मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
हाईकोर्ट जज के घर पर तैनात गार्ड द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब पीना गंभीर कदाचार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अनिवार्य रिटायरमेंट दंड बरकरार रखा
हाईकोर्ट जज के बंगले पर तैनात गार्ड की अनिवार्य रिटायरमेंट का आदेश बरकरार रखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि गार्ड का कर्तव्य सुरक्षा करना है, इसलिए ड्यूटी के दौरान शराब पीना गंभीर कदाचार है।जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया ने कहा,"याचिकाकर्ता गार्ड के तौर पर तैनात था और सतर्क रहना उसका कर्तव्य था। अगर गार्ड को ड्यूटी के दौरान शराब पीने की अनुमति दी जाती है तो इसे गंभीर कदाचार नहीं कहा जा सकता। जिस व्यक्ति का कर्तव्य सुरक्षा करना है, उसका शराब पीना बहुत गंभीर कदाचार है। याचिकाकर्ता के...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कानून के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए गुप्त आदेश पारित करने वाले जिला जज के कामकाज पर रिपोर्ट मांगी
भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता के अधिकार से संबंधित गुप्त आदेश खारिज करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उक्त जिला जज की फाइलों का निरीक्षण करने और जिला जज के कामकाज के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने कहा,"यदि चौथे जिला जज ने अधिनियम 2013 की धारा 64 के तहत प्रावधानों को पढ़ने के लिए खुद को तैयार किया होता तो ऐसा गुप्त आदेश पारित नहीं किया जाता। तदनुसार, दिनांक 03.08.2024 का विवादित आदेश गुप्त होने...
प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने का आरोप, व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर की गई गिरफ्तारी, अब हाईकोर्ट ने राज्य से मांगा जवाब
व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर एक व्यक्ति को 24 घंटे तक हिरासत में रखने से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल धगत ने राज्य को यह दिखाने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया कि मैसेज का याचिकाकर्ता से क्या संबंध है और प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के काफिले को धमकाने से संबंधित हिरासत के कथित आधार क्या हैं।मामले के तथ्यात्मक मैट्रिक्स के अनुसार, याचिकाकर्ता को उसके घर से उठाकर 20.06.2023 को सुबह लगभग 7.00 बजे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और अगले दिन रिहा होने से पहले बिना किसी कारण के स्टेशन प्रभारी...
'आप इसके लायक नहीं', वकील से 'सीनियर डेजिग्नेशन' छीनने पर हाईकोर्ट में हुई तीखी नोकझोंक
यह देखते हुए कि सीनियर एडवोकेट नरिंदर पाल सिंह रूपरा ने आबकारी मामले की सुनवाई के दौरान "ऊंची आवाज में चिल्लाये" और "हंगामा" किया, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (7 अप्रैल) को रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह वकील का नाम फुल कोर्ट के समक्ष रखे, जिससे इस बात पर विचार किया जा सके कि वकील सीनियर एडवोकेट (Senior' Designation) के रूप में काम करना जारी रख सकते हैं या नहीं।28 मार्च को अपने अंतिम आदेश में न्यायालय ने प्रतिवादी नंबर 5 (नए लाइसेंसधारी) की ओर से जिम्मेदार व्यक्ति को सुनवाई की अगली तारीख पर...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने के आधार पर प्रवासी उम्मीदवार का नामांकन पत्र खारिज करने का आदेश बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें राजस्थान से प्रवास करने वाली महापौर उम्मीदवार की चुनाव याचिका इस आधार पर खारिज कर दी गई कि उसके नामांकन पत्र को निर्वाचन अधिकारी द्वारा सही तरीके से खारिज कर दिया गया, क्योंकि उसने राज्य के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया था।ऐसा करते हुए न्यायालय ने राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सर्कुलर पर भरोसा किया, जिसके अनुसार राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश राज्य द्वारा जारी जाति...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चीन से MBBS पूरा करने वाले स्टूडेंट की इंटर्नशिप अवधि तीन साल तक बढ़ाने के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मेडिकल स्टूडेंट की याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया, जिसने चीनी यूनिवर्सिटी से MBBS की पढ़ाई पूरी की है।स्टूडेंट ने एमपी मेडिकल काउंसिल द्वारा MBBS स्टूडेंट के लिए इंटर्नशिप की अवधि दो साल से बढ़ाकर तीन साल करने के आदेश को चुनौती दी है।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने अपने आदेश में राज्य निदेशक चिकित्सा शिक्षा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और एमपी मेडिकल काउंसिल को नोटिस जारी किया और याचिका को एक अन्य याचिका के साथ 24 अप्रैल को सूचीबद्ध किया।याचिका...
