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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा आयकर कानून की धारा 147A का मामला, केंद्र ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम की धारा 147A को असंवैधानिक घोषित करने वाले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केंद्र ने इस मामले में विशेष अनुमति याचिका दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की।केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमण ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले से आयकर कानून में एक बड़ा कानूनी शून्य पैदा हो गया है। मुख्य न्यायाधीश ने मामले को शीघ्र सूचीबद्ध करने पर सहमति...

अदालतों को आंसर की को सही मानना ​​चाहिए, दखल तभी दें जब गलती साफ़ और स्पष्ट हो: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि परीक्षा लेने वाली संस्था द्वारा चुनी गई आंसर की की सटीकता को चुनौती तभी दी जा सकती है, जब गलती इतनी साफ़ और स्पष्ट हो कि उसे बिना किसी अनुमान या तर्क-वितर्क के पहचाना जा सके। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में एक उम्मीदवार को विवादित अंक दिया गया।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने आयोग की उस अपील को मंज़ूरी दी, जो...

सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की जांच करने वाली कमेटी को फिर से बनाने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को फिर से बनाने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कमेटी के सदस्यों पर लगाए गए आरोप जांच शुरू होने से पहले ही "अटकलों और पहले से बनी धारणाओं" पर आधारित हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कुछ याचिकाकर्ताओं की उन अर्जियों पर विचार करने से इनकार किया, जिनमें कमेटी के सदस्यों को लेकर सवाल उठाए गए।10 सितंबर को हुई सुनवाई...

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को प्रिवेंटिव जस्टिस की ज़रूरत है ताकि वे कानूनी विवादों में न फंसें: CJI सूर्य कांत

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने सोमवार को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में रुकावट डालने वाले विवादों को सुलझाने के लिए "रेट्रोस्पेक्टिव जस्टिस" (घटना के बाद मिलने वाला न्याय) से हटकर "प्रिवेंटिव जस्टिस" (विवादों को पहले ही रोकने वाला न्याय) की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स आर्बिट्रेशन या अपील की लंबी प्रक्रियाओं का इंतज़ार नहीं कर सकते।उन्होंने कहा,"इसलिए हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को 'रेट्रोस्पेक्टिव जस्टिस' से 'प्रिवेंटिव जस्टिस' की ओर बढ़ने की ज़रूरत...

दिव्यांगता सर्विस की वजह से नहीं थी, यह साबित करने की ज़िम्मेदारी सेना की: सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगता पेंशन के ख़िलाफ़ अपीलें खारिज कीं

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (15 सितंबर) को केंद्र सरकार की उन 271 अपीलों को खारिज किया, जो रिटायरमेंट के 15 साल के भीतर पूर्व सैनिकों को दी गई दिव्यांगता पेंशन के ख़िलाफ़ दायर की गईं। कोर्ट ने कहा कि भले ही 2008 के नियमों ने इस धारणा को हटा दिया हो कि सैनिक भर्ती के समय फिट था, लेकिन इससे नियोक्ता (सेना) को कोई फ़ायदा नहीं मिलता। भारत सरकार को अभी भी यह साबित करना होगा कि दिव्यांगता न तो सैन्य सेवा के कारण हुई थी और न ही सैन्य सेवा से बढ़ी (NANA) है।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक...

क्या PMLA एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी सिंगल बेंच हो सकती है? क्या ज्यूडिशियल मेंबर ज़रूरी है? सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कई याचिकाओं पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। इन याचिकाओं में यह सवाल उठाया गया कि क्या 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) की धारा 6 के तहत बनी एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी (जो एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के अटैचमेंट ऑर्डर की पुष्टि करती है) में ज्यूडिशियल मेंबर का होना ज़रूरी है और क्या यह सिंगल-मेंबर बेंच के तौर पर काम कर सकती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उन मामलों की सुनवाई कर रही थी, जो (a) PMLA की धारा 5 के दूसरे...

