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देशभर में ICU मानकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में गहन मेडिकल यूनिट्स (ICU) के लिए न्यूनतम मानकों को लागू करने के उद्देश्य से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए तीन सप्ताह की समयसीमा तय की।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी विशेषज्ञों के साथ बैठक कर यथार्थवादी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें।अदालत ने...
सुप्रीम कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की प्रत्यर्पण संधि की धारा के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने अगस्तावेस्टलैंड VVIP चॉपर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल जेम्स द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उनकी उस अपील को खारिज किए जाने के खिलाफ है, जिसमें उन्होंने 1999 की भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने वकील अल्जो के. जोसेफ की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। इस मामले को अब जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष...
मस्जिद से जुड़ी 'सर्विस इनाम' ज़मीन वक्फ़ संपत्ति, इसे बेचा नहीं जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को कहा कि मस्जिदों से जुड़ी जिन ज़मीनों को 'सर्विस इनाम' कहा जाता है, वे वक्फ़ संपत्ति का हिस्सा होती हैं, और इसलिए उन्हें बेचा नहीं जा सकता।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा,"यह बात बिना किसी विवाद के तय है कि धार्मिक या चैरिटी के कामों के लिए 'सर्विस इनाम' के तौर पर दी गई ज़मीनें दान की गई संपत्ति (Endowed Property) का रूप ले लेती हैं और उन पर सार्वजनिक या धार्मिक ट्रस्ट का अधिकार होता है, जिससे उन्हें बेचने या किसी और को...
दूसरी शादी की सिर्फ़ जानकारी होना, रिश्तेदारों को द्विविवाह के अपराध में आरोपी बनाने के लिए काफ़ी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को फ़ैसला सुनाया कि रिश्तेदारों पर द्विविवाह (दो शादियां करने) के अपराध की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ इस आधार पर नहीं डाली जा सकती कि उन्हें दूसरी शादी के बारे में जानकारी थी। कोर्ट ने कहा कि जब तक यह साबित न हो जाए कि रिश्तेदारों ने दूसरी शादी करवाने में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, मदद की या उसे बढ़ावा दिया, तब तक उन्हें द्विविववाह के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A और...
WB SIR: तात्कालिकता साबित होने पर अपीलीय न्यायाधिकरण कर सकते हैं प्राथमिकता से सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में नाम शामिल/हटाए जाने से जुड़ी शिकायतों पर शुक्रवार को महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि प्रभावित व्यक्ति अपनी शेष शिकायतों के निवारण के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट या राज्य में गठित अपीलीय न्यायाधिकरणों का रुख कर सकते हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने कहा कि 13 अप्रैल के आदेश में अधिकांश मुद्दों का समाधान किया जा चुका है, लेकिन रोजमर्रा के आधार पर कुछ नए मुद्दे सामने आ सकते हैं, जिनके लिए हाईकोर्ट के मुख्य...
गाजियाबाद रेप-हत्या केस: 4 वर्षीय बच्ची के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT जांच के आदेश दिए, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद में 4 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एक एसआईटी का गठन करें, जिसमें वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी शामिल हों और जो तत्काल जांच शुरू करे। कोर्ट ने निर्देश दिया कि एसआईटी पीड़िता के माता-पिता द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों, विशेषकर महत्वपूर्ण गवाहों की सुरक्षा...
जल्द सुनवाई का अधिकार NDPS Act की धारा 37 के तहत ज़मानत की शर्तों की जगह नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अनुच्छेद 21 के तहत जल्द सुनवाई का अधिकार, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1987 (NDPS Act) के तहत ज़मानत देने के लिए तय सख्त कानूनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।कोर्ट ने कहा,"संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जल्द सुनवाई का अधिकार निस्संदेह एक कीमती संवैधानिक गारंटी है। हालांकि, NDPS Act जैसे खास कानून के संदर्भ में, जो कमर्शियल मात्रा से जुड़े मामलों से निपटता है, इस अधिकार को धारा 37 के आदेश के साथ-साथ पढ़ा जाना चाहिए, न कि उसकी जगह पर।" ...
