूनी आपत्तियां उठाने की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने 2023 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अपनी जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को प्रारंभिक चरण में ही खारिज करने की मांग की थी। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें ट्रायल के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष अपनी सभी कानूनी और तथ्यात्मक आपत्तियां उठाने की स्वतंत्रता दी है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने यह आदेश भाजपा नेता विजय बघेल द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में...

क्या वक्फ़ संस्थाएं वक्फ़ ट्रिब्यूनल में कोर्ट फीस से छूट का दावा कर सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या वक्फ़ संस्थाएं वक्फ़ ट्रिब्यूनल में कोर्ट फीस से छूट का दावा कर सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में यह सवाल उठाया गया कि क्या राज्य वक्फ़ ट्रिब्यूनल के सामने होने वाली कार्यवाही में वक्फ़ संस्थाओं को कोर्ट फीस के भुगतान से छूट दी जा सकती है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने सीनियर एडवोकेट हुज़ेफ़ा ए. अहमदी (याचिकाकर्ता की ओर से) की संक्षिप्त सुनवाई के बाद गुजरात राज्य वक्फ़ ट्रिब्यूनल को नोटिस जारी किया।अहमदी ने कोर्ट को गुजरात कोर्ट-फीस एक्ट, 2004 के बारे में बताया और तर्क दिया कि इस एक्ट के तहत बने ट्रिब्यूनल के...

NEET-UG 2026: OMR में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले छात्रों से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले हाईकोर्ट जाएं
NEET-UG 2026: OMR में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले छात्रों से सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले हाईकोर्ट जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2026 के छह अभ्यर्थियों की उस याचिका का निस्तारण किया, जिसमें परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उपलब्ध कराई गई OMR शीट की प्रतियों और परीक्षा के दौरान भरे गए उत्तरों में कथित विसंगति का आरोप लगाया गया।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को दिल्ली हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता देते हुए कहा कि वह इस याचिका पर विचार नहीं कर सकती, क्योंकि पुनर्परीक्षा पहले ही हो चुकी है और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के संस्थागत ढांचे से जुड़ा मामला पहले से...

क्या राजनीतिक पार्टियों को दूसरे संस्थानों की तरह लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन नहीं करना चाहिए? शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट का सवाल
'क्या राजनीतिक पार्टियों को दूसरे संस्थानों की तरह लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन नहीं करना चाहिए?' शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट का सवाल

शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज उद्धव ठाकरे गुट से पूछा कि क्या राजनीतिक पार्टियों को उसी तरह लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन नहीं करना चाहिए, जैसे संवैधानिक संस्थान करते हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने सवाल किया,"आपकी पार्टी का संविधान लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित है। फिर आपने अचानक एक संशोधन किया और पूरी तरह से... जब हम संस्थानों में लोकतांत्रिक सिद्धांतों की बात करते हैं तो एक सवाल उठता है - क्या एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर आपको भी उन सिद्धांतों का पालन नहीं करना चाहिए?" इसके...

सिर्फ़ आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं है आरक्षण: SC/ST/OBC के अंदर आय-आधारित सब-कोटा की मांग का केंद्र ने किया विरोध
'सिर्फ़ आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं है आरक्षण': SC/ST/OBC के अंदर आय-आधारित सब-कोटा की मांग का केंद्र ने किया विरोध

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका का विरोध किया, जिसमें आरक्षित श्रेणियों के भीतर आय-आधारित सब-कोटा (उप-कोटा) लागू करने के निर्देश मांगे गए। सरकार का तर्क है कि अनुसूचित जातियों (SCs), अनुसूचित जनजातियों (STs) और अन्य पिछड़ा वर्गों (OBCs) के लिए आरक्षण ऐतिहासिक और सामाजिक पिछड़ेपन पर आधारित है, न कि केवल आर्थिक स्थिति पर।सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के माध्यम से दायर एक जवाबी हलफनामे में केंद्र ने तर्क दिया कि याचिका आरक्षण पर नीति बनाने के लिए न्यायिक निर्देश मांगती है, जो कार्यकारी...

हेल्थ-टेक कंपनी ने साइबर अटैक और डेटा चोरी की CBI जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
हेल्थ-टेक कंपनी ने साइबर अटैक और डेटा चोरी की CBI जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में एक हेल्थ-टेक कंपनी के पास जमा नागरिकों के पर्सनल और मेडिकल डेटा की कथित हैकिंग और चोरी की CBI या कोर्ट की निगरानी वाली SIT से जांच कराने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने 'विट्राया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड' की याचिका पर यह आदेश दिया। इस कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के रियल-टाइम सेटलमेंट के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट के....

होम लोन सबवेंशन फ्रॉड: सुप्रीम कोर्ट ने CBI की जांच तेज़ करने और बैंकरों पर मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी देने के निर्देश दिए
होम लोन सबवेंशन फ्रॉड: सुप्रीम कोर्ट ने CBI की जांच तेज़ करने और बैंकरों पर मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी देने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने सात राज्यों को निर्देश दिया कि वे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में बिल्डर-बैंक धोखाधड़ी की कथित मिलीभगत की जांच के लिए 10 दिनों के भीतर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को अतिरिक्त पुलिस अधिकारी उपलब्ध कराएं।कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, UCO बैंक, HDFC, ICICI और सम्मान कैपिटल समेत अन्य वित्तीय संस्थानों को यह भी निर्देश दिया कि वे 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988' की धारा 19 के तहत CBI के मंज़ूरी अनुरोधों पर तेज़ी से कार्रवाई करें। यह मंज़ूरी उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर...

National Highways Act | रेफ़रेंस कोर्ट मुआवज़े के हक के लिए मालिकाना हक़ तय कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
National Highways Act | रेफ़रेंस कोर्ट मुआवज़े के हक के लिए मालिकाना हक़ तय कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फ़ैसला सुनाया कि नेशनल हाईवेज़ एक्ट के तहत रेफ़रेंस कोर्ट मुआवज़े के हक को तय करने के लिए मालिकाना हक़ से जुड़े सवालों पर भी विचार कर सकता है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,"इसलिए धारा 3H (4) के तहत रेफ़रेंस कोर्ट का अधिकार क्षेत्र इतना व्यापक है कि वह मालिकाना हक़ से जुड़े सवालों पर भी विचार कर सकता है, बशर्ते ऐसा करना ज़मीन अधिग्रहण से मिलने वाले मुआवज़े के हकदार व्यक्ति को तय करने के लिए ज़रूरी हो। इसके उलट कोई भी व्याख्या विधायी योजना को...