EPF Act | क्या प्रोविडेंट फंड जमा करने में देरी पर पेनल्टी लगाना ज़रूरी है? सुप्रीम कोर्ट ने मामला बड़ी बेंच को भेजा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 'हॉर्टिकल्चर एक्सपेरिमेंट स्टेशन गोनिकोप्पल, कूर्ग बनाम रीजनल प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (2022)' मामले में अपने पहले के फैसले की सही होने पर सवाल उठाया है। उस फैसले में कहा गया कि 'एम्प्लॉईज़ प्रोविडेंट फंड्स एंड मिसलेनियस एक्ट, 1952' (EPF & MP Act) की धारा 14B के तहत देर से पेमेंट करने पर हर्जाना (डैमेज) लगाना अपने आप (ऑटोमैटिक) और ज़रूरी (मैंडेटरी) है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने इस सवाल को बड़ी बेंच के पास भेजा कि क्या धारा 14B...

Shiv Sena Row | सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट की दलील- ECI ने सिर्फ़ लेजिस्लेटिव विंग में बंटवारे पर नहीं, बल्कि पूरी पार्टी में असंतोष पर भी विचार किया

शिवसेना मामले में एकनाथ शिंदे गुट ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2022 का विवाद सिर्फ़ पार्टी के लेजिस्लेटिव विंग (विधायकों के समूह) में बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक संगठन और उसके कैडर में असंतोष को भी दिखाता है। इसलिए इलेक्शन सिंबल्स (रिज़र्वेशन एंड अलॉटमेंट) ऑर्डर के पैराग्राफ 15 के तहत यह तय करना भारत के चुनाव आयोग (ECI) के अधिकार क्षेत्र में है कि कौन-सा गुट असली शिवसेना का प्रतिनिधित्व करता है।शिंदे गुट की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल, उद्धव ठाकरे गुट की उस दलील का...

स्पष्ट करें कि अनिवार्य जेल की सज़ा वाले मोटर वाहन अपराधों के मामले कभी भी खत्म नहीं माने गए: सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को निर्देश

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से अध्यादेश के ज़रिए यह साफ़ करने को कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act) के तहत गैर-समझौता योग्य अपराधों (जिनमें अनिवार्य जेल की सज़ा और बार-बार होने वाले अपराध शामिल हैं) के लिए मुक़दमे राज्य के 2023 के कानून के तहत कभी भी खत्म नहीं माने गए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की बेंच 'उत्तर प्रदेश आपराधिक कानून (अपराधों का समझौता और मुकदमों की समाप्ति) अधिनियम, 2023' से जुड़ी अंतरिम अर्ज़ी पर सुनवाई कर रही थी। इस कानून के तहत राज्य सरकार ने...

सिर्फ़ रेड सिग्नल काफ़ी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट रोड क्रॉसिंग के पास स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप लगाने का सुझाव दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से दिल्ली हाईकोर्ट क्रॉसिंग के पास स्पीड ब्रेकर और रंबल स्ट्रिप लगाने पर फ़ैसला लेने को कहा; यह क्रॉसिंग नेशनल ज़ूलॉजिकल गार्डन के पास भी है।बता दें, पिछले साल जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सड़क सुरक्षा सुधारों पर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एस. राजशेखरन द्वारा 2013 में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के पास पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग न होने पर चिंता जताई थी। कोर्ट ने सुरक्षा में एक गंभीर कमी की ओर इशारा किया था, जिससे उन...

पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में छापेमारी का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मेयर से कहा- FIR के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करें

सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की तलाश में उनके दिल्ली स्थित आवास पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कथित छापेमारी के मामले में गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली पूर्व दिल्ली मेयर फरहाद सूरी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया।कोर्ट ने कहा कि FIR दर्ज कराने के लिए पहले संबंधित वैधानिक उपाय अपनाए जाने चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट आने का यह उचित चरण नहीं है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी....

CBI रिश्वत मामले में निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर SC का रुख सख्त, CJI बोले- “100% केस खारिज होने का है”

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी और निलंबित पंजाब पुलिस DIG हरचरण सिंह भुल्लर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रथम दृष्टया संकेत दिया कि याचिका खारिज की जा सकती है।मामले की सुनवाई चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ कर रही थी। भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा नियमित जमानत से इनकार किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।गवाहों की जांच के बाद होगी सुनवाईसुनवाई के दौरान भुल्लर की ओर से पेश वकील ने कहा...

