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आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार नियमों की अनुमति होने पर छूट का लाभ उठाने के बावजूद मेरिट के आधार पर सामान्य सीटों का दावा कर सकते हैं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 मार्च) को यह टिप्पणी की कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार, जिन्होंने किसी योग्यता परीक्षा में छूट का लाभ उठाया, उन्हें अभी भी सामान्य वर्ग के पदों के लिए विचार किया जा सकता है, बशर्ते वे अंतिम चयन चरण में उच्च मेरिट हासिल करें और संबंधित नियम इसकी अनुमति देते हों।TET उम्मीदवारों को राहत देते हुए जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ का फैसला रद्द किया, जिसमें यह कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों ने छूट का लाभ उठाया है, वे...
सुप्रीम कोर्ट ने 'वनशक्ति' की पुनर्विचार याचिका पर उठाया सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह सवाल उठाया कि क्या अदालतें, घटना के बाद दी जाने वाली पर्यावरण मंज़ूरियों पर पूरी तरह से रोक लगाने का कोई सख़्त नियम अपना सकती हैं? साथ ही क्या विधायिका या किसी अधिकृत कानून-निर्माता को, ऐसी व्यवस्था बनाने की शक्ति से पूरी तरह से वंचित माना जा सकता है?चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ, 'वनशक्ति' नामक NGO द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में घटना के बाद पर्यावरण मंज़ूरी देने की अनुमति देने...
मजिस्ट्रेट ने 4 साल की रेप पीड़िता का बयान आरोपी के सामने रिकॉर्ड किया: रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
4 साल की बच्ची के रेप केस के मामले में सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने पुलिस अधिकारियों और अदालतों की ओर से यौन अपराधों से निपटने में दिखाई गई असंवेदनशीलता का मुद्दा उठाया।सीनियर वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कुछ गाइडलाइंस तय करने की अपील की, ताकि पीड़िता को ट्रायल से पहले के चरण में - जिस चरण में पीड़िता को हुआ सदमा "ताज़ा" होता है - "दोबारा सदमा" न पहुँचे। रोहतगी ने कहा, "यह सदमा हर किसी की असंवेदनशीलता के कारण बढ़ रहा है।"चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य...
राज्य के अधिकारियों द्वारा अधिग्रहित वाहन से हुए हादसे के लिए निजी बीमा कंपनी ज़िम्मेदार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 मार्च) को यह फ़ैसला दिया कि जब किसी निजी वाहन को राज्य द्वारा चुनावों जैसे सार्वजनिक कार्यों के लिए अधिग्रहित किया जाता है तो दुर्घटनाओं की ज़िम्मेदारी अधिग्रहित करने वाले प्राधिकरण की होती है, न कि बीमा कंपनी की।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने कहा,"...जहां किसी वाहन को सार्वजनिक कार्यों के लिए अधिग्रहित किया जाता है और अधिग्रहण की उस अवधि के दौरान कोई घटना घटित होती है तो उसकी ज़िम्मेदारी सही तौर पर अधिग्रहित करने वाले प्राधिकरण की होनी...
घिसे- पिटे कॉलेजियम सिस्टम पर बहस करने की आवश्यकता; हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पर भरोसा नहीं: जस्टिस मनमोहन
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनमोहन ने शनिवार को कहा कि कॉलेजियम प्रणाली को पूरी तरह से फिर से जांच की आवश्यकता है, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों के एक प्रणालीगत अविश्वास के रूप में वर्णित किया, जिनकी न्यायिक नियुक्तियों के लिए सिफारिशों को नियमित रूप से जांच की कई परतों के अधीन किया जाता है।पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन नेशनल कॉन्फ्रेंस 2026 में "पेंडेंसी से प्रॉम्प्ट जस्टिस: रीथिंकिंग जस्टिस डिलीवरी इन इंडियन कोर्ट्स" शीर्षक वाले सत्र में बोलते हुए, जस्टिस मनमोहन ने सवाल किया कि हाईकोर्ट...
सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा- दिव्यांगों के लिए कैब सेवाओं में व्हीलचेयर की सुविधा सुनिश्चित की जाए
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए देशभर में चलने वाली कैब सेवाओं को दिव्यांग व्यक्तियों (PwDs) के अनुकूल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि कैब में व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरणों को रखने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि दिव्यांगों की आवाजाही सुगम हो सके।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने मामले को 24 मार्च तक स्थगित करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से सहायता मांगी।'फर्स्ट और लास्ट माइल' कनेक्टिविटी पर जोरकोर्ट एक ऐसी...