पश्चिम बंगाल चुनाव में 92% मतदान और हिंसा की कमी पर सुप्रीम कोर्ट ने की सराहना
सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले की सुनवाई के दौरान आज अदालत ने राज्य में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 92 प्रतिशत मतदान और हिंसा की कमी पर संतोष जताया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि एक नागरिक के रूप में उन्हें इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान करना देखकर खुशी हुई, क्योंकि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है और जब लोग अपने वोट की ताकत को समझते हैं, तो वे हिंसा का सहारा नहीं लेते। यह टिप्पणी उस समय आई जब सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक 92...
रूस में यूक्रेन युद्ध में 10 भारतीयों की मौत; कई स्वेच्छा से गए थे: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बताया कि रूस गए 10 भारतीय नागरिकों की यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध में मौत हो गई है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ 26 भारतीयों के परिजनों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनका आरोप है कि उन्हें नौकरी के बहाने रूस ले जाकर युद्ध में शामिल कर दिया गया। केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि इन 26 में से 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और अधिकांश ने रूसी संस्थाओं के साथ स्वेच्छा...
गुजरात की न्यायिक अधिकारी की बहाली का आदेश; पहली जांच रिपोर्ट के बाद डी नोवो जांच रद्द: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की एक न्यायिक अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनके पुनर्बहाली (reinstatement) का आदेश दिया है और कहा है कि विभागीय कार्यवाही में उनके खिलाफ डी नोवो (नई) जांच कराना नियमों के विरुद्ध था। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें न्यायिक अधिकारी के खिलाफ नई जांच को रोकने से इनकार किया गया था, जबकि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में अधिकांश आरोपों को खारिज कर दिया गया था।मामले में अपीलकर्ता, जो गुजरात राज्य न्यायिक सेवा...
पश्चिम बंगाल SIR : सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची से बाहर हुए चुनाव ड्यूटी अधिकारियों को अपीलीय न्यायाधिकरण जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर दायर रिट याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को अपीलीय न्यायाधिकरण का रुख करने को कहा, जो एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बहिष्कार के खिलाफ अपीलें सुनने के लिए गठित किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि 65 याचिकाकर्ता चुनाव ड्यूटी पर तैनात...
महिला की इच्छा सर्वोपरि; गोद देने का विकल्प बताकर अवांछित गर्भ जारी रखने को मजबूर नहीं कर सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि किसी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, केवल इस आधार पर कि जन्म के बाद बच्चे को गोद दिया जा सकता है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने 15 वर्षीय नाबालिग, जो सात महीने से अधिक गर्भवती थी, को मेडिकल टर्मिनेशन की अनुमति देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्राथमिकता गर्भवती महिला की इच्छा को दी जानी चाहिए, न कि उस अजन्मे बच्चे के हितों को। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि...
पुलिस शिकायत वाले मामलों में आरोपी को तब तक गिरफ्तार नहीं कर सकती, जब तक समन के साथ-साथ गैर-जमानती वारंट जारी न हो जाए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (23 अप्रैल) को बिहार और झारखंड में गंभीर प्रक्रियात्मक अनियमितता की ओर ध्यान दिलाया। कोर्ट ने पाया कि शिकायत वाले मामलों में मुकदमेबाज़ इस आशंका से सेशंस कोर्ट / हाई कोर्ट में अग्रिम ज़मानत के लिए जाते हैं कि केवल प्रक्रिया (process) जारी होने से ही उनकी गिरफ्तारी हो जाएगी।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक बार प्रक्रिया जारी हो जाने के बाद मुकदमेबाज़ को केवल उस प्रक्रिया का पालन करना होता है, क्योंकि शिकायत वाले मामले में तब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकती, जब तक प्रक्रिया को लागू...