Know The Law | क्या कोर्ट किसी व्यक्ति को ऐसे आरोप के लिए दोषी ठहरा सकती है, जिसके लिए आरोप तय नहीं किए गए? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस आरोपी पर एक तरह के अपराध का आरोप लगाया गया, उसे अपीलीय या रिविजनल कोर्ट किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहरा सकती है, जिसके लिए आरोप तय नहीं किए गए, बशर्ते कि ऐसे अपराध मिलते-जुलते या कम गंभीर हों और आरोपी के साथ न्याय में कोई चूक न हुई हो।कोर्ट ने कहा,"CrPC की धारा 464 को देखते हुए अपीलीय कोर्ट या रिविजनल कोर्ट के लिए किसी आरोपी को ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराना संभव है, जिसके लिए कोई आरोप तय नहीं किया गया, जब तक कि कोर्ट की यह राय न हो कि वास्तव में न्याय में चूक होगी। यह...

हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की घोषणा- अब हिंदी में भी आएंगे फैसले, ऑडियो-वीडियो बुलेटिन भी होगा शुरू

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हिंदी में नई पब्लिक इन्फॉर्मेशन सर्विस शुरू करने की घोषणा की, ताकि नागरिकों को कोर्ट के अहम फैसलों और आदेशों का आसान सारांश मिल सके।यह घोषणा हिंदी दिवस के मौके पर की गई।इस नई सर्विस के तहत सुप्रीम कोर्ट के चुने हुए अहम फैसलों और आदेशों के साथ आसान हिंदी सारांश भी उपलब्ध होंगे। साथ ही लगभग 15 से 30 मिनट का रोज़ाना हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी उपलब्ध कराया जाएगा। सारांश के साथ संबंधित आधिकारिक फैसले का लिंक भी दिया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज़रूरी इंतज़ाम पूरे...

छात्र को NSA हिरासत में लेने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार वाले आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं नोएडा DM

गौतम बुद्ध नगर की डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसमें छात्र आकृति चौधरी को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लेने के मामले में उनकी सैलरी से 5 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया गया।बात दें, दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट और एक्टिविस्ट, 24 वर्षीय आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा हिरासत का आदेश जारी करने के तरीके की कड़ी आलोचना की थी।बेंच ने...

कार्यकाल के बीच में पार्टी बदलने वाले नेताओं को अयोग्य घोषित करने के लिए कपिल सिब्बल का सुझाव, 10वीं अनुसूची को खत्म किया जाए

सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान की मौजूदा 10वीं अनुसूची राजनीतिक दल-बदल की समस्या से निपटने के लिए काफी नहीं है। इसमें पूरी तरह बदलाव की ज़रूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि 10वीं अनुसूची - जिसमें विलय के लिए छूट दी गई और स्पीकर को फैसला लेने का अधिकार है - को एक आसान नियम से बदल दिया जाए। इस नियम के तहत कार्यकाल के बीच में पार्टी बदलने वाले किसी भी नेता को दस साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस्तीफ़ा या विलय अयोग्यता से बचने का तरीका नहीं होना चाहिए, जैसा कि अभी...

सुप्रीम कोर्ट ने जजों के लिए नेशनल ज्यूडिशियल पे कमीशन की मांग वाली याचिका पर केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

महाराष्ट्र स्टेट जजेज एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की इसमें देश भर के जजों के वेतन और सेवा शर्तों की समीक्षा के लिए 'नेशनल ज्यूडिशियल पे कमीशन' (NJPC) बनाने की मांग की गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने इस रिट याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर, 2026 की तारीख तय की।यह याचिका महाराष्ट्र स्टेट जजेज एसोसिएशन ने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड दिलीप अन्नासाहेब तौर के ज़रिए दायर की। कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से...