मस्जिद में नमाज़ न पढ़ने देने की याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय से मांगा जवाब
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्रालय से सवाल किया कि जब जबलपुर की रिड्ज़ रोड स्थित मस्जिद नूर में आम मुस्लिम नागरिकों को नमाज़ पढ़ने से रोका जा रहा है तो ऐसा क्यों हो रहा है, जबकि मंदिर और चर्च में आम जनता को पूजा-पाठ की अनुमति है?चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने कहा,“उत्तरदाता यह स्पष्ट करें कि क्या आम नागरिकों को मंदिर और चर्च में पूजा करने की अनुमति है और यदि हाँ, तो फिर मुस्लिम समुदाय के नागरिकों को मस्जिद नूर में नमाज़ पढ़ने से...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल पर अत्यधिक पेशेवर फीस लेने के आरोप वाली याचिका खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में याचिका खारिज की, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि राज्य के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कुछ मामलों में पेश होने के लिए अत्यधिक पेशेवर फीस ली और उन्हें भुगतान किया गया, जिनमें एक ऐसा मामला भी शामिल था, जिसमें एडवोकेट जनरल ने राज्य नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की ओर से पेशी दी।इस याचिका में यह दावा किया गया कि यह भुगतान सरकार के उस निर्देश के बावजूद किया गया जिसमें कहा गया कि सरकारी विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले लॉ अधिकारियों को अलग से कोई फीस देने की आवश्यकता नहीं...
एमपी हाईकोर्ट ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दाखिल करने पर मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक को हटाने का आदेश दिया
शिवपुरी में मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक को तत्काल हटाने का आदेश देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी सेवा की चयन प्रक्रिया में चयन समिति में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज दाखिल करने पर चिंता व्यक्त की और इसे एक गंभीर मुद्दा बताया, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।ऐसा करते हुए न्यायालय ने मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक के पद पर उम्मीदवार के चयन को यह पाते हुए रद्द कर दिया कि उसने "जाली अनुभव प्रमाण पत्र" दाखिल किया था।जस्टिस गुरपाल सिंह आहलूवालिया ने अपने आदेश में कहा,"चयन समिति में धोखाधड़ी करना या जाली...
विसंगतियों को दूर करने के लिए बायोमेट्रिक्स आवश्यक, लेकिन मशीन द्वारा किसी व्यक्ति को पहचानने में विफलता उसके मौलिक अधिकारों को प्रभावित नहीं कर सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति के कानूनी और मौलिक अधिकारों को केवल बायोमेट्रिक मशीन द्वारा उसे पहचानने में विफलता के कारण सीमित नहीं किया जा सकता।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा,"इस संबंध में इस न्यायालय का विचार है कि यद्यपि यह सत्य है कि रिकॉर्ड में किसी भी विसंगति को दूर करने और चयन की स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आजकल बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया आवश्यक है। तथापि, यह भी सत्य है कि बायोमेट्रिक सत्यापन हमेशा विसंगतियों को दूर करने में...
सरकारी कर्मचारी द्वारा ट्रांसफर रोकने के लिए सांप्रदायिक पक्षपात के निराधार आरोप प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन में गंभीर उल्लंघन का कारण बनेंगे: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
धार्मिक भेदभाव के आधार पर ट्रांसफर आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि यदि इस तरह के निराधार आरोपों को उनके वास्तविक स्वरूप में स्वीकार किया जाता है तो इससे प्रशासनिक आदेशों के क्रियान्वयन में गंभीर उल्लंघन होगा।न्यायालय ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता राज्य की ओर से किसी भी तरह की दुर्भावनापूर्ण मंशा प्रदर्शित नहीं कर सका।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा,"इस न्यायालय का यह भी मानना है कि यदि इस तरह के निराधार...
Section 25 HMA| आवेदन के अभाव में पति या पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि हिंदू विवाह अधिनियम (HMA) की धारा 25 के तहत औपचारिक आवेदन-चाहे लिखित हो या अलग-से-दायर किए बिना पति या पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।HMA की धारा 25 स्थायी गुजारा भत्ता और भरण-पोषण से संबंधित है। इसमें कहा गया कि HMA के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाला कोई भी न्यायालय, किसी भी डिक्री को पारित करने के समय या उसके बाद किसी भी समय पत्नी या पति द्वारा इस उद्देश्य के लिए किए गए आवेदन पर जैसा भी मामला हो आदेश दे सकता है कि...
भोपाल गैस त्रासदी: मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को यूनियन कार्बाइड के विषाक्त कचरे के 72 दिनों में निपटान का दिया भरोसा
मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार (27 मार्च) को हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह अब निष्क्रिय हो चुकी भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री द्वारा उत्पन्न विषाक्त कचरे का निपटान 72 दिनों की अवधि में कर सकती है—पिथमपुर सुविधा केंद्र में इसे जला कर।राज्य ने एक हलफनामा दायर कर बताया कि पिछले महीने हाईकोर्ट द्वारा 30 मीट्रिक टन कचरे के निपटान के लिए दी गई अनुमति के तहत किए गए परीक्षण सफल रहे, और शेष कचरे का निपटान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में, 270 किलोग्राम...