3 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले की जांच पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली को बताया 'चौंकाने वाला'
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हरियाणा में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले की जांच को लेकर पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराज़गी जताई और जांच की प्रक्रिया को “चौंकाने वाला” तथा असंवेदनशील बताया।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त और जांच अधिकारी को 25 मार्च को पूरे रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया।मजिस्ट्रेट की भूमिका पर भी सवालसुप्रीम कोर्ट ने इस शिकायत पर भी गंभीर...
अनुच्छेद 21 विदेशियों पर भी लागू होता है: सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानतदार न होने के कारण ज़मानत नहीं ले पा रही युगांडा की महिला को राहत दी
सुप्रीम कोर्ट ने युगांडा की महिला को राहत दी, जो नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट (NDPS Act) के तहत एक मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद जेल में बंद थी, क्योंकि वह एक सक्षम ज़मानतदार (Solvent Surety) पेश नहीं कर पाई।यह देखते हुए कि संविधान का अनुच्छेद 21 विदेशियों पर भी लागू होता है, कोर्ट ने उसे निजी मुचलके पर रिहा करने की अनुमति दी।कोर्ट ने कहा कि जब ज़मानत का मामला बनता है तो ज़मानत बांड जमा करने या सक्षम ज़मानतदार पेश करने जैसी वित्तीय बाधाएं आरोपी की रिहाई में रुकावट नहीं...
कोलकाता ऑरेंज लाइन मेट्रो परियोजना में देरी पर सुप्रीम कोर्ट की पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार, याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोलकाता की ऑरेंज लाइन मेट्रो परियोजना (न्यू गरिया से सॉल्ट लेक सेक्टर-V) के कार्यान्वयन में देरी को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये को “हठधर्मी (obstinate attitude)” बताते हुए कहा कि यह एक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजना को अनावश्यक रूप से रोकने का प्रयास है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टीस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कोलकाता हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के आदेश को...
IBC कार्यवाही में ADAG कंपनियों के खिलाफ 2983 करोड़ रुपये के दावे 26 करोड़ रुपये में निपटाए गए: ED रिपोर्ट से सुप्रीम कोर्ट का अवलोकन
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की कुछ कंपनियों पर बकाया 2983 करोड़ रुपये के कर्ज को दिवाला कार्यवाही (Insolvency Proceedings) में मात्र 26 करोड़ रुपये में निपटा दिया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि ये सभी अधिग्रहण 8 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा "प्रोजेक्ट हेल्प" के माध्यम से संभव हो पाए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप...
सह-आरोपियों पर आदेश लागू होने की स्थिति स्पष्ट न करने पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, कहा- हाईकोर्ट जज ने जिम्मेदारी निभाने में की चूक
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा आपराधिक कार्यवाही निरस्त करने के आदेश की सीमा स्पष्ट न करने पर कड़ी नाराज़गी जताई है। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा स्पष्टीकरण देने से इनकार करने से ट्रायल कोर्ट में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि उसी एफआईआर से संबंधित लंबित याचिकाओं को उस न्यायाधीश के अलावा किसी अन्य पीठ को सौंपा जाए, जिसने पूर्व में आदेश पारित...
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका निस्तारित की, रिहाई का लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने आज लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका का निस्तारण कर दिया। यह याचिका उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो द्वारा दाखिल की गई थी।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार ने 14 मार्च को हिरासत आदेश को वापस ले लिया है, जिसके चलते यह याचिका अब निष्प्रभावी (infructuous) हो गई है और इस पर निर्णय देने के लिए कुछ शेष नहीं है।सुनवाई के दौरान...
सुप्रीम कोर्ट की इमारत पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने पर प्रशासनिक स्तर पर होगा विचार
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी इमारत के गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग से जुड़ी याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर न्यायिक नहीं बल्कि प्रशासनिक स्तर पर विचार किया जाएगा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली शामिल थे इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कोर्ट की इमारत के मुख्य गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई।सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत का निर्माण चल रहा है और...
AI जज की जगह नहीं ले सकता: चीफ जस्टिस सूर्यकांत का स्पष्ट संदेश
सूर्यकांत ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह मानव जज की जगह नहीं ले सकती, क्योंकि उसमें संवेदना, करुणा और जवाबदेही जैसे जरूरी मानवीय गुण नहीं होते।बेंगलुरु में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि न्याय देना केवल गणना का कार्य नहीं बल्कि अंतरात्मा का निर्णय होता है।उन्होंने कहा,“कानून सिर्फ नियमों का तंत्र नहीं है, बल्कि निर्णय का तंत्र है और सच्चा निर्णय गणना नहीं बल्कि विवेक का विषय है।" चीफ जस्टिस ने कहा कि अदालतें रोज ऐसे मामलों का फैसला...