अपील कोर्ट आरोपी की अपील के बिना भी सज़ा को पलट/बदल सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अगर आरोपी सज़ा को चुनौती देने वाली अपील नहीं भी करता है तो भी अपील कोर्ट को सज़ा पलटने से रोका नहीं जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा,“अपील कोर्ट को यह अधिकार है कि वह ट्रायल कोर्ट द्वारा दर्ज किए गए नतीजों और सज़ा की सच्चाई की जांच करे और न्याय के हित में उसे पलटे, बदले या पक्का करे।” यह बात असम राज्य की तरफ से एक मर्डर-रेप केस में रेस्पोंडेंट को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए कही। हाईकोर्ट, जिसने आरोपी को मर्डर और रेप...
महिलाओं के मस्जिद में नमाज़ के लिए जाने पर कोई रोक नहीं, इस्लाम पर ERP टेस्ट गलत तरीके से लागू किए गए: AIMPLB ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि महिलाओं के मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए जाने पर कोई रोक नहीं।सीनियर एडवोकेट एम.आर. शमशाद ने AIMPLB की ओर से 9 जजों की बेंच के सामने यह बात रखी। यह बेंच सबरीमाला मामले की सुनवाई कर रही है।मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की मांग करने वाली रिट याचिकाएं भी सबरीमाला मामले के साथ जोड़ दी गईं, क्योंकि वहां भी अनुच्छेद 25 और 26 के दायरे से जुड़े संवैधानिक सवाल उठते हैं।याचिकाओं का जवाब देते हुए शमशाद ने कहा कि मस्जिद में...
IBC प्रक्रिया, डिक्री के निष्पादन या वसूली की कार्यवाही का विकल्प नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (23 अप्रैल) को फिर दोहराया कि कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) का इस्तेमाल, पैसे से जुड़ी किसी डिक्री को लागू करने के विकल्प के तौर पर नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब कंपनी आर्थिक रूप से सक्षम हो और काम कर रही हो।जस्टिस पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच कॉर्पोरेट देनदार द्वारा NCLAT के उस फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें देनदार के खिलाफ CIRP शुरू करने की अनुमति दी गई।विवाद का मुख्य मुद्दा यह था कि क्या कोई डिक्री-धारक लेनदार...
पश्चिम बंगाल में संवैधानिक तंत्र के विफल होने की दलील नहीं दे रहे: ED ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल के I-PAC मामले की सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पष्ट किया कि वह राज्य में संवैधानिक तंत्र के पूर्ण विफल होने की दलील नहीं दे रहा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि ED का तर्क केवल “कानून के शासन (Rule of Law) के उल्लंघन” तक सीमित है, न कि संवैधानिक तंत्र के टूटने तक। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है, जिसमें ED ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल कर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो...
सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ़ 35 साल की देरी के आधार पर पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ मुक़दमा रद्द करने का दिया प्रस्ताव
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई, जब उसने मुक़दमे की कार्यवाही में 35 साल की देरी पर ध्यान दिया। कोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ़ देरी के आधार पर ही अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्यवाही रद्द करने के पक्ष में है, लेकिन कोई भी आदेश देने से पहले वह राज्य के अधिकारियों की बात सुनना चाहेगा।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और पुलिस अधिकारी की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी...
नगर सीमा निर्धारण का विवाद सिविल कोर्ट नहीं तय कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि नगर सीमा (Municipal Limits) के निर्धारण से जुड़े विवादों पर सिविल कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकते, क्योंकि यह विषय संबंधित कानूनों के तहत तय किया जाता है और विधायी क्षेत्राधिकार में आता है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए यह स्पष्ट किया।मामला क्या है?यह मामला महाराष्ट्र के कोल्हापुर से जुड़ा है, जहां 2013 में नगर निगम ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर दावा किया कि उचगांव...
सरकारी अनुदान वाली संपत्तियों पर किराया कानून लागू नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के खिलाफ बेदखली आदेश रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि Government Grants Act, 1895 के तहत दी गई संपत्तियों पर किराया नियंत्रण कानून लागू नहीं होते और ऐसे मामलों में पक्षकारों के अधिकार केवल लीज (अनुदान) की शर्तों से तय होंगे। इसी आधार पर अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें भारत सरकार को किराया न चुकाने के कारण बेदखल करने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि लीज डीड में किराया न देने पर बेदखली का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, तो...




