आईपीसी की धारा 109 | पुरुष और महिला दोनों दुष्कर्म के लिए उकसाने पर जिम्मेदार, अगर उकसावे के परिणामस्वरूप अपराध हुआ हो: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
आपराधिक पुनर्विचार पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 109 के तहत बलात्कार के लिए उकसाने के लिए पुरुष और महिला दोनों को उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।ऐसा करते हुए न्यायालय ने रेखांकित किया कि उकसाना बलात्कार से अलग और विशिष्ट अपराध है और यदि उकसाने के परिणामस्वरूप उकसाया गया कार्य किया जाता है तो ऐसे अपराध को उकसाने वाले व्यक्ति यानी पुरुष या महिला को IPC की धारा 109 के तहत दंडित किया जा सकता है।संदर्भ के लिए IPC की धारा 109 में उकसाने की सजा का...
BCI मान्यता के बिना स्टूडेंट को एडमिशन देने वाले लॉ संस्थानों पर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
राज्य बार काउंसिल द्वारा लॉ ग्रेजुएट को नामांकन से वंचित करने की याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि भविष्य में यदि कोई संस्थान आवश्यक मान्यता के बिना स्टूडेंट को प्रवेश देता है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।ऐसा करते हुए न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि संबद्धता के नवीनीकरण से संबंधित सभी औपचारिकताएं पिछले कैलेंडर वर्ष के 31 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। इस संबंध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के साथ सभी कार्यवाही कैलेंडर वर्ष के 15 फरवरी तक पूरी कर ली जाएंगी। न्यायालय...
MV Act | एमपी हाईकोर्ट ने दावेदार के लिए जाली विकलांगता प्रमाण पत्र बनाने वाले वकील और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
मोटर दुर्घटना बीमा दावे से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को झूठे मामले में फंसाने के उन मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का निर्देश दिया है, जहां दावेदार, पुलिस, क्षेत्रीय अधिकारी और डॉक्टर मिलीभगत से काम करते हैं। ऐसा करते हुए न्यायालय ने दावेदार को देय शुद्ध मुआवजा राशि 2,74,096 रुपये से घटाकर 2,22,043 रुपये कर दी और मामले में शामिल संबंधित डॉक्टरों, फार्मेसी और वकील के खिलाफ जांच के निर्देश दिए।जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने कहा,...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने लंबित मामलों पर वकील की अवमाननापूर्ण टिप्पणी को गंभीरता से लिया, इसे चीफ जस्टिस के पास भेजा
आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक वकील की पीठ के प्रति अवमाननापूर्ण टिप्पणी को गंभीरता से लिया, जहां वकील ने लंबित मामलों में कथित वृद्धि पर टिप्पणी की थी और अपने मामले को किसी अन्य पीठ को ट्रांसफर करने की मांग की थी।वकील द्वारा की गई टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने मामले को चीफ जस्टिस के पास भेज दिया और आगे की सुनवाई के लिए कोई तारीख तय किए बिना इसे स्थगित कर दिया।जस्टिस अनुराधा शुक्ला ने अपने आदेश में कहा,"अपीलकर्ता के वकील द्वारा दिए गए बयान के आलोक में...
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा, निजी रिसॉर्ट के सफारी वाहन रोस्टर सिस्टम से परे कैसे चल रहे हैं?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किस सरकारी नीति या राष्ट्रीय बाघ संरक्षक प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंदर एक निजी रिसॉर्ट को एनटीसीए द्वारा निर्धारित रोस्टर प्रणाली से परे अपने पर्यटक/सफारी वाहनों को संचालित करने की अनुमति दी है। अदालत रिजर्व के पर्यटन अधिकारी द्वारा एक मार्च को पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि निजी रिसॉर्ट के चार वाहन एनटीसीए द्वारा निर्दिष्ट रोस्टर प्रणाली...
हिंदू विवाह अधिनियम जैन समुदाय पर लागू होता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक खारिज करने वाले फैमिली कोर्ट का आदेश खारिज किया
फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही जैन समुदाय को केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई लेकिन विवाह की रस्में समान होने के बाद यह हिंदू विवाह अधिनियम के प्रावधानों द्वारा शासित होगा।ऐसा करते हुए न्यायालय ने पाया कि जैन समुदाय को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता देने वाली अधिसूचना ने किसी भी मौजूदा कानून के स्पष्ट प्रावधान को संशोधित अमान्य या अधिक्रमित नहीं किया है।न्यायालय ने आगे कहा कि फैमिली कोर्ट जैन...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना MBBS डिग्री के वेटरनरी डॉक्टर को हेल्थ ऑफिसर बनाने पर सवाल उठाया, पोस्टिंग प्रक्रिया पर जताई गंभीर चिंता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर नगर निगम में पशु चिकित्सक को हेल्थ ऑफिसर के रूप में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के तरीके पर चिंता व्यक्त की। एक अस्तित्वहीन पद खासकर तब जब उसके पास MBBS की डिग्री नहीं है, जो न्यूनतम योग्यता है।न्यायालय ने राज्य प्राधिकारियों को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि उन्होंने एक पशु चिकित्सक को उस पद पर कैसे नियुक्त किया, जिसके लिए न्यूनतम योग्यता MBBS है। इसने नगर निगम को प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे अधिकारियों का विवरण देते हुए जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया,...

