विकास के लिए मंज़ूर ज़मीन पर बाद में उगने वाले पेड़ उसे 'डीम्ड फ़ॉरेस्ट' नहीं बना देंगे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि किसी नोटिफ़ाइड मास्टर प्लान के तहत विकास के लिए तय की गई ज़मीन को सिर्फ़ बाद में पेड़-पौधे या पेड़ उग जाने की वजह से "डीम्ड फ़ॉरेस्ट" (माना गया जंगल) नहीं माना जा सकता। इसलिए ऐसे बाद में उगे पेड़ों को काटने के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के तहत केंद्र सरकार की पहले से मंज़ूरी लेने की ज़रूरत नहीं होगी।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दिल्ली के बिजवासन रेलवे स्टेशन पर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को मंज़ूरी देने वाले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल...
सुप्रीम कोर्ट करेगा छत्तीसगढ़ कोर्ट के कर्मचारी की LL.B रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर करने की याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई। उक्त आदेश में कहा गया कि प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशन कोर्ट के एक प्रोबेशनरी कर्मचारी (रेस्पोंडेंट-1) को LL.B कोर्स के तीसरे साल में रेगुलर स्टूडेंट के तौर पर शामिल होने की इजाज़त देना सर्विस रूल्स के तहत मंज़ूर नहीं है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने 27 जनवरी के उस आदेश को चुनौती देने वाली स्पेशल लीव पिटीशन पर नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि ऐसी इजाज़त का...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (16 मार्च, 2026 से 20 मार्च, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।Bihar Special Courts Act | अवैध संपत्ति वाले सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद भी पत्नी के खिलाफ ज़ब्ती की कार्रवाई जारी रह सकती है: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस सरकारी अधिकारी ने अपनी आय से ज़्यादा संपत्ति जमा की हो, उसकी मौत के बाद भी बिहार स्पेशल कोर्ट एक्ट, 2009 के तहत उसकी पत्नी (जो...
Bihar Special Courts Act | अवैध संपत्ति वाले सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद भी पत्नी के खिलाफ ज़ब्ती की कार्रवाई जारी रह सकती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस सरकारी अधिकारी ने अपनी आय से ज़्यादा संपत्ति जमा की हो, उसकी मौत के बाद भी बिहार स्पेशल कोर्ट एक्ट, 2009 के तहत उसकी पत्नी (जो सरकारी कर्मचारी नहीं है) के खिलाफ ज़ब्ती की कार्रवाई जारी रखी जा सकती है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने पटना हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें कहा गया कि आरोपी अधिकारी की मौत के बाद बिहार स्पेशल कोर्ट एक्ट, 2009 के तहत उसकी पत्नी के खिलाफ ज़ब्ती की कार्रवाई खत्म हो गई।हाईकोर्ट की टिप्पणी से असहमति जताते हुए बेंच ने...
यूपी गैंगस्टर एक्ट के गंभीर परिणाम होते हैं, इसलिए प्रक्रिया का सख्ती से पालन अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कथित गैंगस्टर गब्बर सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 के तहत चल रही कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने यह फैसला गैंग चार्ट तैयार करने की सिफारिश भेजने की प्रक्रिया में हुई प्रक्रियागत अनियमितताओं का हवाला देते हुए दिया, जिसमें गब्बर सिंह का नाम शामिल है।राज्य सरकार का स्पष्टीकरण खारिज करते हुए कोर्ट ने उस स्थापित सिद्धांत को दोहराया कि जब कोई कानून यह निर्धारित करता है कि कोई काम किसी विशेष तरीके से ही किया जाना चाहिए तो उसे उसी तरीके से...
वैधानिक अपीलें विवादित फैसले की सर्टिफाइड कॉपी के साथ ही दायर की जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराया कि विवादित फैसले की सर्टिफाइड कॉपी के बिना किसी भी वैधानिक अपील पर विचार नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के एक फैसले के खिलाफ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर सिविल अपील की सुनवाई कर रही थी।कोर्ट ने गौर किया कि अपीलकर्ता ने अर्जी दायर कर विवादित फैसले की सर्टिफाइड कॉपी जमा करने से छूट मांगी थी। कोर्ट ने पाया कि अपील को दोबारा दायर करने में 102 दिनों की देरी हुई। फिर भी छूट वाली अर्जी में यह...




















